तो इसलिए जरूरी था स्मृति को सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय से हटाना...

FirstIndia Correspondent Published Date 2018/05/15 01:26

नई दिल्ली। मोदी मंत्रिमंडल में कल रात एक बड़ा फेरबदल हुआ और अचानक एक अहम फैसला हुआ कि स्मृति को हटाकर राज्यवर्धन राठौड़ को सूचना एवं प्रसारण मंत्री बना दिया जाए। इस फैसले पर देश में हलचल होना स्वाभाविक ही था, जो कि हुआ भी। फैसले के बाद लोगों ने एक बार फिर ये कहना शुरू कर दिया कि आखिर क्या कारण थे कि स्मृति से दूसरी बार सबसे अहम मंत्रालय छीन लिया गया। 

स्मृति ईरानी को सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय से हटाए जाने पर सवाल हो सकते हैं, लेकिन अगर आप उनके कार्यकाल पर नजर डाले तो पाएंगे कि उनके एक साल से भी कम का समय विवादों से भरपूर रहा। ईरानी का विवादों से नाता इस कदर रहा कि वो लगातार खबरों में बनी रहीं और फिर वो समय भी आया जब उनके द्वारा 40 इन्फॉर्मेशन सर्विस ऑफिसर्स के तबादले की बात कहने पर देश में बवाल हो गया। ये मामला इतना आगे बढ़ा कि इस स्मृति के आदेश को अधिकारियों ने सीधे प्रधानमंत्री कार्यालय से पलटने की कोशिश की। 

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय में अपने एक साल के कार्यकाल में  स्मृति कई वजहों से विवादों में रहीं, जैसे पब्लिक ब्रॉडकास्टर कर्मचारियों की संख्या कम करने, मैनेजमेंट फंड, डीडी के फ्री डिश और स्लॉट सेल पॉलिसी को लेकर प्रसारभारती के चेयरमैन ए सूर्य प्रकाश के साथ विवाद आदि। सबसे बड़ा बवंडर तो तब मचा जब स्मृति ने ये फैसला किया कि जो भी पत्रकार गलत जानकारी देगा उसकी मान्यता रद्द कर दी जाएगी। हालांकि पीएमओ के हस्तक्षेप के बाद इस आदेश को कैंसल कर दिया गया, लेकिन मुद्दें पर विपक्ष और मीडिया का एक समूह बीजेपी को घेरती रही। 

यहां तक तो फिर भी ठीक था लेकिन पिछले एक हफ्ते के दौरान कुछ ऐसा हुआ जिसके कारण खुद राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद स्मृति से नाराज हो गए। दरअसल ये विवाद राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार के प्रजेंटेशन के दौरान हुआ, जिसमे मंत्रालय पर ये आरोप लगा कि उसने राष्ट्रपति को कार्यक्रम के बारे में बिना कोई जानकारी दिए बड़े बदलाव कर दिए।

First India News से जुड़े अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करे!
हर पल अपडेट रहने के लिए अभी डाउनलोड करें First India News Mobile Application
लेटेस्ट वीडियो के लिए हमारे YOUTUBE चैनल को विजिट करें

और पढ़ें

Most Related Stories

Stories You May be Interested in

मोदी UP में डालेंगे डेरा

येदियुरप्पा की रणनीति गलत तो नहीं
सलमान खान को कोर्ट में झूठ बोलने का लगा आरोप
राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार डोभाल का कथित फोन टैप कराने का मामला
कुमारस्वामी सरकार से 2 निर्दलीय विधायकों के समर्थन वापसी के बाद दिलचस्प हुई कर्नाटक की सियासत
आज के दिन इस विधि से गणेश जी की पूजा करके बना सकते हैं अपने बिगड़े काम
चुनाव से पहले \'तोहफों की बारिश\'
HAPPY \'B\' DAY \'बहिनजी\' !
loading...
">
loading...