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Budget Session 2020: संसद में आर्थिक सर्वेक्षण पेश, वित्त वर्ष 2020-21 में GDP ग्रोथ 6 से 6.5% रहने का जताया भरोसा

Budget Session 2020: संसद में आर्थिक सर्वेक्षण पेश, वित्त वर्ष 2020-21 में GDP ग्रोथ 6 से 6.5% रहने का जताया भरोसा

नई दिल्ली: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज संसद में आर्थिक सर्वेक्षण पेश कर दिया है. इस सर्वे में देश की अर्थव्यवस्था को लेकर कई अहम आंकड़े पेश किए गए हैं. रिपोर्ट में बताया गया कि वित्त वर्ष 2020-21 में जीडीपी ग्रोथ रेट 6-6.5 फीसदी के बीच रहेगी. जीडीपी ग्रोथ रेट को लेकर सरकार की यह रिपोर्ट चालू वित्त वर्ष के मुकाबले कहीं ज्यादा है. बता दें कि सरकार ने चालू वित्त वर्ष के लिए एडवांस जीडीपी ग्रोथ रेट को 5 फीसदी पर रखा गया है. 

क्‍या होता है आर्थिक सर्वे?
आर्थिक सर्वे में वित्त मंत्रालय की इस आधिकारिक सर्वे रिपोर्ट में देश के आर्थिक विकास का सालाना लेखाजोखा होता है. आर्थिक सर्वे को वित्त मंत्रालय में मुख्य आर्थिक सलाहकार और उनकी टीम तैयार करती है. इस रिपोर्ट से पता चलता है कि बीते साल आर्थिक मोर्चे पर देश का क्‍या हाल रहा. इसके अलावा सर्वे रिपोर्ट में ये भी बताया जाता है कि अर्थव्यवस्था में किस तरह की संभावनाएं मौजूद हैं.

रामनाथ कोविंद ने सरकार की उपलब्धियां गिनाई:
इससे पहले आज बजट सत्र की शुरुआत राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के अभिभाषण से हुई. इस दौरान राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने सरकार की उपलब्धियां गिनाई. इस दौरान उन्होंने नागरिकता कानून को मोदी सरकार की बड़ी उपलब्धि बताते हुए कहा कि इस तरह से महात्मा गांधी के सपनों को पूरा किया है. 

जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में तेजी से चल रहा विकास का काम:
संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में कनेक्टिविटी, सिंचाई, अस्पताल, पर्यटन से जुड़ी योजनाओं एवं IIT, IIM, AIIMS जैसे उच्च शिक्षा के संस्थानों की स्थापना का काम भी तेजी से चल रहा है. सरकार ने रिकॉर्ड समय में करतारपुर साहिब कॉरिडोर का निर्माण करके, गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व के अवसर पर इसे राष्ट्र को समर्पित किया.

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VIDEO: हमारे यहां सरकार के खिलाफ डिप्टी सीएम खुद डील कर रहे थे- मुख्यमंत्री गहलोत

जयपुर: राजस्थान में जारी सियासी संकट के बीच मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि दिल्ली में लोकतंत्र खत्म करने वाली सरकार बैठी है. राजनीति में खरीद-फरोक्त ठीक नहीं है. उन्होंने कहा कि सरकार गिराने के षडयंत्र में डिप्टी सीएम भी शामिल थे, हमारे यहां डिप्टी सीएम ही डील कर रहा था. जो हमारे साथ नहीं है वो पैसे ले चुके हैं. षड्यंत्र में शामिल होने वाले लोग खुद सफाई दे रहे हैं. 

क्या सचिन पायलट से अब भी सुलह की कोशिश? विधायक चेतन डूडी के बयान ने दिए संकेत 

केन्द्र सरकार से मीडिया फाइनेंस हो रहा:  
इसके साथ ही सीएम गहलोत ने कहा कि केन्द्र सरकार से मीडिया फाइनेंस हो रहा है. ऐसे में मीडिया ईमानदारी का साथ दे, लोकतंत्र को अखंड रखना है. अब जो लोग देश में शासन कर रहे वे लोकतंत्र को खत्म कर रहे हैं. कांग्रेस ने 76 साल तक लोकतंत्र को बचाए रखा. राजनीति में खरीद-फरोख्त ठीक नहीं है. सरकार गिराने का प्रयास करने वालों के पास धन और बल की कमी नहीं है. 

