Live News »

राज्य सरकार ने हाईकोर्ट में पेश किया जवाब, पूर्व मुख्यमंत्री जगन्नाथ पहाड़िया ने खाली किया बंगला

राज्य सरकार ने हाईकोर्ट में पेश किया जवाब, पूर्व मुख्यमंत्री जगन्नाथ पहाड़िया ने खाली किया बंगला

जयपुर: राज्य की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के बाद अब पूर्व मुख्यमंत्री जगन्नाथ पहाड़िया ने पूर्व मुख्यमंत्री के रूप में मिल रही सभी आजीवन सुविधाओं को सरकार को वापस लौटा दिया है. वही बंगला नंबर 13 को वसुंधरा राजे को एमएलए कोटे के तहत आवंटित किया जा रहा है. राज्य के महाधिवक्ता एम एस सिंघवी ने मिलापचंद डांडिया की अवमानना याचिका पर सरकार की ओर से हाईकोर्ट में जवाब पेश करते हुए ये जानकारी दी है. 

VIDEO: विधानसभा अध्यक्ष ने फिर अपनाया कड़ा रुख, अधिकारी को सस्पेंड करने का दिया निर्देश 

21 जनवरी को ही विभाग को बंगला सुपूर्द किया:
महाधिवकता ने अपने जवाब में बताया कि पूर्व सीएम महाड़िया ने 21 जनवरी को ही हॉस्पिटल रोड स्थित बंगला संख्या 5 खाली कर दिया है. संबंधित सार्वजनिक निर्माण विभाग को बंगला सुपूर्द कर दिया गया है. वहीं अन्य सुविधाए मोटर गैराज और जिला प्रशासन को लौटा दि गयी है. डांडिया की ओर से एडवोकेट विमल चौधरी और योगेश टेलर ने पैरवी करते हुए राज्य सरकार के जवाब के प्रत्युत्तर के लिए समय मांगा है जिस पर जस्टिस सबीना की खण्डपीठ ने मामले की सुनवाई 20 अप्रैल तक टाल दी है. मुख्य सचिव डीबी गुप्ता की ओर से पेश किये गये हलफनामे में हाईकोर्ट से बिना शर्त माफी भी मांगी गयी है. 

फिलहाल बंगला संख्या 13 को जारी रखा गया: 
पूर्व सीएम वसुधंरा राजे को फिलहाल बंगला संख्या 13 को जारी रखा गया है. राज्य सरकार अब विधायकों को आवास आवंटित करने को लेकर नए नियम बनाने की प्रक्रिया में जुटी है. सरकार के सूत्रों के अनुसार सरकार ने बंगला आवंटन के नए नियमों की फाइल विधानसभा पुल के समक्ष भेज दी है.

विधानसभा में सुनाई दी परिवहन विभाग के अफसरों के खिलाफ एसीबी कार्रवाई की गूंज, गरमाई प्रदेश की सियासत 

क्या है मामला:
वरिष्ठ पत्रकार मिलापचंद डांडिया की जनहित याचिका पर  4 सितंबर 2019 को पूर्व मुख्यमंत्रियों को आजीवन सुविधाओं देने वाले एक्ट को राजस्थान हाईकोर्ट ने रद्द कर दिया था. इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में दायर कि गयी राज्य सरकार की एसएलपी भी 6 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट खारिज कर चुका है. वही डांडिया की ओर से इस मामले में हाईकोर्ट के आदेश की पालना नही करने पर अवमानना याचिका दायर कि गयी. जिसकी सुनवाई के दौरान राज्य की ओर से 20 जनवरी को उपस्थित हुए महाधिवक्ता ने मौखिक जानकारी देते हुए बताया कि पूर्व सीएम वसुंधरा राजे ने बंगले को छोड़कर सभी सुविधाए लौटा दी है. वही बंगला उन्हे एमएलए कोटे के तहत आवंटित किया जा रहा है. वही जगन्नाथ पहाड़िया को नोटिस दिया गया है.

