VIDEO : आई रियली नेवर केयर्ड कि मैं क्या पहन रही हूं... : उर्वशी रौतेला

Pawan Tailor Published Date 2018/06/12 07:38

जयपुर। बॉलीवुड एक्ट्रेस एवं ग्लैमर गर्ल उर्वशी रौतेला ने हाल ही में राजस्थान की राजधानी जयपुर में फर्स्ट इंडिया न्यूज के खास कार्यक्रम 'द न्यू जेसी शो' में चैनल के सीएमडी जगदीश चंद्रा के साथ बातचीत की। इस दौरान उर्वशी ने अपने जीवन से जुड़ी कई दिलचस्प किस्सों को बयां किया और अपने कॅरियर से जुड़े सफर के बारे में भी बातचीत की। इस दौरान उर्वशी ने बताया कि वे हमेशा से खुले विचारों वाली रही हैं और कोई भी फैसला लेने से पहले उसके बारे में अच्छी तरह से सोचती हैं। वहीं उन्होंने कहा कि आपके कुछ करने से लोग क्या सोचते हैं, उसके बारे में मैं सोचती नहीं हूं। उर्वशी से साथ किए गए इस विशेष इंटरव्यू के प्रमुख अंश...

JC : वेलकम टू माई शो
उर्वशी : थैंक यू सर

यू आर कन्सिडर्ड वन आॅफ दी लीडिंग सेलिब्रिटी इन द कंट्री एट द मूमेंट। तो जब कभी पीछे मुड़कर देखती हैं, तो सोचा था कभी कि इस मुकाम तक पहुंच पाउंगी?
उर्वशी : बिलकुल नहीं, सर कभी भी नहीं सोचा था कि इस मुकाम तक पहुंच पाउंगी। हमेशा से ही बस, बचपन से यही खयाल था दिल में कि जिस भी फिल्ड में जांउ हमेशा अपना बेस्ट करूं, वो चाहे कुछ भी हो। चाहे वो डांसिंग हो, सिंगिंग हो, म्यूजिक हो, जिमनास्ट्क्सि हो या फिर स्पोर्टस हो। बस यही ख्याल था शुरूआत से ही कि जो भी करूं उसमें बेस्ट रहूं।

स्पोर्टस में तो काफी अच्छी थीं आप...
उर्वशी:: जी हां सर।

तो ग्लैमर वर्ल्ड में आना कैसे हुआ...स्पोर्टस से?
उर्वशी : स्पोर्टस में बचपन से ही क्योंकि मेरे पेरेंटस भी बहुत ज्यादा स्पोर्टस में हैं। मैं बास्केटबॉल की नेशलन प्लेयर हूं, मेरा भाई भी नेशनल लेवल फुटबॉल प्लेयर है, तो रूटीन था बचपन से ही कि सुबह चार बजे पढ़ने के लिए उठना है। स्कूल के बाद बोर्डिंग के लिए जाना है और बोर्डिंग के बाद हर शाम को दो घंटे खेलना है। तो खेलते—खेलते ही कब नेशनल लेवल बास्केटबॉल प्लेयर बन गई,कब जेवलिन थ्रो, शॉट पुट, लॉॅन्ग जंप, हाई जंप का स्टेट लेवल खेल लिया, खो खो की विनर बन गई। इतने सारे गेम्स खेल लिये पता ही नहीं चला।

