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पाकिस्तान के ननकाना साहिब में गुरुद्वारे पर पथराव के खिलाफ दिल्ली में प्रदर्शन

पाकिस्तान के ननकाना साहिब में गुरुद्वारे पर पथराव के खिलाफ दिल्ली में प्रदर्शन

नई दिल्ली: पाकिस्तान में ननकाना साहिब गुरुद्वारा पर शुक्रवार को बड़ा हमला हुआ. भीड़ ने ननकाना साहिब गुरुद्वारे पर पथराव किया. साथ ही ननकाना साहिब गुरुद्वारे का नाम बदलने और सिखों को वहां से भगाने के नारे भी लगाए. वहीं आज इस घटना के खिलाफ दिल्ली में प्रदर्शन किया गया. अकाली दल और दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने विरोध प्रदर्शन किया है. 

भारत ने पाकिस्तान स्थित ननकाना साहिब गुरुद्वारा पर हमले और तोड़फोड़ की कड़ी निंदा की है. साथ ही पाकिस्तान से सिख समुदाय की सुरक्षा के लिए जल्द से जल्द कदम उठाने को कहा है. विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा, 'हम ननकाना साहिब गुरुद्वारे पर हमले और तोड़फोड़ की घटना से चिंतित हैं. बता दें कि भीड़ का नेतृत्व पिछले साल ननकाना साहिब की एक सिख लड़की जगजीत कौर को अगवा करने और जबरन धर्मांतरण कर निकाह करने के आरोपी मोहम्मद हसन का परिवार कर रहा था. मोहम्मद हसन के भाई ने कहा कि सिखों ने जगजीत कौर को वापस भेजने के लिए दवाब डाला, लेकिन यह कभी नहीं होगा, क्योंकि वह अब मुस्लिम बन चुकी है. 

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गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री केशुभाई पटेल का निधन, 92 साल की उम्र में ली अंतिम सांस

गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री केशुभाई पटेल का निधन, 92 साल की उम्र में ली अंतिम सांस

अहमदाबाद: गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री और राज्य के दिग्गज नेता केशुभाई पटेल का आज निधन हो गया है. गुरुवार सुबह सांस लेने में तकलीफ होने के बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्होंने अंतिम सांस ली. केशुभाई पटेल की उम्र 92 साल थी. केशुभाई पटेल ने साल 2014 में राजनीति से सन्यास की घोषणा की थी. बीते महीने केशुभाई कोरोना पॉजिटिव पाए गए थे. केशुभाई हाल ही में सोमनाथ मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष बनाए गए थे.

दो बार गुजरात का सीएम पद संभाला था: 
केशु भाई पटेल ने दो बार गुजरात का सीएम पद संभाला था. उन्होंने पहली बार साल 1995 में गुजरात का सीएम पद संभाला था. इसके बाद वह 1998 से साल 2001 तक दूसरी बार मुख्यमंत्री पद पर काबिज हुए. वह छह बार राज्य में विधानसभा चुनाव जीते. केशु भाई पटेल ने साल 2012 में बीजेपी छोड़ दी थी और अपनी नई पार्टी 'गुजरात परिवर्तन पार्टी' बनाई थी.

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जनसंघ के संस्थापक सदस्यों में से एक थे:
1960 के करीब अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत जनसंघ से करने वाले पटेल इसके संस्थापक सदस्यों में से एक थे. साल 1975 में जनसंघ-कांग्रेस ओ की गठबंधन वाली सरकार चुनी गई थी. इमरजेंसी के बाद लोकसभा पहुंचे पटेल ने इस्तीफा देकर साल 1978 से 1980 तक बाबूभाई पटेल की सरकार में कृषि मंत्री थे.

सांस लेने में तकलीफ के बाद जब उन्हें अस्पताल ले जाया गया:
केशुभाई पटेल के बेटे के मुताबिक, कोरोना को मात देने के बाद भी उनकी तबीयत लगातार बिगड़ती जा रही थी. लेकिन गुरुवार सुबह सांस लेने में तकलीफ के बाद जब उन्हें अस्पताल ले जाया गया, तब इलाज में उन्होंने कोई रिस्पॉन्ड नहीं किया था.

NIA ने 6 NGO और ट्रस्ट पर की छापेमारी, आतंकवाद के लिए फंड सप्लाई करने का है आरोप

NIA ने 6 NGO और ट्रस्ट पर  की छापेमारी, आतंकवाद के लिए फंड सप्लाई करने का है आरोप

श्रीनगर: राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) ने धर्मार्थ कार्यों के वास्ते जुटाए गए धन को ट्रस्ट और एनजीओ द्वारा जम्मू कश्मीर में  अलगाववादी गतिविधियों में इस्तेमाल करने के एक मामले में कश्मीर घाटी में नौ और दिल्ली में एक स्थान पर छापे मारे है. इतना ही नहीं एनआईए  के एक बयान में कहा गया है कि छापेमारी के दौरान दोष साबित करने वाले कई दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए गए हैं. 

