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गुर्जर आंदोलन पर बड़ी अपडेट, विधानसभा से राज्य सरकार ला सकती है प्रस्ताव

गुर्जर आंदोलन पर बड़ी अपडेट, विधानसभा से राज्य सरकार ला सकती है प्रस्ताव

जयपुर। राजस्थान में एक ओर जहां गुर्जर आरक्षण मामले को लेकर चल रहा आंदोलन रेलवे ट्रैक के साथ ही अब सड़कों तक भी आ गया है, वहीं दूसरी ओर आज से एक बार फिर विधानसभा की कार्यवाही शुरू हुई है। राजस्थान में 15वीं विधानसभा के पहले सत्र का दूसरा चरण आज से शुरू हो गया है, जिसमें मुख्यमंत्री अशोक गहलोत 13 फरवरी को लेखानुदान पेश करेंगे। इसके साथ ही गुर्जर आरक्षण आंदोलन को लेकर सामने आ रही जानकारी के अनुसार राज्य सरकार इस मामले में संकल्प प्रस्ताव ला सकती है।

आज सुबह से शुरू हुए राजस्थान में 15वीं विधानसभा के पहले सत्र के दूसरा चरण में सदन की कार्यवाही शुरू होने के बाद सबसे पहले शोकाभिव्यक्ति की गई, जिसके बाद रामगढ़ से चुनी गई कांग्रेस विधायक सफिया खान को शपथ दिलाई गई। इसके बाद प्रश्नकाल की कार्यवाही शुरू हुई। विधानसभा की कार्यवाही में किसान कर्जमाफी के मुद्दे पर राजेंद्र राठौड़ ने कहा कि किसान कर्जमाफी पर किसान खुद को ठगा सा महसूस कर रहा है। अपने घोषणा पत्र में जो वादा किया था, अब सरकार उससे मुकर रही है। इस पर सत्ता पक्ष के सदस्यों ने विरोध किया और फिर सदन में हंगामा शुरू हो गया।

इसी बीच गुर्जर आरक्षण आंदोलन को मिल रही बड़ी खबरों के मुताबिक, राज्य सरकार विधानसभा में संकल्प प्रस्ताव ला सकती है और आज ही यह प्रस्ताव सदन के फ्लोर पर आ सकता है। इस मामले में CM सचिव कुलदीप रांका विधानसभा स्पीकर डॉ. सीपी जोशी से मिले और सचिन पायलट ने भी डॉ. सीपी जोशी से मुलाकात की। इस दौरान गजराज खटाना, इंद्राज गुर्जर समेत अन्य विधायक भी मौजूद रहे। बताया जा रहा है कि मुख्य सचेतक महेश जोशी प्रस्ताव रखेंगे और पक्ष-विपक्ष इस प्रस्ताव का समर्थन करेंगे, जिसके बाद यह प्रस्ताव केंद्र को भेजा जाएगा।

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जयपुर: पंचायत चुनावों को लेकर अदालती आदेश ने कांग्रेस की अंदरूनी सियासत को उफान पर ला दिया है. पहले से ही पंचायत चुनाव समय पर कराने की सोच रखने वाले डिप्टी सी एम और पीसीसी चीफ सचिन पायलट ने सक्रियता बढ़ा दी है, वे ग्रामीण विकास और पंचायती राज महकमे के मंत्री भी है. गांव की राजनीति करने की पसंद रखने वाले पायलट की शायद ये सोच है कि उनके प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद पर रहते हुये पंचायत चुनाव भी हो जाये. 

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कांग्रेस के अंदर की सियासत को उफान पर:
अक्टूबर तक पंचायत चुनाव कराये जाने के सर्वोच्च अदालत के फरमान ने राज्य की कांग्रेस के अंदर की सियासत को उफान पर ला दिया. डिप्टी सीएम और प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष सचिन पायलट पक्ष धर रहे है पंचायत चुनाव सही वक्त पर कराने के लेकिन कोविड के कारण ऐसा नहीं हो पाया था. जाहिर है पायलट कैम्प की सोच है कि पीसीसी अध्यक्ष पद पर काबिज रहते हुये पंचायत ओर निकाय दोनों चुनाव संपन्न हो जाये.