ग्लैमर वर्ल्ड में कैसे एंटर हुईं और कैसे ये आपका पैशन बना?
उर्वशी : सर, जो मेरी मदर हैं शी इज ए बिजनस वुमन। मेरे मॉम और डैड जो कि मैकअप हेयर एंड स्किन एक्सपर्ट भी हैं, उनके एक फ्रैंड हैं जो कि काफी फेमस हैं। ब्यूटी इंडस्ट्री में ब्लोसम कोचर हैं। उनके साथ एक कॉफ्रेंस करके कुछ था, आई वाज इन माई स्कूल और स्कूल में जब विकेशंस होती हैं तो आप अपने पेरेंटस के साथ ही घूमने जाते हैं। जब हम दिल्ली गए थे और जिस होटल में रुके हुए थे, वहीं पर मिस टीन इंडिया के आॅडिशंस चल रहे थे। मैं तो केवल एक टॉम बॉय की तरह थी, मेरे पास केवल एक ढीला सा, एक लूस फिटेड टॉप था और एक बहुत ही खराब सी पेंट जींस थी। आई रियली नेवर केयर्ड कि मैं क्या पहन रही हूं। हील्स में कभी नहीं चली क्योंकि सबसे ज्यादा टॉल थी, बचपन में तो यहां तक सोचा था कि भगवान ने मुझे इतना टॉल क्यों बनाया है। तो मैं अपने आप को कोसती थी और आप यकीन नहीं करोगे मैं पांच फीट नौ इंच हूं। तो कभी ना कभी मेेरे फ्रेंडस बताते थे कि हाइट कैसे रोकी जाती है। वो सारे टेक्टिक्स मैं अपनाती थी। कई विलेज में ये अप्लाइ्र्र करते हैं कि एक भारी मटका अपने सर पर रखकर आप चलते रहो और उससे आपकी हाइट रूक जाएगी। कोई हैवी सामान अपने सर पर रख दो तो हाइट रूक जाएगी। सब वियर्ड टेक्टिक्स मैंने सब अपनाई, लेकिन मेरी हाइट कभी नहीं रुकी। बचपन से लेकर आज तक स्कूल और कॉलेज मे जब भी एसेम्बली होती थी तो मैं सबसे आखिरी में खड़ी होती थी। मेरी फ्रेंडस की हाइट काफी कम थी तो मुझे लगता था कि मैं इन सबसे अलग हूं और काफी लेफ्ट आउट महसूस करती थी। बचपन में भी मैंने सोचा कि काश मेरी हाइट थोड़ी कम होती। जैसे कि मैंने बताया कि मैं मिस टीन इंडिया के आॅडिशन में गई थी, उसमें जज थे रॉकी स्टार, जो कि अब मुझे स्टाइल करते हैं और मेरे फैशन डायरेक्टर भी हैं। फारमर मिस वर्ल्ड डायना हेडन, मैंने कभी नहीं सोचा था और कभी प्लान भी नहीं किया था कि तो वहां पर करीब हजार लड़कियां थी तो मैं भी गई अंदर। केवल दो मिनट का टाइम आपको मिलता है, अपनी खुबियों को प्रदर्शित करने के लिए। ये दिल्ली में हुआ था और ये नॉर्थ जोन की मैं बात बता रही हूं। उन्होंने हजार लड़कियों में से पांच लड़कियों को चुना था, जिनमें मेरा भी नाम था, उसके बाद मैं मिस टीन इंडिया भी बन गई थी। ये सब कुछ कभी नहीं सोचा था।

उसके आगे...
उर्वशी : मैं उत्तराखंड से हूं, जब मैंने टाइटल जीता...

टाइटल कौनसा जीता...?
उर्वशी : जब मैं स्कूल में थी, तब मैंने मिस टीन इंडिया जीता। तब ट्वैल्थ भी नहीं किया था। इसके बाद स्कूल में हेड गर्ल बनीं, काफी ज्यादा रेस्पॉंसबिलिटीज बढ़ने लगी, फिर बास्केटबॉल की चैंपियनशिपस। उसमें अपने आप से एक कॉम्पिटीशन था कि ज्यादा मार्क्स स्कोर करने हैं, तो टॉपर भी रही और 96 प्रसेंट भी स्कोर किया ट्वैल्थ में। साइंस मेरा सब्जेक्ट था, हमारी फेमेली में ये रिकॉर्ड रहा है कि किसी ने भी साइंस के अलावा कोई सब्जेक्ट नहीं लिया है। हमारी फेमेली में माना जाता है कि जो आर्ट्स सब्जेक्ट से होता है वो बहुत डाउन ग्रेड होते हैं, मुझे ऐसा बोलना नहीं चाहिए कैमरे के सामने, लेकिन एक बहुत ही हाईली एकेडमिक फैमेली है। सब काफी अच्छी पोस्ट पर हैं, काफी ज्यादा पढ़े लिखे हैं, तो फिजिक्स कैमेस्ट्री मैथ्स विद कंप्यूटर साइंस। तो कैमेस्ट्री और मैथ्स मेरे पसंदीदा सब्जेक्टस थे।

