1.50 लाख रुपए की तनख्वाह वाला सहीराम मीणा यूं बना 'काली कमाई का किंग'

Pawan Tailor Published Date 2019/01/30 07:07

जयपुर (पवन टेलर)। एसीबी के हत्थे चढ़े नारकोटिक्स विभाग के डिप्टी कमिश्नर सहीराम मीणा को लेकर लगातार कई खुलासे हो रहे हैं। सहीराम के बारे में आज सामने आया है कि उसके बॉलीवुड इंडस्ट्री तक में सम्पर्क हैं। बता दें कि सहीराम को गणतंत्र दिवस के दिन लोगों को ईमानदारी का पाठ पढ़ाने के कुछ देर बाद ही एक काश्तकार को अफीम खेती का मुखिया बनाने की एवज में 1 लाख रुपए की रिश्वत लेते पकड़ा गया था। ऐसे में सहीराम मीणा के बारे में आपको पूरी तफसील से बताते हैं कि आखिर कैसे उसने हासिल किया 'काली कमाई के किंग' का तमगा और कैसे बना अथाह सम्पति का मालिक।

1989 बैच से आईएएस अधिकारी सहीराम मीणा का इसी साल जुलाई के माह में रिटायरमेंट है। सहीराम मीणा मूलरूप से ग्राम जीबली, थाना वजीरपुर, जिला सवाईमाधोपुर का रहने वाला है। राजस्थान के कोटा में एंटी करप्शन ब्यूरो में आईआरएस अधिकारी डॉ. सहीराम मीणा को एसीबी ने उनके घर पर ही 1 लाख रुपए की रिश्वत लेते पकड़ा है। सहीराम को घूस लेते हुए उस वक्त पकड़ा गया, जब उसने कुछ ही देर पहले गणतंत्र दिवस पर अपने संबोधन में लोगों को ईमानदारी का पाठ पढ़ाया था। एसीबी ने छापा मारा तो उसके हाथ जो जानकारी लगी, उसे जानकर सबके जैसे होश ही उड़ गए। सहीराम मीणा के अकेले जयपुर स्थित घर से ही 2 करोड़ 35 लाख रुपए की नकदी, 6.25 लाख की ज्वेलरी, 25 दुकानों के कागजात, 106 रिहायशी प्लॉट, पेट्रोल पंप, मैरिज हॉल समेत कई जमीनों के दस्तावेज भी बरामद किए।

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कोर्ट ने सहीराम को एक दिन की रिमांड पर भेजा, जिसके बाद सहीराम को रविवार के दिन जज के सामने पेश किया गया। इस दौरान उसने मीडिया के कैमरे देख तबीयत खराब होने और सीने मे दर्द होने की जमकर नौटंकी भी की। इस बारे में एसीबी के एडीजी सौरभ श्रीवास्तव ने कहा कि सहीराम की संपत्ति को लेकर हमे गुप्त जानकारी मिली थी। हमने जब उनके घर पर छापा मारा तो करीब 100 करोड़ की संपत्ति के दस्तावेज हाथ लगे। उन्होंने बताया कि जमीन, कैश और ज्वैलरी के अलावा उन्हें छापेमारी 4 महंगी कारें, 4 बड़े चक्के वाले ट्रक, 15 बैंक खाते और बैंक लॉकर्स भी मिले। साथ ही उसने अपनी पत्नी के नाम 43 फ्लैट और बेटे के नाम 23 फ्लैट किए हुए हैं, जिनकी भी जांच की जा रही है। 

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नारकोटिक्स (Narcotics) डिपार्टमेंट की पूरे देश में सिर्फ तीन राज्यों राजस्थान, मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश में यूनिट है। नारकोटिक्स के कमिश्नर ग्वालियर में बैठते हैं। राजस्थान के कोटा चित्तौड़ आदि क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर अफीम की खेती होती है। यही वजह है कि नेशनल नारकोटिक्स ब्यूरो ने अपने अधिकारी तैनात कर रखे हैं। नारोटिक्स विभाग और अफीम किसानों के बीच की मुख्य कड़ी मुखिया होता है। इसका काम किसानों की फसल का मेजरमेंट, अफीम की तुलाई और तमाम कागजातों की खानापूर्ति करना होता है। कनेरा गांव में वर्तमान में अफीम की खेती के 400 पट्टे हैं, जिनके ऊपर गांव में 8 मुखिया हैं। नारकोटिक्स विभाग द्वारा मुखिया उसे बनाया जाता है, जिसके खेत की अफीम की गुणवत्ता यानि मॉरफीन सबसे ज्यादा होती है। कमलेश के खेत की गुणवत्ता करीब 6.2 प्रतिशत थी, जो गांव के उस इलाके में सबसे ज्यादा थी, फिर भी मुखिया किसी और को बना दिया गया।