बयान के मुताबिक जिन संगठनों के ठिकाने पर छापेमारी की कार्रवाई की गई उनमें दिल्ली का धर्माथ संगठन फलाह-ए-आम ट्रस्ट, ह्यूमन वेलफेयर फाउंडेशन, जेके यतीम फाउंडेशन, साल्वेशन मूवमेंट और जेके वॉइस ऑफ विक्टिम्स शामिल हैं. अधिकारियों ने बताया कि इन गैर सरकारी संगठनों (एनजीओ) और ट्रस्ट के खिलाफ विश्वसनीय सूचना मिलने के बाद आठ अक्टूबर को भारतीय दंड संहिता और यूएपीए की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था. 

उन्होंने छापेमारी की जानकारी देते हुए बताया है कि हमें सूचना मिली थी कि ये संगठन तथाकथित दान और कारोबारी योगदान के माध्यम से देश और विदेश से चंदा एकत्र करते हैं और उसका इस्तेमाल जम्मू-कश्मीर में आतंकवादी गतिविधियों के वित्तपोषण में करते हैं. जिसके बाद हमने अपना ऑपरेशन शुरु किया और सभी आरोपियों को रंगे हाथों पकड़ा भी है. फिलहाल मामला की बारिकी से जांच की जा रही है. (सोर्स-भाषा)

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देश के हर एक नागरिक के लिए उपलब्ध होगी कोरोना वैक्सीन, कोई भी छूट नहीं पाएगा - पीएम मोदी

देश के हर एक नागरिक के लिए उपलब्ध होगी कोरोना वैक्सीन, कोई भी छूट नहीं पाएगा - पीएम मोदी

नई दिल्ली: इस समय देश और दुनिया पर कोरोना वायरस का संकट बरकरार है. भारत में भी कोरोना के मामले 80 लाख होने के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बड़ा बयान दिया है. उनका कहना है कि जब भारत में कोविड वैक्सीन उपलब्ध होगी, तो हर नागरिक को वैक्सीन दी जाएगी, कोई भी छूट नहीं पाएगा.

हर किसी को वैक्सीन दी जाएगी:
उन्होंने कोरोना वैक्सीन टीकाकरण को लेकर अपनी सरकार की तैयारियों की जानकारी देते हुए कहा कि देश के आखिरी छोर पर मौजूद व्यक्ति तक वैक्सीन पहुंचाने की लिए प्लान तैयार किया जा रहा है. कोरोना वैक्सीन के स्टोरेज के टीकाकरण के लिए कोल्ड चेन पर काम चल रहा है. पीएम मोदी ने एक अंग्रेजी अखबार को दिए इंटरव्यू में कोरोना वैक्सीन को लेकर चर्चा करते हुए कहा कि मैं देश को आश्वस्त कराना चाहता हूं कि जैसे ही देश में वैक्सीन उपलब्ध होगी, हर किसी को वैक्सीन दी जाएगी. किसी को छोड़ा नहीं जाएगा. 

सरकार हेल्थ स्कीम के तहत यह टीकाकरण अभियान चला सकती है:
हर देशवासी के टीकाकरण के पीएम मोदी के इस आश्वसन से कोरोना वैक्सीन के फ्री टीकाकरण की खबरों को फिर बल मिल गया है. ऐसे में अब यह माना जा रहा है कि सरकार हेल्थ स्कीम के तहत यह टीकाकरण अभियान चला सकती है. इंटरव्यू में उन्होंने यहा भी कहा कि इस टीकाकरण अभियान के शुरुआत में कोरोना के खतरे के सबसे नजदीक मौजूद लोगों को शामिल किया जाएगा. इसमें कोरोना से जंग लड़ रहे फ्रंटलाइन वर्कर्स शामिल होंगे. 

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अनलॉक की प्रक्रिया में जाने की टाइमिंग पूरी तरह से सही थी:
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना संकट को लेकर कहा कि भारत में सरकार के वक्त पर लिए गए फैसलों और लोगों की मदद से काफी जान बच पाई हैं, लॉकडाउन लगाने और फिर अनलॉक की प्रक्रिया में जाने की टाइमिंग पूरी तरह से सही थी. इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस का संकट अभी भी बरकरार है, ऐसे में लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए. त्योहार के दिनों में लोगों को अधिक सतर्क रहना चाहिए, ये मौका किसी भी तरह की ढील देने का नहीं है. 