तो आईएएस, आईपीएस बनने की नहीं सोची कभी?
उर्वशी : नहीं सर, मेरा भी यही ड्रीम था कि आपकी तरह आईएएस आॅफिसर बनूंगी, बट ड्रीम टाइम टाइम पर चैंज होता रहता था। फिर सोचा जिम्नास्ट बना जाती हूं, फिर सोचा स्पोर्टस पर्सन बन जाती हूं। बीच में तो एस्ट्रोनॉट बनने का भी खयाल आया, बहुत सारी चीजें मेरी चेंज होती रहती थी। उस समय आप काफी कंफ्यूज होते हैं कि आखिर आपको करना क्या है। तो एक प्रकार से काफी कंफ्यूजन वाला स्टेज था। 2011 में मुझे हिंदू कॉलेज में एडमिशन भी मिल गया, जहां की कटआॅफ 99 परसेंट जाती है, फिर मिस एशियन सुपरमॉडल का खिताब जीता साउथ कोरिया में, जहां से पूरी दुनिया की 120 लड़कियों ने पार्टिसिपेट किया था। ये खिताब मेरा लाइफ चैंजिंग मुमेंट था। उसी साल चाइना में मिस ट्यूरिज्म वर्ल्ड जीता, जिसमें 88 देशों की लड़कियों ने भाग लिया था। एक के बाद एक दो खिताब जीतने के बाद मेंने मिस यूनिवर्स इंडिया में पार्ट किया, जिसमें फॉर्मर मिस यूनिर्वस सुष्मिता सेन हमारी मेंटॉर थी, वो भी जीता। फिर 2015 में भी मिस यूनिवर्स इंडिया का एक बार फिर जीता। हिस्ट्री की एकमात्र लड़की हूं, जिसने ये खिताब दो बार जीता हो और वो कोई मुझसे छीन नहीं सकता।

तो टाइटल जीतने के बाद क्या प्लान था?
उर्वशी : मैं सच्ची बताउंगी, मुझे अपने देश के लिए कुछ करना था। एक पॉजिटिव इंपेक्ट लेकर आना था, जो चीजें मैं कहना चाहती हूं और जो कहना चाहती थी, आई थिंक जब आप ये टाइटल जीतते हैं। आजकल ये सब कुछ कॉमर्सियलाइज हो गया है, सब लड़कियां सोचती है कि जब आप पैजेंट जीतते हैं तो आपको बॉलीवुड के आॅफर मिलते हैं, लेकिन मेरे ख्याल में ऐसा कभी नहीं आया। 2011 की बात मैं आपको बता रही हूं, जब मैं प्रिप्रेशन ही कर रही थी, मैं जीती, पढ़ती लिखती और बैठती ही मिस यूनिर्वस थी, उस समय तो मुझे अदिता चौपड़ा की इश्कजादे के लीड रोल का आॅफर आया थ, जिसे बाद में परिणीति चौपड़ा ने किया किया था, मैंने उसके लिए मना कर दिया। क्योंकि मैंने सोचा कि अगर मैं अभी फिल्मों में चली गई तो बाउंस बैक करना काफी मुश्किल होगा और ये मेरा एक बचपन का सपना था। मैंने काफी फिल्मों को मना करके इस पर फोकस किया और मैं काफी खुश हूं कि मैंने ऐसा किया, तब जाकर मैं इतने टाइटल्स जीत पाई।

तो कोई रिग्रेट नहीं है मूवीज छोड़ने का?
उर्वशी : मूवीज तो अब कर रही रही हूं। हर एक इंसान के लिए उसकी मान्यता किसी चीज के लिए अलग अलग होती है। मसलन ये कॉफी जो रखी है, मेरी जिंदगी में काफी अहम है, तो शायद किसी और के लिए ना हो। हर एक का नजरिया अलग होता है और तरह तरह के उनके ख्यालात होते हैं, तो सबका नजरिया अलग होता है। मेरा नजरिया उस समय वो था और मैंने अपने दिल की सुनी।