विधानसभा स्पीकर डॉ. सीपी जोशी ने 19 विधायकों को जारी किए नोटिस, 3 दिन में मांगा जवाब 

हमारे कुछ साथी बीजेपी के जाल में फंस गए: 
मीडिया से वार्ता करते हुए सीएम गहलोत ने कहा कि प्रदेश में एक मजबूत सरकार बनी थी. हमारे कुछ साथी बीजेपी के जाल में फंस गए. राजनीति में विचारधारा की लड़ाई होती है. लेकिन अब हॉर्स ट्रेडिंग कर सरकार को गिराने की साजिश रची जा रही है. राष्ट्रीय मीडिया सच्चाई का साथ दे, लोकतंत्र के लिए आवाज उठाए. आज मीडिया उल्टा काम कर रहा है. हमारे पास हॉर्स ट्रेडिंग करने का प्रूफ है. 


 

क्या सचिन पायलट से अब भी सुलह की कोशिश? विधायक चेतन डूडी के बयान ने दिए संकेत

क्या सचिन पायलट से अब भी सुलह की कोशिश?  विधायक चेतन डूडी के बयान ने दिए संकेत

जयपुर: राजस्थान में लगातार सियासी घटनाक्रम पर एक के बाद एक अपडेट सामने आ रहा है. अब कांग्रेस विधायक चेतन डूडी ने बयान से अलग ही कयास लगाया जा रहा है. उन्होंने कहा कि पायलट ने प्रेस कांफ्रेंस ऐसे ही थोड़े स्थगित की होगी. इसके पीछे कुछ तो चल रहा होगा. डूडी ने कहा कि सचिन पायलट को लेकर कोई सकारात्मक नतीजे की उम्मीद है. इसके साथ ही पायलट से बड़े नेताओं की बातचीत का दावा भी किया. ऐसे में सबसे बड़ा सवाल तो यह खड़ा होता है कि क्या सचिन पायलट से अब भी सुलह की कोशिश की जा रही है? हालांकि इस बारे में अभी कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी. 

विधानसभा स्पीकर डॉ. सीपी जोशी ने 19 विधायकों को जारी किए नोटिस, 3 दिन में मांगा जवाब 

पायलट अपनी ‘गलतियों’ के लिए माफी मांग लें तो बात बन सकती है:
इससे पहले अविनाश पांडे ने बुधवार को कहा कि अगर प्रदेश के पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट अपनी ‘गलतियों’ के लिए माफी मांग लें तो बात बन सकती है, लेकिन हर चीज की समयसीमा होती है. दरअसल, उप मुख्यमंत्री और राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष पद से हटाए जाने के बाद पायलट ने स्पष्ट किया है कि वह भाजपा में शामिल नहीं हो रहे हैं. उन्होंने कहा कि भगवान उनको सद्बुद्धि दे. जिस पार्टी ने उनको पाला-पोसा और बड़ा किया वह उनसे एक जिम्मेदार नेता होने की अपेक्षा करती है. उनको मेरा यही संदेश है. 

19 बागी विधायकों को नोटिस जारी: 
दूसरी ओर विधानसभा स्पीकर डॉ. सीपी जोशी ने कांग्रेस के 19 बागी विधायकों को नोटिस जारी किया है. नोटिस में विधायकों से 3 दिन में जवाब मांगा है. जवाब नहीं देने पर स्पीकर विधायकों को अयोग्य घोषित कर सकते हैं. स्पीकर 3 माह तक समय ले सकते हैं. हालांकि मौजूदा परिस्थितियों के तहत लगता यही है कि स्पीकर जल्द ही निर्णय लेंगे. 

गहलोत मंत्रिमंडल विस्तार पर गंभीर संशय, विस्तार से पहले सरकार को हासिल करना होगा विश्वासमत! 

महेश जोशी ने विधानसभा अध्यक्ष को इसकी सूचना दी:
इससे पहले मुख्य सचेतक महेश जोशी ने विधानसभा अध्यक्ष को इसकी सूचना दी है. अब विधायकों को व्यक्तिगत रूप से सफाई देनी होगी. संतोषजनक उत्तर ना देने पर विधायकों की सदस्यता रद्द हो सकती है. इसके साथ ही ऐसे विधायकों के निर्वाचन क्षेत्र में उपचुनाव के लिए उपयुक्त उम्मीदवार की खोज शुरू होगी. 


