जयपुर Rajasthan: रबी का 1 करोड़ हेक्टेयर का रकबा ! बुवाई के लिए तैयार हुआ कृषि विभाग; किसानों के लिए 18.69 लाख क्विंटल बीज तैयार

Rajasthan: रबी का 1 करोड़ हेक्टेयर का रकबा ! बुवाई के लिए तैयार हुआ कृषि विभाग; किसानों के लिए 18.69 लाख क्विंटल बीज तैयार

Rajasthan: रबी का 1 करोड़ हेक्टेयर का रकबा ! बुवाई के लिए तैयार हुआ कृषि विभाग; किसानों के लिए 18.69 लाख क्विंटल बीज तैयार

जयपुर: 15 अक्टूबर से प्रदेश में रबी की फसल की बुवाई होने लगेगी. अभी खरीफ की फसलों की कटाई का सीजन चल रहा है. बाजरा, ज्वार और ग्वार आदि फसलों की कटाई अगले कुछ दिनों में पूरी हो जाएगी. चूंकि इस बार बारिश प्रदेश के ज्यादातर जिलों में सामान्य रही है, ऐसे में फसल बुवाई पिछले साल के लगभग बराबर ही रहेगी. 

प्रदेश में इस बार बारिश सामान्य रहने के बाद फसलों की बम्पर बुवाई होने के आसार हैं. रबी की फसल की बुवाई के लिए कृषि विभाग ने भी तैयारियां शुरू कर दी हैं. रबी की बुवाई का सीजन अक्टूबर माह के मध्य से शुरू होता है. इस दौरान प्रदेश में सर्वाधिक फसल बुवाई गेहूं, सरसों और चने की होती है. वहीं मसालों में जीरे की बुवाई सर्वाधिक की जाती है. इस दौरान किसानों को पर्याप्त मात्रा में बीज मिल सके और खाद की कमी न हो, इसके लिए कृषि विभाग के आयुक्त डॉ. ओमप्रकाश ने सभी जिलों के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं. 

हालांकि इस वर्ष फसल बुवाई का रकबा पिछले साल के मुकाबले करीब डेढ़ लाख हैक्टेयर ज्यादा होगा. पिछले साल 98.80 लाख हैक्टेयर क्षेत्रफल में बुवाई का लक्ष्य रखा गया था, जबकि इस वर्ष रबी सीजन में 1 करोड़ हैक्टेयर क्षेत्रफल में बुवाई का लक्ष्य रखा गया है. कृषि विभाग के आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक किसानों को शुरुआत में करीब 5 लाख टन यूरिया और करीब 3.5 लाख टन डीएपी की जरूरत पड़ेगी, जिसके लिए कृषि विभाग ने तैयारियां की हुई हैं. खाद की पर्याप्त उपलब्धता के लिए केन्द्र सरकार को भी मांग बताई जा चुकी है.

रबी सीजन में 1 करोड़ हैक्टेयर में बुवाई संभव:
- सरसों एवं तारामीरा फसल की बुवाई 30 लाख हैक्टेयर में संभावित
- 20 लाख हैक्टेयर में चना की बुवाई की संभावना
- 30 लाख हैक्टेयर में गेहूं और 4 लाख हैक्टेयर में जौ की बुवाई की संभावित
- 16 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में अन्य फसलें बोए जाने की संभावना
- इनमें सबसे ज्यादा करीब 6 लाख हैक्टेयर में जीरा एवं इसबगोल की बुवाई संभावित
- 85 हजार से 1 लाख हैक्टेयर में धनिया की बुवाई होने की उम्मीद
- करीब डेढ़ लाख हैक्टेयर क्षेत्र में हरा चारा बोने की संभावना
- अच्छी बरसात के चलते बढ़ सकती है तारामीरा एवं चना की बुवाई

जानिए, कितने बीज की जरूरत, किना उपलब्ध:
- रबी सीजन में प्रदेश में किसानों को 15.41 लाख क्विंटल की जरूरत
- जबकि राज्य में जरूरत के मुताबिक 18.69 लाख क्विंटल बीज उपलब्ध

पिछले वर्ष राज्य में 27 लाख हैक्टेयर क्षेत्रफल में सरसों की बुवाई की गई थी और करीब 3 लाख हैक्टेयर क्षेत्रफल में तारामीरा की बुवाई हुई थी. चूंकि इस वर्ष अब तक सरसों की भाव काफी तेज चल रहे हैं, ऐसे में सरसों की बुवाई का ट्रेंड बढ़ सकता है. माना जा रहा है कि इस बार सरसों की फसल का रकबा 35 लाख हैक्टेयर क्षेत्रफल तक भी पहुंच सकता है. पिछले वर्ष गेहूं की बुवाई का रकबा 31 लाख हैक्टेयर था, जो इस बार करीब 30 लाख हैक्टेयर रह सकता है. कुल मिलाकर इस बार बारिश के सामान्य रहने से सरसों की बुवाई बढ़ सकती है, वहीं गेहूं की बुवाई भी पिछले सालों के बराबर रहने की संभावना है. यदि सितंबर माह के अंत तक बरसात जारी रहती है तो सरसों की बुवाई और भी बढ़ने की संभावना है. 

...काशीराम चौधरी, फर्स्ट इंडिया न्यूज, जयपुर

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