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सरकार को क्लीन चिट मिलने के बावजूद फिर से सुप्रीम कोर्ट पहुंचा राफेल मामला

सरकार को क्लीन चिट मिलने के बावजूद फिर से सुप्रीम कोर्ट पहुंचा राफेल मामला

नई दिल्ली। भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए चुनावों में कांग्रेस की ओर से सबसे ज्वलंत मुद्दा बनाया गया राफेल डील मामला एक बार फिर से सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। इस मामले को लेकर अब कोर्ट में ए​क पुनर्विचार याचिका दायर की गई है, जिसमें कोर्ट से राफेल केस पर अपने फैसले की समीक्षा करने का अनुरोध किया गया है। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में 14 दिसंबर को अपने फैसले में साफ कहा था कि राफेल डील में उसे कोई अनियमितता नजर नहीं आई है। इसके साथ ही कोर्ट ने यह भी कहा था कि देश की सुरक्षा के लिए यह प्लेन जरूरी हैं।

राफेल डील मामले में सरकार को सुप्रीम कोर्ट से क्लीन चिट मिलने के बाद पूर्व केंद्रीय मंत्रियों ने इस मामले को लेकर एक बार फिर से कोर्ट का रुख किया है। इस मामले में पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा और अरुण शौरी ने वकील प्रशांत भूषण के साथ मिलकर सुप्रीम कोर्ट में एक पुनर्विचार याचिका दायर की है। याचिका में इन्होंने कोर्ट से अपने फैसले पर फिर से विचार करने का अनुरोध किया गया है। इससे पूर्व सुप्रीम कोर्ट ने राफेल डील मामले में सरकार को क्लीच चिट देते हुए राफेल को देश की जरूरत बताते हुए इसके खिलाफ दायर की गई सभी याचिकाओं को खारिज कर दिया था।

गौरतलब है कि कांग्रेस ने मोदी सरकार पर आरोप लगाया है कि उसने यूपीए की तुलना में तीन गुना अधिक कीमत देकर राफेल विमान का सौदा किया है, जो कि मोदी सरकार में हुए भ्रष्टाचार को दर्शाता है। राफेल मामले में अब एक बार फिर से याचिकाकर्ताओं ने पुनर्विचार अर्जी के लिए खुली अदालत में मौखिक सुनवाई करने का अनुरोध किया है। याचिका में कहा गया है कि राफेल पर हाल के फैसले में कई त्रुटियां हैं। यह फैसला सरकार द्वारा किए गए गलत दावों पर आधारित है, जो सरकार ने बिना हस्ताक्षर के सीलबंद लिफाफे में दिया था और इस तरह से स्वाभाविक न्याय के सिद्धांत का उल्लंघन है।

