पार्को पर लगता बदहाली का ग्रहण, नगर पालिका की लापरवाही का शिकार बगीचे

FirstIndia Correspondent Published Date 2019/05/18 01:20

आबू रोड: जिले के सबसे बड़े शहर होने के बावजूद आबूरोड शहर में आम लोगों के लिए बगीचों की कोई सुविधा मयस्सर नहीं है. कहने को शहर में तीन बगीचे हैं. लेकिन, तीनों बगीचे शांतिकुंज, मोहन वाटिका व गांधी पार्क नगरपालिका की बदइन्तजामी का शिकार हो चले है. लोगों को मूलभूत सुविधाओं को मुहैया करवाने का दम भरने वाली नगरपालिका इस मामले में चुप्पी साधे है.

बगीचो में हरियाली दम तोड़ रही
कहने को नगरपालिका की ओर से शांति कुंज पार्क की सार संभाल व पार्क को विकसित करने की जिम्मेदारी एक संस्था को दी गई है. लेकिन, संस्था की ओर से भी कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है. बदहाली का आलम यह है कि बगीचे में लगा बोरिंग खराब हो चुका है. रखरखाव के अभाव में बगीचा पूरी तरह उजाड़  हो चुका है. हरियाली दम तोड़ रही है.लोगों के बैठने तक की सुविधा शांति कुंज पार्क में नहीं है.

आवारा पशुओं के चारागाह में तब्दील हुए पार्क
कमोबेश यही हालत नगरपालिका कार्यालय से सटे मोहन वाटिका व शहर के बीचोंबीच स्थित गांधी पार्क के हैं.यह दोनों बगीचे भी नगरपालिका की लापरवाही का दंश झेल रहे हैं. नगरपालिका ने इनकी सार संभाल और इनको विकसित करने के बजाय इनको डंपिंग यार्ड के रूप में इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है. नगरपालिका का नकारा सामान, ट्रैक्टर टोलियां, कचरे की वाहन पार्क में पार्क खड़े किए जा रहे हैं. तीनों पार्कों में कोई कर्मचारी नियुक्त नहीं होने के चलते तीनो बगीचे आवारा पशुओं के चारागाह में तब्दील हो चुके हैं.यही नहीं असामाजिक तत्वों का डेरा पूरे दिन इन बगीचों में लगा रहता है.

उच्च न्यायालय ने लगाई रोक
बाग बगीचों को किराए पर देने पर उच्च न्यायालय की रोक है. लेकिन, इसके बावजूद शांतिकुंज पार्क को वैवाहिक समारोह, विभिन्न आयोजनों के लिए किराए पर देने की परंपरा लंबे समय से चली आ रही है. नगरपालिका की ओर से विभिन्न आयोजन, वैवाहिक कार्यक्रमों के लिए पार्क को किराए पर दिया जाता है. इसकी एवज में शुल्क वसूला जाता है. अब जब भी नियमों का पालन करने वाले ही उसका उल्लंघन करेंगे तो भगवान ही मालिक है. करीब एक लाख की आबादी वाले शहर में आम लोगों के लिए बगीचे जैसी कोई सुविधा मयस्सर नहीं है, जहां शहरवासी सुबह-शाम सुकून के दो पल बिता सकें.

सिरोही से मनोज चौरसिया की रिपोर्ट

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