और पढ़ें

Most Related Stories

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बड़े फैसले, पुलिस विभाग में चतुर्थ श्रेणी के 326 पदों पर होगी सीधी भर्ती

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बड़े फैसले, पुलिस विभाग में चतुर्थ श्रेणी के 326 पदों पर होगी सीधी भर्ती

जयपुर: कोरोना और सियासी संकट के बीच मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राजकाज निपटाते हुए आज तीन अहम फैसले किए. सीएम गहलोत ने बिड सिक्योरिटी एवं परफॉमेर्ंस सिक्योरिटी की राशि 50 प्रतिशत कम दी है, वहीं पुलिस विभाग में चतुर्थ श्रेणी के 326 पदों पर सीधी भर्ती करने की फाइल पर मुहर लगा दी. एक अन्य अहम फैसले में मुख्यमंत्री ने चार साल से लंबित गृह विभाग में अभियोजन सेवा के विभिन्न पदों पर प्रमोशन को हरी झंडी दे दी.

गुड गवर्नेंस से जुड़े फैसले:
प्रदेश में भले ही कोरोना व सियासी संकट चल रहा हो, लेकिन मुख्यमंत्री गहलोत ने गुड गवर्नेंस से जुड़े फैसले लेने में किसी संकट को आड़े नहीं आने दिया. गहलोत ने आज अहम फैसला करते हुए वित्तीय वर्ष 2020-21 की शेष अवधि के लिए माल, सेवाओं एवं संकर्मों के उपापन पर राजस्थान लोक उपापन में पारदर्शिता नियमों के तहत बिड सिक्योरिटी एवं परफॉर्मेंस सिक्योरिटी की राशि को 50 प्रतिशत कम करने के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान की है. इस निर्णय से सार्वजनिक निर्माण की परियोजनाओं को समय पर पूरा करने में मदद मिलेगी. साथ ही इन परियोजनाओं की निविदाओं में आने वाली परेशानी दूर होगी. उल्लेखनीय है कि मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित सार्वजनिक निर्माण परियोजनाओं की टास्क फोर्स ने माल, सेवाओं एवं संकर्मों के उपापन पर बिड सिक्योरिटी एवं परफॉर्मेंस सिक्योरिटी के लिए राजस्थान लोक उपापन के पारदर्शिता नियमों में अंकित प्रावधान राशि को 50 प्रतिशत कम करने का सुझाव दिया था.

मुख्यमंत्री ने केन्द्रीय श्रम राज्यमंत्री को लिखा पत्र, अलवर में ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज मामले में लिखा पत्र

इन पदों पर भर्ती की मंजूरी:
मुख्यमंत्री ने दूसरा फैसला भर्ती को लेकर किया. गहलोत ने पुलिस विभाग में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के 326 रिक्त पदों को सीधी भर्ती से भरे जाने के प्रस्ताव को वित्तीय एवं प्रशासनिक स्वीकृति दी है. आरएसी बटालियनों की कंपनियों, प्लाटूनों एवं सैक्शन के मोबलाइज रहने के दौरान बटालियन एवं कंपनी मुख्यालय पर चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों, स्वीपर, धोबी, कुक, मोची आदि तथा नवगठित मेवाड भील कोर बांसवाड़ा, महाराणा प्रताप आरएसी इंडिया रिजर्व बटालियन, आरएसी की चौदहवीं बटालियन तथा जिला पुलिस भिवाड़ी के लिए चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के विभिन्न संवर्गों के इन पदों पर भर्ती की मंजूरी दी है.