कांग्रेस के लिये यह सदैव पसंदीदा चुनाव कहे जाते रहे: 
सरपंच, पंच, पटेल, प्रधान और प्रमुख.. कांग्रेस के लिये यह सदैव पसंदीदा चुनाव कहे जाते रहे है. कांग्रेस पार्टी इन चुनावों को दमखम से साथ लड़ती है. पहला टारगेट होता है विचारधारा आधारित सरपंच और फिर प्रधान और जिला प्रमुख जीते. गांव और किसान की सियासत पर सदैव कांग्रेस का फोकस रहा है. पायलट कैम्प चाहता है कि प्रदेश कांग्रेस कमेटी जल्द ही पंचायतीराज चुनाव को लेकर जिला और पंचायत स्तर पर चुनाव पर्यवेक्षक या प्रभारी की नियुक्ति करेगी. सचिन पायलट कैम्प की गणित .

--- समय पर पंचायत चुनाव हो जाये 
---प्रदेश कांग्रेस की कमान सचिन पायलट के हाथों में रहे
---संगठन चीफ होने से टिकट वितरण में पूरा दखल रहे
----पंचायत चुनाव में जीत का क्रेडिट खाते में आये 
---समर्थक प्रमुख और प्रधान बनाने में मिले कामयाबी
--स्व जातीय वोटों का साथ मिलने का भरोसा 

VIDEO: अजमेर में सोनोग्राफी करवाने गई युवती के साथ छेड़छाड़, युवक की लात-घूंसों और चप्पलों से की पिटाई

गहलोत सरकार में सचिन पायलट के पास ग्रामीण विकास और पंचायती राज महकमा है. पसंद के मुताबिक पायलट ने ये महकमा चुना था जिससे ग्रामीण राजनीति में धाक कायम रहे. जाहिर है सत्ता में होने के कारण और ग्रामीण इलाकों में पकड़ के कारण पंचायत चुनावों में कांग्रेस को बड़ी जीत मिल सकती है.  लिहाजा है जंग है इस विजय का श्रेय लेने की. सब कुछ टिका है पीसीसी के नये भविष्य पर.

... फर्स्ट इंडिया के लिये योगेश शर्मा की रिपोर्ट 

Rajasthan Corona Updates: पिछले 24 घंटे में 9 मौत, 500 नए पॉजिटिव केस, जोधपुर में मिले सर्वाधिक 112 पॉजिटिव मरीज

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जयपुर: राजस्थान में कोरोना वायरस के मरीजों का ग्राफ लगातार बढ़ता जा रहा है. पिछले 24 घंटे में 9 मरीजों की मौत हो गई. जबकि 500 नए पॉजिटिव केस सामने आये है. जोधपुर और पाली में 3-3, जयपुर में एक, नागौर में एक,उदयपुर में एक मरीज की मौत हुई. 

जोधपुर में मिले सर्वाधिक 112 कोरोना पॉजिटिव मरीज:
जोधपुर में सर्वाधिक 112 कोरोना पॉजिटिव मरीज मिले है. इसके अलावा अजमेर 34, अलवर 21, बारां 3, बाड़मेर 53, भरतपुर 29, भीलवाड़ा 1, बीकानेर 42, चूरू 13, दौसा 11, धौलपुर 6, श्रीगंगानगर 1, जयपुर 48, जालोर 1, झुंझुनूं 8, करौली 7, कोटा 2, नागौर 55, पाली 7, प्रतापगढ़ 1, राजसमंद 3, सीकर 16, सिरोही 7, टोंक से 1, उदयपुर 15 सहित अन्य राज्य के 2 मरीज कोरोना संक्रमित मिले है. प्रदेश में अब तक कोरोना की चपेट में आने से 491 मरीजों की मौत हो चुकी है. वहीं पॉजिटिव मरीजों की संख्या 22 हजार 563 पहुंच गई है.

