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भोले के दर पहुंचे मोदी,काशी विश्वनाथ कॉरिडोर का किया भूमि पूजन

भोले के दर पहुंचे मोदी,काशी विश्वनाथ कॉरिडोर का किया भूमि पूजन

वाराणसी। लोकसभा चुनावों के मद्देनजर आज पीएम मोदी के सुपरफास्ट चुनावी दौरे हैं, वहीं कई जगहों पर लोगों को भारी सौगात देने वाले हैं, 9 मार्च को लोकसभा चुनावों की डेट की घोषणा होने की संभावना है। इसी के चलते राजनीतिक पार्टियां सुपरफास्ट दौरे कर रहे हैं। फिलहाल प्रधानमंत्री वाराणसी के दौरे पर पहुंचे हैं। यहां पीएम काशी विश्वनाथ कॉरिडोर का भूमि पूजन किया।

वाराणसी पीएम का संसदीय क्षेत्र है, प्रधानमंत्री के काशी पहुंचते ही लोगों ने मोदी-मोदी के नारे लगाए। यहां पहुंचकर प्रधानमंत्री ने भगवान भोलेनाथ का आशीर्वाद लिया। प्रधानमंत्री के साथ उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी काशी विश्वनाथ पहुंचे हैं।बतादें, प्रधानमंत्री ने यहां काशी विश्वनाथ कॉरिडोर का भूमि पूजन किया, जो बाबा दरबार से गंगा किनारे तक बनेगा, यानि कम से कम 40 वर्ग किलोमीटर में काशी विश्वनाथ कॉरिडोर का निर्माण होगा। मोदी अपने 5 साल के कार्यकाल में अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी के 19वें दौरे पर हैं।

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नई दिल्ली: देश के दो राज्यों झारखंड और कर्नाटक में आज सुबह भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं. लोगों ने भूकंप के झटके सुबह 6 बजकर 55 मिनट पर  महसूस किए. झारखंड के जमशेदपुर में 4.7 की तीव्रता से भूकंप आया है. वहीं, कर्नाटक के हम्पी में भी 4.0 की तीव्रता से भूकंप के झटके महसूस किए गए. हालांकि इस दौरान दोनों जगहों पर किसी भी तरह के जानमाल के नुकसान की खबर नहीं है.

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बुधवार को दिल्ली एनसीआर में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए:
नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के मुताबिक झारखंड में भूकंप का केंद्र जमशेदपुर रहा. जबकि कर्नाटक में भूकंप का केंद्र हम्पी रहा. इससे पहले बुधवार को दिल्ली एनसीआर में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए थे. नोएडा में रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 3.2 थी. एक हफ्ते में दूसरी बार नोएडा में झटके महसूस किए गए थे. बीते कुछ दिनों में दिल्ली-एनसीआर में कई बार भूकंप के झटके महसूस किए गए थे. 

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जानिए कैसा रहेगा ग्रहण का असर ? साल 2020 का दूसरा चंद्रग्रहण कल, 21 जून को होगा सूर्य ग्रहण

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नई दिल्ली: देश में इस वर्ष लगातार 3 ग्रहण पड़ने वाले है. 5 जून को वर्ष का दूसरा चंद्र ग्रहण होगा. हालां​कि इसका प्रभाव भारत में नहीं होगा. वहीं 21 जून को सूर्य ग्रहण होगा, जो भारत में प्रभावशील रहेगा. इसके बाद तीसरा 5 जुलाई और साल का आखिरी चंद्र ग्रहण 30 नवंबर को लगेगा. 

ऐसा रहेगा चंद्रग्रहण:
5 जून 2020 को यानी शुक्रवार को वर्ष 2020 का दूसरा चंद्र ग्रहण लगने वाला है. हिंदू पंचांग के मुताबिक ज्येष्ठ मास की पूर्णिमा तिथि पर चंद्रग्रहण लगेगा. यह चंद्रग्रहण उपछाया ग्रहण होगा. ग्रहण 5 जून की रात 11 बजकर 15 मिनट से लगना आरंभ होगा जो अगले दिन रात के 2 बजकर 34 मिनट तक रहेगा. ग्रहण के समय चंद्रमा वृश्चिक राशि में भ्रमण करेगा. जब भी चंद्रग्रहण लगता है तो उससे पहले चंद्रमा पृथ्वी की उपछाया में प्रवेश करता है. चंद्रग्रहण की प्रकिया में इसे penumbra कहा जाता है. उपछाया में पूर्ण चंद्र ग्रहण नहीं पड़ता इसमें चंद्रमा सिर्फ धुंधला सा दिखाई पड़ता है इस वजह से इसे चंद्र मालिन्य भी कहते हैं. 