 

जोधपुर में ACB ने की कार्रवाई, हैड कांस्टेबल भागीरथ विश्नोई 5000 की रिश्वत लेते ट्रैप

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जयपुर: एसीबी जोधपुर की टीम द्वारा बाप थाने के हेड कांस्टेबल भागीरथ विश्नोई को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है. आरोपी हेड कांस्टेबल भागीरथ को 5 हजार रूपए की रिश्वत लेते हुए ट्रेप किया गया है. मारपीट के मामले में मदद करने की एवज में आरोपी हेड कांस्टेबल भागीरथ विश्नोई द्वारा रिश्वत की राशि मांगी गई थी. एसीबी डीआईजी विष्णु कांत के निर्देशन वाली टीम में एडिशनल एसपी नरेन्द्र चौधरी और सीआई मनीष वैष्णव की देखरेख में यह कार्यवाही की गई है. 

युवाओं को पीएम मोदी का संबोधन- 21वीं सदी में स्किल युवाओं की सबसे बड़ी ताकत  

प्रारंभ में 30 हजार रूपए के राशि की मांग की गई: 
भागीरथ विश्नोई द्वारा परिवादी पूनमसिंह से उनके पुत्रों के विरूद्ध दर्ज मारपीट प्रकरण में आरोपियों के नाम हटाने के एवज में प्रारंभ में 30 हजार रूपए के राशि की मांग की गई थी जो बाद में 13 हजार रूपए में मामला तय हुआ जिस पर आज रिश्वत की राशि लेते हुए एसीबी द्वारा रंगे हाथों आरोपी भागीरथ विश्नोई को ट्रेप किया गया. मौके पर रकम बरामदगी के साथ ही कार्यवाही जारी है. 

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नई दिल्ली: वर्ल्ड यूथ स्किल डे के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज युवाओं को संबोधित किया. प्रधानमंत्री ने कहा कि 21वीं सदी में स्किल युवाओं की सबसे बड़ी ताकत है. आज हमारे युवा कई नई बातों को अपना रहे हैं. स्किल की ताकत इंसान को कहां से कहां पहुंचा सकती है. एक सफल व्यक्ति की बहुत बड़ी निशानी होती है कि वो अपनी स्किल बढ़ाने का कोई भी मौका जाने ना दे.

विधानसभा स्पीकर डॉ. सीपी जोशी ने 19 विधायकों को जारी किए नोटिस, 3 दिन में मांगा जवाब 

छोटी-छोटी स्किल ही आत्मनिर्भर भारत की शक्ति बनेंगी: 
उन्होंने कहा कि कोरोना के इस संकट ने World Culture के साथ ही Nature of Job को भी बदलकर के रख दिया है. देश में अब श्रमिकों की मैपिंग का काम शुरू किया गया है, जिससे लोगों को आसानी होगी. पीएम ने कहा कि छोटी-छोटी स्किल ही आत्मनिर्भर भारत की शक्ति बनेंगी. स्किल के प्रति अगर आप में आकर्षण नहीं है, कुछ नया सीखने की ललक नहीं है तो जीवन ठहर जाता है. एक रुकावट सी महसूस होती है. 

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स्किल के प्रति आकर्षण, जीने का उत्साह देता है:
पीएम मोदी ने कहा कि कोरोना संकट में लोग पूछते हैं कि आखिर आज के इस दौर में आगे कैसे चला जाए. ऐसे में इसका एक ही मंत्र है कि आप स्किल को मजबूत करें. स्किल के प्रति आकर्षण, जीने का उत्साह देता है. स्किल सिर्फ रोजी-रोटी और पैसे कमाने का जरिया नहीं है. जिंदगी में उमंग चाहिए, जीने की जिद चाहिए, तो स्किल हमारी ड्राइविंग फोर्स बनती है, हमारे लिए नई प्रेरणा लेकर आती है. अगर कुछ नया सीखने की ललक नहीं है तो जीवन ठहर जाता है.


