परिवार में कमाने वाला खुद ही एक मुखिया था राजसमंद का शहीद नारायण लाल गुर्जर

FirstIndia Correspondent Published Date 2019/02/15 10:15

राजसमंद। जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में गुरुवार दोपहर हुए अभी तक के सबसे बड़े आत्मघाती हमले ने पूरे देश को हिला कर रख दिया है। पुलवामा जिले में श्रीनगर-जम्मू राजमार्ग पर हुए इस हमले में 37 जवान शहीद हो गए हैं, जबकि कई जवान अभी भी घायल हैं। शहीद हुए 44 जवानों में से एक राजसमंद का जवान नारायण लाल गुर्जर भी शामिल है वहीं  घटना की सूचना मिलने के बाद परिवार सहित पूरे गांव में शोक की लहर है । 

जैसे-जैसे लोगों को शहीद नारायण लाल की सूचना मिल रही है वैसे-वैसे गांव सहित आसपास के लोग शहीद के घर पहुंच रहे हैं और अपना दुख प्रगट कर रहे हैं वहीं लोगों में निराशा के साथ साथ खुशी भी है कि उनका गांव का बेटा देश के लिए शहीद हुआ है । शहीद नारायण लाल गुर्जर के परिवार में कमाने वाले वह खुद ही एक मुखिया थे उनके माता पिता बचपन में ही शांत हो गए थे वहीं उनका एक 11 साल का पुत्र है मुकेश है वही एक पुत्री हेमलता है दोनों सरकारी स्कूल में पढ़ाई कर रहे हैं और उनकी पत्नी मोहिनी देवी का रो रो कर बुरा हाल है जोकि जब नारायण सिंह सरहद पर जाते थे पूरा घर का कामकाज वही संभालती थी कि लोगों में यह भी गुस्सा है कि सरकार को अब एक बड़ा ठोस कदम उठाना चाहिए इन आतंकवादियों के खिलाफ।

First India News से जुड़े अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करे!
हर पल अपडेट रहने के लिए अभी डाउनलोड करें First India News Mobile Application
लेटेस्ट वीडियो के लिए हमारे YOUTUBE चैनल को विजिट करें

और पढ़ें

Most Related Stories

Stories You May be Interested in