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21 जून को होगा सूर्य ग्रहण: 
21 जून 2020 को सूर्य ग्रहण पड़ने जा रहा है. अगर बात करें ज्‍योतिषीय दृष्‍टी की, तो  इसका असर बहुत अच्‍छा नहीं मिलने जा रहा है. पहले से ही नाजुक दौर से गुजर रही अर्थव्यवस्था में और गिरावट आने के संकेत हैं. मृत्युदर और बढ़ोतरी हो सकती है.  तूफान और भूकम्प जैसी प्राकृतिक आपदाएं भी आ सकती हैं. ये सूर्य ग्रहण मृगशिरा नक्षत्र और मिथुन राशि में होगा. जिनका जन्म नक्षत्र मृगशिरा और जन्म राशि या जन्म लग्न मिथुन है. उनके लिए यह विशेष अरिष्ट फल प्रदान करने वाला होगा. सूर्य ग्रहण प्रात: 9:26 बजे से अपराह्न 3:28 तक रहेगा. भारत में यह ग्रहण प्रात:10 बजे से 14:30 बजे तक अर्थात साढ़े चार घंटे रहेगा. इस ग्रहण के दौरान सूर्य 94 प्रतिशत ग्रसित हो जाएगा. दिन में अन्धेरा जा जाएगा. कुछ जगह तारे भी दिखाई दे सकते हैं.
 
धीरे धीरे होगा कोरोना का प्रकोप कम:
दुनियाभर में कोरोना वायरस ने हाहाकार मचा दिया है. अभी इसकी वैक्सिन नहीं बन पाई है. वैज्ञानिक लगातार इस पर रिसर्च करके दवा बनाने में लगे हुए है. वहीं बात करें ज्योतिषियों की, तो उनके मुताबिक कोरोना महामारी ग्रहों की दशा बदलने की वजह से ज्यादा विकराल हुई है. आकाश मंडल में सूर्य, शनि, चंद्र, केतु के विपरीत प्रभाव के चलते कोरोना महामारी दुनिया में फैली है. ज्योतिषियों के मुताबिक जून माह में पड़ रहे सूर्य ग्रहण के प्रभाव से कोरोना का प्रकोप कम होने लगेगा और 5 जुलाई को पड़ रही गुरु पूर्णिमा तक विषाणु, कीटाणु प्रभावशील रहेंगे. जब ग्रह वापस अपने मूल स्वरूप में आएंगे, तभी कोरोना का प्रकोप समाप्त होने लग जाएगा. 

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गर्भवती हथिनी की मौत पर सोशल मीडिया पर उबाल, दोषियों को कड़ी सजा देेने की मांग

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नई दिल्ली: भूखी गर्भवती हथिनी ( Pregnant Elephant )को अनानास में पटाखा भरकर देने की वजह से उसकी दर्दनाक मौत हो गई. इसी के साथ इंसानियत एक बार फिर शर्मसार हुई. अब इस खबर पर सोशल मीडिया पर उबाल है. इस घटना पर अलग-अलग लोगों की प्रतिक्रियाएं आ रही हैं, सरकार की ओर से इस मामले में कार्यवाही का भरोसा दिया गया है. तो वहीं सोशल मीडिया पर इस मामले को लेकर लोगों में आक्रोश है, हर कोई कड़ी कार्रवाई की अपील कर रहा है. 

हाथी भगवान गणेश का स्वरूप:
राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने भी इस मामले पर लिखा कि केरल की घटना ने हर किसी को अंदर तक झकझोर दिया है. हाथी भगवान गणेश का स्वरूप हैं, ऐसे में उनके साथ जिसने भी ऐसी हरकत की है उसपर कार्रवाई होनी चाहिए.

