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2019 की भर्तियों पर टिकी RPSC की निगाहें

2019 की भर्तियों पर टिकी RPSC की निगाहें

अजमेर: राजस्थान लोक सेवा आयोग की निगाहें अब साल 2019 की भर्तियों पर टिकी है. साल के 5 महीने बीत चुके हैं जून चल रहा है इसके बाद सिर्फ 6 महीने ही बचेंगे. समय रहते नई भर्तियां नहीं मिली तो आयोग खुद बेरोजगार हो जाएगा.

कार्मिक विभाग, संबंधित विभाग और सरकार से अभ्यर्थना और पदों का वर्गीकरण मिलने के बाद आयोग भर्ती परीक्षाओं का आयोजन करता है. साथ ही भर्ती परीक्षाओं का कैलेंडर भी तय करता है. इस साल मिली आरएएस भर्ती, प्रधानाध्यापक भर्ती ,साल 2016 की पुलिस उप निरीक्षक भर्ती सहित कई प्रतियोगी परीक्षाएं आयोग करा चुका है. 

नई भर्तियों का इंतजार
आयोग की नजरें 2019 में मिलने वाली अभ्यर्थनाओं और भर्तीयों पर टीकी है. इसमें आरएएस एवं अधीनस्थ सेवा भर्ती 2019 सबसे अहम है. अध्यक्ष दीपक उप्रेती कार्मिक विभाग सहित अन्य महकमों को पत्र भेज चुके हैं. ताकि समय रहते आयोग को भर्तियां  अभ्यर्थना मिल सके. जैसे जैसे आयोग को अभ्यर्थना मिलेगी उन्हें नियमित कैलेंडर में शामिल किया जाएगा.

जून से नवंबर तक परीक्षाएं
आयोग की विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं का दौर जून से नवंबर तक चलेगा. आरएएस मुख्य परीक्षा 2018 के साथ इसकी शुरुआत होगी इसमें माध्यमिक और सस्कृत शिक्षा चिकित्सा शिक्षा ,वन विभाग सहित राज्य अभियांत्रिकी परीक्षा की तिथियां शामिल है. आयोग 25 से 26 जून को आरएएस मुख्य परीक्षा का आयोजन कराएगा. इसमे 22 हजार से ज्यादा अभ्यर्थी शामिल होंगे. इसके बाद वरिष्ठ अध्यापक विशेष शिक्षा परीक्षा 2018 का आयोजन 3 से 5 जून को होगा, माध्यमिक शिक्षा विभाग की व्याख्याता प्रतियोगी परीक्षा 2018 का आयोजन 15 से 19 जुलाई और उसके बाद 22 से 25 जुलाई तक होगा.

यह होगा अन्य परीक्षाओं का कार्यक्रम: 
- फिजियोथैरेपिस्ट स्क्रीनिंग टेस्ट चिकित्सा शिक्षा विभाग...30 जुलाई
- व्याख्याता स्कूल शिक्षा संस्कृत संस्कृत शिक्षा विभाग ...6 से 9 अगस्त
- राज्य अभियांत्रिकी सेवा परीक्षा मुख्य 2018...19 से 23 अगस्त
- सहायक वन संरक्षक एवं वन रेंज अधिकारी ग्रेड प्रथम परीक्षा 2018... 28 से 31 अगस्त तथा 2 से 5 सितंबर
- तकनीकी शिक्षा विभाग भर्ती परीक्षा 2018 ... 4 से 7 नवंबर 
- औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान में उपाचार्य अधीक्षक परीक्षा ...4 से 6 नवंबर
- समूह अनुदेशक सर्वेयर सहायक शिक्षुता सलाहाकार  ग्रुप द्वितीय परीक्षा... 7 नवंबर

...भूपेंद्र विश्नोई फर्स्ट इंडिया न्यूज अजमेर
 

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लिविंग रिलेशन में रहने वाली युवती से गैंगरेप, पीड़िता की रिपोर्ट पर मामला दर्ज

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अजमेर: राजस्थान के अजमेर जिले के अलवर गेट थाना क्षेत्र में रहने वाली युवती ने सामूहिक दुष्कर्म का मामला दर्ज करवाया है. पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है. डीएसपी मुकेश सोनी ने बताया कि थाना क्षेत्र में रहने वाली महिला ने रिपोर्ट दी जिसमें बताया कि वह एक युवक के साथ लिव इन रिलेशन में रह रही थी. 