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पॉजिटिव से नेगेटिव हुए 17 हजार 70 मरीज:
प्रदेश में कुल 17 हजार 70 मरीज पॉजिटिव से नेगेटिव हुए है. वहीं 16 हजार 712 लोग अस्पताल से डिस्चार्ज किए गए है. प्रदेश में 5002 मरीज अस्पताल में उपचाररत है. कुल कोरोना पॉजिटिव प्रवासियों की संख्या 5 हजार 833 पहुंच गई है.

VIDEO: आबकारी विभाग का स्पेशल ऑपरेशन, अवैध शराब के काले कारोबार पर कसा शिकंजा

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जयपुर: अवैध शराब के काले कारोबार और ओवर रेट माफिया को कुचलने के लिए शुरू किए गए 'स्पेशल ऑपरेशन' में आबकारी विभाग ने कामयाबी तो हासिल की है, लेकिन राजधानी में पुराने ठेकेदारों के काले गठजोड़ को विभाग अभी तक नहीं तोड़ पाया है. विभाग ने शराब तस्करों राज्यबदर करने में काफी हद तक सफलता हासिल कर ली है. अभियान के शुरुआती 2 महीने में रिकॉर्ड कार्रवाई से उत्साहित वित्त विभाग ने अभियान को जारी रखने को कहा है. 

- 25 मार्च से 6 जुलाई तक कार्रवाई
- कुल 35089 दबिश
- अभी तक अभियान में 3625 मामले दर्ज
- अभी तक अभियान में  1078 गिरफ्तार
- अभियान में ओवररेट वसूली के 460 मामले दर्ज

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ओवररेट माफिया पर जोरदार कार्रवाई:
पिछले कई वर्षों से शराब तस्करों ने शाहजहांपुर से जयपुर-उदयपुर होते हुए गुजरात में शराब सप्लाई का बड़ा सिंडीकेट बना लिया है. प्रदेश में जहां विभिन्न जिलों में अवैध शराब और ओवररेट माफिया पर जोरदार कार्रवाई की जा रही है वहीं राजधानी जयपुर में आबकारी विभाग हाथ पर हाथ धरे बैठा है. राजधानी में न तो ओवर रेट पर नियंत्रण हो रहा और ना ही पुराना ठेकेदारों द्वारा रचा गया लोकेशन का जाल ही विभाग तोड़ पाया। राजस्थान को ट्रांजिट रूट के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा है. विभाग को मिल रही लगातार शिकायतों के बाद  वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव निरंजन आर्य ने खुद  एफएसआर डॉ पृथ्वी के साथ मिलकर इस सिंडिकेट को  तोड़ने का बीड़ा उठाया। आबकारी आयुक्त रहे बीसी मलिक और अब डॉक्टर जोगाराम तस्करी के तिलिस्म को तोड़ने के लिए 'स्पेशल आपॅरेशन' चला रहे हैं. 25 मार्च से शुरू किए गए अभियान में 6 जुलाई तक प्रदेश में रोजाना औसतन 350 स्थानों दबिश दी गई तो 44 मामले रोजाना दर्ज भी किए गए. कार्रवाई इतनी ठोस की जाती रही कि रोजाना औसतन 29 लोगों को गिरफ्तार भी किया गया. प्रदेश के भीतर शराब ठेकेदारों में पनप रहे ओवर रेट माफिया को भी कुचलने के प्रयास किए जा रहे हैं और रोजाना ओवर रेट के औसतन 8 मामले दर्ज किए गए. प्रदेश में करीब 1900 गांवों और कस्बों का चयन कर उन्हें ए, बी, सी श्रेणी में बांटा गया और ताबड़तोड कार्रवाई कर शराब माफिया को संभलने का मौका ही नहीं दिया.