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दुःखद व निन्दनीय खबर:
उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने भी इस मामले पर दुख व्यक्त किया. मायावती ने ट्वीट कर लिखा कि केरल के पलक्कड में एक गर्भवती हथिनी ( Pregnant Elephant ) को विस्फोटक भरा अनानास खिलाकर क्रूरतापूर्वक मारने की अति-दुःखद व निन्दनीय खबर स्वाभाविक तौर पर मीडिया की सुर्खियों में है. हाथी जैसे सहज व उपयोगी जानवर के साथ ऐसी क्रूरता की जितनी भी निन्दा की जाए वह कम है. सरकार दोषियों को सख्त सजा दे. 

केंद्र सरकार ने मांगा राज्य सरकार से जवाब:
उल्लेखनीय है कि केंद्रीय पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर द्वारा कहा गया है कि केंद्र सरकार ने इस मामले में राज्य सरकार से जवाब मांगा है. पूरी रिपोर्ट ली जाएगी और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा. दूसरी ओर पूर्व केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी ने भी इस मामले पर कार्यवाही की मांग की है. 

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हरियाणा, यूपी और दिल्ली के लिए एक पास हो, हफ्ते भर में बनाई जाए व्यवस्था- सुप्रीम कोर्ट

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नई दिल्ली: कोरोना संकट के चलते दिल्ली-एनसीआर की सीमाएं सील होने से लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. इसी को लेकर सुप्रीम कोर्ट में दायर जनहित याचिका पर सुनावाई करते हुए कोर्ट ने बुधवार को एनसीआर क्षेत्र के लिए कॉमन पास बनाने का निर्देश दिया है. कोर्ट ने कहा कि एक पास जारी हो जिसकी हरियाणा, यूपी और दिल्ली में मान्यता हो. इस बारे में कोर्ट ने 1 हफ्ते में कदम उठाने को कहा है. 

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एनसीआर क्षेत्र में आवाजाही के लिए एक कॉमन पोर्टल बनाया जाए:
एनसीआर के लोगों की समस्याओं को सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि एनसीआर क्षेत्र में आवाजाही के लिए एक कॉमन पोर्टल बनाया जाए. इसके लिए सभी स्टेक होल्डर मीटिंग करें और एनसीआर क्षेत्र के लिए कॉमन पास जारी करें, जिससे एक ही पास से पूरे एनसीआर में आवाजाही हो सके. कोर्ट ने कहा कि सभी राज्य इसके लिए एक समान नीति तैयार करें. इसके लिए तीनो राज्यों की बैठक कराई जाए.

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कोरोना के लगातार बढ़ रहे मामलों को चलते लिया फैसला:
बता दें कि सोमवार को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में घोषणा कर के बताया कि दिल्ली बॉर्डर अब एक हफ्ते के लिए सील किए जा रहे हैं. उन्होंने साथ में यह तर्क भी दिया कि जिस तरह से कोरोना के मामले लगातार बढ़ रहे हैं उसको देखते हुए यह फैसला लिया जा रहा है.  

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नई दिल्ली: केरल के साइलेंट वैली फॉरेस्ट में एक गर्भवती हथिनी की मौत का मामला तूल पकड़ता जा रहा है. इस बीच केंद्रीय पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने केरल के मल्लपुरम में एक हाथी की हत्या के मामले पर गंभीरता दिखाई है. हम सही तरीके से जांच करने और अपराधियों को पकड़ने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे. हाथियों को पटाखा खिलाना और मारना भारतीय संस्कृति नहीं है.

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घटना के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के आदेश: 
वहीं केंद्र सरकार ने इस पर गंभीर रुख अपनाते हुए राज्य से रिपोर्ट मांगी है. सीएम पिनराई विजयन ने कहा कि पलक्कड जिले के मन्नारकड़ वन मंडल में हथनी की मौत मामले में प्रारंभिक जांच शुरू कर दी गई है और पुलिस को घटना के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं. केंद्रीय पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने घटना पर गंभीर रुख अपनाते हुए कहा कि केंद्र ने इस पर पूरी रिपोर्ट मांगी है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.