दो दोस्तों के साथ मिलकर गैंगरेप करने का आरोप:
उक्त युवक पिछले एक साल से खुद व अपने दो दोस्तों के साथ मिलकर जबरन सामूहिक दुष्कर्म कर रहा है. इससे परेशान होकर जब वह अपने घर लौट गई थी तो युवक उसे अगवा करके वापस ले आया.

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गैंगरेप का मुकदमा दर्ज:
वापस आने पर भी उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म करते रहे साथ ही युवक ने उसके साथ मारपीट भी की है. डीएसपी सोनी ने कहा कि पीड़िता की रिपोर्ट पर गैंगरेप सहित अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर बयान लिए हैं. इसके बाद अदालत में 164 के तहत बयान दर्ज करवाए जाएंगे.

राजस्थान में NEET परीक्षा आयोजित, अजमेर में 14 परीक्षा केंद्रों पर लगभग दस हजार परीक्षार्थियों ने लिया भाग

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अजमेर: मेडिकल और डेंटल कॉलेज में प्रवेश के लिए रविवार को नेशनल एलिजिबिलिटी कम एन्ट्रेंस टेस्ट (नीट) का आयोजन किया गया. कोरोना संक्रमण के चलते विद्यार्थियों की परीक्षा केंद्रों पर थर्मल स्केनिंग, सेनेटाइजर की व्यवस्था भी की गई. मेडिकल और डेंटल कॉलेज में प्रवेश के लिए रविवार को दोपहर 2 से शाम 5 बजे तक नेशनल टेस्टिंग एजेंसी के तत्वावधान में नेशनल एलिजिबिलिटी कम एन्ट्रेंस टेस्ट का आयोजन हुआ.

देशभर में 16 लाख से ज्यादा विद्यार्थियों ने दी परीक्षा:
देशभर में 16 लाख से ज्यादा विद्यार्थी परीक्षा में शामिल हुए. वहीं राजस्थान में अजमेर, उदयपुर, जयपुर, कोटा, जोधपुर और बीकानेर में परीक्षा इसके 269 परीक्षा केंद्र बनाए गए. वही अजमेर में भी 14 परीक्षा केंद्र पर लगभग 10000 परीक्षार्थियों ने भाग लिए. परीक्षा केंद्र पर परीक्षार्थी 3 घंटे पहले पहुचे ओर 11 बजे परीक्षा केंद्रों के गेट खोले गए. जिसके बाद कोरोना की गाइड लाइन के तहत छात्रों को सोशल डिस्टेन्स की पालना करते हुए एक एक कर के परिसर में प्रवेश दिया गया.प्रवेश से पूर्व छात्रों के दस्तावेज देखे. जिसके बाद सभी को आटोमेटिक मशीन से सेनिटाइज किया गया और मेटल डिटेक्टर से तलाशी भी ली गई. वहीं परीक्षार्थियों के लिए ड्रेस कोड की पालना को लेकर के भी निर्देश जारी किए गए थे उसी के तहत परीक्षा केंद्रों में आने की अनुमति दी गई. 