पहली फिल्म किसने दी, कैसे मिली?
उर्वशी : पहली फिल्म मैं जीती मिस यूनिवर्स इंडिया नवंबर में अगले साल जनवरी में मैंने अपनी पहली फिल्म साइन कर ली थी। सिंह साहब दी ग्रेट विद सनी देओल। तो सनी जी तो मेरी फैमेली के स्टार रहे हैं। नेशनल फिल्म अवार्ड विनर हैं, गदर एक प्रेम कथा जिन्होंने बनाई अनिल शर्मा, उन्होंने ही मेरी फिल्म सिंह साहब दी ग्रेड डायरेक्ट की थी। सो इट वाज ए वेरी नाइस लर्निंग एक्सपीरियंस।

कैसी रही वो मूवी, रिलीज हूई?
उर्वशी : हां जल्दी रिलीज हुई, पता ही नहीं लगा कि क्या क्या होता है। जनवरी में फिल्म साइन हुई, फरवरी से शूटिंग शुरू हुई और नवंबर में फिल्म रिलीज भी हो गई। मेरी उस फिल्म ने काफी अच्छा किया। अभी भी लोग टीवी में देखते रहते हैं, उसमें मैंने एक पंजाबी लड़की का किरदार निभाया था। लोगो ने मेरी पर्फामेंस काफी पसंद की, इसके लिए कई अवार्ड के लिए भी नॉमिनेट भी हुई।

बेसिक कंसेप्ट क्या था मूवी का?
उर्वशी : ये एक एक्शन मूवी थी, करप्शन पर फिल्म थी सोशल कॉज पर फिल्म थी। इट वाज ए एक्शन लव स्टोरी।

नेक्स्ट फिल्म उसके बाद?
उर्वशी : इसके बाद मेरा एक इंटरनेशल म्यूजिक एलबम आया था, यो यो हनी सिंह। ही इज स्टिल एशियाज नंबर वन रैपर। उस वीडियो ने मेरी रातोंरात लाइफ चेंज की। आप अभी भी यूट्यूब पर जाकर देखेंगे, तो 100 मिलीयन व्यूज को क्रॉस कर चुका है। आई एम रियली टचवुड आइ एम सो थैक्सफुल टू माई फैंस। जिन भी गानों का मैं पार्ट होती हूं, वो काफी अच्छे चलते हैं। इट्स आॅल बिकॉज आॅफ फैंस लव। उसके बाद मैंने सनम रे की, जो कि एक ट्राइंगुलर लव स्टोरी थी, जिसके बाद मैंने ग्रेट ग्रेंड मस्ती की, जिसमें मैंने एक भूत का किरदार निभाया था, जो कि काफी टफ था मेरे लिये। सनम रे मेरा एक सोशलाइट का किरदार था, इसके बाद मैंने एक साउथ की मूवी में साउथ के सुपर स्टार के साथ काम किया था, जो कि बेहद हिट मूवी थी। इस मूवी में मैंने इंजीनियर का रोल प्ले किया था, सारी फिल्मों में मैं लीड रोल में थी, उसके बाद हेट स्टोरी 4, ये मेरी पहली फिमेल सेंट्रिक फिल्म थी। काफी लोगों ने ये फिल्म नहीं करने की सलाह दी थी, लेकिन मुझे एक फिमेल सेंट्रिक फिल्म करनी थी। लड़की का जो करेक्टर था, मेरा वो एक बड़ा पावरफुल करेक्टर था, एक सुपर मॉडल का किरदार था। काफी मजा आया फिल्म करने में। काफी अच्छा रेसपांस भी मिला पब्लिक से। बॉक्स आॅफिस में पिक्चर ने प्रोफिट किया है। लोगों को मेरे काम की काफी तरीफ की है। आई थिंक एज एन एक्टर बॉक्स आॅफिस की ज्यादा चिंता भी नहीं होनी चाहिए, क्योंकि वो आपके हाथ में भी नहीं होता है। आपको अपने काम पर ध्यान देना चाहिए और लोग आपके काम की तारीफ करें ये जरूरी होता है। एक्च्यूली इट्स ए टीम एफर्ट डारेक्टर, राइटर, एडिटर, एक्टर्स डीओपी, म्यूजिक हर चीज एक बहुत बड़ा रोल प्ले करती है। सो डायरेक्टर इज हैप्पी प्रोड्यूसर इज हैप्पी, क्योंकि जो पैसा उन्होंने लगाया था, दे जस्ट रीकवर्ड दैट आॅल। सो इट वाज ए नाइस फिल्म वो फिल्म क्रिटीक्स के लिए नहीं थी, वो फिल्म पब्लिक के लिए थी और पब्लिक ने उसे बहुत पसंद किया है और क्रिटिक्स के लिए वो फिल्म ही नहीं थी एक्चुली।

फाइनेंसियल फ्रंट पर कैसी रही परफॉमेंस, आर यू सेटिसफाइड?
उर्वशी : हां जी...