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इंसानियत को झकझोर देने वाली तस्वीर सामने आई थी:
गौरतलब है कि 27 मई को केरल के मल्लपुरम से इंसानियत को झकझोर देने वाली तस्वीर सामने आई थी. यहां एक गर्भवती मादा हथिनी खाने की तलाश में जंगल के पास वाले गांव पहुंच गई, लेकिन वहां शरारती तत्वों ने अनन्नास में पटाखे भरकर हथिनी को खिला दिया, जिससे उसका मुंह और इससे हथिनी के मसूड़े बुरी तरह फट गए और वह खा भी नहीं पा रही थी. बाद में उसकी मौत हो गई. बेजुबान जानवर के साथ हुई इस क्रूरता को लेकर सोशल मीडिया पर लोगों में जबरदस्त गुस्सा है. 

                            
                                                             

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नई दिल्ली: दुनियाभर के साथ देश में भी कोरोना वायरस के मामलों में जबरदस्त उछाल आया है. केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, पिछले 24 घंटे में 9,304 नए मामले सामने आए हैं और 260 लोगों की मौत हुई है. वहीं, पिछले 24 घंटे में 3 हजार 804 लोग ठीक हुए हैं.

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देशभर में कोरोना पॉजिटिव मामलों की कुल संख्या 2,16,919: 
इसके बाद देशभर में कोरोना पॉजिटिव मामलों की कुल संख्या 2,16,919 हो गई है, जिनमें से 1,06,737 सक्रिय मामले हैं, राहत की बात है कि करीब 50 फीसदी यानी 1 लाख 4 हजार 107 मरीज कोरोना से जंग जीत चुके हैं और अब तक 6,075 लोगों की मौत हो चुकी है. पिछले कुछ दिनों में मरीजों के ठीक होने का आंकड़ा तेजी से बढ़ रहा है.

कोरोना से सबसे अधिक महाराष्ट्र प्रभावित: 
कोरोना से सबसे अधिक महाराष्ट्र प्रभावित है. यहां कुल मरीजों का आंकड़ा करीब 75 हजार है. अब तक 2 हजार 587 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं, जबकि 32 हजार से अधिक लोग ठीक हो चुके हैं. अभी करीब 40 हजार एक्टिव केस हैं. दूसरे नंबर पर तमिलनाडु है, यहां अब तक करीब 26 हजार केस सामने आए हैं, जिसमें 208 लोगों की मौत हो चुकी है.

राजस्थान में कुल मरीजों की संख्या 9652: 
वहीं, राजस्थान में कुल मरीजों की संख्या 9652 है, जिसमें 209 लोगों की मौत हो चुकी है. मध्य प्रदेश में कुल मरीजों की संख्या 8588 है, जिसमें 371 की मौत हो चुकी है.

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अब तक कुल 42,42,718 नमूनों का परीक्षण:
भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) ने बताया कि अब तक कुल 42,42,718 नमूनों का परीक्षण किया गया है, जिनमें से पिछले 24 घंटे में 1,39,485 नमूनों का परीक्षण किया गया है. 


 

दाल आयातकों को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका, देश के विभिन्न हाईकोर्ट में दर्ज याचिकाओं की सुनवाई पर लगायी रोक

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जयपुर: देश के अलग अलग बंदरगाहों पर रखी करीब ढाई लाख मीट्रिक टन दालों को देश में वितरण की अनुमति देने से जुड़ी राजस्थान हाईकोर्ट में दर्ज 81 याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई पर रोक लगा दी है. दालों को रिलीज करने को लेकर दायर इन याचिकाओं पर बुधवार को सुबह 11 बजे राजस्थान हाईकोर्ट में सुनवाई होनी थी लेकिन मुख्य न्यायाधीश इन्द्रजीत महांति की खण्डपीठ के नॉन सिटिंग के चलते इन सभी याचिकाओं पर सुनवाई टल गयी थी. इन याचिकाओं पर हाईकोर्ट में गुरूवार को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया जाना था. इसी बीच केन्द्र सरकार और डीजीएफटी द्वारा दायर 106 ट्रांसफर याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट में आज सुनवाई हुई. जस्टिस ए एम खानविलकर, जस्टिस दिनेश माहेश्वरी और जस्टिस संजीव खन्ना की बैंच ने सुप्रीम कोट में ट्रांसफर पीटीशन में 6 मार्च 2020 को नोटिस जारी होने के बाद भी 15 मई को आदेश जारी होने पर आश्चर्य जताया. 