बिहार में मुफ्त वैक्सीन उपलब्ध कराने के वादे पर हुआ था विवाद: 
बता दें कि हाल ही में बीजेपी ने बिहार चुनाव में अपने घोषणापत्र में ऐलान किया था कि सत्ता में आने पर सभी बिहारवासियों को मुफ्त में कोविड वैक्सीन उपलब्ध कराएगी. जिसके बाद राजनीतिक दलों ने सरकार की कोविड वैक्सीन प्लान पर निशाना साधते हुए कई तरह के सवाल खड़े किए थे. हालांकि, बीजेपी ने इस पर सफाई देते हुए कहा था कि भारत सरकार की ओर से जिस तरह राज्य सरकार को वैक्सीन दी जाएगी, उसके बाद बीजेपी की सरकार राज्य सरकार के स्तर पर लोगों के लिए मुफ्त उपलब्ध कराएगी. 


 

हत्या के आरोपी ने पुलिस थाने के शौचालय में बेल्ट से फांसी लगाकर की आत्महत्या

हत्या के आरोपी ने पुलिस थाने के शौचालय में बेल्ट से फांसी लगाकर की आत्महत्या

रायपुर: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के पुलिस थाने से अजीबो-गरीब मामला देखने को मिला है, जहां हत्या के आरोपी युवक ने कथित तौर पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है. रायपुर जिले के पुलिस अधिकारियों ने  बताया कि शहर के पंडरी थाने के शौचालय में हत्या के आरोपी युवक अश्वनी मानिकपुरी (20) ने बेल्ट से फांंसी लगाकर आत्महत्या कर ली है. उन्होंने बताया कि मानिकपुरी के थाने में कथित आत्महत्या करने के बाद ड्यूटी पर तैनात उप निरीक्षक समेत चार पुलिसकर्मियों को पुलिस लाइन में अटैच कर दिया गया है. 

अधिकारियों ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि रायपुर के चंद्रशेखर नगर निवासी मानिकपुरी और चार अन्य युवकों को पंडरी क्षेत्र के निवासी अमित गाइन की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया गया था. युवकों पर आरोप है कि उन्होंने इस महीने की 25 तारीख को गाइन को चाकू मारकर घायल कर दिया था. बाद में गाइन की इलाज के दौरान अस्पताल में मौत हो गई थी. उन्होंने बताया कि गाइन की हत्या के आरोप में बुधवार दोपहर करीब तीन बजे पुलिस ने मानिकपुरी को गिरफ्तार किया था. 

जिसके बाद करीब चार बजे मानिकपुरी शौचालय गया और वहां से काफी देर तक शौचालय का दरवाजा नहीं खुला तब वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने दरवाजा तोड़ा और भीतर प्रवेश किया, तब देखा कि मानिकपुरी रौशनदान से बेल्ट के सहारे फांसी पर लटका हुआ है. पुलिस अधिकारियों ने बताया कि वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने मानिकपुरी को तत्काल अस्पताल पहुंचाया जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया है.

उन्होंने बताया कि घटना के दौरान थाने में मौजूद उपनिरीक्षक खेलन सिंह साहू, प्रधान आरक्षक देवधर जंघेल, आरक्षक नंदकिशोर गुप्ता और मनजीत केरकेट्टा को पुलिस लाइन में अटैच कर दिया गया है.  साथ ही शव को पोस्टमार्टम  के लिए भेजा जा चुका है और जल्दी ही परिजनों के सुपुर्द कर दिया जाएगा. (सोर्स-भाषा)

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निकिता मर्डर केसः हरियाणा के गृह मंत्री ने कहा- मुख्य आरोपी के कांग्रेस नेताओं से संबंध

निकिता मर्डर केसः हरियाणा के गृह मंत्री ने कहा- मुख्य आरोपी के कांग्रेस नेताओं से संबंध

चंडीगढ़: हरियाणा के गृहमंत्री अनिल विज ने बुधवार को दावा किया कि बल्लभगढ़ में कॉलेज छात्रा की हत्या के मामले के मुख्य आरोपी के राज्य में कांग्रेस के कुछ नेताओं से संबंध हैं और उनकी ओर से दबाव के चलते ही पीड़ित परिवार ने व्यक्ति के खिलाफ पूर्व में एक शिकायत वापस ले ली थी. इससे संबंधित घटनाक्रम में छात्रा निकिता (21) की हत्या के सिलसिले में गठित तीन सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) ने बुधवार को अपनी जांच शुरू की और फरीदाबाद के बल्लभगढ़ में पीड़ित परिवार के सदस्यों से मुलाकात की.