ऑपरेशन के दौरान जब्ती
-देशी मदिरा 22, 576 बोतल
-अंग्रेजी शराब 42, 385 बोतल
-बीयर 8960  बोतल
-हथकड़ 29222 बोतल
-वाश 17.19 लाख लीटर
-जब्त वाहन 190
-नष्ट भट्टी 1396
-भांग 15 किलो
-डोडापोस्त 59 किलो
-नकली शराब की फैक्ट्री 3

शराब तस्करों पर लॉकडाउन में बड़ी कार्रवाई:
इस ऑपरेशन को शराब तस्करों पर लॉकडाउन में बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है. शराब तस्करों पर सिलसिलेवार कार्रवाई से उनके प्रदेश से पैर उखड़ते दिखाई दे रहे हैं. बेहतर हो आबकारी विभाग राजधानी जयपुर में भी अवैध शराब वह ओवर रेट माफिया पर ठोस कार्रवाई कर पाए. विभाग में पनप रहे भ्रष्टाचार  को खत्म करने के लिए खुद एसीएस निरंजन आर्य ने अभियान की सफलता और पारदर्शिता को बनाए रखने के लिए मॉनिटरिंग की कमान संभाल रखी है. वॉट्स एप ग्रुप बनाए गए, हर कार्रवाई की फोटो और वीडियो मंगाए गए। कोताही बरतने वालों को चार्जशीट दी गई और खुद मौके पर पहुंच कर अच्छा कार्य करने वालों की पीठ भी थपथपाई. आबकारी अभियान की सफलता से कहा जा सकता है कि टीम ने अभियान में जोरदार कामयाबी हासिल की है अब इस स्प्रिट को बरकरार रखने की जरूरत है. 

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राज्य के आईटी विभाग में वीडियो वॉल खरीद में फर्जीवाड़े का मामला: एसीबी महानिदेशक सहित 8 को हाईकोर्ट का नोटिस

राज्य के आईटी विभाग में वीडियो वॉल खरीद में फर्जीवाड़े का मामला: एसीबी महानिदेशक सहित 8 को हाईकोर्ट का नोटिस

जयपुर: राजस्थान हाईकोर्ट ने राज्य के आईटी विभाग के तहत राजकॉम्प इन्फो सर्विसेज लिमिटेड में वीडियो वॉल की खरीद में हुए फर्ज़ीवाड़े के मामले में राज्य के पुलिस महानिदेशक सहित 8 अधिकारियो को नोटिस जारी किये है.मुख्य न्यायाधीश इन्द्रजीत महांति और जस्टिस प्रकाश गुप्ता की खण्डपीठ ने पब्लिक अगेंस्ट करप्शन संस्था की ओर से दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए दिये है.याचिका में मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग कि गयी है. पब्लिक अगेंस्ट करप्शन संस्था की ओर से अधिवक्ता पूनम चंद भंडारी और डॉ टी एन शर्मा ने अदालत को बताया कि वर्ष 2016-17 में राज्य के आईटी विभाग में करीब 100 करोड़ रूपये खर्च कर 300 वीडियो वॉल खरीद की गई थी. याचिका में कहा गया कि एक ही दिन मे दो अलग अलग कंपनियों से अलग अलग दरों पर सामान खरीदा गया. समय पर भुगतान नहीं करने पर भी कंपनियों पर जुर्माना नहीं लगाया और निजी कंपनियों को करीब 2.5 करोड़  रुपए का फायदा पहुंचाया. यही नही सभी सामान की तीन साल की गारंटी होने के बावजूद करोडों रुपए मेंटिनेस के नाम पर खर्च किए गये. 

