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किसान कर्ज माफी को लेकर गहलोत सरकार अब ले रही यू-टर्न : भाजपा

किसान कर्ज माफी को लेकर गहलोत सरकार अब ले रही यू-टर्न : भाजपा

जयपुर (ऐश्वर्य प्रधान)। लोकसभा चुनाव करीब है और कांग्रेस व भाजपा दोनों ही पार्टियों ने मिशन—25 को लेकर तैयारियां शुरू कर दी है। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के राजस्थान में होने वाले किसान सम्मेलन को लेकर भाजपा ने भी मंथन शुरू कर दिया है। फिलहाल प्रदेश के भाजपा नेताओं ने राहुल गांधी के सम्मेलन को लेकर सरकार से सवाल किया है। 

भाजपा का कहना है कि किसान कर्ज माफी को लेकर अशोक गहलोत सरकार ने यू-टर्न लिया है। वहीं चुनावों से पूर्व किसानों के कर्ज माफी की गेंद को अब केंद्र सरकार के पाले में डालने को वादाखिलाफी बताया है। ऐसे में अब 10 दिन में कर्जमाफी की बात करने वालों को आगामी चुनावों में बहुत महंगा पड़ने वाला है।

आगामी दिनों में भाजपा ने सदन में भी ऐसे मुद्दे उठाने की तैयारिया कर ली है। प्रदेश सरकार पर राठौड़ का आरोप है कि राजनीतिक चश्मा लगाकर हमारी जनकल्याणकारी योजनाओं को रोकना उचित नहीं है। भाजपा अब एक तरफ वसुंधरा सरकार द्वारा किये गए कर्ज माफी के मुद्दों के साथ किसानों को दी गई अन्य राहतों को लेकर मैदान में आने वाली है। भाजपा की दलील है कि जो काम राज्य सरकार को करना था, आखिर उस काम को केंद्र सरकार पर क्यों डाला जा रहा है।

बहरहाल, एक बात तय है कि आगामी दिनों में प्रदेश भाजपा भी किसानों के मुद्दों को लेकर जनता के बीच तक जाएगी। साथ ही एक बड़ा किसान सम्मेलन भी आयोजित कर सकती है। ऐसे में अब ये देखना होगा कि दोनों पार्टियों में से लोकसभा में किसानों का दिल कौन जीत पाता है।

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राजस्थान के सियासी घटनाक्रम पर एक और बड़ी ख़बर, सतीश पूनिया और किरोड़ीलाल मीणा के बीच चली लंबी मंत्रणा

जयपुर: राजस्थान में हो रहे सियासी घटनाक्रम में एक के बाद एक बड़ी खबर सामने आ रही है. अब सतीश पूनियां और किरोड़ीलाल मीणा के बीच भी एक लंबी मंत्रणा चली है. आज सुबह मीणा के टीन के बने हाउस में बीजेपी के दोनों दिग्गज नेताओं की मुलाकात हुई है. ऐसे में दोनों नेताओं की मुलाकात के कई मायने निकाले जा रहे है. किरोड़ीलाल मीणा की 2 दिन पहले ही तबीयत खराब बताई जा रही थी. ऐसे में उनकी कुशलक्षेम पूछने की बात कही जा रही है. पूनिया ने सुबह जल्दी घर पहुंचकर किरोड़ी मीणा की कुशलक्षेम पूछी है. 

Rajasthan Political Crisis: पायलट के किसी भी सूरत में बीजेपी ज्वॉइन ना करने का दावा, फंसा नया पेंच! 

मीणा का अचानक जयपुर में पहुंचना बड़ी खबर: 
वहीं किरोड़ीलाल मीणा से 1st इंडिया न्यूज ने एक्सक्लूसिव बातचीत की है. उन्होंने कहा है कि अगर फ्लोर टेस्ट होता है तो सरकार के लिए मुसीबत हो सकती है. कांग्रेस पॉलिटिक्स पर बोलते हुए मीणा ने हालांकि आलाकमान के दिशा निर्देश के लिए इनकार किया है. लेकिन मीणा का अचानक जयपुर में पहुंचना बड़ी खबर है. कभी मीणा के टिकट पर चुनाव लड़ चुके 8 लोग इस बार अलग-अलग पार्टियों से जीते हैं. ऐसे में किरोड़ी लाल मीणा की भी किसी भी भूमिका से इनकार नहीं किया जा सकता है. 