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गाइडलाइन का हुआ पालन:
एनटीए की ओर से कोविड-19 को लेकर जारी की गई एडवाइजरी के तहत ही परीक्षा के दौरान हर वे महत्व कदम उठाए गए जिससे कि अभ्यार्थियों को कोरोना संक्रमण से बचाया गया. वहीं परीक्षा केंद्र में थर्मल स्कैनर से विद्यार्थियों का दो बार तापमान जांचा गया. केंद्र पर एक-एक छात्र के प्रवेश पत्र, पहचान पत्र और अन्य दस्तावेजों की जांच हुई. शिक्षकों द्वारा किसी भी दस्तावेजो को हाथ नहीं लगाया गया. गेट पर तापमान जांचने के बाद आवंटित कमरे के बाहर तापमान जांचा गया. वहीं परीक्षा देने वाले सभी छात्रों के मुंह पर मास्क, हाथों में ग्लब्स, और हाथ में सेनेटाइजर नजर आया. छात्रों के साथ आये अभिभावकों का कहना था कि 3 घंटे पहले बुला कर बच्चों को दहशत में लाया गया और परीक्षा केंद्र के बाहर किसी भी तरह के खड़े होने की ओर पानी की व्यवस्था नहीं की गई.

परीक्षा केंद्रों से निकलते छात्रों के चहरे पर खुशी : 
धूप में खड़े होने की वजह से बच्चे का तापमान बढ़ जाता है और उसे कहीं दिक्कत न हो जाये. वहीं कुछ अभिभावकों ने व्यवस्थाओं की तारीफ भी की साथ ही परीक्षा देने आए छात्रों ने बताया कि आज ये परीक्षा आयोजित हो रही है इससे उन्हे काफी खुशी है क्योंकि यह परीक्षा पहले ही लेट आयोजित हुई है. जिससे हम असमंजस की स्थिति में आ गए थे और तय नहीं कर पा रहे थे कि क्या करे पर अब यह परीक्षा आयोजित हुई है तो हम काफी खुश है वहीं 3 घण्टे की परीक्षा पूर्ण होने के बाद परीक्षा केंद्रों से निकलते छात्रों के चहरे पर मुस्कान भी देखने को मिली कर सभी ने पेपर को सरल बताया और जल्द परिणाम जारी करने की उम्मीद जताई.

...फर्स्ट इंडिया के लिए शुभम जैन की रिपोर्ट

MDS यूनिवर्सिटी घूस मामला: आरोपियों को किया ACB कोर्ट में पेश, कोर्ट ने भेजा 24 सितंबर तक जुडिशल कस्टडी में

MDS  यूनिवर्सिटी घूस मामला: आरोपियों को किया ACB कोर्ट में पेश, कोर्ट ने भेजा 24 सितंबर तक जुडिशल कस्टडी में

अजमेर: महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर आरपी सिंह और उनके दलाल रणजीत सहित महिपाल को आज भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की टीम ने एसीबी कोर्ट में पेश किया, जहां से महिपाल जाट और वीसी आरपी सिंह को 24 सितंबर तक जुडिशल कस्टडी में भेज दिया गया. वहीं दलाल रंजीत को एसीबी ने 5 दिन के रिमांड पर लिया है. एसीबी के जांच अधिकारी पारसमल पवार ने बताया कि इस मामले में कुल 9 आरोपी नामजद है जिनमें से तीन को गिरफ्तार किया जा चुका है. इन तीनों को आज अदालत में पेश किया गया अभी तक जांच में जो निष्कर्ष निकल कर आया है उसके मुताबिक सभी लोग मिलकर घूस का एक सिंडिकेट चला रहे थे. जिसमें एग्जाम पैनल बनवाने कॉलेज की मान्यता दिलाने सहित अन्य मामलों को लेकर बड़ी घूस ली जाती थी और उसे बांट लिया जाता था.

