VIDEO: प्रशासन शहरों के संग अभियान में आंकड़ा तो कर लिया पार, लेकिन कई निकायों की खराब परफॉर्मेंस, देखिए ये खास रिपोर्ट

VIDEO: प्रशासन शहरों के संग अभियान में आंकड़ा तो कर लिया पार, लेकिन कई निकायों की खराब परफॉर्मेंस, देखिए ये खास रिपोर्ट

जयपुर: प्रशासन शहरों के संग अभियान के 55 दिनों में आखिरकार निकायों ने एक लाख पट्टे जारी करने का आंकड़ा तो पार कर लिया. लेकिन प्रदेश भर के कई निकाय जिनमें प्राधिकरण, यूआईटी और निगम स्तर के बड़े निकाय भी शामिल हैं, ये निकाय सरकार की उम्मीद के अनुसार परफॉर्म नहीं कर पा रहे हैं. 10 लाख से अधिक पट्टे जारी करने के लक्ष्य के साथ प्रशासन शहरों के संग अभियान इस वर्ष राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती 2 अक्टूबर से शुरू किया गया था. सरकार का पूर्व में अभियान के पहले दिन ही एक लाख पट्टे जारी करने का लक्ष्य था. लेकिन कई कारणों के चलते ऐसा नहीं हो पाया. इसके बाद अभियान को गति देने के लिए मुख्यमंत्री, नगरीय विकास मंत्री, मुख्य सचिव, सलाहकार यूडीएच और प्रमुख सचिव यूडीएच के स्तर पर समय-समय पर समीक्षा बैठकें आयोजित होती रही हैं. अभियान के 25 नवंबर तक के आंकड़ों के अनुसार 55 दिनों में अब तक प्रदेश भर के निकायों ने 105519 पट्टे अब तक जारी किए हैं. अब तक अभियान में निकायों की परफॉर्मेंस कैसी रही, यह जानने के लिए पहले शुरुआत प्रदेश के प्राधिकरण और नगर सुधार न्यास से करते हैं.

- पूरे प्रदेश में 14884 पट्टे जारी कर जयपुर विकास प्राधिकरण सभी प्रकार के निकायों में टॉप पर है 

-इसी प्रकार दूसरे नंबर पर कोटा यूआईटी है जिसने 5605 पट्टे जारी किए हैं 

-तीसरे नंबर पर उदयपुर यूआईटी है जिसने 4246 पट्टे जारी किए हैं 

-प्राधिकरण और नगर सुधार न्यास के वर्ग की बात करें तो सबसे पुअर परफॉर्मेंस सवाई माधोपुर यूआईटी की है इस यूआईटी ने महज अब तक 14 पट्टे ही जारी किए हैं 

-इस वर्ग में फिसड्डी निकायों में सबसे कम पट्टा जारी करने वाला दूसरा निकाय बाड़मेर यूआईटी है जिसने महज 52 पट्टे ही जारी किए हैं 

-इसी प्रकार तीसरे नंबर पर बीकानेर यूआईटी है जिसने केवल 33 पट्टे ही जारी किए हैं

नगर पालिका, नगर परिषद और नगर निगमों में नगर निगम सबसे बड़े निकाय हैं. इसके बावजूद इन बड़े निकायों की परफॉर्मेंस नगर परिषद और नगर पालिका से भी खराब है. नगर पालिका, नगर परिषद और नगर निगम तीनों को मिलाकर सभी 213 निकायों की परफॉर्मेंस की बात करें तो पट्टे देने के मामले में टॉप 5 में एक भी नगर निगम शामिल नहीं है.

-इन 213 निकायों में सीकर नगर परिषद सबसे टॉप पर है जिसने अभियान में अब तक 2549 पट्टे जारी किए हैं

-1234 पट्टे जारी कर जैसलमेर नगर परिषद दूसरे नंबर पर और 1218 पट्टे जारी कर कोटपुतली नगरपालिका तीसरे नंबर पर है 

-1170 पट्टे जारी कर किशनगढ़ नगर परिषद चौथे नंबर पर और 1166 पट्टे जारी कर बालोतरा नगर परिषद तीसरे नंबर पर है

- नगर निगमों में पट्टे जारी करने में सबसे अव्वल रहने वाले जयपुर हेरिटेज ने 1061, दूसरे नंबर पर भरतपुर ने 965 और तीसरे नंबर पर उदयपुर ने 796 पट्टे जारी किए हैं

- नगर निगमों में पट्टे जारी करने के मामले में सबसे फिसड्डी बीकानेर नगर निगम है जिसने अब तक केवल 13 पट्टे ही जारी किए हैं

- इस मामले में सबसे फिसड्डी नगर निगमों में दूसरे नंबर पर कोटा साउथ जिसने 90 पट्टे और तीसरे नंबर पर जोधपुर उत्तर नगर निगम है जिसने केवल 160 पट्टे ही अब तक जारी किए हैं

- पट्टे जारी करने के मामले में नगर परिषदों में सबसे फिसड्डी भीलवाड़ा जिसने 9, दूसरी सबसे फिसड्डी श्रीगंगानगर जिसने 42 और तीसरी सबसे फिसड्डी
भिवाड़ी नगर परिषद है जिसने 70 पट्टे ही अब तक जारी किए हैं

- बामनवास,श्रीमथुरा,बसेड़ी, उज्चैन,नसीराबाद, सुल्तानपुर, रामगढ़ अलवर, पावटा और बानसूर ऐसे निकाय हैं, जिन्होंने अब तक पट्टा जारी करने का खाता ही नहीं खोला है.

- जवाई, माउंट आबू, लक्ष्मणगढ़ अलवर, आबूरोड, सादुलशहर, अटरू, रावतभाटा और सपोटरा ऐसे निकाय हैं जिन्होंने अब तक 10 पट्टे भी जारी नहीं किए हैं

प्रशासन शहरों के संग अभियान के अब तक के आंकड़े बता रहे हैं कि चाहे प्राधिकरण हो या नगर सुधार न्यास या नगर निगम भले ही बड़े निकायों में शामिल हों. लेकिन इनमें से कई निकाय ऐसे हैं जिनकी परफॉर्मेंस नगर परिषद और नगर पालिका स्तर के छोटे निकायों से भी बदतर है. यह स्थिति सुधारने के लिए मुख्यालय के आला अधिकारी निकायों का नियमित निरीक्षण भी कर रहे हैं. उम्मीद है कि शायद आगामी दिनों में इन निकायों की परफॉर्मेंस में सुधार हो.

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