Rajasthan Political Crisis: सचिन पायलट का बड़ा बयान, कहा-अशोक गहलोत की सरकार अल्पमत में

10.30 बजे विधायक दल की बैठक में अंतिम निर्णय होगा:
वहीं अशोक गहलोत और सचिन पायलट में सियासी तलवारें खिंचने के बाद दिल्ली में मौजूद केंद्रीय नेतृत्व को एक्शन में आना पड़ा. दिल्ली से तीन नेता जयपुर पहुंचे, जिन्होंने अशोक गहलोत और अन्य विधायकों के साथ बैठक की. अब तय हुआ है कि सोमवार सुबह 10.30 बजे होने वाली विधायक दल की बैठक में अंतिम निर्णय होगा, जो इस बैठक में नहीं आएगा उसे पार्टी की सदस्यता से हाथ धोना पड़ेगा.

Rajasthan Political Crisis: पायलट के किसी भी सूरत में बीजेपी ज्वॉइन ना करने का दावा, फंसा नया पेंच!

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जयपुर: राजस्थान प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष और उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट के बागी तेवरों के बाद राजस्थान में सियासी पारा उफान पर है.  सूत्रों की मानें, तो अगर सचिन पायलट और उनके समर्थक आज सुबह होने वाली बैठक में नहीं आते हैं तो पार्टी उनपर एक्शन ले सकती है. वहीं सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसरा सचिन पायलट का बड़ा बयान सामने आया है. पायलट ने कहा कि मैं बीजेपी ज्वॉइन नहीं कर रहा हूं. हालांकि इस बारे में अभी पूरी जानकारी सामने नहीं आ रही है. 

Rajasthan Political Crisis: सचिन पायलट का बड़ा बयान, कहा-अशोक गहलोत की सरकार अल्पमत में

पायलट को बीजेपी ज्वॉइन करने में एक नया पेंच: 
वहीं जानकार सूत्रों के अनुसार पायलट को बीजेपी ज्वॉइन करने में एक नया पेंच आ गया है. पायलट से बातचीत के बाद जेपी नड्डा के मन में उठा एक सवाल उठ रहा है. क्या सचमुच पायलट के पास REQUIRED NUMBER अर्थात् कम से कम 30 विधायकों का समर्थन है ? यदि ऐसा है तो फिर पायलट की बीजेपी ज्वॉइनिंग हो सकती है. और यदि पायलट के पास फिलहाल केवल एक दर्जन विधायक है तो बीजेपी  इस सारे मामले पर नए सिरे से विचार कर सकती है. 

Rajasthan Political Crisis: सचिन पायलट कल भाजपा में हो सकते हैं शामिल, इस वजह के चलते अगले 24 घंटे काफी महत्वपूर्ण

पायलट के किसी भी सूरत में बीजेपी ज्वॉइन ना करने का दावा: 
ऐसे में यहां तक कि एक बार तो आज पायलट और उनके समर्थक विधायकों की बीजेपी ज्वॉइनिंग टल सकती है. सूत्रों के अनुसार आज सुबह तक इस बारे में भाजपा द्वारा अंतिम फैसला लिए जाने की उम्मीद है. इसी बीच पायलट कैम्प से जुड़े सूत्र ने किया दावा किया है कि पायलट के किसी भी सूरत में बीजेपी ज्वॉइन नहीं करेंगे. ऐसे में अब भगवान जाने कि आखिर क्या सच है? वैसे पायलट के मन में शुरू से ही एक नई पार्टी बनाने का विचार था. 


