US ने भारत के ASAT टेस्ट का किया बचाव, कहा- स्पेस में 'खतरों' से फिक्रमंद

FirstIndia Correspondent Published Date 2019/04/12 10:15

नई दिल्ली। अमेरिकी रक्षा मंत्रालय ने अंतरिक्ष में भारत की मिशन शक्ति का समर्थन किया है। पेंटागन अमेरिकी रक्षा विभाग ने एक बार फिर भारत की ओर से 27 मार्च को हुए एंटी-सैटेलाइट मिसाइल (एसैट) टेस्‍ट का समर्थन किया है। पेंटागन ने कहा है कि भारत, अंतरिक्ष की वजह से मौजूद खतरों से वाकिफ है। इसके साथ ही अमेरिकी रक्षा विभाग ने एसैट मिसाइल का बचाव किया है। पेंटागन ने पिछले दिनों भी एसैट को लेकर एक बयान जारी किया था। 

बतादें, अमेरिका के स्‍ट्रैटेजिक कमांड कमांडर जनरल जॉन ई हाइटेन ने गुरुवार को सीनेट की आर्म्‍ड सर्विसेज कमेटी को एसैट परीक्षण के बारे में जानकारी दी। हाइटेन ने कहा, 'भारत के एसैट परीक्षण से जो पहला सबक मिला है वह इतना है कि आखिर उन्‍होंने ऐसा क्‍यों किया और इसका जवाब मैं कमेटी के सभी सदस्‍यों को बस यह कहकर देना चाहता हूं कि भारत ने एसैट का परीक्षण इसलिए किया क्‍योंकि वे अंतरिक्ष से अपने देश पर मंडराते खतरों को जानते हैं।' हाइटेन ने आगे कहा कि इस वजह से भारत को लगा कि उसके पास ऐसी क्षमता हो जो अंतरिक्ष में भी उनकी सुरक्षा कर सकती हो।

उल्लेखनीय है कि नासा के मुताबिक यह एक खतरनाक स्थिति है और इसकी वजह से इंटरनेशनल स्‍पेस स्‍टेशन (आईएसएस) पर मौजूद अंतरिक्ष यात्रियों के लिए भी नए खतरे पैदा हो गए हैं। हालांकि पेंटागन के कमांडर ने कहा अंतरिक्ष में भी अंत‍रराष्‍ट्रीय समुदाय को एक तय बर्ताव को अपनाने की जरूरत है।

सीनेटर टिम काइने ने इस मुद्दे को उठाया था। उन्‍होंने कहा था कि भारत के एसैट परीक्षण के बाद अंतरिक्ष में मलबे के 400 टुकड़े पैदा हो गए हैं और इनमें से 24 टुकड़ों का आकार ऐसा है कि उससे इंटरनेशनल स्‍पेस स्‍टेशन (आईएसएस) में खतरा उत्‍पन्‍न हो गया है।

First India News से जुड़े अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करे!
हर पल अपडेट रहने के लिए अभी डाउनलोड करें First India News Mobile Application
लेटेस्ट वीडियो के लिए हमारे YOUTUBE चैनल को विजिट करें

और पढ़ें

Most Related Stories

Stories You May be Interested in