 

विधानसभा स्पीकर डॉ. सीपी जोशी ने 19 विधायकों को जारी किए नोटिस, 3 दिन में मांगा जवाब

विधानसभा स्पीकर डॉ. सीपी जोशी ने 19 विधायकों को जारी किए नोटिस, 3 दिन में मांगा जवाब

जयपुर: राजस्थान में चल रहे सियासी घटनाक्रम पर एक के बाद एक नया अपडेट आ रहा है. अब विधानसभा स्पीकर डॉ. सीपी जोशी ने कांग्रेस के 19 बागी विधायकों को नोटिस जारी किया है. नोटिस में विधायकों से 3 दिन में जवाब मांगा है. जवाब नहीं देने पर स्पीकर विधायकों को अयोग्य घोषित कर सकते हैं. स्पीकर 3 माह तक समय ले सकते हैं. हालांकि मौजूदा परिस्थितियों के तहत लगता यही है कि स्पीकर जल्द ही निर्णय लेंगे. 

गहलोत मंत्रिमंडल विस्तार पर गंभीर संशय, विस्तार से पहले सरकार को हासिल करना होगा विश्वासमत! 

महेश जोशी ने विधानसभा अध्यक्ष को इसकी सूचना दी:
इससे पहले मुख्य सचेतक महेश जोशी ने विधानसभा अध्यक्ष को इसकी सूचना दी है. अब विधायकों को व्यक्तिगत रूप से सफाई देनी होगी. संतोषजनक उत्तर ना देने पर विधायकों की सदस्यता रद्द हो सकती है. इसके साथ ही ऐसे विधायकों के निर्वाचन क्षेत्र में उपचुनाव के लिए उपयुक्त उम्मीदवार की खोज शुरू होगी. 

मंत्रिमंडल विस्तार पर अभी गंभीर संशय बरकरार: 
दूसरी ओर राजस्थान में लगातार चल रहे सियासी उठापटक के बीच गहलोत मंत्रिमंडल विस्तार पर अभी गंभीर संशय बरकरार है. जानकार सूत्रों ने इसको लेकर संकेत दिए हैं. मंत्रिमंडल विस्तार से पहले सरकार को विश्वासमत हासिल करना होगा. इसके लिए विधानसभा में अपना बहुमत सिद्ध करना होगा. ऐसे में अब संभवत: इसके बाद ही मंत्रिमंडल में फेरबदल हो सकता है. 

गवर्नर के औपचारिक फैसले का इंतजार: 
इसके लिए मंगलवार को गुलाबचंद कटारिया-सतीश पूनिया-राजेंद्र राठौड़ और हनुमान बेनीवाल ने एक स्वर में मांग की थी. गहलोत सरकार को पहले ही बहुमत साबित करना चाहिए और इसके बाद ही मंत्रिमंडल फेरबदल-विस्तार करें. कल पायलट समर्थक विधायकों ने भी ऐसी ही मांग की थी. अब हर किसी को गवर्नर कलराज मिश्र के औपचारिक फैसले का इंतजार है. 

प्रदेश में जल्द होगा मंत्रिमंडल फेरबदल-विस्तार ! दो डिप्टी सीएम बनाए जाने की चर्चा 

गहलोत नाराज विधायकों को साधने में जुट गए: 
दूसरी ओर सचिन पायलट को उप मुख्यमंत्री पद से बर्खास्त करने के बाद अब अशोक गहलोत नाराज विधायकों को साधने में जुट गए हैं. सूत्रों के अनुसार, नए घटनाक्रम में अशोक गहलोत अब 16 जुलाई को मंत्रिमंडल का विस्तार कर सकते हैं. इसमें उन विधायकों को जगह मिल सकती है, जो नाराज हैं. 
 

कांग्रेस के बगावती विधायकों को सदस्यता खत्म करने का नोटिस जारी, 17 जुलाई तक जवाब प्रस्तुत करने की कही बात

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जयपुर: राजस्थान में लगातार सियासी उठापटक जारी है. सचिन पायलट सहित दो मंत्रियों की बर्खास्तगी के बाद अब कांग्रेस पार्टी ने बगावती विधायकों को नोटिस जारी करना शुरू कर दिया है. मुख्य सचेतक महेश जोशी ने विधानसभा अध्यक्ष को इसकी सूचना दी है. अब विधायकों को व्यक्तिगत रूप से सफाई देनी होगी. संतोषजनक उत्तर ना देने पर विधायकों की सदस्यता रद्द हो सकती है. इसके साथ ही ऐसे विधायकों के निर्वाचन क्षेत्र में उपचुनाव के लिए उपयुक्त उम्मीदवार की खोज शुरू होगी. 

