अब घर खरीदना हुआ सस्ता, RBI ने घटाई रेपो रेट-RTGS और NEFT पर पड़ेगा असर

FirstIndia Correspondent Published Date 2019/06/06 12:49

मुंबई: भारतीय रिजर्व बैंक  की छह सदस्यीय मौद्रिक नीति समिति यानि MPC ने वित्त वर्ष 2019-20 की दूसरी द्विमासिक मौद्रिक समीक्षा के दौरान रीपो रेट में 0.25% कटौती का फैसला किया है. इसके साथ ही, अब रेपो रेट 6.0% से घटकर 5.75% हो गया. अगर सीधा-सीधा बताएं तो अब ईएमआई में लोगों को फायदा मिलेगा, इसमें भी खास तौर पर घर खरीदना, लोन पर गाड़ी खरीदना अब सस्ता हो गया है. आरबीआई की इस नीति से सीधे तौर पर आम आदमी को फायदा मिलेगा. अगर आप 30 लाख रुपए का होम लोन लेते हैं तो हर महीने आने वाली EMI पर आपको 474 रुपये का फायदा मिलेगा. इसी बीच खबर है कि बैंक भी ब्याज दरों में कटौती करने वाली हैं.

होम या ऑटो लोन की ईएमआई पर मिलेगा फायदा
बतादें, नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली सरकार के दूसरे कार्यकाल में यह पहली मौद्रिक समीक्षा बैठक थी. आरबीआई की पिछली दो बैठकों में भी एमपीसी रेपो रेट में क्रमश: 0.25  फीसदी की कटौती कर चुकी है. यानी जून में लगातार तीसरी बार केंद्रीय बैंक ने रेपो रेट घटाई है. वहीं रिजर्व बैंक के इतिहास में पहली बार है जब आरबीआई गवर्नर की नियुक्‍ति के बाद लगातार तीसरी बार रेपो रेट में कमी आई है.

मालूम हो, RBI  के इस फैसले के बाद बैंकों पर ब्‍याज दर कम करने का दबाव बनेगा. ब्‍याज दर कम होने की स्थिति में उन लोगों को फायदा मिलेगा जिनकी होम या ऑटो लोन की ईएमआई चल रही है.इसके अलावा बैंक से नए लोन लेने की स्थिति में भी पहले के मुकाबले ज्‍यादा राहत मिलेगी.

ऑनलाइन ट्रांजेक्शन पर भी मिलेगा फायदा
दूसरी और भारतीय रिजर्व बैंक की इस नीति का असर ऑनलाइन ट्रांजेक्‍शन करने वालों को भी मिलेगा. बतादें, रिजर्व बैंक ने RTGS यानि रियल टाइम ग्रॉस सेटलमेंट और NEFT यानि नेशनल इलेक्ट्रॉनिक फंड ट्रांसफर से लेनदेन पर लगाए गए शुल्क को हटा दिया है. इसका मतलब यह हुआ कि अब RTGS और NEFT के जरिए ट्रांजेक्‍शन करने वाले लोगों को किसी भी तरह का एक्‍स्‍ट्रा चार्ज नहीं देना होगा. 

अब मनी ट्रांसफर पर नही लगेगा चार्ज
गौरतलब है कि आरटीजीएस का उपयोग मुख्यत: बड़ी राशि को ट्रांसफर करने के लिए होता है. इसके तहत न्यूनतम 2 लाख रुपये भेजे जा सकते हैं और अधिकतम राशि भेजने की कोई सीमा नहीं है. अलग-अलग बैंकों का आरटीजीएस चार्ज अमाउंट के हिसाब से अलग-अलग होता है.वहीं नेशनल इलेक्ट्रॉनिक फंड ट्रांसफर में ट्रांसफर के लिए न्यूनतम और अधिकतम पैसे की सीमा नहीं है. यह चार्ज भी अमाउंट के हिसाब से बढ़ता जाता है.

First India News से जुड़े अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करे!
हर पल अपडेट रहने के लिए अभी डाउनलोड करें First India News Mobile Application
लेटेस्ट वीडियो के लिए हमारे YOUTUBE चैनल को विजिट करें

और पढ़ें

Most Related Stories

Stories You May be Interested in