जयपुर किसान के सम्मान में कांग्रेस का विजय दिवस: मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर CM गहलोत ने ली चुटकी, तालियों से गूंज उठा सभा स्थल

किसान के सम्मान में कांग्रेस का विजय दिवस: मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर CM गहलोत ने ली चुटकी, तालियों से गूंज उठा सभा स्थल

जयपुर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से तीन कृषि कानूनों को वापस लेने की घोषणा को कांग्रेस आज देश भर में जश्न के रूप में मना रही है. इसी इसी कड़ी में आज राजधानी जयपुर में भी सिविल लाइंस पर कांग्रेस का किसान विजय दिवस कार्यक्रम आयोजित किया गया. 

इस दौरान अपने संबोधन में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने चुटकी लेते हुए कहा कि अजय माकन जिस काम के लिए आये है उसको भी करना है. किसकी लॉटरी खुलेगी, यह आलाकमान जानता या माकन जानते हैं. इससे आगे बोलते हुए उन्होंने कहा कि पता नहीं किसके नाम की लॉटरी खुलेगी. ऐसे में अब गहलोत के बयान का यह मायना निकाला जा रहा है कि मंत्रिमंडल आलाकमान के अनुसार ही हो रहा है. 

कोई केंद्रीय मंत्रियों के नाम ही नहीं जानते:
वहीं दौरान सीएम मुख्यमंत्री गहलोत ने केंद्रीय मंत्रियों पर भी चुटकी लेते हुए कहा कि कोई मंत्रियों के नाम ही नहीं जानते, सिर्फ मोदी व शाह के नाम ही जानते हैं. इसके साथ ही CM गहलोत ने यूपी मामले पर केंद्रीय मंत्री को घेरते हुए कहा कि अभी तक केंद्रीय मंत्री का इस्तीफा नहीं हुआ है. BJP वाले कांग्रेस की हस्ती मिटाने की बात करते हैं लेकिन जब तक सूरज चांद रहेगा तब तक कांग्रेस का नाम रहेगा. 

पीएम को देश से माफी मांगनी पड़ी ऐसी नौबत आखिर क्यों आयी? 
सीएम गहलोत ने अपने संबोधन में कहा कि पीएम 3 दिन से यूपी में डेरा डाले हैं. BJP ने यूपी को चुनाव के मद्देनजर 3 भागों में बांटा है. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि अमित शाह चाणक्य कहलाते थे, लेकिन बंगाल में कहां गए. राज्यों में चुनी हुई सरकार गिराते हैं, राजस्थान में भी षड्यंत्र रचा गया. वहीं तीन कृषि कानूनों को वापस लेने पर कहा कि पीएम को देश से माफी मांगनी पड़ी ऐसी नौबत आखिर क्यों आयी? देश में खतरनाक माहौल बन गया है. फासिस्ट प्रवृत्ति के लोग सत्ता में बैठ गए हैं. एक साल तक देश का किसान सड़कों पर बैठे. इसके साथ ही पीएम ने पार्लियामेंट में किसानों को आंदोलन जीवी कहकर मजाक उड़ाया था. कल पीएम के लटके झटके गायब थे. यूपी सहित 5 राज्यों में चुनाव से सरकार घबराई हुई है. 

किसानों का आजादी के बाद इतना लंबा संघर्ष चला:  
उन्होंने कहा कि किसानों का आजादी के बाद इतना लंबा संघर्ष चला है. 3 बॉर्डर पर किसान नहीं बैठे थे बल्कि उनके साथ पूरे देश की भावनाएं थी. क्या कुछ नहीं कहा गया किसानों को? खालिस्तानी, आतंकी तक कहा गया. कल उन सब की पोल खुल गए. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री माफी मांगे ये नौबत क्यों आई ये ऐतिहासिक क्षण, इतिहास में लिखा जाएगा. विधानसभा में जो कानून हम लाए थे अब उसकी जरूरत ही नहीं थी. क्योंकि मोदी जी ने माफी मांग ली. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि हमारी सरकार गरीब को गणेश मानकर काम कर रही है. 

केंद्र सरकार का अहंकार हार गया: 
वहीं प्रदेश कांग्रेस प्रभारी अजय माकन ने अपने संबोधन में कहा कि ये किसानों की जीत है. जो 700 से अधिक किसान शहीद हुए उनकी शहादत की जीत है. राहुल गांधी ने जो कहा था वही हुआ. लेकिन अभी भी सरकार की मंशा पर संदेह है. केवल चुनाव के लिए ये घोषणा की है. कार्यक्रम में PCC चीफ़ गोविंद डोटासरा ने कहा कि लम्बे समय के संघर्ष के बाद किसान की जीत हुई है. केंद्र सरकार का अहंकार हार गया. कांग्रेस पार्टी पहले दिन से ही किसान के साथ रही है. तीन काले क़ानून देश के किसान को बर्बाद करने के लिए लाए थे. केवल मित्रों को लाभ देने की साज़िश हुई. किसान, देश की पार्टियों से कोई राय नहीं ली गयी. राहुल गांधी ने पहले दिन ही कह दिया था कि सरकार को ये क़ानून वापस लेना पड़ेगा. आख़िरकार यही हुआ सरकार को झुकना पड़ा. लेकिन ये लड़ाई ख़त्म नहीं आगाज हुआ है, अभी पहली सीढ़ी पार की है. 

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