प्रदेश में जल्द होगा मंत्रिमंडल फेरबदल-विस्तार ! दो डिप्टी सीएम बनाए जाने की चर्चा 

गजेंद्र सिंह शक्तावत के निवास पर नोटिस चस्पा: 
अब तक मिली जानकारी के अनुसार वल्लभनगर विधायक गजेंद्र सिंह शक्तावत के निवास पर नोटिस चस्पा किया है. यह नोटिस विधानसभा की सदस्यता खत्म करने का है. देर रात एसडीएम संजय शर्मा ने घर के बाहर नोटिस चस्पा किया. नोटिस में 17 जुलाई तक जवाब प्रस्तुत करने की बात कही गई है. वहीं बाकी अन्य विधायकों को नोटिस जारी करना शुरू हो गया है. अब एक के बाद एक बागी विधायकों को नोटिस जारी किया जाएगा. 

जल्द ही मंत्रिमंडल फेरबदल और विस्तार होगा:
सचिन पायलट की बगावत के बाद अब प्रदेश में जल्द ही मंत्रिमंडल फेरबदल और विस्तार होगा. इसी के चलते मुख्यमंत्री गहलोत ने कल रात मंत्रिमंडल और मंत्रिपरिषद की बैठक बुलाई. इसके बाद गहलोत मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चाएं तेज हो गई है. वहीं प्रदेश में अब दो डिप्टी सीएम बनाए जाने की भी चर्चा चल रही है. इसके अलावा सात नए चेहरों को मंत्री बनने का मौका मिल सकता है. इसके साथ ही 10 से 15 संसदीय सचिव भी बनाए जा सकते हैं. हालांकि पायलट की आज पीसी के बाद तस्वी साफ हो सकेगी. इसके बाद आगे के फैसले लिए जाएंगे. 

पीसीसी चीफ बनाए जाने पर बोले डोटासरा, पार्टी ने जो मुझे इज्जत बख्शी है,मैं बहुत आभार व्यक्त करता हूं

बीजेपी के मंसूबे पूरे नहीं हुए:
राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने ट्वीट करते हुए कहा कि राजस्थान में बीजेपी के मंसूबे पूरे नहीं हुए है. उन्होंने कर्नाटक, मध्यप्रदेश में धन-बल के आधार पर जो कुछ भी खेल खेला था. राजस्थान में भी वो लोग वही करना चाहते थे. खुला खेल था....और मैं समझता हूँ कि खुले खेल में वो लोग मात खा गए.
 


 

प्रदेश में जल्द होगा मंत्रिमंडल फेरबदल-विस्तार ! दो डिप्टी सीएम बनाए जाने की चर्चा

प्रदेश में जल्द होगा मंत्रिमंडल फेरबदल-विस्तार ! दो डिप्टी सीएम बनाए जाने की चर्चा

जयपुर: राजस्थान की सियासत में सचिन पायलट की बगावत के बाद अब प्रदेश में जल्द ही मंत्रिमंडल फेरबदल और विस्तार होगा. इसी के चलते मुख्यमंत्री गहलोत ने कल रात मंत्रिमंडल और मंत्रिपरिषद की बैठक बुलाई. इसके बाद गहलोत मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चाएं तेज हो गई है. वहीं प्रदेश में अब दो डिप्टी सीएम बनाए जाने की भी चर्चा चल रही है. इसके अलावा सात नए चेहरों को मंत्री बनने का मौका मिल सकता है. इसके साथ ही 10 से 15 संसदीय सचिव भी बनाए जा सकते हैं. हालांकि पायलट की आज पीसी के बाद तस्वी साफ हो सकेगी. इसके बाद आगे के फैसले लिए जाएंगे. 

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सूत्रों के मुताबिक राजस्थान में मंत्रिपरिषद के नए गठन की तैयारियां शुरू हो गई है. अगले 10-12 दिन में मंत्रिपरिषद का विस्तार की बात सामने आ रही है. सीएम गहलोत मंत्रिपरिषद के नए गठन को अंतिम रूम दे रहे है. वहीं सूत्रों की माने तो मंत्रिपरिषद में शामिल होने वाले नाम तय हो गए है. 

बीजेपी के मंसूबे पूरे नहीं हुए:
राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने ट्वीट करते हुए कहा कि राजस्थान में बीजेपी के मंसूबे पूरे नहीं हुए है. उन्होंने कर्नाटक, मध्यप्रदेश में धन-बल के आधार पर जो कुछ भी खेल खेला था. राजस्थान में भी वो लोग वही करना चाहते थे. खुला खेल था....और मैं समझता हूँ कि खुले खेल में वो लोग मात खा गए.

