जयपुर Rajasthan: गहलोत सरकार और सियासी नियुक्तियां, बीते चुनावों में परास्त हुए नेताओं को मिलेंगे पद !

Rajasthan: गहलोत सरकार और सियासी नियुक्तियां, बीते चुनावों में परास्त हुए नेताओं को मिलेंगे पद !

जयपुर: राजनीतिक नियुक्तियों में पराजित नेताओं को अवसर मिलेगा ? ये यक्ष प्रश्न गूंज रहा कांग्रेस के गलियारों में...बीता लोकसभा और विधानसभा चुनाव हारे नेताओं को उम्मीद है कि उन्हें भी राजनीतिक नियुक्तियों में तरजीह मिलेगी. बुधवार को सीएम गहलोत और पीसीसी चीफ डोटासरा के बीच बातचीत ने फिर सियासी नियुक्तियों की चर्चा को तेज किया.

राजनीति में कहा जाता है जब किसी को देना नहीं होता तब फॉर्मूला या मॉडल की रचना रच दी जाती है. चाहे टिकट काटना हो या फिर किसी को नियुक्ति नहीं देनी हो. अभी सियासी नियुक्तियों की चर्चा में पहले ये सुना जा रहा था कि पराजित नेताओं को सियासी पद नहीं दिए जायेंगे, लेकिन अब सुना जा रहा है कि परास्त नेता को पद मिलेंगे. कारण क्या दिए जा रहे देखते हैं.  

- लोकसभा चुनाव में 25 बड़े चेहरे चुनाव हार गये थे.

- इन्होंने मोदी लहर को बड़ा कारण बताया था.

- मोदी लहर के तर्क को खारिज भी नहीं किया जा सकता. 

- पूरे देश में ही बड़े बड़े नेता चुनाव हार गये थे, अमेठी से राहुल गांधी तक परास्त हो गये थे.

- विधानसभा चुनाव में कुछ दिग्गज बेहद कम अंतर से चुनाव हार गये थे.  

- करीब 1 दर्जन ऐसे नाम है जो चुनाव भले ही हार गये थे लेकिन यह बड़े चेहरे कहे जाते है.  

- भंवर जितेंद्र सिंह, नमोनारायण मीना, रघुवीर मीना, रतन देवासी, बद्री जाखड़, सुभाष महरिया, गोपाल सिंह इडवा, भरतराम मेघवाल, ताराचंद भगौरा, ज्योति खंडेलवाल ऐसे ही चर्चित नाम है जो लोकसभा चुनाव हार गये थे. 

- कमोबेश यहीं हाल विधानसभा चुनाव हारे कई प्रमुख नेताओं का भी है इनमें प्रमुख है रामेश्वर डूडी, गिरिजा व्यास, सुरेन्द्र जाडावत, अर्चना शर्मा, राम गोपाल बैरवा सरीखे चर्चित नाम है. 

अब सवाल यह है कि सीएम अशोक गहलोत किस तरह से पराजित नेताओं को नियुक्तियां देंगे. माना यही जा रहा है कि उन्हें ही नियुक्तियां देंगे जो समर्पित कार्यकर्ता रहे हैं, जिनकी कांग्रेस पार्टी के प्रति निष्ठा रही है. गुटबाजी से परे जिन्होंने कांग्रेस की सच्ची सेवा की है. उन्हीं अनुभवी और कर्मठ चेहरों को प्राथमिकता मिलेगी. उप चुनावों में सफलतापूर्वक टास्क निभाने वाले चेहरों को वरियता मिलेगी.

...फर्स्ट इंडिया के लिये योगेश शर्मा की रिपोर्ट

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