ये है राफेल डील मामले से जुड़ी पूरी कहानी : 
30 दिसंबर, 2002 : खरीद प्रक्रिया को दुरुस्त करने के लिए रक्षा खरीदी प्रक्रिया (डीपीपी) अपनाई गई। 
28 अगस्त, 2007 : रक्षा मंत्रालय ने 126 एमएमआरसीए लड़ाकू विमान खरीदने के लिए प्रस्ताव अनुरोध जारी किया। 
4 सितंबर, 2008 : रिलायंस समूह ने रिलायंस ऐरोस्पेस टेक्नॉलजीज लिमिटेड (आरएटीएल) का गठन किया। 
मई 2011 : भारतीय वायुसेना ने राफेल और यूरो लड़ाकू विमानों को शॉर्टलिस्ट किया। 
30 जनवरी, 2012 : दसॉ ऐविएशंस के राफेल विमानों ने सबसे कम मूल्य का टेंडर पेश किया। 
13 मार्च, 2014 : हिंदुस्तान ऐरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) और दसॉ ऐविएशन के बीच 108 विमानों को बनाने को लेकर समझौता हुआ। इसके तहत दोनों कंपनियां क्रमश: 70 प्रतिशत और 30 प्रतिशत काम के लिए जिम्मेदार होंगी। 
8 अगस्त, 2014 : तत्कालीन रक्षा मंत्री अरुण जेटली ने संसद को बताया कि समझौते पर हस्ताक्षर होने के 3-4 साल के भीतर प्रयोग के लिए पूरी तरह से तैयार 18 विमान प्राप्त हो जाएंगे। बाकि के 108 विमान अगले 7 साल में मिलने की संभावना है। 
8 अप्रैल, 2015 : तत्कालीन विदेश सचिव ने कहा कि दसॉ, रक्षा मंत्रालय और HAL के बीच विस्तृत बातचीत चल रही है। 
10 अप्रेल, 2015 : फ्रांस ने प्रयोग के लिए पूरी तरह से तैयार 36 विमानों के नए सौदे की घोषणा की। 
26 जनवरी, 2016 : भारत और फ्रांस ने 36 लड़ाकू विमानों के लिए अग्रीमेंट पर साइन किए। 
23 सितंबर, 2016 : भारत-फ्रांस की सरकारों के बीच समझौते पर हस्ताक्षर। 
18 नवंबर, 2016 : सरकार ने संसद को बताया कि प्रत्येक राफेल विमान की कीमत करीब 670 करोड़ रुपये होगी और सभी विमान अप्रैल 2022 तक प्राप्त हो जाएंगे। 
31 दिसंबर, 2016 : दसॉ ऐविएशन की अनुअल रिपोर्ट से पता चला कि 36 राफेल विमानों की वास्तविक कीमत करीब 60,000 करोड़ रुपये है। यह सरकार द्वारा संसद में बताई गई कीमत से दोगुने से ज्यादा है। 
13 मार्च, 2018 : फ्रांस से 36 राफेल लड़ाकू विमानों की खरीदी संबंधी केन्द्र के फैसले की स्वतंत्र जांच और संसद के समक्ष सौदे की कीमत का खुलासा करने का अनुरोध करते हुए एक पीआईएल सुप्रीम कोर्ट में दायर हुई। 
5 सितंबर, 2018 : राफेल लड़ाकू विमान सौदे पर दायर पीआईएल पर सुनवाई के लिए न्यायालय ने हामी भरी। 
18 सितंबर, 2018 : सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सुनवाई 10 अक्टूबर तक स्थगित की। 
8 अक्टूबर, 2018 : सुप्रीम कोर्ट ने 36 राफेल लड़ाकू विमान खरीदने के समझौते से जुड़ी जानकारियां ‘सीलबंद लिफाफे’ में मुहैया कराने का निर्देश केन्द्र को देने संबंधी नई पीआईएल पर भी 10 अक्टूबर को सुनवाई करने की बात कही। 
10 अक्टूबर, 2018 : सुप्रीम कोर्ट ने केन्द्र से कहा कि वह राफेल सौदे पर निर्णय लेने की प्रक्रिया से जुड़ी जानकारी सीलबंद लिफाफे में मुहैया कराए। 
24 अक्टूबर, 2018 : पूर्व केन्द्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा,अरुण शौरी और वकील प्रशांत भूषण भी न्यायालय पहुंचे, राफेल लड़ाकू विमान सौदा मामले में एफआईआर दर्ज कराने की मांग की गई। 
31 अक्टूबर, 2018 : सुप्रीम कोर्ट ने केन्द्र से कहा कि वह 36 राफेल लड़ाकू विमानों की कीमत से जुड़ी जानकारी उसे सीलबंद लिफाफे में सौंपे। 
12 नवंबर, 2018 : केंद्र ने 36 राफेल लड़ाकू विमानों की कीमत से जुड़ी जानकारी सीलबंद लिफाफे में न्यायालय को सौंपी। उसने राफेल सौदे की प्रक्रिया संबंधी जानकारी भी सौंपी। 
14 नवंबर, 2018 : न्यायालय ने राफेल सौदे की जांच अदालत की निगरानी में कराने का अनुरोध करने वाली याचिकाओं पर सुनवाई पूरी की। 
14 दिसंबर, 2018 : राफेल सौदा पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को क्लीन चिट दी। सुप्रीम कोर्ट ने फ्रांस से 36 राफेल लड़ाकू विमानों की खरीदी के मामले में नरेंद्र मोदी सरकार को शुक्रवार को क्लीन चिट देते हुए सौदे में कथित अनियमितताओं के लिए सीबीआई को एफआईआर दर्ज करने का निर्देश देने का अनुरोध करने वाली सभी याचिकाओं को खारिज कर दिया।

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जयपुर: कोरोना वायरस के संक्रमण को लेकर मुसलमान भाइयों ने प्रदेशभर में घरों में रहकर हीं शब-ए-बारात मनाई. प्रदेश में किसी भी कब्रिस्तान, दरगाह और मस्जिद में सजावट नहीं दिखी. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के आह्वान के बाद धर्मगुरूओं, उलेमाओं, जनप्रतिनिधियों की अपील का असर चारो तरफ देखा गया.