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एसआईटी टीम ने पीड़िता के घर का किया दौराः
सहायक पुलिस आयुक्त (अपराध) अनिल कुमार के नेतृत्व वाली एसआईटी ने बल्लभगढ़ में सोहना रोड स्थित पीड़िता के घर का दौरा किया और उसके अभिभावकों से कुछ मिनट बात की. यह जानकारी छात्रा के पिता ने संवाददाताओं को दी. पुलिस ने दो व्यक्तियों- मुख्य आरोपी तौसीफ और रेहान- को छात्रा की बल्लभगढ़ स्थित उसके कॉलेज के बाहर कथित रूप से हत्या करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है. इस घटना को लेकर विरोध प्रदर्शन किये गए थे तथा छात्रों एवं स्थानीय लोगों ने सोहना रोड को बाधित कर दिया था.

मुख्य आरोपी के हरियाणा के कुछ कांग्रेसी नेताओं से संबंधः
विज ने अंबाला में संवाददाताओं को बताया कि एसआईटी 2018 से घटनाक्रमों की भी जांच करेगी जिनके बाद यह हत्या की गई. उन्होंने कहा कि बल्लभगढ़ में 21 वर्षीय कॉलेज छात्रा की हत्या के मुख्य आरोपी के हरियाणा के कुछ कांग्रेसी नेताओं से संबंध हैं और उन्हीं के दबाव में पीड़ित परिवार ने 2018 में उस व्यक्ति के खिलाफ दर्ज की गई पहले की शिकायत वापस ले ली थी.

धर्मपरिवर्तन के लिए दबाव बनाने की भी जांच करेगी एसआईटीः
विज ने कहा कि एसआईटी 2018 से लेकर घटनाओं की जांच करेगी. यह जांच की जाएगी कि लड़की के माता-पिता को किन परिस्थितियों में अपनी शिकायत वापस लेने के लिए एक हलफनामा देने को मजबूर होना पड़ा. मंत्री ने कहा कि इस बात की भी जांच की जाएगी कि निकिता पर धर्मपरिवर्तन के लिए दबाव क्यों बनाया जा रहा था, बावजूद इसके कि उसने इनकार किया था. 

विज ने कहा- राज्य में इस तरह की दादागिरी नहीं होने दूंगाः 
आरोपी ने जिस तरह से छात्रा को उसके कॉलेज के बाहर दिन-दहाड़े गोली मारी उस पर टिप्पणी करते हुए विज ने कहा कि मैं राज्य में इस तरह की ‘दादागिरी’ नहीं होने दूंगा. आरोपियों को कानून के अनुसार दंडित किया जाएगा. बी.कॉम अंतिम वर्ष की छात्रा निकिता, सोमवार दोपहर में एक परीक्षा में शामिल होने के बाद अपने कॉलेज से बाहर निकली थी, तभी यह घटना हुई थी.

पीड़ित परिवार ने दो साल पहले भी की थी आरोपी की शिकायतः
छात्रा की मां ने बुधवार को अपने निवास पर संवाददाताओं को बताया कि मुख्य आरोपी ने दो साल पहले उसकी बेटियों को परेशान किया था और उससे शादी करने के वास्ते इस्लाम अपनाने के लिए दबाव डाला था जिससे उसने इनकार कर दिया था. छात्रा के परिवार ने दो साल पहले मुख्य आरोपी के खिलाफ कथित रूप से उसे परेशान करने के लिए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी. हालांकि, शिकायत वापस ले ली गई थी क्योंकि आरोपी के रिश्तेदारों ने छात्रा के परिवार के सदस्यों को आश्वासन दिया था कि तौसीफ सुधर जाएगा और छात्रा को परेशान नहीं करेगा.

पीड़ित परिवार ने की मुख्य आरोपी के लिए मृत्युदंड की मांगः
छात्रा की मां ने अपने आंसू किसी तरह रोकते हुए कहा कि उसके बाद, हमारे और आरोपी या उसके परिवार के बीच कोई संपर्क नहीं था. निकिता नियमित रूप से अपने कॉलेज जा रही थी. वह एक होनहार छात्रा थी, उसने अपने कॉलेज में अच्छे अंक प्राप्त किए थे. उसने कक्षा 10वीं और कक्षा 12वीं में बहुत अच्छे अंक प्राप्त किए थे. उसे इस तरह से खोने से हमें झटका लगा है. पीड़ित परिवार ने मुख्य आरोपी के लिए मृत्युदंड की मांग की है. इस बीच, हरियाणा राज्य महिला आयोग की सदस्य रेणु भाटिया ने बुधवार को बल्लभगढ़ में पीड़ित परिवार से मुलाकात की. उन्होंने कहा कि मैंने उन्हें आश्वासन दिया है कि उन्हें हमसे जो भी सहायता की आवश्यकता होगी, हम वह देने के लिए तैयार हैं.
सोर्स भाषा

