राजस्थान के रण में हाड़ौती के हाईप्रोफाईल पॉलिटिकल ड्रॉमे की ये है पूरी कहानी

FirstIndia Correspondent Published Date 2018/11/21 11:17

कोटा। हाड़ौती में कांग्रेस को करारे झटके देने के बाद फायरब्रांड विधायक भवानीसिंह राजावत की बगावत से परेशान बीजेपी के लिये आज का दिन बड़ी कामयाबी लेकर आया। जब कल ही मुख्यमंत्री और ओम माथुर से सीएमआर में मुलाकात करके लौटे राजावत ने न सिर्फ आज अपना नामांकन वापिस ले लिया, बल्कि जोर देकर कहा कि, मैं मरते दम तक पार्टी के साथ रहूंगा। इससे पहले पूर्व राजघराने के सदस्य और कांग्रेस से बीजेपी में आये पूर्व सांसद इज्यराज सिंह राजावत के कार्यालय पर उनसे मिलने पहुंचे और इज्यराज की गाड़ी में ही राजावत ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर अपना पर्चा वापिस लेने की घोषणा कर दी। 

भाजपा से टिकट नहीं मिलने पर बागी होकर निर्दलीय के रूप में चुनावी ताल ठोकने वाले नेता भवानी सिंह राजावत द्वारा नामांकन वापिस लेने को लेकर दिया गया बयान हाड़ौती में बीजेपी के लिये बड़े डेमेज कंट्रोल की बयार लेकर आया। टिकट कटने से नाराज कोटा की लाडपुरा सीट से लगातार 3 बार विधायक चुनते आ रहे बीजेपी के फायरब्रांड विधायक राजावत आखिरकार पिघल पड़े और कल सीएमआर में मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे एवं ओम माथुर से मुलाकात के बाद आज उन्होंने कोटा आकर अपना नामांकन पत्र वापिस ले लिया।

इससे पहले कांग्रेस से बीजेपी में आये पूर्व सांसद इज्यराज सिंह आज सवेरे वल्लभबाड़ी स्थित राजावत के कार्यालय पहुंचे, जहां से देहात भाजपा के अध्यक्ष जयवीर सिंह के साथ तीनों नेता एक ही कार में कलेक्ट्रेट पहुंचे और राजावत ने नाम वापसी के साथ ही अपने आपको जनसंघ के जमाने से जुड़ा कर्मठ बीजेपी कार्यकर्ता बताते हुए कांग्रेस पर करारे हमले बोले। उन्होंने कहा कि कांग्रेस तो राजा-महाराजाओं ही नहीं आम राजपूत की भी विरोधी पार्टी है और इज्यराज सिंह का कांग्रेस में जाना ही उनकी गलती थी।

असल में मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे द्वारा दौसा सांसद हरीश मीणा के कांग्रेस में शामिल हो जाने के बाद आनन-फानन में हाड़ौती में तोड़फोड़ की ये पूरी रणनीति तैयार की गई और कांग्रेस के पूर्व सांसद इज्यराज सिंह जो 2019 के लोकसभा चुनावों में कोटा से कांग्रेस प्रत्याशी माने जा रहे थे, ना सिर्फ उन्हे बीजेपी ज्वॉयन कराई बल्कि उनकी पत्नी कल्पना राजे को लाडपुरा से टिकट भी थमा दिया। इसी ऊटापटक के शिकार हो गए फायरब्रांड बीजेपी विधायक राजावत, जिनका टिकट पार्टी को बदले हालातों में काटना पड़ा।

बहरहाल, राजावत को आलाकमान से संगठन में सम्मानजनक पद पर सैट करने का आश्वासन मिला है, तो वहीं इज्यराज सिंह के अचानक दलबदल से सांसत में आई कांग्रेस अब उनकी दलों की अदलाबदली को 'प्रभावहीन' करार दे रही है। कोटा जिले की सभी 6 विधानसभा सीटों पर काबिज बीजेपी ने प्रदेश के इस बड़े सियासी दलबदल से एकबारगी तो कांग्रेस को बैकफुट पर ला पटका है, लेकिन देखने वाली बात ये होगी कि बीजेपी का टिकट लेकर लाडपुरा सीट से चुनाव मैदान में उतरी कोटा की युवरानी कल्पना देवी के साथ ही बीजेपी को जिले की कितनी सीटों पर ये दलबदल फायदा पहुंचा पाएगा।

 

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