फ्यूचर में क्या प्लानिंग है?
उर्वशी : फ्यूचर में बस यही प्लान है कि सभी अमेजिंग और टेलेंटेड एस्टर्स के साथ काम करना है। इन फेक्ट एक बार मैं अमिताभ बच्चन जी के साथ भी काम करने वाली थी। सरकार थ्री है उस फिल्म का नाम। अमुमन मैं उन फिल्मों के बार में बताना पसंद नहीं करती, जिनको मैंने नहीं किया है। उस फिल्म में मुझे अपना किरदार इतना स्ट्रोंग नहीं लगा, जो कि दूसरी एक्टर्स ने किया इट वाज ए लीडिंग रोल। कई लोगों को ऐसा लगेगा कि अमिताभ बच्चन जी हैं, इतने बड़े मेगास्टार के साथ की फिल्म छोड़ दी, लेकिन मेरे लिए हमेशा ये इंपॉर्टेंट रहा है कि आप कर क्या रहे हैं उस फिल्म में, ये ही समझकर छोड़ दी। फिल्मों को लेकर सुपर सलेक्टिव हूं, सोच समझकर करती हूं। फिल्म जो कि मुझे लगता है करनी चाहिए।

रेस थ्री में सुना है कुछ आपका?
उर्वशी : रेस थ्री के बारे में कुछ नहीं बोलना चाहूंगी।

मजा नहीं आया कुछ खास?
उर्वशी : नहीं, वो महज अफवाहें थी... और ऐसा कुछ नहीं है।

तो अब किस बड़ी फिल्म का इंतजार है मन में क्या है.. ख्वाइश क्या है?
उर्वशी : ख्वाइश वहीं जो हर एक्टर की होती है कि अमेजिंग स्क्रिप्ट्स और अच्छे बैनर के साथ काम कंरू और अमेजिंग एक्टर्स के साथ काम करू, जिनके साथ कुछ सीखने को मिल सके। डायरेक्टर्स के संग काम करू, सभी टेलेंटेड लोगों के साथ काम करूं, कितने टेलेंटेड लोग आ गए हैं। डायरेक्टर्स भी, हर किसी का एक अलग थोट प्रोसेस होता है। संजय लीला भंसाली, राजू हिरानी।

लोग कहते हैं कि यू आर फिमेल वर्जन आॅफ ऋतिक रोशन...
उर्वशी : मैं बहुत खुश हूं लोग अगर ऐसा कहते हैं। क्योंकि मेरे मायने में ऋतिक रोशन एक ऐसे व्यक्ति हैं, जिनमें कोई कमी नहीं है। आप चाहे उन्होंने गुजारिश में एक हैंडिकैप्ट का रोल करते हुए देखेंगे, धूम थ्री में वो आपको एक्शन करते नजर आएंगे और जोधा अकबर में वे एक महाराजा का भी रोल अदा करेंगे। सो आई थिंक कि इट्स ए ह्यूज कॉम्पिलीमेंट और मैं भी यही मानती हूं कि वर्सेटाइलिटी बहुत बड़ी चीज होती है। जो लोग मुझे जानते हैं वो कहते हैं कि उर्वशी आप हमेशा कुछ अलग ही नजर आती हैं। पिछले दिनों देखा था तो कुछ और थी आज कुछ और नजर आ रही हो ये क्या चक्कर है। सो आइ एम लाइक गिरगिट जैसे रंग बदलता है, तो मेरा भी वही हाल है। जैसे आज मैंने कुछ इंडियन परिधान पहना है, अब अगर मैं कुछ अलग पहनूं तो कुछ अलग नजर आउंगी। एक्टर को होना भी ऐसा ही चाहिए गिरगिट की तरह।