बिहार विधानसभा चुनावः पहले चरण में 71 सीटों पर कुल 53.54 प्रतिशत मतदान

बिहार विधानसभा चुनावः पहले चरण में 71 सीटों पर कुल 53.54 प्रतिशत मतदान

पटनाः बिहार विधानसभा चुनाव के प्रथम चरण में 16 जिलों के 71 विधानसभा क्षेत्रों में बुधवार को शाम छह बजे तक 53.54 प्रतिशत मतदान हुआ . मुख्य निर्वाचन अधिकारी एच आर श्रीनिवास ने बुधवार की देर शाम पत्रकारों को बताया कि बिहार विधानसभा चुनाव के प्रथम चरण के अन्तर्गत 71 विधानसभा क्षेत्रों में अनुमानित 53.54 प्रतिशत निर्वाचकों ने वोट डाला. उन्होंने बताया कि 2015 में विगत विधानसभा चुनाव में मतदान का प्रतिशत 54.75 रहा था.

बिहार के 16 जिलों-भागलपुर, बांका, मुंगेर, लखीसराय, शेखपुरा, पटना, भोजपुर, बक्सर, कैमूर, रोहतास, अरवल, जहानाबाद, औरंगाबाद, गया, नवादा और जमुई के जिन 71 निर्वाचन क्षेत्रों में बुधवार को मतदान संपन्न हुआ उनमें कहलगांव, सुल्तानगंज, अमरपुर, धौरैया (अ.जा), बॉँका, कटोरिया (अ.ज.जा.), बेलहर, तारापुर, मुंगेर, जमालपुर, सूर्यगढ़ा, लखीसराय, बरबीघा, मोकामा, बाढ़, मसौढ़ी (अ.जा.), पालीगंज, बिक्रम, संदेश, बड़हरा, आरा, अगिऑव (अ.जा.), तरारी, जगदीशपुर, शाहपुर, ब्रहमपुर, बक्सर, डुमरॉव, राजपुर (अ.जा), रामगढ़, मोहनिया (अ.जा.), भभुआ, चैनपुर, चेनारी (अ.जा.), सासाराम, करगहर, दिनारा, नोखा, डिहरी, काराकाट, अरवल, कूर्था, जहानाबाद, घोसी, मखदुमपुर (अ.जा.), गोह, ओबरा, नवीनगर, कृटुम्बा (अजा.), औरंगाबाद, रफीगंज, गुरूआ, शेरघाटी, इमामगंज (अ.जा.), बाराचटटी (अ.जा.), बोध गया (अ.जा.),गया टाउन, टिकारी, बेलागंज, अतरी, वजीरगंज, रजौली (अ.जा.), हिसुआ, नवादा, गोबिन्दपुर, वारसलीगंज, सिकन्दरा (अ.जा.), जमुई, झाझा एवं चकाई शामिल थे.

इस अवसर पर मौजूद अपर पुलिस महानिदेशक जितेंद्र कुमार ने बताया कि गया टाउन के भाजपा प्रत्याशी प्रेम कुमार (निवर्तमान कृषि मंत्री) के एक मतदान केंद्र पर पार्टी के निशान की तस्वीर वाला मास्क लगाए और गमझा ओढे एक मतदान केंद्र पर जाने की शिकायत मिलने पर उनके खिलाफ गया जिले के कोतवाली थाना में प्राथमिकी दर्ज की गयी है . इससे पूर्व प्रेम कुमार ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान बताया था कि उन्होंने जानबूझकर ऐसा नहीं किया बल्कि अनजाने में उनसे यह गलती हो गई. उन्होंने कहा, कि मेरी ऐसी कोई मंशा नहीं थी और मुझे किसी ने इस तरफ ध्यान भी नहीं दिलाया. अधिक व्यस्तता के कारण भाजपा के चुनाव चिन्ह की तस्वीर वाला मास्क पहनकर के मैं वोट देने चला गया था. जितेंद्र ने आज के मतदान को शांतिपूर्ण बताते हुए कहा कि अबतक प्राप्त सूचना के अनुसार कुल 159 लोगों को हिरासत में लिया गया है. उन्होंने कहा कि 71 विधानसभा क्षेत्रों में आज मतदान के लिए कूल 31371 मतदान केन्द्र 16730 भवनों में थे, जिनमें से 2856 भवन नक्सल प्रभावित क्षेत्र में थे.

