पुलवामा हमले के बाद डरे कश्मीरी नेता, सरकार से की सुरक्षा की मांग

FirstIndia Correspondent Published Date 2019/02/17 11:38

नई दिल्ली। पुलवामा में हुए आतंकी हमले में सेना के 40 जवान शहीद हो गए। इसके बाद देश में आक्रोश का माहौल है इसे लेकर कश्मीरी नेताओं ने देश के विभिन्न हिस्सों में रहकर पढ़ाई कर रहे कश्मीरी छात्रों की सुरक्षा की चिंता जाहिर की है। इस बाबत कश्मीरी नेताओं ने केंद्र सरकार से उनकी सुरक्षा की मांग की है। 

आपको बतादें, समाचार एजेंसी भाषा के मुताबिक उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में पढ़ाई कर रहे कुछ कश्मीरी युवाओं ने आरोप लगाया है कि उनको परेशान किया जा रहा है। कश्मीर युवाओं ने कहा कि मकान मालिक अपने घरों पर हमला होने की आशंका में उनसे घर खाली करने को कह रहे हैं।
वहीं जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने कहा कि हमें शरारती तत्वों को पुलवामा हमले का इस्तेमाल लोगों को सताने या परेशान करने के बहाने के रूप में करने की अनुमति नहीं देनी चाहिए। महबूबा ने ट्वीट कर कहा कि हमें लोगों को हमारे आंसुओं का इस्तेमाल करने देने के बजाय एकजुट होने की जरूरत है।

दर्द और आक्रोश के इस वक्त में, हमें बांटने की कोशिशें होंगी। मज़हबों और पहचानों को एक दूसरे के खिलाफ खड़ा किया जाएगा. हिन्दू बनाम मुस्लिम, जम्मू बनाम कश्मीर. हमारे दर्द को इस तरह की शैतानी योजनाओं को कामयाब होने में इस्तेमाल नहीं होने देना चाहिए।  उन्होंने अपने ट्वीट में एक अफ्रीकी लोकोक्ति का जिक्र करते हुए कहा कि कुल्हाड़ी भूल जाती है लेकिन पेड़ को याद रहता है’। इसका मतलब है कि जिस पर बीतती है वो ही उस तकलीफ को याद रखता है।

हरियाणा में अंबाला की एक ग्राम पंचायत ने पुलवामा हमले के विरोध में ग्रामीणों से किराये पर रह रहे कश्मीरी छात्रों से 24 घंटे के अंदर मकान खाली करवाने को कहा है। बताया जा रहा कि सोशल मीडिया पर इससे संबंधित एक वीडियो चल रहा है। इस वीडियो के आने के बाद 5-6 छात्रों को एमएम मुलाना विश्वविद्यालय में शिफ्ट कर दिया गया है।
 

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