जयपुर Rajasthan: ज्वार-बाजरा में 10 फीसदी कम बुवाई, मानसून के एक्टिव रहने से 3 दिन में बढ़ेगी बुवाई; जानिए किस फसल की कितनी हुई बुवाई

Rajasthan: ज्वार-बाजरा में 10 फीसदी कम बुवाई, मानसून के एक्टिव रहने से 3 दिन में बढ़ेगी बुवाई; जानिए किस फसल की कितनी हुई बुवाई

जयपुर: मरुधरा में मानसून (monsoon) चरम पर है. खरीफ फसलों की बुवाई यूं तो फिलहाल सामान्य चल रही है. लेकिन पिछले 5 वर्षों से तुलना की जाए तो अभी भी ज्वार, बाजरा, मक्का आदि फसलों की बुवाई करीब 10 फीसदी कम हुई है. हालांकि अगले कुछ दिनों की बारिश में विभाग लक्ष्य को हासिल कर सकता है. 

कृषि विभाग (agriculture department) ने इस साल राज्य में 1 करोड़ 64 लाख हैक्टेयर क्षेत्रफल में बुवाई करने का लक्ष्य रखा है. मानसून समय पर आने और इसके लगातार एक्टिव रहने से प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में खरीफ फसलों की बुवाई शुरू हो चुकी है. कई जिलों में तो फसलों में निराई का काम भी तेजी से चल रहा है. हालांकि पूरे प्रदेश के आंकड़े देखें तो बाजरा और ज्वार जैसी मुख्य फसलों की बुवाई का आंकड़ा अभी पीछे है. कृषि विभाग के पिछले 5 वर्षों के औसत आंकड़े बताते हैं कि 15 जुलाई तक राज्य में करीब 70 फीसदी बुवाई पूरी हो जाती है. लेकिन इस वर्ष के 14 जुलाई तक के आंकड़ों से साफ है कि राज्य में खरीफ फसलों की कुल बुवाई अभी 60.13 प्रतिशत क्षेत्रफल में ही हो सकी है. हालांकि दाल और मूंगफली-सोयाबीन जैसी तेल उपज वाली फसलों की बुवाई अपेक्षाकृत रूप से अच्छी रही है. कम बुवाई के मामले में तिल सबसे आगे है. तिल की बुवाई अभी लक्ष्य के मुकाबले करीब 33 फीसदी ही हो सकी है. 

किस फसल की कितनी हुई बुवाई:-
- प्रदेश में चावल की 58.47 फीसदी बुवाई हुई
- ज्वार की 70.79 और बाजरा की 60.12 फीसदी बुवाई
- मक्का की 55.85 प्रतिशत और मिलेट की 13.03 फीसदी बुवाई
- इस तरह अनाज की 37.25 लाख हैक्टेयर क्षेत्रफल में हुई बुवाई
- 21.59 लाख हैक्टेयर क्षेत्रफल में हुई दालों की बुवाई
- 17.28 लाख हैक्टेयर क्षेत्रफल में ऑयल सीड (मूंगफली, सोयाबीन) की बुवाई
- कुल मिलाकर 98.72 लाख हैक्टेयर क्षेत्रफल में हुई बुवाई
- हालांकि कुल 164 लाख हैक्टेयर क्षेत्रफल में बुवाई का है लक्ष्य

कृषि विभाग से जुड़े सूत्रों का कहना है कि अभी भी राजस्थान के 6 जिले ऐसे हैं, जहां पर कम वर्षा के चलते खरीफ फसलों की बुवाई नहीं हो सकी है. बांसवाड़ा, डूंगरपुर, प्रतापगढ़, चित्तौड़गढ़ आदि जिलों में खरीफ फसलों की बुवाई नहीं हो सकी है. हालांकि अगले 3 दिन अच्छी बारिश होने की स्थिति में इन जिलों में भी कम बुवाई के आंकड़े की भरपाई होने की उम्मीद है.

कृषि विभाग ने पिछले साल रबी सीजन में मची खाद की किल्लत को देखते हुए खरीफ फसल में किसानों के लिए पर्याप्त मात्रा में खाद का इंतजाम रखा है. जानकारी के मुताबिक 4 लाख मैट्रिक टन से ज्यादा यूरिया का स्टॉक उपलब्ध है. कुलमिलाकर अन्नदाता के लिए इस बार समय पर आया मानसून फसल बुवाई के मामले में अच्छी उम्मीदों का प्रतीक साबित होगा.

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