PM मोदी ने राष्ट्र के नाम संबोधन में कहा- कवच कितना ही उत्तम क्यों न हो, युद्ध चल रहा है तो हथियार नहीं डाले जाते, पढ़ें 10 बड़ी बातें

PM मोदी ने राष्ट्र के नाम संबोधन में कहा- कवच कितना ही उत्तम क्यों न हो, युद्ध चल रहा है तो हथियार नहीं डाले जाते, पढ़ें 10 बड़ी बातें

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को राष्ट्र के नाम अपना संबोधन दिया. अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा कि 21 अक्टूबर को भारत ने असाधारण लक्ष्य हासिल किया है. उन्होंने कहा कि 100 करोड़ वैक्सीनेशन डोज महज एक आंकड़ा नहीं बल्कि एक नए अध्याय की शुरुआत है. पीएम मोदी ने कहा कि भारत का पूरा वैक्सीनेशन प्रोग्राम विज्ञान की कोख में जन्मा है, वैज्ञानिक आधारों पर पनपा है और वैज्ञानिक तरीकों से चारों दिशाओं में पहुंचा है. हम  PM मोदी के संबोधन की 10 बड़ी बातें बता रहे हैं...

1. कोविड-19 रोधी टीकों की 100 करोड़ खुराक देना केवल सांख्यिकी उपलब्धि नहीं, बल्कि यह इतिहास का एक नया अध्याय है.

2. इस उपलब्धि के पीछे 130 करोड़ देशवासियों की कर्तव्यशक्ति लगी है। यह भारत और हर देशवासी की सफलता है. 

3. दुनिया अब भारत को कोविड-19 से अधिक सुरक्षित देश के रूप में देखेगी, औषधि निर्माण के क्षेत्र के रूप में उसकी स्वीकार्यता और बढ़ेगी.

4. प्रधानमंत्री मोदी ने कोविड-19 टीकाकरण कार्यक्रम को लेकर जताई गई आशंकाओं का जिक्र करते हुए कहा कि ये 100 करोड़ खुराकें हर सवाल का जवाब हैं.

5. यह हमारे लिए गर्व की बात है कि हमारा टीकाकरण अभियान ‘‘विज्ञान-जनित, विज्ञान-संचालित और विज्ञान-आधारित’’ है.

6. हर ओर उम्मीद है, विशेषज्ञ, विश्व एजेंसियां भारत की अर्थव्यवस्था को लेकर काफी सकारात्मक हैं.

7. कोविड अमीर और गरीब के बीच कोई अंतर नहीं करता, हमारा टीकाकरण अभियान भी कोई भेदभाव नहीं करता, यहां कोई वीआईपी संस्कृति नहीं है.

8. प्रधानमंत्री मोदी ने कोविड-19 के खिलाफ जंग में लापरवाही को लेकर आगाह करते हुए कहा कि कवच भले ही बहुत मजबूत है लेकिन जब तक युद्ध चलता है, तब तक हथियार नहीं डाले जाते. 

9. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों से त्योहारों के दौरान ‘‘ भारत में निर्मित ’’ वस्तुएं खरीदने की अपील की. 

10. अब दुनिया भारत को कोरोना से ज्यादा सुरक्षित मानेगी. Experts और देश-विदेश की अनेक agencies भारत की अर्थव्यवस्था को लेकर बहुत सकारात्मक है. 

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