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ना बिजली ना इंटरनेट लगा दी वीडियो वॉल:
याचिका में फर्जीवााड़े की जानकारी देते हुए अदालत को बताया गया कि विभाग ने ऐसी जगह पर भी 18 वीडियो वॉल लगा दी गई. जहां पर बिजली का कनेक्शन एवं इंटरनेट सुविधा नही थी इस प्रकार पांच करोड़ रुपए का सरकारी खजाने को नुकसान पहंचाकर निजी कम्पनियों को लाभ पहुंचाया गया. याचिका में कहा गया कि कैग ने भी अपनी रिपोर्ट में इस खरीद को लेकर विपरित टिप्पणी की है.

नोटिस जारी कर चार सप्ताह में किया जबाब तलब:
सभी तथ्यों के साथ संस्था की ओर से एसीबी में शिकायत की गई, लेकिन बार बार प्रतिवेदन के बाद भी कोई कार्यवाही नही कि गयी.मुख्य न्यायाधीश इन्द्रजीत महांति की खण्डपीठ ने संस्था की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए राज्य के पुलिस महानिदेशक, के बाद भ्रस्टाचार निरोधक ब्यूरो के महानिदेशक, राज़कॉम्प के पूर्व तकनीकी निदेशक उदय शंकर, संयुक्त निदेशक विजय प्रकाश, उप निदेशक वेद प्रकाश, वित्त अधिकारी कौशल सुरेश गुप्ता सहित आठ अधिकारियों को नोटिस जारी कर चार सप्ताह में  जबाब तलब किया है.

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VIDEO: RUHS कोरोना डेडिकेटेड हॉस्पिटल घोषित, ओपीडी से लेकर आईपीडी तक की चल रही है सेवाएं

जयपुर: सूबे के सबसे बड़े एसएमएस अस्पताल के कोरोना फ्री होने के बाद अब संक्रमित मरीजों को राजस्थान स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय के आरयूएचएस हॉस्पिटल में रखा जा रहा है.सरकार ने आरयूएचएस को कोरोना डेडिकेटेड हॉस्पिटल घोषित किया है, जहां ओपीडी से लेकर आईपीडी तक की सेवाएं चल रही है.

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कोरोना के खिलाफ जंग:
फिलहाल 170 से अधिक कोरोना पॉजिटिव मरीज अस्पताल में ट्रिटमेंट ले रहे है.आइए हम आपको दिखाते है कि कोरोना मरीजों को डेडिकेटेड अस्पताल में कैसे रखा जा रहा है, साथ ही कोरोना के खिलाफ जंग लड रहे वॉरियर्स किस परिस्थिति में पिछले चार माह से जिन्दगी और मौत की जंग लड रहे है.

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कोरोना मरीजों के लिए आरयूएचएस बड़ी उम्मीद 

-आरयूएचएस हॉस्पिटल में मरीजों के लिए विशेष इंतजाम

-मुख्य बिल्डिंग में छह फ्लोर पर रखे जा रहे कोरोना मरीज

-हर फ्लोर पर सुरक्षा से लेकर ट्रीटमेंट के लिए स्टॉफ तैनात

-परिजनों को भी साथ रहने के लिए उपलब्ध कराई जा रही पीपीई किट

-हालांकि, इस दौरान कोरोना वॉरियर्स को ट्रिटमेंट में बड़ी चुनौती

-भीषण गर्मी में आठ-आठ घंटे पीपीई किट पहनकर दे रहे ट्रीटमेंट

-फर्स्ट इंडिया की टीम ने कोरोना हॉस्पिटल पहुंचकर देखी व्यवस्थाए

बढ़ते कोरोना संक्रमण के बीच राजस्थान हाईकोर्ट में कल अहम बैठक, फिर से वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के जरिए सुनवाई पर किया जा सकता है विचार