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गुरुवार की शाम मगरिब की अजान होने के साथ शब-ए-बारात की शुरुआत हुई. लोगों ने अपने घरों में ही रहकर मोमबत्ती जलाकर इबादत की तो वही पूरी रात जागकर नमाज व कुरान की तिलावत करते रहे. अजमेर दरगाह के पैगाम को लेकर पुरे देशभर के मुसलमानों ने देश और दुनिया के लोगों को कोरोना महामारी से बचने व अपने मूल्क में नहीं फैलने की दुआएं मांगी. 

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जयपुर: पूरा प्रदेश जब कोरोना संकट से जूझ रहा है, तो कुछ ऐसे योद्धा भी है, जो अग्रिम पंक्ति में खड़े होकर प्रदेश की जनता की रक्षा के लिए इस वायरस से जंग लड़ रहे हैं. इन योद्धा में सबसे आगे सेनापति की तरह डटे हैं मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, जिनका न अब सोने का ठिकाना है और न खाने का. बस मन में एक ही संकल्प, प्रदेश को कोराना महामारी से जंग जिताकर ही दम लें. 

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गहलोत घबराए नहीं, बल्कि इस वायरस से जंग में सबसे आगे आकर खड़े हो गए:
प्रदेश में जब विकास का खाका खिंचा जा रहा था और विधानसभा में बजट पास हुआ था, तब ही एक चिंता भरी खबर आई कि इटली का एक नागरिक कोराना पॉजिटिव पाया गया है. चिंता इसलिए गहरी थी क्योंकि यह नागरिक राजधानी जयपुर सहित प्रदेश के कई इलाकों में रुका था. अब इस घटना के बाद प्रदेश में सबकुछ बदल गया. सीएम गहलोत जहां बजट के अनुसार प्रदेश के विकास का सपना देख रहे थे, अचानक सेनापति की भूमिका में आकर खड़े हो गए, क्योंकि अब जंग ऐसे अद्श्य दुश्मन से होनी थी, जिसने पूरी द़ुनिया में हाहाकर मचा रखा था. गहलोत घबराए नहीं, बल्कि इस वायरस से जंग में सबसे आगे आकर खड़े हो गए. तुरंत फैसले लिए और साथ ही एक ऐसी टीम बनाई, जो दिन रात कोराना से जंग में लड़ाइ लड़ सके. सेनापति की भांति खुद गहलोत मोर्चे पर डटे है. एक तरफ लोगों से बीमारी से बचाने का जिम्मा है, तो दूसरी तरह गरीब, बेसहारा व जरूरतमंदो को भूखा न सोने देने का दृढसंकल्प. कोराना से जंग में प्रदेश के इस योद्धा न अब तक क्या क्या किया इस पर एक नजर डाल लेते हैं. 

- 18 मार्च को पूरे प्रदेश में धारा 144 लगाने की घोषणा की
- 21 मार्च को पूरे प्रदेश में लॉकडाउन करने का फैसला
- लॉकडाउन करने वाला देश का पहला राज्य बना राजस्थान
- राजस्थान का अनुसरण फिर अन्य राज्यों व केंद्र ने किया
- जनता के जीवन का सर्वापरि मानकर कुछ जगह कर्फ्यू लगाया
- लॉकडाउन के कारण प्रदेश की जनता की चिंता भी सताने लगे
- मजदूरों, गरीबों व असहायों के लिए विशेष प्रबंध किए गहलोत ने
- पहले 1000 फिर 1500  रुपए की नकद सहायता राशि देने का फैसला
- 'प्रदेश में कोई भूखा न सोए' अभियान का आगाज किया गहलोत ने
- सभी राजनीतिक दलों से बैठक करके कोरोना से लड़ाई में मदद मांगी
- धार्मिक व सामाजिक संस्थाओं के प्रमुख से मीटिंग की मुख्यमंत्री ने
- विधायक व मंत्रियों के साथ अपना वेतन स्थगित किया गहलोत ने
- बिजली व पानी के बिल स्थगित करके जनता को बड़ी राहत दी
- चिकित्सा कर्मियों के लिए विशेष प्रोत्साहन पैकेज की घोषणा की

