सुप्रीम कोर्ट ने सवर्ण आरक्षण पर तत्काल रोक लगाने से किया इनकार, केंद्र से मांगा जवाब

FirstIndia Correspondent Published Date 2019/01/25 12:06

नई दिल्ली। आर्थिक रूप से गरीब सवर्णो को मिले 10 फीसदी आरक्षण पर रोक तत्काल रोक लगाने से सुप्रीम कोर्ट ने इनकार कर दिया है। आरक्षण को असंवैधानिक बताने वाली याचिकाओं के मद्देनजर कोर्ट ने केंद्र सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। मुख्य न्यायधीश रंजन गोगोई ने कहा कि हम इस मुद्दे की समीक्षा करेंगे। कोर्ट अब इस मामले में चार हफ्ते में सुनवाई करेगा।

इस महीने के शुरुआत में सुप्रीम कोर्ट में यूथ फॉर इक्वलिटी नामक एनजीओ ने एक जनहित याचिका (PIL) दाखिल की थी, जिसमें सामान्य वर्ग के गरीबों को 10 फीसदी आरक्षण देने वाले कानून को चुनौती दी गई थी। अब सुप्रीम कोर्ट इस मामले की सुनवाई करने के लिए तैयार हो गया है।  इसकी सुनवाई चीफ जस्टिस रंजन गोगोई और जस्टिस संजय खन्ना की पीठ करेगी। 

आपको बता दें कि मोदी सरकार ने आर्थिक आधार पर सामान्य वर्ग को 10 फीसदी आरक्षण देने के लिए संविधान में 124वां संशोधन किया था। संसद के दोनों सदनों ने इस आरक्षण विधेयक को महज 2 दिन में ही पारित कर दिया था। इसके बाद तीन दिन में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने इस विधेयक को मंजूरी दे दी थी। इसमें आर्थिक आधार पर सामान्य वर्ग को शिक्षण संस्थानों और सरकारी नौकरियों में आरक्षण देने की व्यवस्था की गई है। 

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