'ये गांव सवर्ण व अन्य पिछड़ा वर्ग के हैं, यहां नेताओं का प्रवेश निषेध है'

Nirmal Tiwari Published Date 2018/10/25 09:37

बाड़मेर। बाड़मेर जिले के 2 गांव ऐसे भी हैं, जिन्होंने नेताओं के गांव में प्रवेश पर रोक लगा दी है। जी हां, एससी-एसटी एक्ट के विरोध में दोनों गांव के लोगों ने अपना झंडा बुलंद कर रखा है और साफ कहा है कि वह चुनाव में भी नोटा का प्रयोग करेंगे। बाड़मेर में ग्रामीणों ने गांवों में प्रवेश करने वाले रास्तों पर एक बड़ा बैनर लगाकर राजनीतिक पार्टियों के गांव में घुसने पर रोक लगा दी है।

एससी-एसटी एक्ट के खिलाफ देशभर में आंदोलन पर उतरे सवर्ण व अन्य पिछड़ा वर्ग के मतदाताओं की संख्या यहां पर ज्यादा है। इन दोनों गांवों में अनोखा नजारा देखने को मिला। यहां ग्रामीणों ने गांवों में प्रवेश करने वाले रास्तों पर एक बड़ा बैनर लगाकर राजनीतिक पार्टियों के गांव में घुसने पर रोक लगा दी है। बैनर में बड़े बड़े अक्षरों में लिखा गया है कि, 'यह गांव सवर्ण व अन्य पिछड़ा वर्ग का है, यहां सभी राजनीतिक पाटिर्यों का प्रवेश निषेध है।'

मामला जिले के समदड़ी पंचायत समिति के अर्थण्डी गांव व रातड़ी ग्राम पंचायत मुख्यालय से जुड़ा हुआ है। यहां सभी ग्रामीण एक राय होकर एससी-एसटी एक्ट के विरोध में उतर आए हैं। गौरतलब है कि गांव में कोई भी राजनीतिक पार्टी प्रवेश नहीं करे। हमें केन्द्र सरकार द्वारा एक्ट में किया गया संशोधन मंजूर नहीं है। ऐसे में इस एक्ट के विरोध में सभी गांव वाले चुनाव में नोटा का प्रयोग करेंगे। जब तक इस एक्ट में संशोधन नहीं होगा, तब तक ऐसा विरोध जारी रहेगा।

First India News से जुड़े अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करे!
हर पल अपडेट रहने के लिए अभी डाउनलोड करें First India News Mobile Application
लेटेस्ट वीडियो के लिए हमारे YOUTUBE चैनल को विजिट करें

और पढ़ें

Most Related Stories

Stories You May be Interested in