प्रदेश में धारा 144 लगाने के बाद से लेकर अब तक कोई ऐसा दिन नहीं गया हो, जब मुख्यमंत्री ने दिन में दो से तीन मीटिंग न ली हो. वरिष्ठ अधिकारियों का कोर ग्रुप बनाया, जो तुरंत फैसले ले. अब तो सीएम ने दो टास्क फोर्स का भी गठन कर दिया है. भीलवाड़ा में तो कोराना को नाकों चने चबाकर ऐसा मॉडल स्थापित किया कि आज पूरे देश में सीएम के इस भीलवाड़ा मॉडल की तारीफ हो रही है. प्रदेश की जनता भूखी न सोए इसके लिए ऐसा अभियान छेड़ा कि आज हर कोई मदद के लिए आगे बढ़कर आ रहा है. मुख्यमंत्री ने कोविड 19 विशेष कोष भी स्थापित किया है, जिसमें लोगों ने खुले हाथों से मदद की. अब तक इस कोष में 170 करोड़ रुपए से अधिक आ गए हैं.

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रांका मुख्यमंत्री की कोर टीम के प्रमुख सदस्य:
कोराना से इस जंग में मुख्यमंत्री का कंधे से कंधे मिलाकर साथ दिया एक और योद्धा ने. यह योद्धा है मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव कुलदीप रांका. प्रशासन में 100 फीसदी डिलीवरी के लिए पहचान रखने वाले रांका मुख्यमंत्री की कोर टीम के प्रमुख सदस्य है. मुख्यमंत्री द्वारा लिए गए फैसलों को तुरंत पूरे प्रदेश में लागू कराना और उनकी मॉनिटरिंग करके मुखिया को रिपोर्ट देने का काम रांका ने बखूबी किया है. न दिन का चैन न रात का सुकुन. ब्यूरोक्रेसी के माध्यम से इस जंग को जीतने में अहम भूमिका निभाई है कुलदीप रांका ने. मुख्यमंत्री व रांका की प्रेरणा से ही अधिकारियों व कर्मचारियों ने आगे बढ़कर अपने वेतन में से सहयोग दिया. जब सरकार ने वेतन स्थगित करने का फैसला किया, तो कर्मचारियों ने इसका भी समर्थन किया. यह संभव हो पाया कुलदीप रांका के कारण. 

Coronavirus Updates: राजस्थान में पॉजिटिव मरीजों का ग्राफ पहुंचा 489, देश में चौथे पायदान पर

जयपुर: कोरोना के बढ़ते आंकड़े को लेकर राजस्थान के हालात लगातार चिंताजनक होते जा रहे हैं. पिछले 12 घंटे में 26 नए पॉजिटिव केस सामने आए है. अकेले बांसवाड़ा जिले में 12 नए केस चिन्हित किए गए हैं. इसके अलावा अलवर, भरतपुर, कोटा में एक-एक, जैसलमेर में 8 और झालावाड़ जिले में 3 नए पॉजिटिव केस सामने आए हैं. ऐसे में अब प्रदेश में पॉजिटिव मरीजों का ग्राफ 489 पहुंच गया है. 

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कोरोना पॉजिटिव मरीजों के मामले में चौथे पायदान पर पहुंचा राजस्थान:
वहीं दूसरी ओर लगातार बढ़ते मामलों के चलते कोरोना पॉजिटिव मरीजों के मामले में राजस्थान चौथे पायदान पर पहुंच गया है. देशभर में अब तक सर्वाधिक पॉजिटिव मरीज महाराष्ट्र में चिन्हित किए गए है. उसके बाद दूसरे नंबर पर तमिलनाडु और तीसरे नंबर पर देश की राजधानी दिल्ली का नाम है. आज सुबह तक राजस्थान में 489 पॉजिटिव मामले सामने आए हैं. ऐसे में इस आंकड़े के साथ राजस्थान का चौथा जबकि तेलंगाना का 5वां नंबर है. 

अब 10वीं और 12वीं को छोड़कर शेष स्कूली छात्र हो सकेंगे क्रमोन्नत, लॉक डाउन जारी रहने तक नहीं ले सकेंगे निजी स्कूल अग्रिम फीस 

देश में कोरोना के कुल मरीजों की संख्या 6400 से ज्यादा: 
देश में इस समय कोरोना के कुल मरीजों की संख्या 6400 से ज्यादा हो गई है. इनमें से एक्टिव पेशेंट की संख्या 5709 है और कुल 199 लोगों की मौत इस वायरस के संक्रमण से हो चुकी है. हालांकि 503 मरीज इस बीमारी से ठीक भी हो चुके हैं. स्वास्थ्य मंत्रालय की वेबसाइट के मुताबिक मिले आंकड़ों के आधार पर ये जानकारी दी गई है. वहीं दुनियाभर में 16 लाख से ज्यादा लोग कोरोना संक्रमित हैं. इस वायरस से अब तक 95 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो गई है.


