राजस्थान में भ्रष्टाचार पर कहर बनकर टूट रहे ACB के सुपर कॉप्स

Navin Sharma Published Date 2019/03/08 07:24

जयपुर। राजस्थान सरकार के सुपर कॉप्स, जो कि ACB में तैनात हैं और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के एंटी करप्शन एजेंडे को लागू करने में जुटे हुए हैं। हम बात कर रहे हैं एसीबी के डीजी डॉक्टर आलोक त्रिपाठी, एडीजी सौरभ श्रीवास्तव और आईजी दिनेश एमएन की, जिन्होंने करीब 70 दिनों में ही 52 ट्रैप किए हैं। इसी कड़ी में अब इस टीम ने एक और बड़ी मछली पर कार्रवाई की है। एसीबी टीम ने CBI के घूसखोर इंस्पेक्टर प्रकाश चंद के दलाल को 75 लाख रुपए की घूस लेते ट्रैप किया है। हालांकि प्रकाश चंद खुद फरार हो गया है, जिसकी तलाश जारी है।

एसीबी के डीजी आलोक त्रिपाठी के नेतृत्व में एडीजी सौरभ श्रीवास्तव और आईजी दिनेश एमएन एक के बाद एक बड़ी मछलियों को कानून के शिकंजे में फांस रहे हैं। इस टीम का एक ही मकसद है मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के एंटी करप्शन मेंडेट को पूरा करना, जो ये बखूबी कर रहे हैं। पहले कोटा में नारकोटिक्स डिपार्टमेंट में तैनात IRS सहीराम मीणा हो या फिर जयपुर के झोटवाड़ा के ACP आस मोहम्मद। इसी कड़ी में एक और बड़ा कदम उठाते हुए इन सुपर कॉप्स ने CBI में चल रहे घूसखोरी के खेल का पर्दाफाश किया है।

जयपुर में ACB की टीम ने कार्रवाई करते हुए CBI इंस्पेक्टर प्रकाश चंद के दलाल शांतिलाल को 75 लाख की घूस लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। ACB ने जानकारी देते हुए बताया कि परिवादी की गृह निर्माण सहकारी समिति है, जिसका एक केस हाईकोर्ट में चल रहा है और मामले की जांच CBI कर रही है। मामले में इंस्पेक्टर ने दलाल के जरिए डेढ़ करोड़ रुपए की घूस मांगी थी, जिसमें से 90 लाख रुपए वो पहले ले चुके थे। आज 30 लाख रुपए नकद और 45 लाख रुपए के चेक के साथ एसीबी ने दलाल को रंगे हाथों धर लिया। हालांकि प्रकाश चंद कार्रवाई की भनक लगते ही फरार हो गया। एसीबी के मुताबिक, काफी समय से इंस्पेक्टर प्रकाश चंद पर नज़र रखी जा रही थी, जिसके चलते उसकी बेईमानी की परतें खुलती चली गईं और आज एसीबी ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया। फिलहाल प्रकाश चंद की तलाश जारी है।

बता दें कि डीजी आलोक त्रिपाठी के नेतृत्व में ये कोई पहली बड़ी कार्रवाई नहीं है, इससे पहले भी 26 जनवरी को टीम ने कोटा में कार्रवाई करते हुए IRS सहीराम मीणा को एक लाख की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों दबोचा था और अफीम की खेती की आड़ में नारकोटिक्स महकमे में पनप रहे करप्शन के मकड़जाल को तोड़ा था। जब सहीराम के ठिकानों पर तलाशी ली गई, तो सैकड़ों करोड़ रुपए की संपत्ति का खुलासा हुआ था। फिलहाल सहीराम जेल में बंद है।

इसके बाद इन सुपर कॉप्स ने 13 फरवरी को झोटवाड़ा थाना सर्किल में चल रहे घूसखोरी के मकड़जाल को तोड़ा। एसीबी ने एसीपी आस मोहम्मद के लिए एक लाख की घूस लेते रीडर को गिरफ्तार किया था, वहीं जांच में ये भी सामने आया था कि इस घूसखोरी के खेल में SHO, इंस्पेक्टर भी मिले हुए थे। हालांकि कार्रवाई के बीच आरोपी फरार हो गए, जिनकी भी तलाश जारी है।

वहीं बात अगर जनवरी से अब तक की गई कुल कार्रवाई की करें तो ACB की ये टीम अब तक अपना अर्द्धशतक पूरा कर चुकी है। मतलब करीब 70 दिनों में इस टीम ने 50 से ज्यादा कार्रवाई को अंजाम दिया है और बेईमानों को उनके ठिकाने पर पहुंचा दिया है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने जिस मकसद से इन सुपर कॉप्स को ACB की ज़िम्मेदारी सौंपी है, उसे बहुत ही शानदार तरीके से ये टीम पूरा कर रही है और जिस रफ्तार से ये टीम घूसखोरों पर कार्रवाई कर रही है, उससे लगता है कि राजस्थान के हर विभाग से घूसखोरी का अंत होकर रहेगा और ईमानदारी सिर चढ़कर बोलेगी।

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