326 रिक्त पदों को सीधी भर्ती से भरे जाने की स्वीकृति:
उल्लेखनीय है कि इन पदों पर भर्ती नहीं होने के कारण उक्त बटालियन और प्रशिक्षण संस्थानों में स्थित पुलिस लाइन एवं कार्यालय परिसरों में सफाई तथा अन्य विविध कार्यों के संपादन में परेशानी हो रही थी. साथ ही कानून-व्यवस्था में ड्यूटी के दौरान कंपनी, प्लाटून एवं सैक्शन के मूवमेंट में कठिनाई का सामना करना पड़ रहा था. इन पदों पर भर्ती से जवानों को स्वच्छ वातावरण एवं उनकी आवश्यकताओं के अनुरूप सुविधाएं मिल सकेंगी. गहलोत ने कुक के 72, स्वीपर के 58, धोबी के 51, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के 31, जलधारी-जलवाहक के 30, नाई के 26, दर्जी एवं सईस के 10-10, मोची के 8, खाती के 7, कैनल बॉय के 6, फिटर के 2 तथा बागवान एवं फर्राश के एक-एक पद तथा वर्ष 2020-21 में पदोन्नति से रिक्त होने वाले 13 और पदों सहित कुल 326 रिक्त पदों को सीधी भर्ती से भरे जाने की स्वीकृति दी है.

अधिकारियों को मिल सकेगा पदोन्नति का लाभ:
एक अन्य महत्वपूर्ण फैसला करते हुए मुख्यमंत्री ने गृह विभाग में उप निदेशक अभियोजन के 4, सहायक निदेशक अभियोजन के 17 तथा अभियोजन अधिकारी के एक रिक्त पदों पर पदोन्नति देने के लिए विभागीय पदोन्नति समिति की बैठक की अनुशंसाओं का अनुमोदन किया है. उल्लेखनीय है कि विभिन्न कारणों से इन पदों पर करीब 4 वर्ष से पदोन्नति नहीं हो पाई थी. मुख्यमंत्री के इस निर्णय से अधिकारियों को पदोन्नति का लाभ मिल सकेगा.

आईसीसी का फैसला, अब भारत में होगा 2021 का ICC टी-20 विश्वकप 

मुख्यमंत्री ने केन्द्रीय श्रम राज्यमंत्री को लिखा पत्र, अलवर में ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज मामले में लिखा पत्र

मुख्यमंत्री ने केन्द्रीय श्रम राज्यमंत्री को लिखा पत्र, अलवर में ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज मामले में लिखा पत्र

जयपुर: मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने केन्द्र सरकार से अलवर में कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) द्वारा निर्मित अस्पताल भवन में 500 बेड की सुविधा वाला अस्पताल संचालित करने की मांग की है. गहलोत ने इसके लिए केन्द्रीय श्रम एवं रोजगार राज्यमंत्री संतोष कुमार गंगवार को पत्र लिखा है. मुख्यमंत्री ने लिखा कि लगभग 800-900 करोड़ रूपए की लागत से तैयार यह भवन मेडिकल काॅलेज एवं अस्पताल के लिए निर्मित किया गया है, लेकिन वर्तमान में यहां केवल 50 बेड का छोटा अस्पताल ही संचालित किया जा रहा है.

भरतपुर में बढ़ता कोरोना मरीजों का ग्राफ, 40 नए पॉजिटिव आये सामने, जिले में शनिवार और रविवार रहेगा लॉकडाउन

500 बेड की सुविधा वाला अस्पताल संचालित करने की मांग:
इससे आमजन को चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने में अस्पताल भवन का समुचित उपयोग नहीं हो रहा है. 500 बेड का अस्पताल संचालित होने से अलवर एवं आस-पास के क्षेत्रों के लगभग 3,37,000 बीमितों और उनके 9,67,000 परिवारजनों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं प्रदान की जा सकेंगी. साथ ही यहां मेडिकल काॅलेज के संचालन से आगामी वर्षों में राज्य में चिकित्सकों की कमी को भी दूर करने में मदद मिलेगी.

