देहरादून उत्तराखंड बाढ़: बचाव कार्यों में तेजी, अब तक 18 लोगों के शव बरामद 

उत्तराखंड बाढ़: बचाव कार्यों में तेजी, अब तक 18 लोगों के शव बरामद 

उत्तराखंड बाढ़: बचाव कार्यों में तेजी, अब तक 18 लोगों के शव बरामद 

देहरादून: उत्तराखंड के चमोली जिले की ऋषिगंगा घाटी में रविवार को अचानक आई विकराल बाढ़ से प्रभावित क्षेत्र में बचाव और राहत अभियान में सोमवार को तेजी आ गई जबकि आपदा में मरने वालों की संख्या 18 पहुंच गई है जबकि 202 अन्य लोग लापता हैं. ऋषिगंगा घाटी के रैंणी क्षेत्र में हिमखंड टूटने से ऋषिगंगा और धौलीगंगा नदियों में अचानक आई बाढ़ से क्षतिग्रस्त 13.2 मेगावाट ऋषिगंगा और 480 मेगावाट की निर्माणाधीन तपोवन विष्णुगाड पनबिजली परियोजनाओं में लापता लोगों की तलाश के लिए सेना, भारत तिब्बत सीमा पुलिस (आइटीबीपी), राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) के जवानों के बचाव और राहत अभियान में जुट जाने से उसमें तेजी आ गई है.

अब तक 18 लोगों के शव बरामदः 
उत्तराखंड राज्य आपदा परिचालन केंद्र से मिली जानकारी के अनुसार, आपदा में अब तक 202 लोगों के लापता होने की सूचना है जबकि 18 के शव बरामद हो चुके हैं. अधिकारियों ने बताया कि लापता लोगों में पनबिजली परियोजनाओं में कार्यरत लोगों के अलावा आसपास के गांवों के स्थानीय लोग भी है जिनके घर बाढ़ के पानी में बह गए.

 बचाव और राहत अभियान जारीः
आपदा प्रभावित क्षेत्र तपोवन क्षेत्र में बिजली परियोजना की छोटी सुरंग से 12 लोगों को कल रविवार को बाहर निकाल लिया गया था जबकि 250 मीटर लंबी दूसरी सुरंग में फंसे 35 लोगों को बाहर निकालने के लिए अभियान जारी है. बचाव और राहत अभियान में बुलडोजर, जेसीबी आदि भारी मशीनों के अलावा रस्सियों और स्निफर कुत्तों का भी उपयोग किया जा रहा है. हालांकि, सुरंग के घुमावदार होने के कारण उसमें से मलबा निकालने तथा अंदर तक पहुंचने में मुश्किलें आ रही हैं. इस संबंध में मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि घटना के कारणों का पता लगाने के मुख्य सचिव को निर्देश दिए गए हैं और उनसे कहा गया है कि इसरो के वैज्ञानिकों एवं विशेषज्ञों से इस घटना के कारणों का पता किया जाये ताकि भविष्य में कुछ एहतियात बरते जा सकें.

13 गांवों में हैलीकॉटर से भेजी जा रही मददः 
इसी बीच, केंद्रीय शिक्षा मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक, केंद्रीय उर्जा मंत्री आरके सिंह, गढवाल सांसद तीरथ सिंह रावत आदि ने भी प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया. संपर्क से कट गए 13 गांवों में हैलीकॉटर की मदद से राशन, दवाइयां तथा अन्य राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है. राहत और बचाव कार्यों के लिए राज्य आपदा प्रतिवादन बल मद से 20 करोड़ रुपये तत्काल जारी कर दिए गए हैं. मुख्य सचिव ओम प्रकाश ने बताया कि सरकार की मंशा लापता लोगों के परिजनों को भी आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की है जिसकी जल्द ही प्रक्रिया तय की जाएगी.
सोर्स भाषा

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