VIDEO: अवैध खनन में विस्फोटक पदार्थ का इस्तेमाल, 'गंदा' है पर 'धंधा' है!

Nirmal Tiwari Published Date 2019/05/15 07:09

जयपुर: कामांं मेवात क्षेत्र के पहाड़ी थाना अंतर्गत इन दिनों विस्फोटक पदार्थों की धड़ल्ले से अवैध खनन में सप्लाई हो रही है। जिससे राज्य सरकार को राजस्व का भी भारी नुकसान हो रहा है, क्योंकि अवैध खनन का पत्थर नजदीकी हरियाणा सीमा होने के कारण हरियाणा में पहुंच रहा है। खान विभाग की मिलीभगत से चल रहे इस खेल से क्षेत्र का इको सिस्टम की तार तार हो गया है। एक रिपोर्ट: 

खाकी वाले साहब रिश्तेदार तो क्या फिक्र:
पहाड़ी मेवात क्षेत्र में विस्फोटक सामान बिक्री के लिए तीन मैगजीन संचालक हैं, लेकिन पिछले काफी समय से देखने में आ रहा है कि दो मैगजीन पूरे तरीके से बंद पड़ी हुई हैं. केवल एक ही मैगजीन के द्वारा विस्फोटक पदार्थ सप्लाई किया जा रहा है. सूत्रों की माने तो कामांं सर्किल में एक खाकी वाले साहब तैनात थे, जो अपने कार्यकाल के दौरान ही अपने रिश्तेदार को यहां मैगजीन का लाइसेंस दिला गए. इसके बाद से ही उनका यह कारोबार धड़ल्ले से चल रहा है. साहब का तो यहां से स्थानांतरण हो गया, लेकिन उनके रिश्तेदार आज भी साहब का रिश्तेदार होने का फायदा उठाकर धड़ल्ले से विस्फोटक का कारोबार कर रहे हैं. साहब के रिश्तेदार के साथ एक पूर्व सरपंच भी कारोबार में शामिल बताया जा रहा है. इस मैगजीन संचालक ने दो अन्य मैगजीन बंद होने से तीन सौ रुपए बढ़ा दिए. मैगजीन संचालक द्वारा विस्फोटक पदार्थ की 1400 रुपए प्रति कट्टे के हिसाब से बिक्री होती थी, लेकिन साहब ने ₹300 प्रति कट्टे के हिसाब से रेट बढ़ा दी. जो अब प्रति कट्टे सत्रह सौ रुपए वसूले जा रहे हैं, क्योंकि एक अकेले ही साहब का साम्राज्य है दो मैगजीन को अपने डर और भय दिखाकर पहले ही बंद करा दी हैं, जिस वजह से धड़ल्ले से इनका कारोबार मेवात क्षेत्र में चल रहा है. 

सरकार को राजस्व का भारी नुकसान:
यह विस्फोटक अवैध खनन में उपयोग हो रहा है. मेवात क्षेत्र के पहाड़ी और गोपालगढ़ में धड़ल्ले से अवैध खनन में विस्फोटक पदार्थ का उपयोग किया जा रहा है. जो प्रतिबंधित पहाड़ से पत्थर चोरी करके हरियाणा में सप्लाई करते हैं, क्योंकि पहाड़ी क्षेत्र से हरियाणा सीमा लगी होने का यह लोग पूरे तरीके से फायदा उठाते हैं और हरियाणा में संचालित क्रेशर ऊपर राजस्थान का पत्थर सप्लाई कर रहे हैं. जिससे राजस्थान सरकार को राजस्व का भारी नुकसान हो रहा है.

पुलिस चौकी से लगेगी लगाम:
पूर्व में लोगों द्वारा राजस्थान सीमा पर आरएसी की पुलिस चौकी लगाने के लिए मांग उठाई गई थी, लेकिन खनिज विभाग की मिलीभगत के चलते आरएसी चौकी स्थापित नहीं हो सकी. अगर आरएसी चौकी स्थापित हो जाए तो राजस्थान सरकार को राजस्व का नुकसान नहीं होगा और अवैध खनन पर भी लगाम लगाई जा सकती है. कामां मेवात क्षेत्र में पुलिस विभाग में एक अधिकारी पूर्व में तैनात रहे थे, जो अपने पद का दुरुपयोग करते हुए अपने रिश्तेदार को मैगजीन का लाइसेंस दिला दिया. पहाड़ी क्षेत्र में जमीन भी उपलब्ध करवा दी गई, लेकिन कुछ समय बाद साहब का तो स्थानांतरण हो गया. साहब के रिश्तेदार साहब के नाम से धड़ल्ले से यह कारोबार चलाते हैं. अगर कोई व्यक्ति इस चीज का विरोध करता है तो उन्हें हवालात की हवा भी खिलवा देते हैं, क्योंकि साहब का रुतबा अभी मेवात क्षेत्र में चल रहा है. इसलिए कोई कार्यवाही नहीं करता. 

पुलिस भी हिस्सेदार:
जानकार सूत्रों के अनुसार मैगजीन का संचालन पुलिस के बड़े साहब द्वारा ही किया जाता है. पुलिस के बड़े साहब इस मैगजीन में हिस्सेदार बताए जाते हैं. इसीलिए उन्होंने अपने रिश्तेदार के नाम से यह मैगजीन संचालित कर रखी है. मैगजीन संचालन में एक पूर्व सरपंच भी शामिल कर रखा है, जिससे कि इन लोगों को स्थानीय सपोर्ट भी मिलती रहे. अब स्थानीय लोगों में अवैध विस्फोटक के इस्तेमाल को लेकर आक्रोश है. जल्दी ही सरकार ने कोई कदम नहीं उठाया तो बड़ा जन आंदोलन खड़ा हो सकता है.

... संवाददाता निर्मल तिवारी की रिपोर्ट 

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