भाजपा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ओम प्रकाश माथुर ने कई नेता, पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं से की मुलाकात, संगठनात्मक मुद्दों पर हुई बातचीत

भाजपा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ओम प्रकाश माथुर ने कई नेता, पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं से की मुलाकात, संगठनात्मक मुद्दों पर हुई बातचीत

भाजपा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ओम प्रकाश माथुर ने कई नेता, पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं से की मुलाकात, संगठनात्मक मुद्दों पर हुई बातचीत

जयपुर: भाजपा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ओम प्रकाश माथुर शुक्रवार को उनके जयपुर स्थित निवास पर भाजपा के नवनियुक्त प्रदेश पदाधिकारियों ने मुलाकात की, तो प्रदेशभर के कई कार्यकर्ताओं ने भी माथुर से मिलकर अपने अपने क्षेत्र का संगठनात्मक फीडबैक भी दिया. माथुर से मिलने वालों में भाजपा के नवनियुक्त प्रदेश उपाध्यक्ष अजय पाल सिंह माधुराम चौधरी प्रदेश मंत्री महेंद्र यादव अशोक सैनी मौजूद रहे.

आयुर्वेद चिकित्सकों के 450 रिक्त पदों पर जल्द होगी भर्ती, राज्य सरकार ने दी मंजूरी

बीजेपी पदाधिकारियों से मिले माथुर:
सभी को ओम प्रकाश माथुर ने मिठाई खिलाकर उनकी नई जिम्मेदारी के लिए बधाई और शुभकामनाएं जी एक-एक करके यह तमाम पदाधिकारी ओम प्रकाश माथुर से मिलने पहुंचे थे इस दौरान माथुर ने सभी से संगठनात्मक फीडबैक भी लिया. दूसरी तरफ ओम प्रकाश माथुर से पूर्व मंत्री डॉ रोहिताश्व शर्मा मुलाकात की तो पूर्व विधायक मानसिंह किनसरिया भी ओम प्रकाश माथुर से मिले.

कल दिल्ली जाने का प्रस्तावित कार्यक्रम:
भाजपा नेता मुकेश पारीक और सोहनलाल तांबी भी माथुर से मिले. आपको बता दें कि माथुर पिछले दिनों अपने क्षेत्र फालना में थे जहां पर अपने पारिवारिक मित्र पुष्प जैन के पुत्र के निधन के बाद उनके शोक संतप्त परिवार से मुलाकात की थी और परिवार को ढांढस बंधाया था. उसके बाद माथुर कल जयपुर लौटे और ने दिन भर माथुर के आवास पर मिलने वालों का जमावड़ा रहा कल दिल्ली जाने का प्रस्तावित कार्यक्रम है.

भरतपुर में बढ़ता कोरोना मरीजों का ग्राफ, 40 नए पॉजिटिव आये सामने, जिले में शनिवार और रविवार रहेगा लॉकडाउन

आयुर्वेद चिकित्सकों के 450 रिक्त पदों पर जल्द होगी भर्ती, राज्य सरकार ने दी मंजूरी

आयुर्वेद चिकित्सकों के 450 रिक्त पदों पर जल्द होगी भर्ती, राज्य सरकार ने दी मंजूरी

जयपुर: आयुर्वेद विभाग में लम्बे समय से नौकरी का ख्वाब देख रहे चिकित्सकों के लिए बड़ी राहत की खबर है.चिकित्सा विभाग ने जल्द ही आयुर्वेद चिकित्साधिकारियों के 450 रिक्त पदों पर भर्ती की जायेगी.भर्ती पदों को गहलोत सरकार ने मंजूरी दे दी है.आयुर्वेद मंत्री डॉ रघु शर्मा ने बताया कि सरकार बेरोजगारों के प्रति गंभीर है.आयुर्वेद विभाग में 450 चिकित्सा अधिकारियों के पद खाली चल रहे थे, जिन्हें भरने के लिए मंजूरी दे दी गई है.

