अनोखी शादी में वर-वधु ने सात फेरे लेने के बाद लिया आठवां फेरा, पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश

अनोखी शादी में वर-वधु ने सात फेरे लेने के बाद लिया आठवां फेरा, पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश

चूरू: अमूमन दाम्पत्य जीवन की शुरुआत के वैवाहिक कार्यक्रम में वर-वधु सात फेरे लेते हैं लेकिन जिले में एक ऐसी अनोखी शादी के लोग साक्षी बने जहां वर-वधु ने सात फेरे के बाद आठवां फेरा लिया. यह फेरा पृथ्वी और प्रकृति को बचाने, पर्यावरण सुरक्षा का संदेश के लिए था. इससे पहले दोनों ने एक दूसरे को वरमाला डालने के बाद पौधे भी भेंट कर समाज को पर्यावरण बचाने का संदेश दिया. 

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एक-दूसरे को पौधे भेंट कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश जनमानस को दिया: 
कृषि विभाग में कार्यरत पड़िहारा निवासी धनराज ढिल्लो के लड़के हर्षवर्धन सिंह ढिल्लो का विवाह छापर निवासी पूर्णा राम की पुत्री कान्ता के साथ हुआ. मंच पर वर-वधु ने एक दूसरे को वरमाला पहनाने के साथ ही एक-दूसरे को पौधे भेंट कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश जनमानस को दिया. मंच पर परिवार के सदस्यों ने जल सरक्षण, वायु प्रदूषण, स्लोगन लिखे पोस्टर हाथ मे लेकिन सन्देश दिया व दूल्हा दुल्हन ने पौधा भेंट किया. 

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पृथ्वी और प्रकृति को बचाने के लिए एक अतिरिक्त आठवां फेरा लगाया:
हरियाली के महत्व को समझने वाले दोनों परिवारों का क्षेत्र की पर्यावरण संरक्षण पर कार्य करने वाली संस्थान समर्पण सेवा संस्थान रतनगढ़ से जुड़े हुये है. इसके साथ ही जब फेरों की बारी आई तो वैवाहिक बंधन में बंधने वाले वर-वधु ने सात फेरों के बाद पर्यावरण को बचाने के महान उद्देश्य को लेकर पृथ्वी और प्रकृति को बचाने के लिए एक अतिरिक्त आठवां फेरा लगाया. उन्होंने प्रत्येक वर्षगांठ और अन्य संस्कारों में भी पौधे लगाने की शपथ ली. इस कार्यक्रम में संस्थान के अध्यक्ष विरेन्द्र सैन, सुरेश गोड़, जीवन प्रजापत, अशोक पारीक उपस्थित थे. 

...चूरू से फर्स्ट इंडिया के लिए संजय प्रजापत की रिपोर्ट
 

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