एग्जाम पैनल और कॉलेज की मान्यता के संबंध में मांगी थी रिश्वत:
जांच अधिकारी के मुताबिक रंजीत के चार अलग-अलग बैंकों में खाते मिले जिनमें ₹4 लाख 90000 की राशि थी जिसे फ्रीज किया गया है. वही वाइस चांसलर आरपी सिंह के तीन अन्य बैंक खातों में लगभग 19 लाख 80000 रुपए थे जिन्हें भी सीज किया गया है. जांच में यह भी सामने आया कि हाल ही में भीलवाड़ा से एसके बंसल परिवादी द्वारा भी रिपोर्ट दी गई है, जिसमें एग्जाम पैनल और कॉलेज की मान्यता के संबंध में पैसों की मांग की गई थी.

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घूस मामले में जांच जारी:
जांच के दौरान सभी आरोपियों के मोबाइल सर्विलांस रखे गए. इस दौरान कई अहम जानकारियां भी निकलकर सामने आई हैं. बहराल घूस मामले में सभी आरोपियों के खिलाफ गहन अनुसंधान किया जा रहा है. वहीं आरोपियों के वकील ने बताया उनके मुवक्किलों को झूठा फंसाया गया है, जबकि उनके खिलाफ कोई भी साक्ष्य नहीं मिल रहे हैं.

कांग्रेस प्रभारी अजय माकन ने आज अजमेर संभाग के नेताओं से लिया फीडबैक, सभी कांग्रेसियों ने बताई अपनी बात

अजमेर: कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी अजय माकन आज अजमेर दौरे पर रहे. इस दौरान उन्होंने अजमेर संभाग में आने वाले कांग्रेस नेताओं की जिलेवार बैठकें लीं. बैठक के बाद प्रभारी माकन ने प्रेस वार्ता कर मीडिया को संबोधित किया. पीसीसी में हुई प्रेसवार्ता के दौरान पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा भी मौजूद रहे. 

अजमेर संभाग के 65 कांग्रेसियों ने अपनी बात रखी:  
प्रेस वार्ता में अजय माकन ने कहा कि आज जिला वार कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं से संवाद किया गया. अजमेर संभाग के 65 कांग्रेसियों ने अपनी बात रखी है. ऐसे उनकी बातों को ध्यान में रखते हुए हमारा प्रयास रहेगा कि आने वाले दिनों में पार्टी और सरकार के बीच में और बेहतर समन्वय बन सके. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि 2 अक्टूबर गांधी जयंती को प्रदेश सरकार द्वारा किए गए कामों को जनता के सामने पेश किया जाएगा. 

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हर महीने मंत्री और नेता अपने क्षेत्र में कार्यकर्ताओं के साथ मीटिंग करेंगे: 
अजय माकन ने विधायकों और कांग्रेस नेताओं से कहा कि हर महीने मंत्री और नेता अपने क्षेत्र में कार्यकर्ताओं के साथ मीटिंग करेंगे और उसके उसका फीडबैक यंहा देंगे. इसके साथ ही इस दौरान जनता से संपर्क कर मौके पर ही समस्या का निवारण होगा. वहीं कुछ लोगों को नहीं बुलाने के सवाल पर माकन ने कहा कि अभी चुनाव नहीं है ऐसे में हॉल की कैपिसिटी के मुताबिक लोगों को बुलाया गया है. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि कोई भी मुझसे अकेला मिलना नहीं चाहता मैंने सभी से बात की है. फिर भी किसी को अलग से बात करनी है तो मैं उसके लिए भी तैयार हूं. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि जल्द ही जिला कार्यकारिणी का गठन किया जाएगा. 

मंत्री रघु शर्मा और पायलट समर्थकों के विवाद के विवाद पर बोले माकन:
इस दौरान मंत्री रघु शर्मा और पायलट समर्थकों के विवाद पर बोलते हुए माकन ने कहा कि जो मामला था वो सुलझ गया है. अब इस विषय पर कोई बात करने की जरूरत नहीं है. कांग्रेस की सरकार सफलता के साथ 5 साल पूरे करेगी. 