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जयपुर: देश और प्रदेश में बढते कोरोना संक्रमण के बीच अब राजस्थान हाईकोर्ट भी संक्रमण की जद में आ गया है.जोधपुर हाईकोर्ट में एक वरिष्ठ न्यायाधीश के निजी सचिव के कोरोना पॉजिटीव पाये जाने के बाद जोधपुर हाईकोर्ट में सुनवाई स्थगित कर दी गई है.बुधवार देर शाम मिली रिपोर्ट के बावजूद गुरूवार सुबह हाईकोर्ट खोला गया.लेकिन न्यायालय समय शुरू होने के साथ जोधपुर हाईकोर्ट के अधिकांश न्यायाधिशों ने कार्य स्थगित करने के पक्ष में होने के चलते तत्काल हाईकोर्ट बिल्डिंग को बंद किया गया.जोधपुर के चिकित्सा अधिकारियों से बातचीत के बाद कोर्ट को खाली कराते हुए कोर्ट स्टॉफ, अधिवक्ताओं से लेकर जजों को भी पुन: घरों के लिए रवाना किया गया.आनन फानन में रजिस्ट्रार जनरल की ओर से जारी किये गये आदेश में न्यायिक कार्य स्थगित किया गया.इसके बाद दोपहर में मुख्य न्यायाधीश इन्द्रजीत महांति ने जोधपुर हाईकोर्ट के जजो से वीसी के जरिए हालात पर चर्चा की गई.

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शुक्रवार को होगी अहम बैठक:
जोधपुर हाईकोर्ट के साथ ही प्रदेश की कई अदालतों में कोरोना संक्रमित पाये जाने के चलते अब अदालतों को चालू रखने को लेकर राजस्थान हाईकोर्ट प्रशासन नए सिरे से विचार कर सकता है.अधिवक्ताओं के साथ ही न्यायिक अधिकारी भी बढते संक्रमण से डर के साये में है ऐसे में शुक्रवार दोपहर 2 बजे मुख्य न्यायाधीश इन्द्रजीत महांति की अध्यक्षता में बैठक बुलायी गयी है.बैठक में जोधपुर-जयपुर हाईकोर्ट के अधिकांश न्यायाधीश भी वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के जरिए मौजुद रहेगे. वही राज्य के महाधिवक्ता एम एस सिंघवी, एडिशनल सॉलिस्टर जनरल आर डी रस्तेगी, राजस्थान बार काउंसिल चैयरमेन शाहीद हसन के साथ ही दोनों हाईकोर्ट बार के अध्यक्ष शामिल होंगे.माना जा रहा है कि प्रदेश में बढते कोरोना संक्रमण के चलते अदालतों में फिर से वीडियो कॉन्फ्रसिग के जरिए सुनवाई करने पर विचार किया जा सकता है.

एएसजी सहित सीनियर एडवोकेट जताते रहे है आपत्ति:
राजस्थान हाईकोर्ट देश का एकमात्र हाईकोर्ट है जहां पर निरंतर मामलो की सुनवाई कि जा रही है.कोरेाना काल में लॉकडाउन से लेकर लॉकडाउन खुलने के बाद भी लगातार वीडियो कॉलिंग के जरिए सुनवाई कि जाती रही है.वही 29 जून से हाईकोर्ट सहित अधिनस्थ अदालतों में रेगुलर सुनवाई भी शुरू कर दी गयी है.रेगुलर केार्ट को लेकर हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने खुलकर इसका समर्थन किया.वहीं राज्य के एडीशनल सॉलिस्टर जनरल के साथ एक दर्जन वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने आपत्ति भी जतायी.एडिशनल सॉलिस्टर जनरल ने मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखकर रेगुलर कोर्ट खोलने पर आपत्ति जतायी थी.यहां तक एएसजी अदालते खुलने के बाद से ही वीडियो कॉप्फ्रेंसिंग के जरिए ही पैरवी कर रहे है.इसके चलते हाईकोर्ट द्वारा आयोजित हुई पिछली बैठकों में भी वे शामिल नही रहे है.