नई शिक्षा नीति पर बोले मंत्री सुभाष गर्ग, कहा,केन्द्र सरकार ने नई पॉलिसी में कई असमंजस को दूर नहीं किया

18 लाख 75 हजार रुपये की जारी की गई वित्तीय स्वीकृत:
इसके साथ ही चिकित्सा मंत्री डॉ रघु शर्मा ने ये भी बताया कि 125 आयुष औषधालयों में बिजली एवं पानी के कनेक्शन की दिक्कत भी दूर होगी.इन सभी औषधालयों में कनेक्शन के लिए 18 लाख 75 हजार रुपये की राशि स्वीकृत की गयी है. 

सामूहिक दुष्कर्म मामले में दोषियों को 20-20 साल का कठोर कारावास, अजमेर न्यायालय ने सुनाया फैसला 

नई शिक्षा नीति पर बोले मंत्री सुभाष गर्ग, कहा,केन्द्र सरकार ने नई पॉलिसी में कई असमंजस को दूर नहीं किया

नई शिक्षा नीति पर बोले मंत्री सुभाष गर्ग, कहा,केन्द्र सरकार ने नई पॉलिसी में कई असमंजस को दूर नहीं किया

जयपुर: नई शिक्षा नीति के में उच्च शिक्षा में सुधारों पर देशभर में चर्चा की जा रही हैं. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से लेकर केन्द्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल तक ने नई शिक्षा नीति से बड़े बदलाव और खूबियां बताई हैं. लेकिन प्रदेश में तकनीकी शिक्षा मंत्री सुभाष गर्ग ने नई शिक्षा नीति के क्रियान्वयन को लेकर चिंता जताई हैं.

शिक्षा में संसाधनों के अभाव पर केन्द्र सरकार का ध्यान क्यों नहीं?:
बतौर शिक्षाविद भी डॉक्टर गर्ग ने कई सवाल उठाते हुए कहा है कि नई शिक्षा नीति में उच्च शैक्षणिक संस्थाओं को मल्टी फैकल्टी के तौर पर डवलप करने की बात कही गई हैं. जो संसाधनों के अभाव में कैसे हो सकेगा. इसे लेकर कोई स्पष्ट नहीं हैं. 

केरल में लैंड स्लाइड से 12 लोगों की मौत, 80 लोगों के फंसे होने की आशंका! 

GDP का 6 फीसदी खर्च शिक्षा पर क्यों नहीं?:
देश में आईआईटी और आईआईएम अपनी अलग पहचान रखते है यदि उनमें इसे लागू करेंगे तो किस तरह का असर पड़ेगा. जब प्राथमिक शिक्षा में तीन तरह की भाषाओं की बात कही है तो फिर उच्च शिक्षा के लिए भाषा क्यों स्पष्ट नहीं की गई हैं. साथ ही जीडीपी का कितना प्रतिशत एजुकेशन पर खर्च किया जाएगा केन्द्र सरकार ने इसे लेकर भी कोई साफ जिक्र नहीं किया हैं. जबकि जरूरत जीडीपी के छह फीसदी खर्च की हैं.

मनी लॉन्ड्रिंग केस में ED की रिया चक्रवर्ती से पूछताछ जारी, सुशांत के खाते से 15 करोड़ रुपए निकालने का है आरोप

बिड सिक्योरिटी एवं परफॉर्मेंस सिक्योरिटी की राशि को 50 प्रतिशत कम करने के प्रस्ताव को मंजूरी

बिड सिक्योरिटी एवं परफॉर्मेंस सिक्योरिटी की राशि को 50 प्रतिशत कम करने के प्रस्ताव को मंजूरी

जयपुर: मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने वित्तीय वर्ष 2020-21 की शेष अवधि के लिए माल, सेवाओं एवं संकर्मों के उपापन पर राजस्थान लोक उपापन में पारदर्शिता नियमों के तहत बिड सिक्योरिटी एवं परफॉर्मेंस सिक्योरिटी की राशि को 50 प्रतिशत कम करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है. 