 

अब 10वीं और 12वीं को छोड़कर शेष स्कूली छात्र हो सकेंगे क्रमोन्नत, लॉक डाउन जारी रहने तक नहीं ले सकेंगे निजी स्कूल अग्रिम फीस 

अब 10वीं और 12वीं को छोड़कर शेष स्कूली छात्र हो सकेंगे क्रमोन्नत, लॉक डाउन जारी रहने तक नहीं ले सकेंगे निजी स्कूल अग्रिम फीस 

जयपुर: अब 10वीं और 12वीं को छोड़कर शेष स्कूली छात्र क्रमोन्नत हो सकेंगे तो दूसरी तरफ लॉक डाउन जारी रहने तक निजी स्कूल अग्रिम फीस नहीं ले सकेंगे. जी हां यही फैसला लिया गुरुवार को मुख्यमंत्री ने प्रदेश की जनता के हित में और इस तरह से संवेदनशील मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रदेश भर में संबेदनशीलता का एक और मैसेज दिया है. CM गहलोत ने कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए लागू लॉकडाउन के जारी रहने तक प्रदेश के सभी स्कूल संचालकों को विद्यार्थियों से तीन माह की अग्रिम फीस नहीं लेने के निर्देश दिए हैं.

अगली कक्षा में क्रमोन्नत किया जाएं:
सीएम ने साफ कहा है कि फीस के अभाव में किसी भी छात्र का नाम नहीं काटा जाए.  10वीं एवं 12वीं बोर्ड परीक्षाओं वाले विद्यार्थियों को छोड़कर अन्य सभी स्कूली विद्यार्थियों को अगली कक्षा में क्रमोन्नत किया जाए. गहलोत ने गुरुवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से लॉकडाउन के दौरान स्कूलों, कॉलेजों सहित सभी शिक्षण संस्थानों में शैक्षणिक सत्र की स्थिति और आगामी सत्र की तैयारियों की समीक्षा की. सीएम गहलोत ने निर्देश दिए कि स्कूलों और कॉलेजों में यथासम्भव ऑनलाइन लेक्चर व ई-लर्निंग की व्यवस्था की जाए. ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई में निरन्तरता बनी रहे और वे घर पर रहकर भी समय का सदुपयोग कर सकें.

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स्कूलों में नहीं होगा 15 अप्रैल से ग्रीष्म अवकाश:
प्रदेश के सभी उच्च शिक्षा एवं तकनीकी शिक्षा से जुडे़ संस्थानों में 15 अप्रैल से ग्रीष्म अवकाश घोषित किया जा सकता है. लेकिन स्कूलों में 15 अप्रैल से ग्रीष्म अवकाश नहीं होगा. साथ ही, राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय से सम्बद्ध संस्थानों मेें लॉकडाउन हटने के बाद आठवें सेमेस्टर की परीक्षाएं प्राथमिकता से करवाने का भी निर्णय लिया गया. उच्च शिक्षा मंत्री भंवर सिंह भाटी ने बताया कि उच्च शिक्षा विभाग ने विश्वविद्यालय परीक्षाओं के शेड्यूल के निर्धारण के लिए एक 5 सदस्यीय समिति बनाई है. जो लॉकडाउन हटने के बाद परीक्षाओं और आगामी शैक्षणिक सत्र के संचालन के बारे में सुझाव देगी. समिति में राजस्थान विश्वविद्यालय, जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय और मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय के कुलपति तथा आयुक्त कॉलेज शिक्षा और संयुक्त शासन सचिव उच्च शिक्षा शामिल हैं.