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सीएम गहलोत ने प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के दिए निर्देश, कहा-लापरवाही बरतने वाले वाहन चालकों पर हो कड़ी कार्रवाई

 सीएम गहलोत ने प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के दिए निर्देश, कहा-लापरवाही बरतने वाले वाहन चालकों पर हो कड़ी कार्रवाई

जयपुर: राजस्थान में सड़क दुर्घटनाओं के बढ़ते मामलों से चिंतित मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने दुर्घटनाओं में 50 प्रतिशत कमी लाने के निर्देश दिए हैं. मुख्यमंत्री आवास पर आयोजित कार्यक्रम में गहलोत ने कहा की जिस तरह से पायलट कड़ी ट्रेनिंग और गाइडलाइन को फॉलो करते हैं प्रदेश में भी इसी तरह के नियम कायदों की पालना होनी चाहिए. भीलवाड़ा डेयरी संघ ने अभिनव पहल करते हुए प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के मकसद से 15000 पशुपालकों को हेलमेट वितरित किये है.

वीसी के जरिए हुआ कार्यक्रम का उद्घाटन:
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए CMR से इस कार्यक्रम का उद्घाटन किया. मुख्यमंत्री आवास पर भीलवाड़ा से आए दो पशुपालकों को हेलमेट भी दिए गए. इस मौके पर CM  गहलोत ने पहल की सराहना करते हुए कहा कि जैसे दो पशुपालकों को अच्छी क्वालिटी के हेलमेट दिए गए हैं बाकी हेलमेट भी उसी क्वालिटी के होने चाहिए. इस पर डेयरी संघ के अध्यक्ष रामलाल जाट ने आश्वस्त किया कि सभी पशुपालकों को अच्छी क्वालिटी के ही हेलमेट वितरित किए जा रहे हैं.

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रोड सेफ्टी पाठ्यक्रम में भी करवाया जाएगा शामिल:
रॉड शेफटी पर बल देते हुए गहलोत ने कहा केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने जुर्माना राशि में बढ़ोतरी के साथ साहस का काम किया है. हालांकि जुर्माना राशि अधिक होने की वजह से प्रदेश में इसमें संशोधन किया गया है लेकिन इस संशोधन की पालना पुलिस विभाग को सख्ती से करवानी होगी. मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये है कि रॉड सेफ्टी के बारे में पाठ्यक्रम में भी उल्लेख होना चाहिए. सीएम ने कहा पहले राजस्थान की सड़कों की हालत अच्छी नहीं थी लेकिन अब पड़ोसी राज्यों के मुकाबले राजस्थान की सड़कें बेहतर हो गई हैं. मुख्यमंत्री ने कहा जिस तरह से कोरोना के समय भीलवाड़ा मॉडल की तारीफ देशभर में हुई है उसी तरह से भीलवाड़ा के इस प्रयोग वह भी अन्य जिलों में नागरिक फॉलो करेंगे. 

जल्द जयपुर में एक बड़े सम्मेलन का होगा आयोजन:
कार्यक्रम में परिवहन मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने कहां कि प्रदेश में सड़क दुर्घटना में जागरूकता के लिए जल्दी जयपुर में एक बड़े सम्मेलन का आयोजन करवाया जाएगा. गोपाल मंत्री प्रमोद भाया जैन ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के नेतृत्व और भीलवाड़ा डेयरी संघ के प्रयासों की सराहना की. वहीं कृषि मंत्री लालचंद कटारिया ने कहा यह कार्यक्रम अनुकरणीय है ऐसे कार्यक्रम और अधिक होने चाहिए. उन्होंने कहा कि सरकार किसानों और पशुपालकों के कई अहम घोषणा कर चुकी है और भविष्य में भी इनके हित को देखते हुए ही फैसले किये जायेंगे. 

प्रदेशवासियों के जीवन की रक्षा सर्वोपरि:
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार के लिए प्रदेशवासियों के जीवन की रक्षा सर्वोपरि है. इसलिए सड़क सुरक्षा नियमों की पालना सुनिश्चित करवाने और दुर्घटनाओं में कमी लाने के उद्देश्य से वाहन चालन से जुड़े अपराधों के प्रति कड़ा रूख अपनाया जा रहा है. उन्होंने आमजन से अपील की है कि वे वाहन चलाते समय सड़क सुरक्षा संबंधी सभी नियमों की आवश्यक रूप से पालना करें. यह उनके जीवन की रक्षा के लिए बेहद जरूरी है. 