पार्टी के सभी कार्यकर्ताओं को दिया गया पूरा समय:
वहीं पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि सरकार के कार्यों को लेकर हम जनता से सुझाव लेंगे. आज हुई बैठकों में पार्टी के सभी कार्यकर्ताओं को पूरा समय दिया गया है. हमारा आज का फीडबैक कार्यक्रम सफल रहा है. रोज 5 बजे फीडबैक कार्यक्रम को लेकर प्रेसवार्ता होगी. 


 

कांग्रेस की फीडबैक बैठक: रघु शर्मा और सचिन पायलट के समर्थक हुए आमने-सामने, फाड़े पोस्टर

अजमेर: कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी अजय माकन आज अजमेर दौरे पर है. इस दौरान चिकित्सा मंत्री डॉ रघु शर्मा और सचिन पायलट के समर्थक आमने-सामने हो गए. इसके साथ ही बात यहां तक पहुंच गई कि दोनों के समर्थकों ने एक दूसरे के नेताओं के पोस्टर फाड़ दिए. इस पर कार्यकर्ताओं को खदेड़ने के लिए पुलिस को हल्का बल प्रयोग भी करना पड़ा. 

माकन कांग्रेस नेताओं की जिलेवार बैठकें ले रहे:  
बता दें कि कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी अजय माकन आज अजमेर दौरे पर है, वे अजमेर संभाग में आने वाले कांग्रेस नेताओं की जिलेवार बैठकें ले रहे है. अजमेर शहर, अजमेर देहात, भीलवाड़ा, नागौर और टोंक जिले की बैठकें लेंगे. इस दौरान पीसीसी चीफ गोविंद डोटासरा और चिकित्सा मंत्री रघु शर्मा उनके साथ मौजूद है. माकन इन बैठकों के जरिए संगठन को कैसे मजबूत बनाया जाए. गहलोत सरकार की योजनाओं को धरातल पर और मजबूती से कैसे ला जाएं. इन सब मुद्दों पर विचार करेंगे. 

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50 या इससे अधिक लोगों के साथ फीडबैक बैठक:
गौरतलब है कि 30 अगस्त को अजय माकन फीडबैक बैठक करने जयपुर पहुंचे थे. दो दिन बैठक करने के बाद प्रणब मुखर्जी के निधन के कारण वे दिल्ली लौट गए थे. अब फीडबैक बैठक फिर से शुरू होगी. माकन अपने दौरे में प्रत्येक जिले से 50 या इससे अधिक लोगों के साथ फीडबैक बैठक करेंगे. 

अजमेर में MDS यूनिवर्सिटी घूसकांड प्रकरण: ACB कोर्ट ने तीनों आरोपियों को भेजा 10 सितंबर तक रिमांड पर

अजमेर में MDS यूनिवर्सिटी घूसकांड प्रकरण: ACB कोर्ट ने तीनों आरोपियों को भेजा 10 सितंबर तक रिमांड पर

अजमेर: प्रदेश के अजमेर जिले के महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय में चल रहे भ्रष्टाचार के खेल का एसीबी ने पर्दाफाश किया था. निजी महाविद्यालयों को परीक्षा केंद्र बनवाने और कॉलेजों में सीट बढ़ाने की एवज में 2 लाख 20 हजार  के लेनदेन को लेकर एसीबी ने कुलपित सहित तीन को गिरफ्तार किया था. तीनों आरोपियों को आज न्यायालय में किया गया. न्यायालय ने तीनों आरोपियों को 3 दिन के रिमांड पर भेजा.

