सनसनीखेज खुलासा : यहां दफन हैं 30 से अधिक लाशें, पहचान किसी की नहीं

FirstIndia Correspondent Published Date 2018/05/10 06:01

जैतसर (श्रीगंगानगर)। गांव पांच की पुली के पास निकल रही गंगनहर की करणजी वितरिका में आए शवों की पहचान होना तो दूर की बात है, यहां तो मृत शरीर की बेकद्री भी हद से कई ज्यादा हो रही है। आज सुबह जब वितरिका के पास कुत्तों का जमावड़ा देखा गया तो, पास में जाने पर वहां वीभत्स दृश्य देखकर हर किसी के रोंगटे खड़े हो गए। कुत्तों ने वितरिका के पास ही दफनाई गई तीन लाशों के कंकाल को बाहर निकाल रखा था और कंकाल पर मौजूद चमड़ी को ये कुत्ते चौन रहे थे।

दरअसल, यह वहीं क्षेत्र है, जहां नहर में बहकर आने वाले शवों को बाहर निकाल कर पुलिस दफनाने का कार्य करती है। सही ढ़ग से शव को गड्ढ़ा खोदकर नहीं दफनाए जाने के कारण कुत्ते शवों को बाहर निकाल लेते हैं। करणजी वितरिका की बुर्जी संख्या 70 के पास पुल के नीचे होने के कारण कैल्ली पुल के नीचे अटक जाती है। इसी कैल्ली में पीछे से बहकर आने वाले शव भी अटक जाते हैं, जिन्हें देखने के बाद आसपास के लोग पुलिस को सूचना देते है। क्षत—विक्षत शवों को पुलिस पोस्टमार्टम करवाकर वितरिका के पास ही दफना देती है।

यहां दबी है 30 से अधिक लाशें :
पांच जीबी पुल के पास 30 से अधिक लाशें दफन की गई है। इन सभी लाशों की अभी तक पहचान नहीं हो पाई है। इसी वर्ष मई माह में 3 लाशों के आने से जहां सनसनी बनी रही, वहीं जुलाई में भी दो लाशें वितरिका में बहकर आई। सितम्बर व अक्टूबर में भी एक एक लाश वितरिका में बहकर आई। पिछले वर्ष भी 10 से अधिक लाशें इसी वितरिका में बहकर आई थी। वितरिका से निकाल कर लाशों को पास में ही दफना दिया जाता है।

नहीं हुई किसी की पहचान :
हैरत की बात तो ये है कि वितरिका में आई हुई किसी भी लाश की अब तक पहचान नहीं हो सकी है। पुलिस का मानना है कि लाशें पंजाब से बहकर आ रही है। अभी तक पांच जीबी के पास दफन लाशों में से किसी की भी पहचान नहीं हो पाई है व कोई भी पुलिस के पास इस संबंध में जानकारी तक लेने नहीं आया है।

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