सरेआम होती है निजी बसों में ओवरलोडिंग, किसी को नहीं पड़ता फर्क

FirstIndia Correspondent Published Date 2018/06/09 08:34

पचेरी(झुंझुनूं)। एक ओर जहां देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी देश को विकास की राह में बुलेट ट्रेन की रफ्तार प्रदान करने के जुटे हैं, वहीं राजस्थान में एक गांव ऐसा भी है जहां लोगों को रोडवेज बस के लिए घंटों इंतजार करना पड़ता है। ऐसे में आवागमन के लिए गांव के लोगों को खासी परेशानियों का सामना भी करना पड़ता है। वहीं जिन बसों का यहां से चलने वाली बसों के हालात ठीक वैसे ही होते हैं, जैसे किसी भर्ती परीक्षा के लिए जाने वाली बसों के होते हैं।

दरअसल, ये गांव झुंझुनूं जिले का पचेरी गांव है, जहां रोडवेज बसों का संचालन नहीं हो रहा हैं, जिसके चलते ग्रामीणों और विद्यार्थियों को निजी बसों में सफर करना पड़ता हैं। निजी बसों के ओवरलोड होने के कारण हमेशा हादसों की आशंका बनी रहती है, लेकिन पुलिस प्रशासन ने इस पूरे मामले को देखकर भी अनदेखा कर रखा है। जबकि कानूनी तौर पर ओवरलोड बसों का चालान होता है और बस संचालक के खिलाफ कार्रवाई का भी प्रावधान हैं।

First India News से जुड़े अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करे!
हर पल अपडेट रहने के लिए अभी डाउनलोड करें First India News Mobile Application
लेटेस्ट वीडियो के लिए हमारे YOUTUBE चैनल को विजिट करें

और पढ़ें

Most Related Stories

Stories You May be Interested in

राहुल गांधी का लकी वाला चकी

\'हलवा समारोह\' के साथ बजट की छपाई शुरू
राहुल की ताशपोशी के लिए \"चकी\" की रणनीति
ऐसा है BJP केंद्रीय कार्यालय, होगा \"यज्ञ \"
बीजेपी से ज्यादा झूठ कोई नहीं बोलता-अखिलेश यादव
भगोड़े मेहुल चोकसी ने छोड़ी भारत की नागरिकता
देश में बढ़ी अमीरी-गरीबी के बीच की खाई
वाराणसी में आज से 15वें प्रवासी भारतीय सम्मेलन का आगाज़
loading...
">
loading...