Rajasthan: सड़क हादसों पर गंभीर सरकार, परिवहन विभाग ने तैयार की योजना

Rajasthan: सड़क हादसों पर गंभीर सरकार, परिवहन विभाग ने तैयार की योजना

जयपुर: प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए गहलोत सरकार शुरू से ही काफी गंभीर है. सीएम गहलोत ने अपने पिछले बजट में सड़क सुरक्षा को लेकर कई बड़ी घोषणा की थी. सड़क दुर्घटनाओं का अनुसंधान करने और राजमार्गों पर सुविधा विकसित करने के लिए परिवहन विभाग ने एक योजना तैयार की है. 

देश भर में सड़क दुर्घटनाओं के कारण हर रोज बड़ी संख्या में लोग अपनी जान गवां रहे हैं. राजस्थान में भी सड़क दुर्घटनाओं का ग्राफ बढ़ा है. सीएम अशोक गहलोत सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए काफी गंभीर हैं. सीएम ने बजट में सड़क सुरक्षा फण्ड में 100 करोड़ रुपये देने का ऐलान किया था. तमिलनाडु मॉडल को भी परिवहन विभाग लगातार फ़ॉलो कर रहा है. परिवहन आयुक्त महेंद्र सोनी भी सड़क सुरक्षा को लेकर पहले दिन से ही काफी प्रयास कर रहे हैं. सड़क दुर्घटनाएं क्यों होती हैं और इन्हें किस तरीके से कम किया जा सकता है इसके लिए परिवहन विभाग और पुलिस समेत अन्य जरूरी विभाग हर सड़क दुर्घटना का अनुसंधान करेंगे, जिसमें यह पता किया जाएगा कि सड़क दुर्घटना क्यों हुई और भविष्य में इस तरह की दुर्घटना नहीं हो इसके लिए क्या उपाय किए जाएं सड़क दुर्घटनाओं का अनुसंधान कराने के लिए परिवहन विभाग ने योजना बनाई है जिसकी अधिसूचना जारी हो चुकी है. परिवहन आयुक्त महेंद्र सोनी ने बताया इस योजना के लागू होने के बाद परिवहन विभाग पुलिस और अन्य संबंधित विभागों के साथ मिलकर हर छोटी बड़ी दुर्घटना के कारणों का पता करेगा और यह सुनिश्चित भी करेगा कम से कम उसी जगह पर उसी तरह की सड़क दुर्घटना को रोका जाए. 

सड़क दुर्घटनाओं का अनुसंधान करने की योजना के उद्देश्य:-

1- राजमार्गों पर होने वाली सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाना

2- राजमार्गों पर होने वाली दुर्घटनाओं का विश्लेषण के लिए वैज्ञानिक अनुसंधान करने के लिए प्रक्रिया स्थापित करना

3- नींद और थकान से होने वाली दुर्घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए राजमार्गों पर वाहन चालकों की सुविधा के लिए वे साइड एनिमिटीज़ की उपलब्धता सुनिश्चित करना

4- राजमार्गो पर सड़क दुर्घटना होने पर त्वरित सहायता के लिए ट्रैफिक एड पोस्ट की उपलब्धता सुनिश्चित करना

सड़क दुर्घटनाओं का अनुसंधान करने की योजना जारी होने से पहले प्रदेश में बड़ी से बड़ी सड़क दुर्घटनाओं का अनुसंधान नहीं किया गया है. कहीं भी एक्सीडेंट होने के बाद पुलिस की प्राथमिकता यही रही है कि जल्द से जल्द घायलों को अस्पताल और मृतकों को मोर्चरी में पहुंचाया जाए और यातायात को सुचारू किया जाए लेकिन इस योजना के जारी होने के बाद संबंधित पुलिस थाना के अधिकारियों को परिवहन विभाग को दुर्घटना की तत्काल सूचना देना जरूरी होगा जिसके बाद मौके पर हुई दुर्घटना का मिलकर अनुसंधान किया जाएगा. परिवहन आयुक्त महेंद्र सोनी ने बताया कि कौन सी सड़क दुर्घटना का वैज्ञानिक तरीके से अनुसंधान किया जाएगा और अनुसंधान किस तरीके से होगा यह सभी बिंदु योजना में जारी किए गए हैं जिसमें सभी विभागों की जिम्मेदारी तय कर दी गई है.  

 

कैसे होगा सड़क दुर्घटनाओं का वैज्ञानिक अनुसंधान:-

1- किसी भी सड़क दुर्घटना जिसमें 3 या 3 से अधिक लोगों की मौत हुई हो ऐसी सड़क दुर्घटना का वैज्ञानिक अनुसंधान करना जरूरी होगा

2- सड़क दुर्घटनाओं के अनुसंधान के लिए हर जिले में एक समर्पित सड़क दुर्घटना अनुसंधान समिति बनाई जाएगी,, इस समिति में  संबंधित जिले में पदस्थापित जिला परिवहन अधिकारी उनकी ओर से नामित किया गया परिवहन निरीक्षक या उपनिरीक्षक शामिल होंगे

- पुलिस विभाग से संबंधित थाना अधिकारी या उनकी ओर से नामित किए गए पुलिसकर्मी शामिल होंगे

3- सड़क दुर्घटना होने के बाद 24 घंटे के अंदर दुर्घटना स्थल का निरीक्षण कर  वैज्ञानिक अनुसंधान करना जरूरी होगा

4- सड़क दुर्घटना होने के बाद यातायात सुचारु करने के लिए दुर्घटनाग्रस्त हुए वाहन को जल्द से जल्द हटाया दिया जाता है अगर संभव हो तो वैज्ञानिक अनुसंधान के लिए ऐसे वाहनों को मौके से नहीं हटाया जाएगा

5- अगर दुर्घटनाग्रस्त मान को मौके से हटा दिया गया है तो आसपास में दुकानदार ग्रामवासी या शहर वासियों से बातचीत कर दुर्घटना का वैज्ञानिक विश्लेषण किया जा सकेगा

6- सभी थाना अधिकारी या जांच अधिकारी यह सुनिश्चित करेंगे कि दुर्घटनाग्रस्त वाहन को मौके से हटाने से पहले सभी कोणों से उसकी तस्वीर ली जाएगी

इस तरह के कई बिंदु सड़क दुर्घटनाओं का वैज्ञानिक विश्लेषण करने के लिए तैयार किए गए हैं जिनकी पालना पुलिस परिवहन और दूसरे संबंधित विभागों को भी करनी होगी. परिवहन आयुक्त महेंद्र सोनी ने बताया कि किसी भी सड़क दुर्घटना का अनुसंधान किया जाएगा तो यह रिपोर्ट भी तैयार की जाएगी कि भविष्य में किस तरीके से इस तरह के हादसों को रोका जाए खासकर जिस जगह पर हादसा हो चुका है वहां फिर से ऐसा हादसा नहीं हो इसके लिए सभी विभागों को मिलकर कौन से प्रयास करने चाहिए. 

परिवहन विभाग ने पहले भी काफी प्रयास किए:
सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए ऐसे तो परिवहन विभाग ने पहले भी काफी प्रयास किए हैं लेकिन परिवहन आयुक्त महेंद्र सोनी की देखरेख में जिस तरीके से सड़क दुर्घटनाओं का वैज्ञानिक विश्लेषण करने के लिए योजना तैयार की गई है उससे यह तय है कि आने वाले दिनों में विभाग सड़क दुर्घटनाओं को कम से कम करने के लिए हर संभव प्रयास करेगा. 

...फर्स्ट इंडिया न्यूज के लिए शिवेंद्र सिंह परमार की रिपोर्ट

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