Rajasthan Political Crisis: बसपा विधायकों पर तामील हुए कोर्ट के नोटिस, राजनैतिक क्षेत्रों में आश्चर्य! 

निविदाओं में आने वाली परेशानी भी दूर होगी: 
सीएम गहलोत के इस निर्णय से सार्वजनिक निर्माण की परियोजनाओं को समय पर पूरा करने में मदद मिलेगी. इसके साथ ही इन परियोजनाओं की निविदाओं में आने वाली परेशानी भी दूर होगी. कोरोना के चलते संवेदकों को कम बिड सिक्योरिटी एवं परफॉमेर्ंस सिक्योरिटी होने से कम कार्यशील पूंजी की आवश्यकता होगी और बड़ी राहत मिलेगी. 

नई शिक्षा नीति में किसी से भेदभाव नहीं, ये नीति नए भारत की नींव रखेगी- पीएम मोदी 

अंकित प्रावधान राशि को 50 प्रतिशत कम करने का दिया था सुझाव:
उल्लेखनीय है कि मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित सार्वजनिक निर्माण परियोजनाओं की टास्क फोर्स ने माल, सेवाओं एवं संकर्मों के उपापन पर बिड सिक्योरिटी एवं परफॉर्मेंस सिक्योरिटी के लिए राजस्थान लोक उपापन के पारदर्शिता नियमों में अंकित प्रावधान राशि को 50 प्रतिशत कम करने का सुझाव दिया था. 

Rajasthan Political Crisis: भाजपा विधायकों की बाड़ेबंदी की तैयारियां!

Rajasthan Political Crisis: भाजपा विधायकों की बाड़ेबंदी की तैयारियां!

जयपुर: राजस्थान में चल रहे सियासी संकट के बीच भाजपा विधायकों की भी बाड़ेबंदी की तैयारियां चल रही है. नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया ने 1st इंडिया से खास बातचीत करते हुए कहा कि अभी हमे आवश्यकता नहीं है लेकिन हमें पता लगा है कि हमारे MLA से सम्पर्क करने की कोशिश की जा रही है. ऐसे में हम भी अपने विधायकों को एकत्रित करके प्रशिक्षण देंगे. हमने अपनी तैयारियां कर रखी है.

Rajasthan Political Crisis: बसपा विधायकों पर तामील हुए कोर्ट के नोटिस, राजनैतिक क्षेत्रों में आश्चर्य!  

जिस दिन से जैसलमेर शिफ्ट हुए बहुमत खो दिया सरकार ने: 
उन्होंने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि जिस दिन से जैसलमेर में शिफ्ट हुए सरकार ने बहुमत खो दिया. सरकार निश्चित रूप से अल्पमत में आ गई है. पायलट के कुछ लोग जैसलमेर में भी है. ऐसे में इस बार सत्र निर्णायक व हंगामेदार होगा. हम जनता के विषय सदन में लाने की कोशिश करेंगे. इस समय प्रदेश में कानून व्यवस्था व कोरोना को देखने वाला कोई नहीं है. कोरोना पॉजिटिव व्यक्ति कैदी की तरह जिंदगी जी रहे हैं. बिजली के बिल ने करंट मारा है घर का बिल भी आपके सामने हैं. ऐसे में हमारा काम जब शुरू होगा जब हाउस जुड़ेगा. 

नई शिक्षा नीति में किसी से भेदभाव नहीं, ये नीति नए भारत की नींव रखेगी- पीएम मोदी 

हमें अभी पायलट ग्रुप की गणित देखनी है:
नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया ने कहा कि हमें अभी पायलट ग्रुप की गणित देखनी है. इसके साथ ही इस दौरान उन्होंने अविश्वास प्रस्ताव लेकर आने की तैयारियों के भी संकेत दिए. कटारिया ने कहा कि सही रिपोर्ट इकट्ठा करें तो उनके विधायक भगोड़े हैं. वहीं वसुंधरा राजे पर बोलते हुए कहा कि राजे हमारी लीडर और 2 बार की मुख्यमंत्री है. केंद्र क्या सोचता है उनका केंद्र से मिलना भी उसी दृष्टि से रहा है. अध्यक्ष पूनिया ने भी मुलाकात की है तो उसी दृष्टि से की है. हम जो एक्शन प्लान करेंगे तो उन्हें साथ लेकर ही फैसला करेंगे. 