बिहार विधानसभा के प्रथम चरण के चुनाव में कुल सामान्य निर्वाचकों की संख्या 2,14,06,096 थी जिसमें पुरूषों की संख्या 1,12,76,396, महिलाओं की संख्या 1,01,29101 तथा थर्ड जेंडर की संख्या 599 थी. प्रथम चरण में सेवा निर्वाचकों की कुल संख्या 78,691 थी जिसमें पुरूषों की संख्या 75,358 तथा महिलाओं की संख्या 3333 थी. श्रीनिवास ने बताया कि प्रथम चरण के निर्वाचन में रिसर्व सहित कुल 38,026 कंट्रोल यूनिट, 51,201 बैलेट यूनिट तथा वीवीपैट का उपयोग हुआ है, जिसमें 111 कंट्रोल यूनिट, 90 बैलेट यूनिट तथा 215 वीवीपैट मॉक पोल के दौरान बदले गये हैं. मॉक पोल के उपरांत 77 कंट्रोल यूनिट, 92 बैलेट यूनिट तथा 403 वीवीपैट बदले गये.

उन्होंने प्रथम चरण का चुनाव निष्पक्ष रूप से संपन्न कराए जाने के लिए 35 सामान्य प्रेक्षकों की, अभ्यर्थी व्यय अनुश्रवण के लिए 21 प्रेक्षकों, 11 पुलिस प्रेक्षकों एवं 2123 माइक्रो प्रेक्षकों की तैनाती किए जाने के साथ 1708 वीडियो कैमरों का उपयोग किया गया. निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान के लिए सभी मतदान केंद्रों पर अर्द्धसैनिक बलों के जवानों की तैनाती किए जाने के साथ कुल 31,380 मतदान केन्द्रों के लिए 31,380-31,380 सेट इवीएम एवं वीवीपैट का प्रबंध किया गया था.
कोविड-19 को लेकर चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार मतदान कर्मियों द्वारा इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम)की स्वच्छता, मास्क पहनना, थर्मल स्कैनिंग, सेनिटाइजर और साबुन और पानी की उपलब्धता सुनिश्चित किए जाने के साथ और अन्य सुरक्षात्मक मापदंडों का पालन सुनिश्चत कराया गया. 
आज जिन विधानसभा क्षेत्रों में मतदान हुआ उनमें से 35 संवेदनशील अथवा अति संवेदनशील थे. इन विधानसभा क्षेत्रों में से चैनपुर, नबीनगर, कुटुम्बा एवं रफीगंज में तीन बजे, कटोरिया, बेलहर, तारापुर, मुंगेर, जमालपुर, सूर्यगढा, मसौढ़ी, पालीगंज, चेनारी, सासाराम, काराकाट, गोह, ओबरा, औरंगाबाद, गुरूआ, शेरघाटी, इमामगंज, बाराचट्टी, बोधगया, टिकारी, रजौली, गोबिंदपुर, सिकंदरा, जमुई, झाझा एवं चकाई में मतदान चार बजे, अरवल, कुर्था, जहानाबाद, घोषी एवं मखदूमपुर में शाम पांच बजे ही मतदान समाप्त हो गया था जबकि बाकी अन्य विधानसभा क्षेत्रों शाम छह बजे तक मतदान संपन्न हुआ .
प्रथम चरण के 71 विधान सभा सीटों में क्षेत्रफल के हिसाब से सबसे बड़ा विधानसभा क्षेत्र चैनपुर थी, मतदातावार सबसे बड़ा विधान सभा क्षेत्र हिलसा था तथा मतदातावार ही सबसे छोटा क्षेत्र बरबीघा था. इसी तरह प्रथम चरण में गया टाउन विधान सभा क्षेत्र से इस बार सबसे ज्यादा प्रत्याशी (27) तथा कटोरिया से सबसे कम प्रत्याशी (5) मैदान में थे. बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण के इस चुनाव में भाग्य आजमा रहे कुल 1,066 उम्मीदवारों जिनमें 114 महिला प्रत्याशी शामिल हैं, के किस्मत का फैसला आज इवीएम में कैद हो गया.