क्या लगता है इंडस्ट्री ने आपके टेलेंट को आपके इमेज को आपके परसोना को बिलकुल उसी तरह से लिया है। आर यू सेटिसफाइड विद दैट परसेप्शन?
उर्वशी : आई थिंक ये इमेजिंग और ब्रांडिंग जो चीज होती है। जिस तरह की आप फिल्म सलेक्ट करते हो जिस तरह के आप रोल करते हो उस पर बहुत ज्यादा डिपेंड करती है और शुरूआत में जब आप आते हो, उस समय फिगर आउट करने में काफी समय लग जाता है कि आप किस तरह के एक्टर हो। या फिर किस तरह से लोग आपको जानते हैं क्या—क्या करने की जरूरत है। बिकॉज एवरी डे इज ए चैलेंज। आप अमिताभ बच्चन या शाहरूख खान को देखेंगे तो इवन दे हैव ए चैलेंज एवरीडे कि अभी मैंने ऐसा किरदार निभाया है, अगली फिल्म में कुछ अलग करना है। एक एक्टर को हर रोज खुद को प्रूव करना होता है, हमको तरह तरह के करेक्टर्स प्ले करने हैं, सबके साथ काम करना है, अमेजिंग लोगों के साथ काम करना है, अमेजिंग लुक्स क्रिएट करने हैं। ये एक चैलेंज होता है। इमेजिंग की बात करें तो अभी मैं एक गांव की लड़की का रोल करूं तो मेरी इमेज वैसी ही बन जाएगी, गंवार लड़की की तरह, गांव की लड़की। सो आई एम हैप्पी कि जो किरदार मैं कर रही हूं, लोग मुझे उसी तरह पहचान रहे हैं, जान रहे हैं। इसका मतलब मैंने जस्टिस किया है, उस किरदार के साथ। अभी जैसे मैंने सुपरमॉडल प्ले किया और एक गाना मेरा था, उसमें आशिक बनाया आपने, जिसको काफी लोगों ने पसंद किया, उस गाने में मैं एक क्लब डांसर हूं। उस क्लब डांसिंग के लिए एक क्लब डांसर की तरह आपका बॉडी लैंगवेज एक एट्यिट्यूड भी होना चाहिए। लंदन में हमारी फिल्म शूट हुई थी तो मैं क्लब विजिट करती थी, उनकी बॉडी लैंगवेज चैक करती थी, क्लब डांसर्स के तो उन्हीं की तरह सब कुछ सीखा। कैसे वो करते हैं, कैसी उनकी बॉडी लैंगवेज होती है, कैसे फेसियल एक्प्रेशंस होते हैं, तो इसी तरीके से मैंने किया। आप गाना देंखेंगे तो उसमें आपको उर्वशी नजर नहीं आएगी, उसमें आपको नताशा और जिस पॉइंट पर वो लड़के को उल्लू बना रही है और क्लब डांसर है, वो नजर आएगी। उसी तरीके से मैं हमेशा करती हूं और क्योंकि मूवी मेरी दो शेड्स में है, क्योंकि हेट स्टोरी 4 में दिखाते हैं एक भाई बहन के प्यार की कहानी है, तो उसमें एक नॉर्मल लाइफ जो इंडिया में जीती है वो भी है। तो मैं खुद को करेक्टर में ढ़ाल देती हूं।

इंडस्ट्री में जब आपके जैसी सुंदर लड़की आती है तो क्या चैलेंजेज होते हैं उसके सामने?
उर्वशी : आई थिंक एक्टर या एक्ट्रेस तभी बनते हैं, जब वे गुड लुकिंग होते हैं और बाकि तो इट्स लाइक एनी अदर इंडस्ट्री और फिल्ड्स की तरह ही है। जब तक हैल्दी कॉम्पिटीशन नहीं होगा, टक्कर का तब तक मजा ही नहीं आता। वही सेम बात है बॉलीवुड के साथ भी। काम्पिटीशन ही तो इंसान को जिंदा रखता है, वरना कॉम्पिटीशन ही ना हो आपके आजू बाजू तो फायदा ही क्या इस बात का। ऐसे में तो कोई रेस खेलना पसंद ही ना करूं जहां मेरी टक्कर का कोई ना हो

