शाहपुरा दुखांतिका : राजस्थान में 'यम का दूत' बिजली विभाग, डोली उठने से पहले उठ गई अर्थियां

FirstIndia Correspondent Published Date 2017/11/01 05:43

जयपुर | काल के विकराल रूप को देखना है, तो इन तस्वीरों को देखिए| कैसे शादी की खुशियां मौत के तांडव और चीख पुकार में खो गई| शादी की रस्में टूटती सांसों में गुम हो गई| डोली की चाहत अर्थी वाले कंधों के बोझ तले दब गई| इन तस्वीरों को देख कर आंखें भर आती हैं और दिल दिमाग सिर्फ एक सवाल पूछता है कि क्या ये सिर्फ हादसा है, जो घटित होना ही था| क्या ये निश्चित था, जिसे बदला नहीं जा सकता था| या फिर लापरवाही ने 14 लोगों से उनकी सांसे छीन ली और इस मातमी सन्नाटा ने हर किसी की आंखों से नींद को गायब कर दिया| लेकिन क्या सिर्फ उचित इलाज की व्यवस्था कर देने और चंद रुपयों का एलान कर देने भर से खुशियों को लौटाया जा सकता है|


ये सवाल इसलिए क्योंकि मृतक के परिजनों को 10 लाख के मुआवजे का ऐलान किया है तो क्या मान लिया जाए कि गरीब की जान की कीमत सिर्फ 10 लाख रुपए है और 10 लाख रुपए में मृतक की कमी को पूरा किया जा सकता है? लेकिन शाहपुरा के खातोलाई में जो ट्रांसफॉर्मर फटा है वो सिर्फ 6 दिन पहले ही लगाया गया था| जिसपर ना तो कोई लोड था और ना ही गर्मी का मौसम यानि जिन कारणों को बिजली विभाग ट्रांसफॉर्मर फटने का कारण बताते हैं उनमें से कुछ भी नहीं सच्चाई ये है कि...
 
ट्रांसफॉर्मर को लेकर गुणवत्ता से खिलवाड़ किया गया
ट्रांसफॉर्मर मानकों पर खरा नहीं उतरा, फिर भी लगाया
ट्रांसफॉर्मर बनाने वाली कंपनी का सीधा संबंध बिजली विभाग से है

तो फिर ट्रांसफॉर्मर को क्यों लगाया गया? क्यों उन कर्मचारियों पर सीधी कार्रवाई नहीं हुई जो जांच के लिए जिम्मेदार हैं या फिर सरकार और सिस्टम ये मान चुका है कि लापरवाही को ठकने? मौतों से निपटने का सही तरीका है| मुआवजे का एलान! जी हां, लेकिन आज हम आपको मुआवजे का सही गणित और साल-दर-साल मौतों का आंकड़ा बताते हैं|

2009-14 के बीच में 2051 लोगों की करंट से मौत हुई
हर साल 1 हजार से ज्यादा लोग विक्लांग हो जाते हैं
2012-13 में करंट से मरने वालों का आंकड़ा 402 रहा
2013-14 में करंट से मरने वालों का आंकड़ा 534 रहा
2014-15 में करंट से मरने वालों का आंकड़ा 516 रहा
2015-16 में करंट से मरने वालों का आंकड़ा 428 रहा
2016-17 में करंट से मरने वालों का आंकड़ा 592 रहा
देश में सबसे ज्यादा करंट से मौत राजस्थान में होती है
हर मृतक को बिजली विभाग 5 लाख का मुआवजा देता है
बीते 5 सालों में करंट से मौत का आंकड़ा 2472 रहा
10 सालों में बिजली विभाग ने 226 करोड़ का मुआवजा दिया

अब जरा सोचिए अगर इस 226 करोड़ को बिजली विभाग में बिना भ्रष्टाचार के सुधार के लिए लगा दिया जाता तो बहुत कुछ बदल सकता था, लेकिन बीते 10 सालों के बाद बिजली विभाग में सुधार का मतलब आंकड़ों के जरिए समझ ले कि इस साल करंट से मरने वालों की संख्या सबसे ज्यादा है| तो फिर क्यों ना जिम्मेदारों पर हत्या का मामला दर्ज किया जाए और उन अधिकारियों से सवाल पूछे जाएं तो हर दिन कहते हैं कि बिजली विभाग में सुधार किया जा रहा है| और आंकड़ों को देखने के बाद क्यों ना कहा जाए कि राजस्थान में बिजली विभाग यम का दूत हैं| और मुआवजे को मौत के जख्म को भरने वाला मरहम समझ लिया गया है|

First India News से जुड़े अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करे!
हर पल अपडेट रहने के लिए अभी डाउनलोड करें First India News Mobile Application
लेटेस्ट वीडियो के लिए हमारे YOUTUBE चैनल को विजिट करें

और पढ़ें

Most Related Stories

Stories You May be Interested in