गुर्जर आरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट का रोक से इनकार, लोकसभा चुनाव से पूर्व राज्य सरकार को बड़ी राहत

Nizam Kantaliya Published Date 2019/04/05 12:20

जयपुर। प्रदेश में गुर्जरों सहित अन्य 5 जातियों को पांच फीसदी आरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगाने से इनकार कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में हाईकोर्ट के अंतरिम आदेश में हस्तक्षेप से इनकार किया है। सीजेआई रंजन गोगोईं की बैंच में जयपुर निवासी अरविंद शर्मा व अन्य की ओर दायर विशेष अनुमति याचिका पर सुनवाई करते हुए ये आदेश दिये है। चुनाव पूर्व सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश से राज्य सरकार को भी बड़ी राहत मिली है। 

विधानसभा चुनावो के बाद गुर्जर आरक्षण आंदोलन के दौरान राजस्थान सरकर ने 13 फरवरी 2019 को विधानसभा में गुर्जर सहित 5 जातियों को 5 प्रतिशत एमबीसी आरक्षण प्रदान करते हुए विधेयक पारित किया। इस आरक्षण विधेयक को याचिकाकर्ता अरविंद शर्मा व अन्य ने हाइकोर्ट में याचिका दायर कर चुनौति देते हुए स्टे एप्लीकेशन लगायी। मुख्य न्यायाधीश प्रदीप नन्दराजोग की खंडपीठ ने राज्य सरकार को गुर्जर आरक्षण मामले में नोटिस तो जारी किया लेकिन आरक्षण पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था। याचिकाकर्ता ने हाइकोर्ट के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका के जरिये चुनौति दी। याचिका की सुनवाई के दौरान सरकार के AAG डॉ मनीष सिंघवी ने सरकार का पक्ष रखा वहीं पूर्व AAG डॉ अभिनव शर्मा ने याचिका में राज्य सरकार द्वारा गुर्जर सहित अन्य जातियों को 5 प्रतिशत आरक्षण दबाव में देने को बात कही गयी है। 

याचिका में कहा गया कि आरक्षण के लिये राज्य में आपात परिस्थितियों को हवाला दिया है जबकि राज्य में ऐसी कोई विषम परिस्थितियां ही नहीं थीं। गुर्जर आंदोलन कर रहे थे और राज्य सरकार ने मजबूरी में उन्हें आरक्षण दिया है। साथ ही 50 प्रतिशत की सीलिंग से ज्यादा आरक्षण को विधि विरुद्ध बताया गया। 

सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश से राजस्थान सरकार को बड़ी राहत मिली है। एडवोकेट शैलेन्द्र गुर्जर के अनुसार विधानसभा चुनावों में गुर्जर समाज ने कांग्रेस द्वारा किये वादे पर भरोसा करते हुए जमकर वोट दिये। जिसके चलते चुनाव बाद आरक्षण को लेकर आंदोलन किया गया। आंदोलन के दौरान ही सरकार ने विधानसभा में विधेयक पारित कर गुर्जरों को आरक्षण प्रदान किया। पटरियो पर बैठे गुर्जरों ने विधेयक की निरंतरता के लिये पैरवी का जिम्मा भी सरकार को ही सौपा था। ऐसे में सुप्रीम कोर्ट द्वारा आरक्षण पर रोक नही लगाने से लोकसभा चुनाव तक सत्ताधारी कांग्रेस को भी राहत मिल गयीं। 

बहरहाल सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि राजस्थान हाईकोर्ट में स्टे एप्लिकेशन पेंडिंग और स्टे पर कोई आदेश नही दिया गया हो तब तक सुप्रीम कोर्ट कोई आदेश पारित नही करना चाहता,,,सुप्रीम कोर्ट ने याचिका का निस्तारण करते हुए याचिकाकर्ता को हाइकोर्ट जाने को कहा है। 

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