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देशभर के विभिन्न हाईकोर्ट में दर्ज है 106 याचिकाए:
सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान हाईकोर्ट के साथ ही देश के अलग अलग हाईकोर्ट में दर्ज कुल 106 याचिकाओं पर अग्रिम कार्यवाही या यो कहे तो सुनवाई पर रोक लगायी है. केन्द्र सरकार ने इन सभी अलग अलग याचिकाओं के खिलाफ मार्च के प्रथम सप्ताह में सुप्रीम कोर्ट में 106 ट्रांसफर पीटीशन दायर कि थी. जिस पर 6 मार्च को सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने सभी याचिकाओं में नोटिस जारी किये थे. आज एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट ने 6 मार्च को जारी किये नोटिस को दुबारा सभी 106 याचिकाओं के पक्षकारों को जारी किये है. सुप्रीम कोर्ट ने रजिस्ट्री को निर्देश दिये है कि वो टांसफर पीटीशन में अप्रार्थी पक्षकारों केा जारी किये जाने वाले प्रस्तावित नोटिस का प्रारूप याचिकाकर्ता केन्द्र सरकार केा मेल करे. जिसे केन्द्र सरकार एक सप्ताह के अंदर स्थानीय दो समाचार पत्रों में प्रकाशित करेगी. तीन सदस्य बैंच ने मामले की अगली सुनवाई 17 जून केा तय की है. 

15 मई के आदेश से केन्द्र सरकार हुई सतर्क:
देश के 5 हाईकोर्ट में दाल आयातकों द्वारा दायर कि गयी याचिकाओं के खिलाफ केन्द्र सरकार ने डीजीएफटी के जरिए ट्रांफसर पीटीशन दायर की. मार्च के प्रथम सप्ताह में दायर कि गयी इन ट्रांसफर पीटीशन पर सुप्रीम कोर्ट में 6 मार्च को सुनवाई करते हुए सभी तीन दर्जन आयातकों को नोटिस जारी किये गये. नोटिस जारी होने से पूर्व ही एएसजी आर डी रस्तोगी द्वारा ट्रांसफर पीटीशन पेश किये जाने की सूचना के आधार पर जस्थान हाईकोर्ट में दर्ज याचिकाओं पर सुनवाई 11 मई तक टाल दी गयी. इस आदेश को निखिल पल्सेज ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौति दे दी. 11 मई को राजस्थान हाईकोर्ट ने एक बार फिर सुनवाई को 2 सप्ताह के लिए टाल दिया. इसी बीच निखिल पल्सेज की ओर से सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका दायर कर फाइनल सुनवाई के लिए गुहार लगायी गयी. 15 मई को सुप्रीम कोर्ट की दूसरी बैंच ने एसएलपी को खारिज करते हुए राजस्थान हाईकोर्ट को कहा कि वो एक माह में इस मामले अंतिम रूप से तय करे. लेकिन उस सुनवाई के दौरान कोर्ट को नही बताया गया कि ट्रांसफर पीटीशन दायर कि जा चुकी है. निखिल पल्सेज ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश को राजस्थान हाईकोर्ट में पेश कर तुरंत सुनवाई की मांग की. जिस पर हाईकोर्ट में 26 मई को केस सूचीबद्ध किया गया. एएसजी आर डी रस्तोगी ने हाईकोर्ट को सुप्रीम कोर्ट में 15 मई के आदेश के खिलाफ रिकॉल पीटीशन की सूचना दी. लेकिन कोर्ट ने फाइनल सुनवाई के लिए 3 जून की तारीख तय कर दी. 