Rajasthan Political Crisis: बसपा विधायकों पर तामील हुए कोर्ट के नोटिस, राजनैतिक क्षेत्रों में आश्चर्य!

जयपुर: राजस्थान में चल रहे सियासी संकट के बीच शुक्रवार को जैसलमेर के सूर्यगढ़ होटल में ही बसपा से कांग्रेस में शामिल हुए छह विधायकों को कोर्ट के नोटिस दिए गए. जैसलमेर डीजे के रीडर ने होटल में नोटिस तामील करवाए. नोटिस तामील होने से राजनैतिक क्षेत्रों में आश्चर्य का माहौल है. पहले कांग्रेस द्वारा बसपा से शामिल हुए विधायकों को कहीं और शफ्ट किए जाने की खबर थी ताकि नोटिस तामील न होने पर कोर्ट की कार्यवाही आगे न बढ़ सके. लेकिन गहलोत कैम्प ने आज सभी को एक "सरप्राइज" दिया है और न्यायिक जगत में गहलोत के रणनीतिकारों की प्रतिष्ठा बढ़ी है. 

Coronavirus in India: 24 घंटे में रिकॉर्ड 62 हजार से ज्यादा नए मामले, संक्रमितों की संख्या 20 लाख के पार 

सभी विधायक एक ही जगह मिले टीम को: 
नोटिस मिलने के बाद बसपा विधायकों ने कहा कि हमने सहर्ष नोटिस स्वीकार किये हैं. उन्होंने कहा कि हमने टीम से एक ही नोटिस लिए हैं. सभी विधायक टीम को एक जगह ही मिले. लेकिन अब सभी नोटिस महेश जोशी को सौंपने की खबर है. सभी विधायकों ने जोशी के हाथ नोटिस दिए हैं. 6 विधायकों को नोटिस मिलने के दौरान एसपी भी मौके पर मौजूद रहे. वहीं कोर्ट का नोटिस तामील कराने के मामले पर होटल में हलचल बढ़ गई है. वहीं सीएम गहलोत भी आज शाम जैसलमेर जाएंगे. 

Rajasthan Weather Updates: 13 अगस्त तक प्रदेश में बारिश का अलर्ट, आज कई हिस्सों में फुहारों का दौर जारी 

मामले को एक बार फिर से एकलपीठ को भेज दिया:
इससे पहले गुरुवार को राजस्थान हाईकोर्ट ने बसपा के 6 विधायकों के कांग्रेस में विलय के मामले को एक बार फिर से एकलपीठ को भेज दिया. मुख्य न्यायाधीश इन्द्रजीत महांति और जस्टिस प्रकाश गुप्ता की खण्डपीठ ने बसपा और भाजपा विधायक मदन दिलावर की अपील पर सुनवाई करते हुए 8 अगस्त तक बसपा के सभी 6 विधायकों को नोटिस सर्व कराने की व्यवस्था की है. लेकिन साथ ही एकलपीठ को निर्देश दिये है कि वो 11 अगस्त का सुनवाई करते हुए उसी दिन बसपा और मदन दिलावर की याचिकाओं पर फैसला भी दे. खण्डपीठ के इस फैसले के बाद फिलहाल तो मुख्यमंत्री खेमे को राहत मिल गई है लेकिन अब 11 अगस्त को एकलपीठ का फैसला ही सरकार का भाग्य तय कर सकता है. बसपा विधायकों के कांग्रेस में विलय को लेकर स्टे एप्लीकेशन पर एकलपीठ उसी दिन फैसला सुनाएगी. 

Open Covid-19