जयपुर कांग्रेस में PK की एंट्री पर ब्रेक ! जानिए आखिर क्यों ठुकराया कांग्रेस के राष्ट्रीय नेतृत्व का ऑफर

कांग्रेस में PK की एंट्री पर ब्रेक ! जानिए आखिर क्यों ठुकराया कांग्रेस के राष्ट्रीय नेतृत्व का ऑफर

जयपुर: देश की सियासत में अभी एक ही चर्चा है कि आखिर PK ने कांग्रेस के राष्ट्रीय नेतृत्व का ऑफर क्यों ठुकराया. प्रशांत किशोर के ट्विट से ये अंदाजा लगाया कि पार्टी ईएजी का हिस्‍सा बनाकर उन पर चुनावों की पूरी जिम्‍मेदारी डालना चाहती थी. इसलिए PK ने विनम्रता से इंकार कर दिया और रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कांग्रेस की ओर से इसकी पुष्टि कर दी. इंकार के पीछे के कारणों में माना जा रहा है कि पीके के TMC, KCR और AAP से अच्छे संबंध है. कांग्रेस के कुछ प्रमुख नेताओं ने भी PK को कांग्रेस में पद देने को लेकर खुलकर समर्थन नहीं किया था.

पिछले कई दिनों से जारी सभी अटकलों पर विराम लग गया है. चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर  कांग्रेस से नहीं जुड़ेंगे. पीके ने ऐसा करने से इनकार कर दिया है. कांग्रेस ने उन्‍हें अपने 'एम्‍पावर्ड एक्‍शन ग्रुप' में शामिल होने की पेशकश की थी. हालांकि, पीके को यह ऑफर पसंद नहीं आया. प्रशांत किशोर ने इस बारे में एक ट्वीट किया है. इसकी लैंग्विज से इनकार की वजह का कुछ अंदाजा लगाया जा सकता है. 

उन्‍होंने बताया है कि पार्टी ईएजी का हिस्‍सा बनाकर उन पर चुनावों की पूरी जिम्‍मेदारी डालना चाहती थी. प्रशांत किशोर ने मंगलवार को इस बारे में ट्वीट के जरिये जानकारी दी. उन्‍होंने लिखा, 'मैंने ईएजी के हिस्से के रूप में पार्टी में शामिल होने और चुनावों की जिम्मेदारी लेने के कांग्रेस के प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया है. मेरी विनम्र राय में परिवर्तनकारी सुधारों के जरिये गहरी जड़ें जमाने वाली संरचनात्मक समस्याओं को ठीक करने के लिए पार्टी को मुझसे ज्‍यादा नेतृत्व और सामूहिक इच्छाशक्ति की जरूरत है. 

पीके के इनकार के संबंध में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रणदीप सुरजेवाला ने भी एक ट्वीट किया. उन्‍होंने लिखा, 'प्रशांत किशोर संग एक प्रजेंटेशन और चर्चा के बाद कांग्रेस अध्यक्ष ने एम्‍पावर्ड एक्‍शन ग्रुप 2024 का गठन किया है और उन्हें तय जिम्मेदारियों के साथ समूह के हिस्से के रूप में पार्टी में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया. उन्होंने मना कर दिया. हम पार्टी को दिए गए उनके सुझावों की सराहना करते है.'

 ---PK को लेकर कांग्रेस में संशय---

- अतीत में नरेंद्र मोदी, नीतीश कुमार, जगनमोहन रेड्डी, ममता बनर्जी और अमरिंदर सिंह के साथ काम कर चुके. 

- PK  के तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी और आंध्र प्रदेश के सीएम जगन मोहन रेड्डी जैसे राजनीतिक प्रतिद्वंद्व‍ियों के साथ अच्छे लिंक है.

- G 23 नेताओं के बीच PK की एंट्री को लेकर कोई अच्छे संकेत नहीं मिले थे.

- दिग्गी राजा ने एक इंटरव्यू में कहा था प्रशांत किशोर का विश्लेषण प्रभावी है और उनके कांग्रेस में शामिल होने को लेकर पार्टी के अंदर कोई आंतरिक विरोध नहीं है, हालांकि कुछ संदेह हैं, लेकिन अंतिम निर्णय पूरी तरह से कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी का होगा.

- दिग्विजय सिंह इन दिनों सोनिया गांधी की टीम फिर से प्रमुख भूमिका में है.

- पार्टी के अंदर वरिष्ठ नेताओं का एक बड़ा तबका हार के लिए कांग्रेस नेतृत्व पर सवाल उठाता रहा है. इन नेताओं ने पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी को संगठन में बदलाव को लेकर कुछ सुझाव भी दिए हैं. पार्टी उनके सुझावों पर अमल के बजाए प्रशांत की कार्ययोजना पर काम करती तो उनकी नाराजगी और बढ़ सकती.

- एम्‍पावर्ड एक्‍शन ग्रुप के सुझावों में डेटा बेस भी अहम तथ्य रहा जिसे लेकर ज्यादा बातें सामने नही आई साथ ही PK के फ्यूचर प्लान को लेकर भी संशय पनपा.

हाल में संपन्‍न पांच राज्‍यों के विधानसभा चुनावों में कांग्रेस ने बेहद खराब प्रदर्शन किया था. इसके बाद से कांग्रेस की लगातार प्रशांत किशोर के साथ बातचीत जारी थी. हालांकि भविष्य में PK की सेवाये लेने से इंकार नहीं है. ना PK ने ना किया और ना ही कांग्रेस के थिंक टैंक ने.

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