सभी कक्षाओं की किताबें ऑनलाइन उपलब्ध:
शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि सभी कक्षाओं की किताबें ऑनलाइन उपलब्ध करवा दी गई हैं. अब विद्यार्थियों के लिए ऑनलाइन कन्टेन्ट तैयार करने का कार्य किया जा रहा है ताकि घर पर रहकर भी बच्चे अपनी पढ़ाई जारी रख सकें. दूसरी तरफ तकनीकी शिक्षा मंत्री डॉ. सुभाष गर्ग ने बताया कि तकनीकी शिक्षण संस्थानों में मिड सेमेस्टर परीक्षाएं ऑनलाइन पूरी कराई जा चुकी हैं. विद्यार्थियों को ई-कन्टेन्ट उपलब्ध करवाने के लिए एक यू-ट्यूब चैनल तैयार किया गया है, जिस पर 600 से अधिक लेक्चर अपलोड किए गए हैं. अध्यापकों को अधिक से अधिक ई-कन्टेन्ट तैयार करने के लिए निर्देश दिए गए हैं. Vc में मुख्य सचिव डीबी गुप्ता, शासन सचिव उच्च शिक्षा शुचि शर्मा, शासन सचिव स्कूल शिक्षा मंजू राजपाल और आयुक्त कॉलेज शिक्षा प्रदीप बोरड़ सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे. आगामी दिनों में ऐसे माहौल में सरकार की कोशिश रहेगी कि e लर्निंग जैसे प्रयोगों में और आये. उम्मीद है कि महामारी संकट के दौर मे cm गहलोत कुछ अन्य नवाचारों से शिक्षा को संकट में नही आने देंगे साथ ही सबसे बड़े इस महकमे का भी संकट में पूरा सहयोग लेंगे.

सीएम गहलोत की प्रदेशवासियों से अपील, कहा-लोगों की जीवन की रक्षा के लिए जुटे स्वास्थ्यकर्मियों का करें पूरा सहयोग

...फर्स्ट इंडिया के लिए नरेश शर्मा के साथ ऐश्वर्य प्रधान की रिपोर्ट

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जयपुर: प्रदेश के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रदेशवासियों से अपील है कि वे लोगों की जीवन की रक्षा के लिए जुटे स्वास्थ्यकर्मियों का पूरा सहयोग करें. ये स्वास्थ्यकर्मी अपनी जान जोखिम में डालकर आपकी सुरक्षा के लिए दिन-रात मेहनत कर रहे हैं. ऐसे में प्रदेश को कोरोना से बचाने के लिए सबकी जिम्मेदारी है कि हम बिना किसी डर और संकोच के स्क्रीनिंग एवं जांच सहित अन्य कार्यों में स्वास्थ्यकर्मियों का आगे बढ़कर सहयोग करें. यह आपके अपने हित में है.

कोरोना महामारी: दुनियाभर में ज्यादातर स्पोर्ट्स इवेंट्स पर लगा ब्रेक, अब ये क्रिकेट टेस्ट सीरीज हुई स्थगित

सोशल डिस्टेंसिंग का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई:
सीएम गहलोत ने निर्देश दिए है कि ड्रोन कैमरों का उपयोग कर मॉनिटरिंग को अधिक प्रभावी बनाएं, ताकि सोशल डिस्टेंसिंग का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई की जा सके. कोरोना संक्रमण के हॉट स्पॉट्स में प्रभावी ऑनलाइन मॉनिटरिंग के लिए कैमरे लगाकर निगरानी की जाए. इससे लोगों की आवाजाही पर पूरी नजर रखी जा सकेगी. चारदीवारी में यह प्रयोग सफल होने पर प्रदेश के अन्य जिलों में भी इस तरह की व्यवस्था की जा सकती है.

Coronavirus Updates: राजस्थान में एक ही दिन में 80 कोरोना पॉजिटिव मिले, मरीजों का आंकड़ा पहुंचा 463, अकेले जयपुर में मिले 39 केस 

3 माह की अग्रिम फीस नहीं लेने के निर्देश:
कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए लागू लॉकडाउन के जारी रहने तक प्रदेश के सभी स्कूल संचालकों को विद्यार्थियों से 3 माह की अग्रिम फीस नहीं लेने के निर्देश दिए हैं. फीस के अभाव में किसी भी छात्र का नाम नहीं काटा जाए. कॉन्फ्रेंस में निर्णय लिया गया कि प्रदेश के सभी उच्च शिक्षा एवं तकनीकी शिक्षा से जुडे़ संस्थानों में 15 अप्रैल से ग्रीष्म अवकाश घोषित किया जा सकता है, लेकिन स्कूलों में 15 अप्रैल से ग्रीष्म अवकाश नहीं होगा. साथ ही, राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय से सम्बद्ध संस्थानों में लॉकडाउन हटने के बाद आठवें सेमेस्टर की परीक्षाएं प्राथमिकता से करवाने का भी निर्णय लिया गया.