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जिला अफीम अधिकारी चित्तौड़गढ़ ने कमलेश के पिता और अफीम काश्तकार नंदलाल धाकड़ को अफीम की खेती के लिए पट्टे का मुखिया नहीं बनाकर किसी अन्य किसान को बनाया गया था। कमलेश ने पिता को मुखिया न बनाने पर जिला अफीम अधिकारी चित्तौड़गढ़ की शिकायत सहीराम मीणा से की। डॉ. सहीराम ने शिकायत पर कार्रवाई करने तथा पूर्व पट्टे के मुखिया को हटाने व कमलेश के पिता नंदलाल धाकड़ को मुखिया बनाने की एवज में पांच लाख रुपए की रिश्वत मांगी। सहीराम को रिश्वत देकर अफीम खेती का मुखिया बनने वाले कमलेश के फोन को एसीबी ने दो माह से सर्विलांस पर ले रखा था। दलाल को सहीराम ने पहले 25 जनवरी की रात ही रिश्वत की राशि लेकर कोटा बुलाया और अगले दिन 26 जनवरी को झंडारोहण के बाद मिलने की बात कही और अपने सरकारी बंगले पर बुलाया। 12 बजे सहीराम मीणा के घर जाकर दलाल कमलेश ने जैसे ही रुपए सौंपे तो पहले से बैठी एसीबी ने उन्हें रंगे हाथों दबोच लिया। 

ये है सहीराम की 'काली कमाई' का रिकॉर्ड :
— बाबा आरएन गौड गृह निर्माण सहकारी समिति लिमिटेड जयपुर के नाम से सहीराम मीणा के नाम 23 भूखंड।
— सहीराम की पत्नी प्रेमलता के नाम 42 भूखंड।
— सहीराम के बेटे मनीष के नाम 23 भूखंड।
— सहीराम के रिश्तेदारों के नाम से 12 भूखंड।
— प्रेमलता के नाम 42 दुकानों के आवंटन पत्र।
— वाटिका रोड पर प्रेम पैराडाइज के नाम से स्थित मैरिज गार्डन के दस्तावेज।
— सवाई गैटोर आदिनाथ नगर स्थित प्लाट नंबर 52 व 53 के कागजात, ये कागजात आरोपी सहीराम की पत्नी व पुत्रवधू के नाम से हैं।
— गोपालपुरा गृह निर्माण सहकारी समिति लि. से आरेापी की पत्नी प्रेमलता के नाम 4 भूखंड।
— सहीराम की पत्नी के नाम भोज्यावाड़ा में 5 बीघा कृषि भूमि।
— नई दिल्ली बसंत कुंज स्थित सेक्टर छह व सात में फ्लैट।
— जयपुर के गणपति प्लाजा में दुकान।
— पत्नी प्रेमलता व पुत्रवधू विजयलक्ष्मी के नाम से सीतापुरा इंडस्ट्रीज में दो भूखंड।
— बेटे मनीष के नाम से मुंबई में एक फ्लैट 
— जयपुर के प्रताप नगर और कुमुद नगर में एक दुकान।
— स्वामी विवेकानंद एजुकेशन सोसायटी का रजिस्ट्रेशन।
— एक एसेंट, इनोवा, होंडा इमेज व लांसर कार और मोटरसाइकिल।
— इसके अलावा सीतापुरा रीको ओद्यौगिक क्षेत्र में पुत्रवधु के नाम पेट्रोल पंप, वाटिका रोड पर पत्नी के नाम मैरिज गार्डन और कृषि भूमि, चाकसू में पांच बीघा कृषि भूमि, दिल्ली में दो फ्लैट, मुम्बई में एक फ्लैट, सिद्धार्थ नगर में आलीशान बंगले सहित अन्य सम्पति मिली है।

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