डिप्टी CM पायलट ने दी विधानसभा में पास हुए आरक्षण विधेयक के बारे में जानकारी

FirstIndia Correspondent Published Date 2019/02/13 05:03

जयपुर। राजस्थान में पिछले 6 दिन से चले आ रहे गुर्जर आरक्षण आंदोलन को लेकर आज विधानसभा में अशोक गहलोत सरकार की ओर से पेश किया गया आरक्षण विधेयक सर्व सम्मति से पारित हो गया है। आर्थिक आधार पर आरक्षण विधेयक पारित किए जाने के साथ ही महिलों को प्रतिनिधित्व का विधेयक पारित किया गया है। ऐसे में आरक्षण विधेयक पारित होने पर डिप्टी CM पायलट ने विधानसभा के सभी सदस्यों को धन्यवाद ज्ञापित किया है, वहीं पायलट ने आंदोलनकारियों से आंदोलन समाप्त करने का आग्रह भी किया है।

विधानसभा में यह विधेयक पारित होने के बारे में जानकारी देते हुए डिप्टी सीएम सचिन पायलट ने प्रेस कॉन्फ्रेंस मे गुर्जर समाज आंदोलनकारियों से आग्रह करते कहा कि अब समाधान हो गया है। समाज के लिये खुशी की बात है कि क्रीमिलेयर की सीमा को बढ़ा दिया है। समाज के नेता आंदोलन की वापसी के लिये कदम बढ़ाएं। विधेयक में राज्य में पांच अति पिछड़ी जातियों — बंजारा/बालदिया/लबाना, गाडिया लोहार/गाडोलिया, गुर्जर/गुजर, राइका/रैबारी/देबासी और गडरिया/गाडरी/गायरी को पांच प्रतिशत आरक्षण के साथ राज्य में पिछड़ा वर्ग आरक्षण को मौजूदा 21 प्रतिशत से बढाकर 26 प्रतिशत करने का प्रावधान किया गया है।

विधानसभा में गुर्जर आरक्षण विधेयक पारित, 8 लाख रुपए आय वालों को मिलेगा 5 फीसदी कोटा

विधेयक के बारे में जानकारी देते हुए सचिन पायलट ने कहा कि, एसबीसी, ओबीसी में भी क्रीमीलेयर की सीमा बढ़ाई गई है और अब इसे ढाई लाख रुपए से बढ़ाकर 8 लाख रुपए कर दिया गया है। विधानसभा में नया विधेयक सर्वसम्मति से पारित हुआ है और पूरे सदन ने सर्वसम्मति से इसे पारित किया है। संविधान संशोधन के लिये राज्य सरकार ने कानून व संविधान के दायरे में कदम उठाया है। पायलट ने कहा कि मैं उन लोगों से आग्रह करता हूं, जो पिछले दिनों से आंदोलन कर रहे हैं, वह अपना आंदोलन समाप्त करें, राज्य सरकार ने अपना काम कर दिया है। इसके बाद भी अगर केंद्र सरकार से आग्रह के लिए जरूरत पड़ती है तो हम भाजपा के साथ मिलकर काम करेंगे।

उल्लेखनीय है कि पांच प्रतिशत आरक्षण की मांग को लेकर गुर्जर गत आठ फरवरी से आंदोलन कर रहे हैं, जिसके तहत भरतपुर संभाग के सवाईमाधोपुर जिले में मलारना के पास दिल्ली-मुंबई रेल मार्ग पर धरना देने से यह मार्ग छठे दिन भी बंद हैं। इसके अलावा कई सड़क मार्ग पर जाम लगा देने से यात्रियों से परेशानी हो रही है। सरकार ने गुर्जरों से बात करने का प्रयास किया, लेकिन आंदोलनकारी बिना किसी ठोस कदम के कोई बात सुनने को तैयार नहीं थे, ऐसे में सरकार संशोधन विधेयक लेकर आई हैं। उधर गुर्जर नेताओं का कहना है कि विधेयक का अध्ययन किया जाएगा तथा इसके बाद आंदोलन पर निर्णय लिया जाएगा।

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