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Coronavirus Updates: राजस्थान में एक ही दिन में 80 कोरोना पॉजिटिव मिले, मरीजों का आंकड़ा पहुंचा 463, अकेले जयपुर में मिले 39 केस 

जयपुर: प्रदेश में कोरोना वायरस के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे है, गुरुवार को एक ही दिन में राजस्थान में 80 मामले सामने आये है. जिनमें अकेले ही जयपुर में 39 केस पॉजिटिव मिले है. वहीं बांसवाडा में 2 मामले सामने आये है. भीलवाडा में एक, जैसलेमर में 5, झुंझुनूं में 7, जोधपुर में 3, टोंक में 7, कोटा में 2, झालावाड में 7 और बाडमेर में एक संक्रमित केस सामने आया है. इसके अलावा ईरानी से आये हुए 6 यात्री भी पॉजिटिव मिले है. प्रदेश कोरोना संक्रमित लोगों की संख्या 463 पहुंच गई है. जबकि कोरोना वायरस की वजह से अब तक 7 लोग अपनी जान गंवा चुके है. वहीं इस वायरस से अब तक कई लोग ठीक भी हो चुके है.

कोरोना महामारी: दुनियाभर में ज्यादातर स्पोर्ट्स इवेंट्स पर लगा ब्रेक, अब ये क्रिकेट टेस्ट सीरीज हुई स्थगित

जयपुर में सबसे ज्यादा कोरोना पॉजिटिव मामले :
प्रदेश की राजधानी जयपुर में सबसे ज्यादा कोरोना पॉजिटिव मामले सामने आ रहे है. जयपुर कोरोना एपिक सेंटर बनकर सामने आ रहा है. अकेले जयपुर में कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या 168 पहुंच चुकी है. बढते कोरोना के प्रकोप की वजह से जयपुर के परकोटे में कर्फ्यू लगा दिया गया है. वहीं अब कर्फ्यू की सख्ती से पालना करवाई जा रही है. ना परकोटे से कोई बाहर जाएगा, ना ही यहां पर आएगा. जयपुर शहर के परकोटे में चप्पे चप्पे पर पुलिस बल तैनात है.

Coronavirus Updates: जोधपुर में डॉक्टर को हुआ कोरोना, जिले में अब तक 34 व्यक्ति संक्रमित मिले, एक की मौत

जानिए, प्रदेश में कहां कितने कोरोना पॉजिटिव:
अजमेर में 5, अलवर में 5, बांसवाडा में 12, भरतपुर में 8, भीलवाडा में 28, बीकानेर में 20, चूरू में 11, दौसा में 6, धौलपुर में एक, डूंगरपुर में कोरोना के अब तक 5 मामले सामने आये है. जैसलमेर में 19, झुंझुनूं में 31, जोधपुर में 34, करौली-पाली में 2-2, सीकर में एक, टोंक में 27, उदयपुर में 4, प्रतापगढ में 2 मामले कोरोना संक्रमण के सामने आये है. नागौर में एक, कोटा में 17, झालावाड में 9 और बाडमेर​ जिले में एक पॉजिटिव केस सामने आया है. इसके अलावा इटली के 2 और ईरान से आये हुए 42 यात्री कोरोना पॉजिटिव मिले है. 

कोरोना महामारी: दुनियाभर में ज्यादातर स्पोर्ट्स इवेंट्स पर लगा ब्रेक, अब ये क्रिकेट टेस्ट सीरीज हुई स्थगित

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नई दिल्ली: कोरोना वायरस के कोहराम के बीच दुनियाभर में खेल जगत के इवेंट्स रद्द या स्थगित हो चुके हैं. चाहे बात हो, फुटबॉल, हॉकी या फिर क्रिकेट की, तो इनके अभी सारे इवेंट्स रद्द या स्थगित हो चुके हैं. जब तक कोरोना वायरस का कहर थमेगा नहीं, जब तक उम्मीद नहीं लगाई जा सकती है कि कब क्रिकेट मैच होंगे. पहले आईपीएल से लेकर तमाम सीरिज रद्द हो चुकी है.अब इस सूची में क्रिकेट की एक ओर सीरीज का नाम जुड गया है. ऑस्ट्रेलिया और बांग्लादेश के बीच 2 मैचों की टेस्ट सीरीज का आयोजन होना था. लेकिन कोरोना महामारी के बीच सीरीज स्थगित करनी पड़ी. 

चटगांव और ढाका में आयोजित होनी थी सीरीज:
यह टेस्ट सीरीज चटगांव और ढाका में आयोजित होनी थी. यह आईसीसी वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप का हिस्सा हैं. इस सीरीज का आयोजन जून माह में होना था. क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के मुख्य कार्यकारी अधिकारी केविन रॉबर्ट्स ने जानकारी देते हुए बताया कि टूर को स्थगित करना दुखद है, लेकिन मैं बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड का ईमानदार और जिम्मेदारी भरी चर्चा के लिए शुक्रिया अदा करता हूं, क्योंकि इसी कारण आम सहमति से फैसला लिया गया. 