प्रमुख राजनीतिक दलों में, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जदयू इन 71 सीटों में से 35 पर अपने उम्मीदवार चुनावी मैदान में उतारे थे उसके बाद सहयोगी भाजपा ने 29 सीट पर जबकि विपक्षी राजद ने 42 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे थे और 20 विधानसभा क्षेत्रों में उसके गठबंधन सहयोगी कांग्रेस ने अपने उम्मीदवार उतारे थे. राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) में शामिल जदयू से नाता तोड़कर लोक जनशक्ति पार्टी के प्रमुख और दिवंगत केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान के पुत्र चिराग पासवान इन 71 सीटों में से 41 सीटों पर चुनाव लड़ रहे थे. वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी में आस्था व्यक्त करते हैं पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के खिलाफ मुखर रहे हैं.
प्रमुख उम्मीदवारों जिनके भाग्य का फैसला आज इवीएम में कैद हो गया उनमें राष्ट्रमंडल खेल में निशानेबाजी में स्वर्ण पदक विजेता श्रेयसी सिंह शामिल हैं, जो 27 साल की उम्र में जमुई से भाजपा उम्मीदवार के रूप में अपना भाग्य आजमा रही थी. श्रेयसी सिंह को राजद के विजय प्रकाश यादव के खिलाफ खड़ा किया गया था, जो मौजूदा विधायक हैं, जिनके बड़े भाई जयप्रकाश नारायण यादव पूर्व केंद्रीय मंत्री और पार्टी सुप्रीमो लालू प्रसाद के करीबी सहयोगी हैं. राज्य मंत्रिमंडल में शामिल प्रेम कुमार (गया टाउन), विजय कुमार सिन्हा (लखीसराय), राम नारायण मंडल (बांका), कृष्णनंदन प्रसाद वर्मा (जहानाबाद), जयकुमार सिंह (दिनारा) और संतोष कुमार निराला (राजपुर) से पहले चरण के चुनाव में भाग्य इवीएम में आज कैद हो गया. इनमें से वर्मा, सिंह और निराला जदयू के हैं, जबकि शेष भाजपा के हैं. गया जिले की आरक्षित इमामगंज सीट जो औरंगाबाद लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आती है, से पूर्व मुख्यमंत्री और हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा के अध्यक्ष जीतन राम मांझी, जो राजग के उम्मीदवार और निवर्तमान विधायक हैं का एक बार फिर राजद उम्मीदवार और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष उदय नारायण चौधरी के बीच प्रमुख रूप से टक्कर थी.
सोर्स भाषा

Covid-19: स्वस्थ होने की बढ़ती दर और मरीजों की घटती संख्या को लेकर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने कही ये बात

Covid-19: स्वस्थ होने की बढ़ती दर और मरीजों की घटती संख्या को लेकर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने कही ये बात

नयी दिल्ली: केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने बुधवार को कहा कि देश में कोविड-19 से लोगों के स्वस्थ होने की लगातार बढ़ रही दर और संक्रमण का इलाज करा रहे मरीजों की घटती संख्या ने संक्रमण की रोकथाम रणनीति की सफलता को साबित किया है. स्वास्थ्य मंत्रालय की एक विज्ञप्ति के अनुसार हर्षवर्धन ने भटिंडा में रेडियोडायग्नोस्टिक सुविधाओं और एक एमबीबीएस छात्रावास का उद्घाटन करने के बाद सभी कोरोना योद्धाओं के समर्पित प्रयासों के प्रति आभार जताया और इस दौरान लोगों की जान बचाते हुए खुद को न्योछावर कर देने वालों के प्रति संवेदना भी प्रकट की.

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हर्षवर्धन ने कहा-अब कोविड-19 संबंधी मानदंड उत्साहजनक प्रगति प्रदर्शित कर रहेः
विज्ञप्ति में हर्षवर्धन के हवाले से कहा गया कि पिछले दस महीने से भारत संक्रामक बीमारी से लगातार जूझ रहा है और अब कोविड-19 संबंधी मानदंड उत्साहजनक प्रगति प्रदर्शित कर रहे हैं. लगातार रोगियों के स्वस्थ होने की बढ़ती दर तथा उपचाराधीन मरीजों की कम होती संख्या से कोविड-19 पर रोकथाम की रणनीति की सफलता साबित हुई है.

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने कहा-हमने सफलतापूर्वक अपनी जांच क्षमता बढ़ाईः
हर्षवर्धन ने कहा कि हमने सफलतापूर्वक अपनी जांच क्षमता बढ़ाई है. पहले जहां एक दिन में कुछ हजार परीक्षण हो पाते थे, आज हम रोजाना दस लाख से अधिक जांच कर रहे हैं. स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि एम्स, भटिंडा में 750 बिस्तर की क्षमता होगी और आपातकालीन तथा ट्रोमा रोगियों के लिए बिस्तर, आयुष के तहत बिस्तर, निजी बिस्तर और आईसीयू एवं सुपर स्पेशियलिटी बिस्तर भी होंगे.
सोर्स भाषा

Bihar Election: प्रायोजित रावण वध पर राहुल के बयान पर भाजपा का पलटवार, कहा- ये उनकी राजनीतिक औकात दर्शाता है 

Bihar Election: प्रायोजित रावण वध पर राहुल के बयान पर भाजपा का पलटवार, कहा- ये उनकी राजनीतिक औकात दर्शाता है 

पटनाः भाजपा ने राहुल गांधी के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला जलाये जाने संबंधी बयान पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए बुधवार को कहा कि प्रायोजित रावण वध पर ऐसा बयान कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष की राजनीतिक औकात और उनके स्तर को दर्शाता है जिसे कोई भी गंभीरता से नहीं लेता.