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जब सॉलिस्टर जनरल तुषार मेहता ने संभाला मोर्चा:
सुप्रीम कोर्ट की दूसरी बैंच के 15 मई के आदेश के बाद केन्द्र सरकार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए पुरे मामले केा सॉलिस्टर जनरल तुषार मेहता को सौंप दिया. तुषार मेहता ने राजस्थान के एएजसी आर डी रस्तोगी सहित केस से जुड़े अन्य अधिवक्ताओं से तथ्य जुटाकर सुप्रीम कोर्ट के ओदश के खिलाफ रिकॉल के लिए पीटीशन दायर की. 3 जून को राजस्थान हाईकोर्ट में सुनवाई से एक दिन पूर्व ही सॉलिस्टर जनरल ने सुप्रीम कोर्ट मे अर्जेंट मेंशनिंग कर मामले की सुनवाई की गुहार लगायी. केन्द्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में मामले की शीघ्र सुनवाई के लिए अर्जेंट मेंशनिंग की. राजस्थान हाईकोर्ट में सुनवाई के लिए बुधवार को सभी 81 याचिकाए सुचीबद्ध थी लेकिन मुख्य न्यायाधीश की खण्डपीठ की नॉन सिटिंग के चलते मामले की सुनवाई टल गयी. वहीं दूसरी तरफ सॉलिस्टर जनरल द्वारा किये गसये मेंशनिग पर सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई हुई. जस्टिस खानविलकर की तीन सदस्य बैंच ने अर्जेंट सुनवाई करते हुए इन सभी याचिकाओं में हाईकोर्ट द्वारार अग्रिम सुनवाई पर रोक लगा दी गयी. जिसके बाद गुरूवार को इन याचिकाओं पर राजस्थान हाईकोर्ट में अब सुनवाई नहीं हो सकती. सुप्रीम कोर्ट में अब तक इस मामले में केन्द्र सरकार की ओर से पेश होने वाले एएसजी अमन लेखी को केस से अलग कर दिया गया है. केन्द्र सरकार की ओर से दायर की गयी रिकॉल पीटीशन पर अब सुप्रीम कोर्ट 5 जून को सुनवाई करेगी. 

Cyclone Nisarga: कमजोर पड़ा तूफान निसर्ग, बड़ा खतरा टला

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मुंबई: चक्रवाती तूफान 'निसर्ग' महाराष्ट्र के तटीय इलाकों से गुजरने के बाद कमजोर पड़ गया है. तूफान अब उत्तर महाराष्ट्र तथा गुजरात की ओर बढ़ गया है. मौसम विभाग के अनुसार इस समय तूफान की तीव्रता भी कुछ कम हुई है. ऐसे में तूफान का मुंबई के लिए खतरा लगभग खत्म हो चुका है. वहीं मुंबई के ज्यादातर इलाकों में तेज हवाओं के साथ बारिश जारी रहेगी. इस दौरान निसर्ग के चलते मुंबई, रत्नागिरी, रायगड, नवी मुंबई में जमकर तेज हवाएं चलीं और जोरदार बारिश हुई. सड़कों पर जगह-जगह पेड़ों के गिरने के दृश्य नजर आ रहे हैं. 

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मुंबई में जनजीवन अस्तव्यस्त: 
तूफान निसर्ग की वजह से मुंबई में जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया है. तूफान का सबसे ज्यादा असर रायगड में देखा जा रहा है और यहां भारी तबाही हुई है. बारिश के साथ तूफानी हवाओं ने पूरे शहर में जगह-जगह पेड़ों को गिरा दिया. वहीं रत्नागिरी में तूफानी हवाओं की चपेट में आकर एक छोटा जहाज रास्ता भटक गया, हालांकि बाद में इसे रेस्क्यू कर लिया गया.

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एनडीआरएफ की 20 टीमें तैनात की गईं:
चक्रवात से निपटने के लिए एनडीआरएफ की 20 टीमें तैनात की गईं. इसमें मुंबई में 8 टीमें, रायगढ़ में 5 टीमें, पालघर में 2 टीमें, थाने में 2 टीमें, रत्नागिरी में 2 टीमें और सिंधूदुर्ग में 1 टीम की तैनाती है. वहीं, कुछ टीमों को स्टैंडबाई पर रखा गया था. बता दें कि दो हफ्ते में देश को दूसरे समुद्री तूफान का सामना करना पड़ रहा है. पहले अम्फान ने पश्चिम बंगाल और ओडिशा में तबाही मचाई थी.

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