 

Rajasthan Political Crisis: कांग्रेस ने कल होने वाली विधायक दल की बैठक के लिए जारी किया व्हिप

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जयपुर: राजस्थान में इस समय सियासी पारा उफान पर है. सचिन पायलट के कल बीजेपी ज्वॉइन करने की अटकलों के बीच कांग्रेस ने कल सुबह 10.30 बजे होने वाली बैठक को लेकर व्हिप जारी किया है. ऐसे में इस बैठक के बाद प्रदेश की राजनीति को लेकर स्थिति साफ हो जाएगी. जहां एक और सचिन पायलट कैंप अपने साथ 30 विधायक होने का दावा कर रहे हैं तो वहीं दूसरी ओर सीएम गहलोत का धड़ा भी प्रदेश में 5 साल सरकार चलाने को लेकर आश्वस्त नजर आ रहा है. ऐसे में विधायक दल की बैठक में यह स्थिति साफ हो जाएगी. 

पायलट ने गहलोत को अल्पमत में बताकर एक चुनौती दी: 
वहीं 30 विधायकों के समर्थन का दावा कर पायलट ने गहलोत को अल्पमत में बताकर एक चुनौती दी है. अब पायलट के दावे के आधार पर राज्यपाल गहलोत को एक सप्ताह या 10 दिन में गहलोत को बहुमत साबित करने का निर्देश दे सकते हैं. और बस यहीं से नए सिरे से जोड़-तोड का खेल शुरू हो जाएगा. इसके बाद विधानसभा में सरकार अपना बहुमत सिद्ध नहीं कर पाती है तो नई सरकार के गठन से पहले कुछ दिनों के लिए प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लग जाएगा.

पायलट खेमे के विधायक दे सकते हैं इस्तीफा: 
बता दें कि राज्य में बिगड़ते सियासी हालात को देखते हुए कांग्रेस आलाकमान ने पार्टी के तीन नेताओं को जयपुर भेजा है. वहीं, सोमवार सुबह 10.30 कांग्रेस विधायक दल की बैठक होनी है. वहीं सूत्रों के मुताबकि, कल सुबह होने वाली कांग्रेस विधायक दल की बैठक से पहले आज देर रात सचिन पायलट के खेमे के विधायक अपना इस्तीफा विधानसभा अध्यक्ष को भेज सकते हैं.
 

Rajasthan Political Crisis: सचिन पायलट कल भाजपा में हो सकते हैं शामिल, इस वजह के चलते अगले 24 घंटे काफी महत्वपूर्ण

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जयपुर: राजस्थान में चल रही सियासी हलचल के बीच सचिन पालयट ने बगावती तेवर अपना लिया है. अब पायलट भाजपा में शामिल हो सकते हैं. जानकार सूत्रों के हवाले से मिली खबर के अनुसार पायलट जेपी नड्डा की मौजूदगी में बीजेपी में शामिल होंगे. इसको लेकर भाजपा शीर्ष नेतृत्व से कल दिल्ली में मुलाकात कर सकते हैं. 

पायलट का थर्ड फ्रंट बनाने का आइडिया अप्रूव नहीं हुआ:
जानकार सूत्रों के अनुसार पायलट का थर्ड फ्रंट बनाने का आइडिया अप्रूव नहीं हुआ. अब भाजपा के शीर्ष नेतृत्व की मौजूदगी में कल भाजपा ज्वॉइन कर सकते हैं. इस संबंध में जेपी नड्डा और पायलट के बीच पूरी बातचीत हो चुकी है. पायलट कैम्प 30 विधायकों के साथ भाजपा ज्वॉइन करने का दावा कर रहा है. लेकिन इन अंतिम क्षणों में भी भाजपा नेतृत्व को ये आशंका है कि कही खुद पायलट पीछे नहीं हट जाएं. क्योंकि अभिषेक मनु सिंघवी और दो बड़े कांग्रेस नेताओं ने पायलट को भाजपा में जाने से रोकने के प्रयास शुरू किए है. 

