पर्यटन निगम की बेशकीमती इकाइयों के लिए आचार संहिता बनी वरदान

FirstIndia Correspondent Published Date 2019/03/24 02:16

जयपुर। आचार संहिता ने एक बार फिर पर्यटन निगम की बेशकीमती इकाइयों को बिकने से बचा लिया है। पिछले दिनों पर्यटन निगम ने 15 बीमार या बंद इकाइयों को बेचने के लिए उनका भौतिक मूल्यांकन करा लिया था। अब माना जा रहा है कि लोकसभा चुनाव के बाद ही इन इकाइयों को ऑनलाइन नीलाम करने की प्रक्रिया शुरू की जा सकेगी। 

तीन दशक तक पर्यटन निगम की लाइफ लाइन रहे बहरोड़ मिडवे सहित पर्यटन निगम की पंद्रह यूनिट बेची जाने की प्रक्रिया कुछ दिनों के लिए बंद हो गई है। पर्यटन निगम ने 15 इकाइयों में पिछले वर्ष तालाबंदी कर दी थी। इनमें से कुछ लंबे समय से बंद थी तो कुछ घाटे में चल रही थी। पर्यटन विभाग के स्तर पर चल रही कवायद के तहत इन इकाइयों को बेचकर 10 करोड़ रुपए से ज्यादा अर्जित करने की योजना है। 

पिछले दिनों पर्यटन मंत्री विश्वेंद्र सिंह के आदेश पर गठित कमेटी ने भी इन इकाइयों को बेचने की सिफारिश की थी। इसके बाद डीजी स्टांप के आदेश पर बेची जाने वाली इकाइयों का तहसीलदार व अन्य की मौजूदगी में पैमाइश करवाई गई। हालांकि इन्हें बेचने का प्रयास पिछली सरकार में भी हुआ था लेकिन सफलता नहीं मिली थी। नीलाम होने वाली यूनिट्स में जयपुर-आगरा नेशनल हाईवे का दौसा और महवा मिडवे, धार्मिक स्थलों पर श्रृद्धालुओं को सस्ती और सहज सेवा देने वाला पुष्कर ट्यूरिस्ट विलेज भी इस सूची में शामिल हैं। 

दूर दराज के पर्यटनस्थल जिनमें गवरी ऋषभदेव, बूंदी, फतेहपुर, रतनपुर, रतनगढ़, शाहपुरा भी इस सूची में शामिल हैं। इन इकाइयों के कीमती सामान और उपकरणों को पर्यटन निगम की नजदीकी यूनिट में पहले ही भेजा जा चुका है।  सूत्रों का कहना है कि पर्यटन निगम को सलाहकार फर्म ने कहा था कि इकाइयों को बिना तालाबंदी के बेचने से मामले अदालत में जा सकते हैं। इसलिए पहले इनमें तालाबंदी की जाए इसके बाद इन्हें नीलामी के जरिए बेचा जाए। 

इन इकाइयों को ऑनलाइन नीलाम करने के लिए अप्रेल में प्रक्रिया शुरू होनी थी लेकिन अब आचार संहिता लगने ये प्रक्रिया फिलहाल टल गई है। सूत्रों का कहना है कि एमएसटीसी के जरिए ऑनलाइन नीलाम करे या खुद के स्तर पर ही नीलामी का आयोजन करे इसका फैसला भी सर्च कमेटी बैठक में तय किया जाएगा।। 

बहरहाल जो भी हो... बरसों से देश विदेश के सैलानियों को सस्ती, सुलभ और सहज सेवा देने वाले पर्यटन निगम के लिए ये कत्तई अच्छी खबर नहीं है कि उसकी बेशकीमती संपत्ति को बेचा जाएगा। अब देखना दिलचस्प होगा कि नीलामी से मिले पैसे से पर्यटन निगम रनिंग यूनिट्स में किस तरह के बदलाव कर उन्हें निजी होटल्स के मुकाबले प्रतिस्पर्धा में ला पाएगा।

    फर्स्ट इंडिया न्यूज़ के लिए जयपुर से निर्मल तिवारी की रिपोर्ट
 

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