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टोक्यो ओलंपिक पर लगा ब्रेक:
कोरोना वायरस की वजह से इस साल का टोक्यो ओलंपिक का आयोजन एक साल के लिए टल गया है. कोरोना वायरस की वजह से जापान ने ओलंपिक को टालने का प्रस्ताव दिया था. अमेरिका, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के ओलंपिक खेलों के लिए खिलाड़ी ना भेजने के फैसले के बाद ही इस महाकुंभ को एक साल के लिए टालने का दबाव बन रहा था. 

आईपीएल स्थगित:
आईपीएल 2020 पहले 29 मार्च से शुरू होनी थी. कोविड-19 के चलते इसे 15 अप्रैल तक टाला गया. अब यह भी साफ हो गया है कि आईपीएल 2020 अप्रैल में शुरू नहीं हो सकेगी. आईपीएल कोरोनावायरस के चलते स्थगित करनी पड़ी है.

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जोधपुर: प्रदेश के जोधपुर जिले की जूनी मंडी क्षेत्र के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पर तैनात एक डॉक्टर कोरोना पॉजिटिव पाए गए है. कई दिन से कोरोना प्रभावित भीतरी शहर के इस स्वास्थ्य केन्द्र पर वे मरीजों की जांच करते हुए स्वयं संक्रमित हो गए. उनके संक्रमित होने से प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए. दोपहर तक कोरोना वायरस जांच रिपोर्ट आने से पहले गुरुवार को ही वे करीब 100 मरीज देख चुके थे. इसके बाद संक्रमित होने की पुष्टि होते ही उन्हें एमडीएम अस्पताल ले जाया गया. वहीं कलाल कॉलोनी स्थित उनके मकान के क्षेत्र में परिजनों की स्क्रीनिंग करने दोपहर 4 बजे तक कोई हीं पहुंचा. 

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जोधपुर में मिले 34 कोरोना पॉजिटिव:
इसके अलावा शहर में गुरुवार को एक और महिला पॉजिटिव पाई गई, जबकि एक व्यक्ति की मौत हो जाने के बाद उसके संक्रमित होने का पता चला. इस तरह शहर मे अब तक 34 कोरोना मरीज मिल चुके है. शहर के नवचौकिया स्थित सैटेलाइट अस्पताल में तैनात एक डॉक्टर को नागौरी गेट क्षेत्र में कोरोना संक्रमितों की बढ़ती संख्या को ध्यान में रख जूनी मंडी में अस्थाई तौर पर तैनात किया गया. इस क्षेत्र में कोरोना के सर्वाधिक मरीज सामने आने पर घर-घर व्यापक स्तर पर सर्वे कराया जा रहा है. इस सर्वे में थोड़ा बहुत संदेह होते ही उस व्यक्ति को जूनी मंडी में जांच के लिए भेजा जा रहा है.

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आठ सौ लोगों की कर चुके थे जांच:
इन सभी लोगों की जांच गुरुवार को पॉजिटिव पाए गए डॉक्टर ही कर रहे थे. उनके यहां से कई लोगों के सैंपल लेकर एमडीएम अस्पताल भेजे गए. एक सप्ताह के दौरान वे करीब आठ सौ लोगों की जांच कर चुके थे. इस दौरान किसी कोरोना संक्रमित के संपर्क में आने से डॉक्टर को भी कोरोना हो गया. अब प्रशासन के सामने इस डॉक्टर के जांचे मरीजों की तलाश कर उनकी नए सिरे से जांच करने की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है. गुरुवार दोपहर तक जांच रिपोर्ट आने से पहले यह डॉक्टर सौ से अधिक मरीजों की जांच कर चुके थे. गौरतलब हैं कि,परकोटे के भीतर बसे प्राचीन शहर में आज मिले डॉक्टर सहित कुल बीस कोरोना संक्रमित मरीज मिल चुके है. ऐसे में चार थाना क्षेत्रों में महा कर्फ्यू लगाकर व्यापक स्तर पर घर-घर जांच अभियान चलाया जा रहा है. इस डॉक्टर के पॉजिटिव निकलने के कारण अब पूरी प्रक्रिया नए सिरे से शुरू करनी पड़ेगी.

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