अगले 24 घंटे काफी महत्वपूर्ण:
इसलिए राजस्थान की राजनीति के लिए अगले 24 घंटे काफी महत्वपूर्ण होने वाले हैं. लेकिन इंटेलीजेंस सूत्रों ने केवल 12 विधायकों के इस्तीफे देने के संकेत दिए है. लेकिन इस तरह इस्तीफे देने की प्रक्रिया तो शुरू हो जाएगी और फिर यह आंकड़ा न जाने कहां तक जाकर रुकेगा. 

पायलट कांग्रेस विधायक दल की बैठक में शामिल नहीं होंगे:
इससे पहले सचिन पायलट ने कहा कि वो कांग्रेस विधायक दल की बैठक में नहीं शामिल होंगे. उन्होंने कहा कि अशोक गहलोत की सरकार अल्पमत में है. 30 कांग्रेसी और निर्दलीय विधायक मेरे पक्ष में है. इससे पहले सचिन पायलट ने कुछ देर पहले बीजेपी नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया से मुलाकात की है. दोनों नेताओं की मुलाकात दिल्ली में ज्योतिरादित्य सिंधिया के आवास पर करीब 40 मिनट तक चली. पायलट की कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और राहुल गांधी से भी मुलाकात नहीं हुई है.

ज्योतिरादित्य ने पायलट के समर्थन में एक ट्वीट भी किया था:
इससे पहले आज ज्योतिरादित्य ने पायलट के समर्थन में एक ट्वीट भी किया था. सिंधिया ने कहा कि सचिन पायलट को दरकिनार किए जाने से मैं दुखी हूं. ये दिखाता है कि कांग्रेस में काबिलियत और क्षमता की कोई अहमियत नहीं है. 

सचिन पायलट सीएम गहलोत से नाराज चल रहे:
बता दें कि सचिन पायलट सीएम गहलोत से नाराज चल रहे हैं. सूत्रों के अनुसार पायलट का आरोप है कि सीएम गहलोत उन्हें नजरअंदाज कर रहे हैं. सरकार के फैसलों में उन्हें अहमियत नहीं दी जाती है. वहीं गहलोत खेमा सचिन पायलट के बीजेपी के संपर्क में होने का आरोप लगा रहा है. 


 

Rajasthan Political Crisis: सचिन पायलट का बड़ा बयान, कहा-अशोक गहलोत की सरकार अल्पमत में

जयपुर: राजस्थान में चल रहे सियासी घटनाक्रम पर सचिन पायलट का बड़ा बयान सामने आया है. इस बयान से सचिन पायलट के सिंधिया की राह पर चलने के संकेत मिल गए हैं. साथ ही पायलट कल विधायक दल की बैठक में भी शामिल नहीं होंगे. उन्होंने कहा कि अशोक गहलोत की सरकार अल्पमत में है. 30 कांग्रेसी और निर्दलीय विधायक मेरे पक्ष में है.इससे पहले सचिन पायलट ने कुछ देर पहले बीजेपी नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया से मुलाकात की है. दोनों नेताओं की मुलाकात दिल्ली में ज्योतिरादित्य सिंधिया के आवास पर करीब 40 मिनट तक चली. 

आलाकमान से मुलाकात करने के लिए दिल्ली पहुंचे:
बता दें कि सचिन पायलट और सीएम अशोक गहलोत के बीच बतभेद अब जनता के सामने आ गया है. नाराज सचिन पायलट पार्टी आलाकमान से मुलाकात करने के लिए दिल्ली पहुंचे हैं. उनके साथ कुछ विधायक भी हैं. सूत्रों के अनुसार सचिन पायलट ने इसी दौरान ज्योतिरादित्य सिंधिया से मुलाकात की है.

ज्योतिरादित्य ने पायलट के समर्थन में एक ट्वीट भी किया था:
इससे पहले आज ज्योतिरादित्य ने पायलट के समर्थन में एक ट्वीट भी किया था. सिंधिया ने कहा कि सचिन पायलट को दरकिनार किए जाने से मैं दुखी हूं. ये दिखाता है कि कांग्रेस में काबिलियत और क्षमता की कोई अहमियत नहीं है. 