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राज्यपाल ने की सीएम गहलोत से मुलाकात:
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत राजस्थान के राज्यपाल कलराज मिश्र से मिलने पहुंचे. यहां पर गहलोत मंत्रिमंडल में बदलाव की जानकारी दी. साथ ही विधायकों के समर्थन का पत्र भेजेंगे. खबर यह भी है कि बुधवार को मंत्रिमंडल फेरबदल किया जाएगा. सीएम गहलोत ने राज्यपाल कलराज मिश्र को प्रस्ताव दिया. उन्होंने सचिन पायलट,विश्वेंद्र सिंह और रमेश मीणा को बर्खास्त किए जाने का प्रस्ताव दिया. राज्यपाल कलराज मिश्र ने सीएम के प्रस्ताव को तत्काल प्रभाव से स्वीकृति प्रदान की.


 

अविनाश पांडे ने दिया सचिन पायलट के ट्वीट का जवाब, कहा- आपने भाजपा के साथ मिलकर सत्य को काफी परेशान किया

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जयपुर: राजस्थान में जारी सियासी खींचतान के बीच सचिन पायलट के लिए कांग्रेस के दरवाजे बंद हो गए हैं. इस पर सचिन पायलट ने पहली प्रतिक्रिया देते हुए ट्वीट किया कि सत्य को परेशान किया जा सकता है पराजित नहीं. लेकिन अब सचिन पायलट के बयान पर अविनाश पांडे ने कहा कि सत्य वचन सचिन पायलट आपने भाजपा के साथ मिलकर सत्य को काफी परेशान किया, लेकिन पराजित नहीं कर पाए न आगे कर पाएंगे. सत्यमेव जयते. 

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आ बैल मुझे मार' के रवैये के साथ काम कर रहे थे:
वहीं राज्यपाल से मिलने के बाद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मीडिया से वार्ता करते हुए कहा कि मजबूरी में हाईकमान को फैसला करना पड़ा है. बीजेपी की ओर से लगातार सरकार को कमजोर करने की कोशिश हो रही थी. जिनपर एक्शन लिया गया है वो लगातार 'आ बैल मुझे मार' के रवैये के साथ काम कर रहे थे. क्योंकि काफी लंबे समय से बीजेपी हार्स ट्रेडिंग की कोशिश कर रही थी और हमारे कुछ साथी गुमराह होकर दिल्ली चले गए. लेकिन बीजेपी के मंसूबे पूरे नहीं हुए. अन्य राज्यों की तरह बीजेपी धनबल के आधार पर राजस्थान में भी वहीं करने वाली थी. उन्होंने कहा कि मैं दुखी होते हुए कहता हूं जिस रूप में देश में होर्स ट्रेडिंग हो रही है. इससे पहले भी देश में कई सरकारे आई लेकिन ऐसा पहले कभी नहीं हुआ.  

हमने नाराज विधायकों को पूरा मौका दिया:
सीएम गहलोत ने कहा कि हमने नाराज विधायकों को पूरा मौका दिया इसी के चलते आज एक मौका और दिया गया लेकिन वो फिर भी नहीं आए. उनमे से 8-10 तो आना चाहते थे. हमारे पूर्व अध्यक्ष पायलट के पास वहां पर कुछ नहीं है. वो वहां बीजेपी के हाथों में खेल रहे हैं. वहां पूरी व्यवस्था बीजेपी ने की है. मेरे पास कोई विधायक आया हो चाहे वो किसी भी ग्रुप का हो मैंने सबके काम किए. उनका दिल जानता है मैंने किसी के साथ कोई भेदभाव नहीं किया. 

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भाजपा धनबल से राज्य की दूसरी सरकारों को तोड़-मरोड़ रही: 
पहली बार देश खतरे में आ रहा है. जो सरकार देश में आई है वह धनबल से राज्य की दूसरी सरकारों को तोड़-मरोड़ रही है. सरकारें बदली हैं, राजीव गांधी चुनाव हारे हैं. ये सब कुछ हुआ. पाकिस्तान में ऐसा नहीं होता. पायलट, भाजपा के हाथ में खेल रहे हैं. भाजपा का मैनेजमेंट है, जो मध्यप्रदेश में मैनेज कर रहे थे, वही यहां लगे हैं. आप सोच सकते हैं कि इनका इरादा क्या है?


 

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