VIDEO : मुलाजिमों की अजीब कारस्तानी, बंजर जमीनों पर काट रहे 'चांदी'

FirstIndia Correspondent Published Date 2019/01/21 09:49

बीकानेर। सियासत में वोटों की फसल काटने के लिए सबसे मुफीद होते हैं किसानों से जुड़े मुद्दे। इस बार कांग्रेस कुछ हद तक इन मुद्दों का हल करनेेे पर फोकस भी कर रही है। सरकारें चाहती भी है कि अन्नदाता को उसका हक मिले, लेकिन निचले स्तर पर व्याप्त करप्शन सरकार की ऐसी कोशिशों को पलीता लगा देता है और अन्नदाता के हक का निवाला व्यापारियों, भ्रष्ट अधिकारियों और जमाखोरों की जेब में चला जाता है। बीकानेर में भी कुछ ऐसा ही गोलमाल किसानों के साथ लम्बे अर्से से किया जा रहा है।

कुछ सालों पहले बॉलीवुड में एक फ़िल्म आई थी, जिसका नाम था 'वेलडन अब्बा'। इस फ़िल्म में पानी का कुआं कागज में तो बना दिया जाता है, लेकिन हकीकत में वहां कुछ होता ही नहीं है। ऐसे में नायक कुआं चोरी होने की रिपोर्ट दर्ज कराने थाने पहुंच जाता है, तब कहीं जाकर सरकारी मशीनरी हरकत में आती है। बीकानेर में भी कुछ ऐसा ही फिल्मी सीन किसानों के साथ हो रहा किसानों की अकाल/अतिवृष्टि वाली जमीन पर फर्जी गिरदावरी की जा रही है। जिस जमीन पर विद्युत उपकरण लगे हैं, वहां भी मूंगफली की पैदावार दिखा कर चांदी काटी जा रही है।

जमीन बंजर पर गिरदावरी में मूंग ग्वार। जमीन पर लगा है ट्रांसफार्मर गिरदावरी में दिखाई मूंगफली। छत्तरगढ़ इलाके में किसानों के खेत खाली, लेकिन गिरदावरी में मूंग, मूंगफली। ये तो महज बानगी भर है, कितने ही तो ऐसे किसान हैं, जिन्हें इस बात का भान तक नहीं हो पाता और उनकी जमीन पर भले ही फसल उगी ही नहीं हो, लेकिन सरकारी रेट पर बेच दी जाती है। दरअसल ये गठजोड़ सस्ते दामों में खरीद कर किसानों के लिए घोषित किए गए सर्मथन मूल्य पर फसल बेच देता है। मंडी अधिकारी, कुछ बिचौलियों के साथ राजफैड और पटवारियों की मिलीभगत से ये धंधा चलता है।

बीकानेर में खासतौर पर मूंगफली खरीद में इस तरह का घोटाला लम्बे अर्से से चला आ रहा है। हालांकि इस बार नए आए जिला कलक्टर कुमार पाल गौतम थोड़े सतर्क और सक्रिय नजर आ रहे हैं। फर्जी गिरदावरी को लेकर कलक्टर ने एक पटवारी को भी निलम्बित किया है, लेकिन मर्ज इतना पुराना और बड़ा हो चला है कि छोटी मोटी चीर—फाड़ से अन्नदाता का भला नहीं होने वाला। कलक्टर इस बात से इत्तेफाक रखते हैं और कहते हैं कि ADM सिटी की अध्यक्षता में एक कमेटी बनाई है। साथ ही सभी SDM को भी निर्देशित किया गया है।

दरअसल, बीकानेर में इस तरह अन्नदाताओं के साथ छलावा नई बात नहीं है। डिग्गी अनुदानों से जमीन आंवटन के नाम पर यहां बहुत कुछ गोलमाल होता रहा है। अशोक गहलोत जैसे मुख्यमंत्री को करप्शन के प्रति जीरो टॉलरेंस वाला नेता माना जाता रहा है,  वहीं राहुल गांधी के विजन में भी अन्नदाता सर्वोप्परी नजर आते हैं। ऐसे में इस मामले में सीएमओ स्तर पर भी जांच की उम्मीद गरीब किसान कर रहा है।

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