डेंगू, स्वाइन फ्लू और अब जीका... राजस्थान कहें या मौसमी बीमारियों का 'गढ़'

Vikas Sharma Published Date 2018/10/11 09:54

जयपुर (विकास शर्मा)। देशभर में मौसमी बीमारियों का प्रकोप है, लेकिन चिंता की बात ये है कि हमारा प्रदेश राजस्थान घर-घर दस्तक दे रही बड़ी बीमारियों के मामले में पहले पायदान पर पहुंच गया है। जीका और स्वाइन फ्लू में जहां राजस्थान पूरे भारत वर्ष में पहले नम्बर पर है, वहीं दूसरी ओर डेंगू के मौत के ग्राफ में भी मरूधरा टॉप फाइव राज्यों में शामिल है। फर्स्ट इंडिया न्यूज की इस स्पेशल रिपोर्ट से जानिए, आखिर क्या है मौसमी बीमारियों की देशव्यापी तस्वीर...

मरूधरा इन दिनों मौसमी बीमारी की जकड़ में है। ये जकड़ लोगों को बीमार ही नहीं कर रही, बल्कि मौत भी बांट रही है। जी हां, भले ही चिकित्सा मंत्री दावे कर रहे हों कि राजस्थान को बीमारू प्रदेश की स्थिति से बाहर ला दिया गया है, लेकिन सच्चाई ये है कि स्वाइन फ्लू और डेंगू इस साल में 190 लोगों की जान ले चुका है। राजधानी में जीका का डर लोगों के मन में घर कर गया है। हालात ये हो चुके हैं कि फिलहाल राजस्थान मौसमी बीमारियों के मामले में 'गढ़' बनकर उभर रहा है।

तीन बड़ी बीमारियां यू बरपा रही कहर :
जीका : इस वायरस में नम्बर वन राजस्थान 
— फरवरी 2017 : गुजरात के अहमदाबाद में सामने आए तीन केस 
— जुलाई 2017 : तमिलनाडू के कृष्णागिरी में एक केस मिला पॉजिटिव 
— 22 सितम्बर 2018 : पहला केस जयपुर में, राजस्थान में अब तक 32 पॉजिटिव मरीजों की पुष्टि 

स्वाइन फ्लू : मौत-पॉजिटिव दोनों में अव्वल राजस्थान 
— राजस्थान : इस साल अब तक 1852 पॉजिटिव,186 लोगों की जा चुकी जान 
— महाराष्ट्र : इस साल अब तक 1497 पॉजिटिव,174 लोगों की जा चुकी जान 
— गुजरात : इस साल अब तक 1156 पॉजिटिव, 36 लोगों की जा चुकी जान 

डेगूं : टॉप फाइव में राजस्थान का नाम 
— केरला : इस साल अब तक 3660 पॉजिटिव केस, 35 लोगों की मौत 
— महाराष्ट्र : इस साल अब तक 4667 पॉजिटिव केस, 18 लोगों की मौत 
— छत्तीसगढ़ : इस साल अब तक 1983 पॉजिटिव केस, 10 लोगों की मौत 
— ओडिशा : इस साल अब तक 3883 पॉजिटिव केस, 5 लोगों की मौत 
— राजस्थान : इस साल अब तक 3022 पॉजिटिव केस, 4 लोगों की मौत 

इस चौंकाने वाले आंकड़ों को लेकर आमजन भले ही चिंतित हो, गुड गर्वनेंस के दावे को यह तस्वीर शर्मसार कर रही हो, लेकिन चिकित्सा विभाग इसे खुद की सजगता ही बता रहा है। चिकित्सा विभाग का कहना है कि राजस्थान में फ्री जांच की सुविधाएं हैं। इसके साथ ही विभाग की सर्विलांस काफी निचले लेवल तक हो रही है, जिसके चलते इन बीमारियों के मरीज सामने आ रहे हैं।

हालांकि, आमजन की सेहत से जुड़े इस मामले में फर्स्ट इंडिया न्यूज की खबरों के बाद सरकारी तंत्र भी अलर्ट मोड पर आ गया है। सूबे के प्रशासनिक 'मुखिया' यानी मुख्य सचिव ने मौसमी बीमारियों की रोकथाम के लिए कमान संभाली है और जिला कलक्टरों को जिम्मा सौंपा गया है। ऐसे में देखना ये है कि चुनावी कामकाज में व्यस्त जिला कलक्टर सीजनल डिजिज पर कितना कंट्रोल कर पाते हैं। लेकिन ये भी साफ है कि अगर समय रहते नहीं चेते तो चुनाव के दौरान ये बीमारियां सरकार के वोटबैंक को भी बीमार करने में देर नहीं लगाएगी।

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