लाइफ में कभी कोई डिसअपाइंट आया, कभी मुंबई में...?
उर्वशी : जी नहीं, जबसे मैं शिफ्ट हुई हूं, मुंबई मेरी फेवरेट सिटी बन गई है।

कहीं मैंने पढ़ा कि आपने कहा कि मैं रोती थी, रोने का मन करता था?
उर्वशी : वो मैं कॉलेज यूनिवर्सिटी के समय रोती थी, क्योंकि जिस बड़ी यूनिवर्सिटी में गई थी पढ़ने तो वहां लड़कियां गार्डन में बैठकर नेलपेंट लगा रही थी। एक लड़की से मैंने पूछ भी लिया कि आपको क्या करना है तो उसने कहा कि मुझे तो शादी करके बच्चे पैदा करने हैं। मुझे लगा कि यहां तो कोई सीरियसनैस ही नहीं है, मैं क्या टाइम वेस्ट करूंगी यहां पर, तो वो देखकर मुझे रोना आया कि ये लोग क्या कर रहे हैं अपनी लाइफ के साथ, कोई सीरियस ही नहीं है। किन लोगों के बीच फंस गई हूं। इतने अच्छे कॉलेज में मैं गई थी, दिल्ली हिंदू कॉलेज टॉप मोस्ट कॉलेज में आता है। आइ वाज डिसअपाइंट दैट्स वाई आई क्राइड। मेरी लाइफ ही नहीं, मेरे आसपास कोई अपनी लाइफ के साथ गलत कर रहा होता है तो रोना आता है।

इंड्स्ट्री में कोई डिसअपाइंटमेंट इन दो चार सालों में? 
उर्वशी : मेरे लिये फेलियर डिसअपाइंटमेंट नाम की कोई चीज नहीं होती है। आई थिंक जो मेरे ईमान में है, जो मुझे मिला है, वो बेस्ट है। जो मुझे नहीं मिल रहा है वो मेरी किस्मत में है, मुझे कभी ये फील नहीं हुआ कि यार ये मुझे मिलना चाहिए था और नहीं मिला।

कुछ लोग कहते हैं कि इंड्स्ट्री में या तो आपके पास काम बहुत ज्यादा होता है या बिलकुल नहीं होता है। आपका क्या एक्सप्रियंस है?
उर्वशी : जितना भी है आई एम वैरी वैरी हैप्पी। आई टचवुड आई एम बिजी ऐवरी डे। आई एएम ऑलसो हृयूमेरेटियन, काफी एनजीओ और फाउंडेशन से जुड़ी हूं।

वो क्या करती है फाउंडेशन?
उर्वशी : जब मैंने शुरू किया था, तब कोई साथ नहीं था। ये बचपन की ख्वाइशें हैं, जो अब पूरी हो रही हैं। तब किसी ने विश्वास नहीं किया, इतनी छोटी बच्ची है क्या फाउंडेशन बनाएगी। तो थोड़ा थोड़ा करके शुरू किया, अब ऐसा समय आ गया है कि एम्बुलेंस हमारे ही शहर में रन होती है, बच्चों को फ्री पढ़ाई और किताबें, गरीब बेघर लोगों को रहने के लिए जगह दी जाती है। तो हम काफी कुछ कर रहे हैं और अभी जो उत्तराखंड में आपदा आई थी, स्टार प्लस पर हम हैं साथ उत्तराखंड के नाम से एक शो आया था। ये चीजें हमें बताना पसंद नहीं है, लेकिन हमने उस शो में 25 लाख से ज्यादा रुपये डोनेट किये थे।

क्या पॉलिटिक्स में आने का मन करता है कभी कभी?
उर्वशी : जी नहीं, आप ही कीजिए ये सब.. अपने बस की बात नहीं है।

उत्तराखंड में मैंने आपके फोटोज देखे सीएम के साथ?
उर्वशी : जी वो हमारे फैमेली रिलेटिव हैं, वैसे मेरा कोई इंट्रेस्ट नहीं है पॉलिटिक्स में। आई मीन जो कर रहे हैं, उनके लिए अच्छा है, लेकिन मेरे बस की नहीं है।

