गृहमंत्री ने शहीदों को दिया कंधा, गुंज उठे मां भारती के लाल अमर रहे के नारे

FirstIndia Correspondent Published Date 2019/02/15 04:33

पुलवामा। जम्मू कश्मीर के पुलवामा में गुरुवार को हुए आतंकी हमले में अब तक 44 जवान शहीद हो गए हैं वहीं करीब 40 जवानों के घायल होने की सूचना है। इस घटना के बाद देश में शोक की लहर डूब गई है लोगों में पाकिस्तान को लेकर गुस्सा है। गृहमंत्री राजनाथ सिंह आज शहीदों को श्रद्दांजलि देने श्रीनगर पहुंचे, यहां उन्होंने यहां शहीदों को कंधा दिया तो सेना में मां भारती के लाल अमर रहे के नारे गुंज उठे।

गृह मंत्री राजनाथ सिंह, जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने जम्मू-कश्मीर में अधिकारियों के साथ बैठक की। इस दौरान सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस के अफसर भी मौजूद रहे। राजनाथ सिंह ने इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए जवाबी कार्रवाई का विश्वास दिलाया। उन्होंने कहा कि आतंकीयों को इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी। देश के लिए शहीद हुए वीरों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा।

वही राजनाथ सिंह के रवाना होने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में सीसीएस की बैठक हुई है जिसमें एक घंटे की चर्चा के बाद ये फैसला लिया गया है कि पाकिस्तान से मोस्ट फेवर्ड नेशन का दर्जा छीना जाएगा। सरकार की ओर से बयान जारी करते हुए वित्त मंत्री अरूण जेटली ने साफ कहा कि आतंक को समर्थन करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा और उन्हे इस हमले की बड़ी कीमत चुकानी पड़ेगी।

वहीं पाकिस्तान को अकेला करने की रणनीति पर अब सरकार काम करेगी। वित्त मंत्री ने जानकारी दी कि पाकिस्तान को अलग-थलग करने की कूटनीतिक रणनीति अब बनाई जाएगी।

बतादें, पुलवामा हमले के विरोध में पाकिस्तानी दूतावास पर विरोध प्रदर्शन करने जा रहे 'स्वाभिमान देश का' संगठन के संस्थापक अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह बिधूड़ी और उनके सैंकड़ों कार्यकर्ताओं को पुलिस ने रास्ते में ही रोक लिया। लेकिन वे दूतावास जाने की जिद पर अड़े रहे। लिहाजा, पुलिस उन्हें बस में भरकर मंदिर मार्ग थाने ले गई. संगठन के सदस्य वहीं पाकिस्तान के खिलाफ नारेबाजी करते हुए धरने पर बैठ गए। सुरेंद्र सिंह सरकार से पाकिस्तान को सबक सिखाने की मांग करते रहे।

 

पुलवामा हमले के बाद जहां राष्ट्रीय और अन्तर्राष्ट्रीय दलों ने इस घटना को निंदनीय और कायरतापूर्ण बताकर पाकिस्तान को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया, वहीं पंजाब से कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्दु पाकिस्तान को अभी भी भारत का मित्र और निष्पाप बता रहे हैं।

सिद्दु पाक को इस घटना के लिए जिम्मेदार न मानते हुए 44 जवानों की शहादत के बाद पाकिस्तान के साथ शांति समझौते कायम करना चाहते हैं और अभी भी भारत की तरफ से पाकिस्तान के साथ बातचीत की पैरवी करते हैं। पत्रकारों द्वारा इस हमले में पाकिस्‍तान के हाथ होने की बात कहने और इस पर उनकी प्रतिक्रिया पूछने पर सिद्धू ने कहा, कुछ लोगों के काम के लिए किसी राष्ट्र को दोषी नहीं ठहराया जा सकता।
 

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