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राजधानी के चिकित्सकों ने रचा कीर्तिमान, 27 साल पहले हार्ट में लगे पेसमेकर-तार को बिना सर्जरी के निकाला

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जयपुर: सालों पहले लगे पेसमेकर में संक्रमण होने के कारण उसे तार समेत हार्ट से निकालने के जटिल केस को शहर के डॉक्टर्स ने सफलतापूर्वक कर दिखाया. प्रदेश में पहली बार इस तरह का केस हुआ है जब मरीज को 27 साल पहले लगे पेसमेकर और तार को इंफेक्शन होने पर बिना ओपन हार्ट सर्जरी के हृदय में से निकाला गया. लीड एक्सट्रैक्शन नामक यह प्रक्रिया इतनी जटिल थी कि तार निकालने में जरा भी चूक होती तो मरीज की उसी समय मृत्यु हो सकती थी. शहर के इटरनल हॉस्पिटल में डॉक्टर्स ने नई तकनीक लीड लॉकिंग डिवाइस और टाइट रेल डिवाइस की सहायता से इसे सफल बनाया.

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मात्र 14 वर्ष की उम्र में पेसमेकर लगाया गया था: 
इटरनल हॉस्पिटल के इंटरवेंशनल व इलेक्ट्रोफिजीयोलॉजी डायेक्टर डॉ. जितेंद्र सिंह मक्कड़ ने बताया कि जयपुर से ही 41 वर्षीय मरीज को कम धड़कन के चलते मात्र 14 वर्ष की उम्र में पेसमेकर लगाया गया था. अब तक दो बार उनके पेसमेकर की बैटरी बदली गई. कुछ माह पहले पेसमेकर की जगह में सूजन व मवाद निकलने की स्थिति मे उन्हें इटरनल हॉस्पिटल दिखाया गया जहां कुछ टेस्ट होने के बाद यह पता चला कि उनके पेसमेकर और तार में इंफेक्शन हो गया है. डॉ. मक्कड़ ने बताया कि अगर यह समय पर नहीं निकाला जाता तो इंफेक्शन मरीज के पूरे शरीर में फैल जाता, जिससे उसकी जिन्दगी खतरे में पड़ सकती थी. 

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हृदय से तार निकाला बेहद जोखिम भरा काम:

- दरअसल, पेसमेकर और तार इम्प्लांट करने के बाद जैसे-जैसे पुराना होता जाता है, वह शरीर की नसों और टिश्यू के साथ चिपकने लगता है.

- मरीज के पेसमेकर लगे 27 साल हो चुके थे.

- ऐसे में पेसमेकर की तार हृदय की नसों और टिश्यू के साथ अच्छे से चिपक गई थी.

- तार को निकालने में जरा सी लापरवाही होने पर नस या हृदय की झिल्ली फटने का खतरा था.

- नई तकनीक लीड लॉकिंग डिवाइस और टाइट रेल डिवाइस की सहायता से सफल किया केस.

- इस तकनीक में पेसमेकर की तार के साथ चिपकी नसों और दूसरे टिश्यू को निकालने के लिए पहले लीड लॉकिंग डिवाइस से तार को पकड़ा गया. 

- फिर टाइट रेल डिवाइस से धीरे-धीरे नसों और टिश्यू से उसे अलग किया गया.

- डॉ. अजीत बाना ने बताया कि लीड एक्सट्रैकेशन एक कठिन प्रक्रिया है जो आमतौर पर ओपन हार्ट सर्जरी द्वारा की जाती है. 

- इस बार डॉ मक्कड़ के नेतृत्व में कार्डियोलॉजी टीम ने बिना किसी ऑपरेशन के लीड लेकर अभूतपूर्व काम किया है. 

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