सचिन पायलट सीएम गहलोत से नाराज चल रहे:
बता दें कि सचिन पायलट सीएम गहलोत से नाराज चल रहे हैं. सूत्रों के अनुसार पायलट का आरोप है कि सीएम गहलोत उन्हें नजरअंदाज कर रहे हैं. सरकार के फैसलों में उन्हें अहमियत नहीं दी जाती है. वहीं गहलोत खेमा सचिन पायलट के बीजेपी के संपर्क में होने का आरोप लगा रहा है. 

Rajasthan Political Crisis: दिल्ली में ज्योतिरादित्य सिंधिया से मिले सचिन पायलट, 40 मिनट की मुलाकात पर लगीं अटकलें!

Rajasthan Political Crisis: दिल्ली में ज्योतिरादित्य सिंधिया से मिले सचिन पायलट, 40 मिनट की मुलाकात पर लगीं अटकलें!

नई दिल्ली: राजस्थान में चल रहे सियासी संकट के बीच डिप्टी सीएम सचिन पायलट ने बीजेपी नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया से मुलाकात की है. दोनों नेताओं की मुलाकात दिल्ली में ज्योतिरादित्य सिंधिया के आवास पर करीब 40 मिनट तक चली. 

इस मुलाकात के कई मायने निकाले जा रहे: 
ऐसे में अब इस मुलाकात के कई मायने निकाले जा रहे हैं. क्या सचिन पायलट भी ज्योतिरादित्या सिंधिया की राह पर चलकर कांग्रेस से इस्तीफा देकर बीजेपी में शामिल होंगे. हालांकि ये सब राजनीतिक जानकार लोगों के कयास है क्योंकि अंतिम फैसला तो सचिन पायलट को ही लेना है. 

आलाकमान से मुलाकात करने के लिए दिल्ली पहुंचे:
बता दें कि सचिन पायलट और सीएम अशोक गहलोत के बीच बतभेद अब जनता के सामने आ गया है. नाराज सचिन पायलट पार्टी आलाकमान से मुलाकात करने के लिए दिल्ली पहुंचे हैं. उनके साथ कुछ विधायक भी हैं. सूत्रों के अनुसार सचिन पायलट ने इसी दौरान ज्योतिरादित्य सिंधिया से मुलाकात की है.

ज्योतिरादित्य ने पायलट के समर्थन में एक ट्वीट भी किया था:
इससे पहले आज ज्योतिरादित्य ने पायलट के समर्थन में एक ट्वीट भी किया था. सिंधिया ने कहा कि सचिन पायलट को दरकिनार किए जाने से मैं दुखी हूं. ये दिखाता है कि कांग्रेस में काबिलियत और क्षमता की कोई अहमियत नहीं है. 

सचिन पायलट सीएम गहलोत से नाराज चल रहे:
बता दें कि सचिन पायलट सीएम गहलोत से नाराज चल रहे हैं. सूत्रों के अनुसार पायलट का आरोप है कि सीएम गहलोत उन्हें नजरअंदाज कर रहे हैं. सरकार के फैसलों में उन्हें अहमियत नहीं दी जाती है. वहीं गहलोत खेमा सचिन पायलट के बीजेपी के संपर्क में होने का आरोप लगा रहा है. 
 

Rajasthan Political Crisis: 3 विधायकों ने साफ कर दी तस्वीर, कहा- हम कांग्रेस के सिपाही हैं और आखिरी सांस तक कांग्रेस के साथ रहेंगे

जयपुर: राजस्थान में चल रही सियासी हलचल में एक के बाद एक नया मोड सामने आ रहा है. अब 3 कांग्रेस विधायकों ने दिल्ली दौरे को लेकर तस्वीर साफ की है. रोहित बोहरा, दानिश अबरार और चेतन डूडी ने साफ कहा है कि गहलोत के नेतृत्व में 5 साल सरकार चलेगी. ये तीनों विधायक पायलट गुट के माने जाते हैं. 