एमडीएस यूनिवर्सिटी में हुई बड़ी कार्रवाई:
एसीबी ने एमडीएस यूनिवर्सिटी में बड़ी कार्रवाई करते हुए घुस का बड़ा खुलासा किया है. निजी महाविद्यालयों को परीक्षा केंद्र बनवाने और कॉलेजों में सीट बढ़ाने की एवज में रिश्वत की मांग की गई थी. इस मामले में एसीबी ने कुलपती आरपी सिंह, दलाल रंजीत और नागौर के निजी कॉलेज के संचालक महिपाल को रंगे हाथों गिरफ्तार किया था. मामले में पूछताछ के लिए एडीजी दिनेश एमएन मंगलवार को अजमेर पहुंचे. उन्होंने कुलपति प्रोफेसर आरपी सिंह, निजी गार्ड और दलाल रणजीत सिंह और निजी कॉलेज के संचालक महिपाल सिंह से रिश्वत के मामले में कड़ी पूछताछ की, साथ ही अधिकारियों से इस संबंध में चर्चा भी की.

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एसीबी के पास पुख्ता सबूत मौजूद:
एडीजी दिनेश एमएन ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि एसीबी के पास कुलपति और उनके दलाल के संबंध में पुख्ता सबूत मौजूद है. एसीबी ने गत साढ़े 3 माह पहले भीलवाड़ा के निजी कॉलेज संचालक की शिकायत पर कुलपति के खिलाफ रिश्वत मांगने का सत्यापन भी करवाया था. इसके बाद भ्रष्टाचार के पूरे खेल का पर्दाफाश करने के लिए इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस सहित अन्य जाल बिछाया गया, जिसमें कुलपति प्रोफेसर सिंह सहित पूरे गिरोह के सदस्य फंसते चले गए.

तीनों सदस्यों के खिलाफ भ्रष्टाचार संबंधी आरोपों की जांच:
दिनेश एमएन ने कहा कि फिलहाल उक्त तीनों सदस्यों के खिलाफ भ्रष्टाचार संबंधी आरोपों की जांच की जा रही है. साथ ही कुलपति की संपत्ति के दस्तावेजों को भी खंगाला जा रहा है. उन्होंने एक सवाल के जवाब में यह भी कहा कि निजी कॉलेज संचालक हो या विश्वविद्यालय का कर्मचारी सभी जानते थे कि रणजीत सिंह के जरिए कोई भी काम करवाया जा सकता है और वह रणजीत के जरिए ही अवैध काम करवाते थे. मामले में लिप्तता मिलने पर अन्य लोगों की गिरफ्तारियां भी की जाएगी.

तीनों आरोपियों को किया न्यायालय में पेश:
वहीं शाम के समय एसीबी के द्वारा तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया. जहां से न्यायालय द्वारा तीनों आरोपियों को 10 सितंबर तक के रिमांड के आदेश दिए गए. वही मामले को जानकारी देते हुए जांच अधिकारी पारसमल ने बताया कि हमने कल कुलपति के आवास पर कार्यवाही को अंजाम दिया था ओर घर का सर्च भी किया था. वहीं सर्च में दलाल रंजीत के कमरे की तलाशी ली गई. जिसमें 4 डायरी बरामद हुई और उन डायरियों में 40 से अधिक निजी कॉलेजों के साथ लेनदेन का हिसाब सामने आया है. वहीं इन हिसाब के बारे में हम पूछताछ कर रहे है और विश्वविद्यालय के अन्य अधिकारियों को लेकर ओर इस खेल में शामिल अन्य लोगों के बारे में भी पूछताछ जारी है.

आरोपी कुलपति ने कार्रवाई को दिया षड्यंत्र करार:
पेशी के दौरान कुलपति प्रोफेसर आरपी सिंह से बात की तो उन्होंने इस कार्रवाई को पूरी तरह षड्यंत्र करार दिया है. उन्होंने कहा कि उन पर लगाए गए सभी आरोप झूठे हैं जल्द ही सच्चाई सबके सामने होगी. उन्होंने रंजीत को लेकर कहा कि मेरा रंजीत से कोई मतलब नहीं है और मैं कुछ दिनों बाद एक कॉन्फ्रेंस कर के एक बड़ा खुलासा करूँगा. वहीं सिंह ने यह भी कहा कि एसीबी अच्छा काम कर रही हैं मैं उनका पूरा सहयोग करूँगा. 