प्रसाद ने कहा- पंजाब ही नहीं, बल्कि पूरा देश करता है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सम्मानः
केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने संवाददाताओं से कहा कि देश के एक युवराज (राहुल गांधी) इन दिनों बिहार में घूम रहे हैं और उन्होंने बयान दिया है कि दशहरा पर मोदी और कुछ कारपोरेट लोगों के पुतले जलाये गए. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी का यही स्तर रह गया है. पंजाब में उनकी सरकार है और उनकी राजनीति है. भाजपा नेता ने जोर देकर कहा कि पंजाब ही नहीं, बल्कि पूरा देश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सम्मान करता है और कोरोना काल में जिस तरह से लोगों को 5-5 किलो चावल और गेहूं तथा एक किलो दाल मिली, उसकी सभी ने प्रशंसा की.

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प्रसाद ने कहा ने कहा- उनका यह बयान दर्शाता है कि राहुल गांधी कितने हताश और निराश हो गएः
प्रसाद ने कहा ने कहा कि एक प्रायोजित रावण वध पर राहुल गांधी किस तरह का बयान दे रहे हैं. राहुल गांधी की राजनीतिक औकात इतनी भी नहीं बची कि कोई उन्हें गंभीरता से ले. उन्होंने कहा कि एक प्रमुख राजनीतिक दल के नेता का यही बोलने का स्तर रह गया है और यह दिखाता है कि कांग्रेस पार्टी और राहुल गांधी कितने हताश और निराश हो गए हैं. केंद्रीय मंत्री ने कहा कि राहुल गांधी, नरेंद्र मोदी के बारे में इस तरह की बातें बोलते रहे और जिस निम्न स्तर पर उन्होंने अपनी पार्टी को पहुंचा दिया है, उसका 10 नवंबर को बिहार चुनाव परिणाम में भी पता चल जायेगा.

राहुल गांधी ने चुनावी रैलियों में कहा था कि पंजाब में दशहरे पर प्रधानमंत्री और अंबानी, अडाणी के पुतले जलाएः
गौरतलब है कि राहुल गांधी ने हाल ही में बने कृषि कानूनों का मुद्दा उठाते हुए बाल्मिकीनगर और दरभंगा में चुनावी रैलियों में कथित तौर पर कहा कि आमतौर पर दशहरे में रावण, कुंभकर्ण, मेघनाद के पुतले जलाए जाते हैं, लेकिन पंजाब में इस बार प्रधानमंत्री और अंबानी, अडाणी के पुतले जलाए गए.  उन्होंने कहा कि इस बार पूरे पंजाब में दशहरे पर रावण नहीं, नरेंद्र मोदी, अंबानी और अडाणी का पुतला जलाया गया. राहुल ने कहा कि ये दुख की बात है, लेकिन ऐसा इसलिए हो रहा है क्योंकि किसान परेशान हैं. बिहार विधानसभा चुनाव के लिये प्रथम चरण के मतदान का जिक्र करते हुए प्रसाद ने कहा कि जिस तरह उत्साह से लोगों ने वोट डाला, नरेंद्र मोदी की सभा में जिस तरह भीड़ उमड़ी और जिस प्रमाणिकता से प्रधानमंत्री ने नीतीश कुमार के फिर मुख्यमंत्री बनने की घोषणा की, उससे राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की चट्टानी एकता स्पष्ट होती है.

प्रसाद ने कहा- बड़े बहुमत से बिहार चुनाव में निर्णायक जीत हासिल करने जा रहा है राजगः
रविशंकर प्रसाद ने कहा कि राजग बड़े बहुमत से बिहार चुनाव में निर्णायक जीत हासिल करने जा रहा है.  उन्होंने कहा कि बिहार की जनता ने प्रथम चरण में जिस तरह से मतदान किया, उससे स्पष्ट होता है कि राज्य के लोग शांति, विकास और स्थायित्व चाहते हैं. भाजपा नेता ने कहा कि कोरोना काल में शांतिपूर्ण ढंग से मतदान पूरा होने पर चुनाव आयोग बधाई के पात्र हैं.
सोर्स भाषा