जयपुर के कार्यक्रम में सीएम राजे ने आपकी तारीफ की, कैसा लगा आपको?
उर्वशी : जैसे ही मैं जयपुर लैंड हुई, वैसे ही मैंने उनका पोस्टर देखा। उस पोस्टर में वे मुझे काफी खूबसुरत लगीं, उनकी आंखें बहुत खूबसुरत हैं और जब उनकी स्पीच सुनी, जब आप उनकी वाणी सुनते हैं तो आपको पता चलता है वो इंसान किस प्रकार की हैं। सो शी इज टैरिफिक, शी इज वंडरवुमन, आई मस्ट से.. मेरे वंशज भी राजस्थानी ही हैं और यहीं से माइग्रेट हुए थे। तो मैं उस दिन का वेट कर रही हूं, जब मेरे खुद के स्टेट उत्तराखंड में राजस्थान की तरह महिला सीएम होंगी। आई एम जस्ट वेटिंग फोर दैट।

खुद को देखतीं हैं उस रोल में?
उवर्शी : चीफ मिनिस्टर! नहीं, नहीं, बिलकुल नहीं देखती। एक्चुली मेरा कोई इंट्रेस्ट ही नहीं है पॉलिटिक्स में, लेकिन फिर भी पॉलीटिशियंस के लिए मेरे दिल में काफी इज्जत है, लेकिन मैंने इस बारे में कभी सोचा ही नहीं।

आज पूरे देश में, विदेशों में पीएम मोदी की चर्चा है। वे विदेशों में जाते हैं, हजारों लोग जुटते हैं, मोदी—मोदी के नारे लगते हैं। अभी सरकार ने उनके चार साल पूरे किये हैं, एक नागरिक के नाते हाउ यू रेट हिम एज ए प्राइम मिनिस्टर?
उर्वशी : बतौर भारतीय नागरिक ये ही कहना चाहूंगी कि आई एम दी यूथ आॅफ द कंट्री और मेरा ये मानना है कि वो हमारे देश का चेहरा हैं। ही हैज दी पावर आॅफ स्पीच, एंड पावर आॅफ वॉइस। वो जो बोलते हैं, उससे हमारा पूरा देश प्रभावित होता है, जो भी फैसले लेतें है, एक ट्रेंड लीडर की तरह। ऐसे ऐसे अनएक्पेक्टेड डिसिजन्स लेते हैं, जो कि सबके लिए शॉकिंग हैं। लेकिन ये सब वो भारत को सुपर पावर बनाने के लिए ही कर रहे हैं। पीएम के तौर पर देखा जाए तो इंटरनेशनल लीडर्स के साथ उनका उठना—बैठना ज्यादा है, फारेन ट्रेवल्स बहुत ज्यादा है। नेशन्स के बीच रिलेशन होना बहुत जरूरी होता है, वो भी इन्होंने काफी अच्छे तरीके से किया है। जैसा कि मैंने कहा कि वे देश के चेहरे हैं, एंड आई एएम रियली हैप्पी दैट ही इज देयर फॉर अस, ही ईइ हार्ड वर्किंग, ही इज दी बेस्ट।

आखिरी सवाल, भविष्य में शादी के बारे में क्या प्लान है?
उर्वशी: फ्यूचर में तो शादी होगी ही, आप क्या पूछ रहे हैं वो मैं समझ गई। अभी मैं केवल 24 साल की हुई हूं तो मेरे पास अभी समय है।

इंड्स्ट्री में कोई भी खूबसूरत फिमेल एक्ट्रेस आती हैं, उनके अफेयर की चर्चा शुरू हो जाती है।
उर्वशी : मेरे साथ अभी तक ऐसा कुछ नहीं हुआ। जिनका हो जाता है उनकी खबरें आ जाती है। मेरा अभी तक नहीं हुआ तो खबरें नहीं आई, क्योंकि मैं नहीं चाहती कि मैं किसी बॉयफ्रेंड के नाम से जानी जाउं। चाहती हूं कि अपने काम के लिए जानी जाउं।

: बेस्ट आॅफ लक।
उर्वशी : थैंक यू सर।

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