हम कांग्रेस के सिपाही हैं और आखिरी सांस तक कांग्रेस के साथ रहेंगे: 
इन विधायकों का कहना है कि आलाकमान ने गहलोत को हमारा नेता बनाया है हम उनके नेतृत्व में आगे भी काम करते रहेंगे. तीनों विधायकों ने माना की वो दिल्ली गए थे लेकिन दिल्ली जाने का कारण पारिवारिक बताया. हालांकि उन्होंने कांग्रेस नेताओं से मिलने की बात को भी स्वीकार किया है. हम कांग्रेस के सिपाही हैं और आखिरी सांस तक कांग्रेस के साथ रहेंगे. बता दें कि अशोक गहलोत ने सोमवार सुबह 10.30 बजे विधायक दल की बैठक बुलाई है. सभी विधायकों को जयपुर पहुंचने को कहा गया है. 

SOG की एफआईआर और पूछताछ की चिट्ठी के बाद बढ़ी नाराजगी:
सूत्रों की माने तो एसओजी (SOG) की एफआईआर और पूछताछ की चिट्ठी के बाद डिप्टी सीएम सचिन पायलट की नाराजगी बढ़ गई है. हालांकि एसओजी ने सीएम को भी ऐसी चिट्ठी भेजी है. लेकिन अब पायलट हाईकमान से मिलकर अपना पक्ष रखना चाहते हैं. आपको बता दें कि डिप्टी सीएम सचिन पायलट को एसओजी ने पूछताछ के लिए धारा 160 के तहत पूछताछ का नोटिस भेजा है. इसमें एसओजी ने सरकार गिराने के षड्यंत्र के मामले में पूछताछ करने की बात कही है.
 

Rajasthan Political Crisis: दिल्ली से कांग्रेस के 3 बड़े नेता आएंगे जयपुर, विधायकों के साथ करेंगे बैठक

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जयपुर: राजस्थान में सियासी संकट के चलते पार्टी आलाकमान एक्शन मोड में आ गया है. दिल्ली से कांग्रेस के 3 बड़े नेता जयपुर आएंगे. सोनिया गांधी ने अजय माकन, रणदीप सुरजेवाला और अविनाश पांडे को जयपुर जाने को कहा है. तीनों नेता कांग्रेस विधायकों के साथ बैठक करेंगे. कल सुबह 10:30 बजे मुख्यमंत्री आवास पर विधायक दल की बैठक होगी.

आज रात तक पायलट भी जयपुर पहुंच सकते हैं:
वहीं सूत्रों की माने तो पार्टी ने डिप्टी सीएम सचिन पायलट को भी निर्देश दिया है. ऐसे में आज रात तक पायलट भी जयपुर पहुंच सकते हैं. सचिन पायलट कांग्रेस के भेजे जा रहे पर्यवेक्षकों के साथ मीटिंग करेंगे और कल विधायक दल की बैठक में हिस्सा ले सकते हैं. बता दें कि अशोक गहलोत और उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट के बीच मतभेद खुलकर सामने आ गए हैं. पायलट पार्टी आलाकमान से मिलने के लिए दिल्ली में हैं. पायलट खेमे के 12 विधायक भी दिल्ली में हैं. 

स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप के नोटिस के बाद ये पूरी जंग शुरू हुई:
जानकारों की माने तो स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप के नोटिस के बाद ये पूरी जंग शुरू हुई है. विधायकों की खरीद-फरोख्त मामले में स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप ने सचिन पायलट को भी नोटिस भेजा था और बयान दर्ज कराने को कहा. कहा जा रहा है कि नोटिस मिलने के बाद पायलट, सीएम अशोक गहलोत से नाराज हैं. सचिन पायलट खेमे को उपमुख्यमंत्री से पूछताछ के लिए एसओजी का नोटिस स्वीकार्य नहीं है.


 

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