अजमेर 808वां उर्स: केवड़े और गुलाब जल से महकी दरगाह, छोटे कुल की रस्म में उमड़ा जायरीनों का सैलाब

808वां उर्स: केवड़े और गुलाब जल से महकी दरगाह, छोटे कुल की रस्म में उमड़ा जायरीनों का सैलाब

808वां उर्स: केवड़े और गुलाब जल से महकी दरगाह, छोटे कुल की रस्म में उमड़ा जायरीनों का सैलाब

अजमेर: गुलाबजल और केवड़े की महक, कुल के छींटे देने की होड़, सूफियाना कव्वालियों पर झूमते अकीदतमंद और तोप व शादियाने की गूंज के बीच दुआ में उठे हजारों हाथ. सूफी संत ख्वाजा साहब के 808 वें उर्स में कुल की रस्म के दौरान दरगाह परिसर में यह नजारा रहा. कुल की रस्म में शामिल होने के लिए जायरीन का सैलाब उमड़ पड़ा. इस कारण दरगाह परिसर खचाखच भर गया और धक्का-मुक्की के आलम में जायरीन इधर से उधर जाने की मशक्कत करते रहे. इस दौरान दरगाह क्षेत्र में भी तमाम गलिया जायरीन से अटी रही. लोग एक-दूसरे से सट कर चल रहे थे और धक्का-मुक्की के आलम में ही दरगाह तक पहुंच रहे थे. कुल की रस्म के साथ जायरीन के लौटने का सिलसिला शुरू हो गया. हालांकि 5 मार्च को होने वाली बड़े कुल की रस्म होने के कारण कई जायरीन अभी भी डटे हुए हैं. 

जयपुर: ताड़केश्वर मंदिर परिसर के एक मकान में सिलेंडर फटने से एक महिला सहित दो की मौत 

महफिलखाने में कुल की महफिल शुरू हुई: 
दरगाह में सुबह  कुल की रस्म के लिए आस्ताना शरीफ आम जायरीन के लिए बंद कर दिया गया. इसके बाद खादिम समुदाय के लोग ही आस्ताना में रहे. उन्होंने एक-दूसरे की दस्तारबंदी की और उर्स की मुबारकबाद दी. इस दौरान अंजुमन की ओर से कव्वालियों के साथ चादर पेश की गई और मुल्क में अमन-चैन की दुआ हुई. सुबह  महफिलखाने में कुल की महफिल शुरू हुई. इसमें शाही चौकी के कव्वालों ने रंग और बधावा पढ़ा. ‘आज रंग है री मां, मेरे ख्वाजा के रंग है...और ख्वाजा ए ख्वाजगां मोईनुद्दीन... ’ जैसे कलामों पर लोग झूमने को मजबूर हो गए.

अधेड़ महिला के साथ दुष्कर्म का मामला आया सामने, आरोपी फरार 

कुल की रस्म के बाद जन्नती दरवाजा बंद कर दिया गया:
दरगाह दीवान जैनुअल आबेदीन महफिलखाने से आस्ताना में गए. वहां कुल की रस्म हुई. इस दौरान कलंदर नाचते-गाते महफिलखाने पहुंच गए. उन्होंने दीवान की गद्दी पर बैठ कर दागोल की रस्म अदा की और हैरत अंगेज कारनामे दिखाए. कुल की रस्म के बाद जन्नती दरवाजा बंद कर दिया गया. उर्स में जायरीन के लौटने का सिलसिला तेज हो गया. उर्स सम्पन्न होने के साथ ही आस्ताना में रोजाना होने वाली खिदमत का समय भी बदल गया है. खिदमत अब रोजाना दोपहर 3 बजे होगी. बड़े कुल की रस्म 5 मार्च को होगी. इस दिन गुलाबजल और केवड़े से दरगाह के विभिन्न स्थानों की धुलाई की जाएगी. 

...अजमेर से फर्स्ट इंडिया के लिए शुभम जैन की रिपोर्ट
 

और पढ़ें