...फर्स्ट इंडिया के लिए शुभम जैन की रिपोर्ट 

अजमेर घूसकाण्ड मामला: ACB ने MDS यूनिवर्सिटी कुलपति आरपी सिंह को किया गिरफ्तार, लैपटॉप और मोबाइल किए जब्त

अजमेर घूसकाण्ड मामला: ACB ने MDS यूनिवर्सिटी कुलपति आरपी सिंह को किया गिरफ्तार, लैपटॉप और मोबाइल किए जब्त

अजमेर: राजस्थान के अजमेर जिले में घूसकाण्ड मामले में ACB ने एमडीएस यूनिवर्सिटी कुलपति आरपी सिंह को गिरफ्तार कर लिया है. ACB ने एमडीएस यूनिवर्सिटी में कार्रवाई की थी. कॉलेज को परीक्षा के लिए और सीट की मान्यता दिलाने के एवज में सौदा हुआ था. DG आलोक त्रिपाठी, ADG दिनेश एमएन पूरे मामले पर मॉनिटरिंग कर रहे है. इससे पहले आरपी सिंह का दलाल रंजीत और कॉलेज संचालक महिपाल अरेस्ट हुए. इस मामले में एसीबी को भीलवाड़ा के कॉलेज संचालक ने शिकायत दी थी, लेकिन नागौर इंजीनियरिंग कॉलेज संचालक घूस लेकर VC आवास पहुंचा.

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2,20,000 रुपये किए जब्त
इस मामले में 5 लाख रुपए डिमांड की थी, लेकिन 2 लाख 20 हजार रुपए में सौदा तय हुआ. जानकारी के मुताबिक अब VC के निवास, कार्यालय की तलाशी शुरू हो गई है. मौके से हिसाब की डायरी मिली है,VC का मोबाइल,लैपटॉप जब्त किया गया, जो फ़ाइल मिली VC की टेबल पर उसी के लिए घूस मांगी जा रही थी. पूरे मामले में अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या VC और रंजीत ही घूस के खेल में शामिल थे! एसीबी यूनिवर्सिटी के अन्य लोगों से भी पूछताछ कर सकती है. 

अजमेर MDS यूनिवर्सिटी घूसकाण्ड: VC का दलाल रंजीत और कॉलेज संचालक महिपाल हुए अरेस्ट

अजमेर: प्रदेश के अजमेर जिले में MDS यूनिवर्सिटी घूसकाण्ड मामले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने अब तक 2 लोगों को गिरफ्तार किया है. निजी कॉलेज को परीक्षा केंद्र, परीक्षा के लिए सीट की मान्यता को लेकर रिश्वत मांगी गई थी. इस मामले में MDS यूनिवर्सिटी के VC आरपी सिंह का दलाल रंजीत और कॉलेज संचालक महिपाल अरेस्ट हुए. इस मामले में एसीबी को भीलवाड़ा के कॉलेज संचालक ने शिकायत दी थी, लेकिन नागौर इंजीनियरिंग कॉलेज संचालक घूस लेकर VC आवास पहुंचा. 

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ADG दिनेश एमएन के निर्देश पर कार्रवाई:
इससे पहले अजमेर जिले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने कार्रवाई करते हुए वाइस चांसलर के दलाल रणजीत को ट्रैप किया था.  एसीबी ने आरोपी को 2.20 लाख रुपए की रिश्वत के साथ ट्रैप किया था. जानकारी के मुताबिक इस मामले में MDS यूनिवर्सिटी के VC आरपी सिंह की भी गिरफ्तारी हो सकती है ! VC के घर पर ACB की कार्रवाई चल रही है. ACBडीजी आलोक त्रिपाठी, ADG दिनेश एमएन के निर्देश पर कार्रवाई हुई.

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