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गर्म पानी पीने से दूर होंगी कई बीमारियां, नियमित करें सेवन

गर्म पानी पीने से दूर होंगी कई बीमारियां, नियमित करें सेवन

जयपुर: सुबह उठते ही गर्म पानी पीने से हम कई बीमारियों से बच सकते हैं. इस समय महामारी बन चुका कोरोना वायरस से बचने के लिए भी डॉक्टर यही सलाह दे रहे हैं. डॉक्टरों के अनुसार गर्म पानी पीने के कई फायदे होते हैं. गर्म पानी पीने से मूत्र के जरिए जहरीले तत्व बाहर निकल जाते हैं. नींबू और शहद मिलाकर भी इस पानी का सेवन किया जा सकता है. तो आइए हम आपको गर्म पानी पीने के कुछ फायदें बता रहे हैं...

VIDEO: राजस्थान में कोरोना की बढ़ती जा रही दस्तक, रामगंज में दो और पॉजिटिव मिलने की सूचना 

- गर्म पानी पीने का सबसे बड़ा फायदा यह होता है कि पेट आसानी से साफ हो जाता है.

- गर्म पानी पाचन क्रिया को आसान बनाता है.

- गर्म पानी का नियमित सेवन किया जाए तो नाक और मुंह पर होने वाले किसी भी अटैक से बचा जा सकता है.

-  वजन कम करने का बेहतरीन उपाय है गर्म पानी में नींबू और शहद मिलाकर सेवन करना.

- गर्म पानी महिलाओं को पीरियड्स में होने वाली ऐंठन का भी इलाज करता है. 

- गर्म पानी का सेवन करने से मोटोपा कम होता है. 

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RESEARCH में दावा- भारतीय और पाकिस्तानी महिलाओं को कम उम्र में अधिक घातक स्तन कैंसर का खतरा

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ह्यूस्टन (अमेरिका): स्तन कैंसर के जोखिम वाले कारकों को समझने के लिए किये गये एक अध्ययन के अनुसार भारतीय और पाकिस्तानी महिलाओं में कम उम्र में ही घातक स्तन कैंसर होने का खतरा रहता है.

1990 से 2014 के बीच भारतीय और पाकिस्तानी महिलाओं से संबंधित आंकड़ों का किया अध्ययनः
इंटरनेशनल जर्नल ऑफ कैंसर में प्रकाशित अध्ययन में भारतीय तथा पाकिस्तानी-अमेरिकी महिलाओं एवं अमेरिका में गैर-लातिन अमेरिकी श्वेत महिलाओं में स्तन कैंसर के लक्षणों का अध्ययन किया गया. इसके लिए नेशनल कैंसर इंस्टीट्यूट के सर्विलांस, एपिडेमियोलॉजी एंड ऐंड रिजल्ट्स प्रोग्राम के आंकड़ों का उपयोग किया गया. अनुसंधानकर्ताओं के अनुसार भारतीय और पाकिस्तानी महिलाओं में कम उम्र में अधिक घातक कैंसर होने का खतरा होता है. उन्होंने 1990 से 2014 के बीच भारतीय और पाकिस्तानी महिलाओं से संबंधित आंकड़ों का अध्ययन किया.

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4,900 भारतीय और पाकिस्तानी महिलाओं की कैंसर के लक्षणों, उपचार और बीमारी से उबरने के आंकड़ों की समीक्षा कीः
प्रमुख अनुसंधानकर्ता जया एम सतगोपन ने कहा कि हमारे अध्ययन के परिणाम भारतीय और पाकिस्तानी महिलाओं में स्तन कैंसर को लेकर जानकारी प्रदान करते हैं जो कैंसर के जोखिम वाले कारकों को बेहतर तरीके से समझने के लिए भविष्य के वैज्ञानिक अध्ययनों को दिशा-निर्देशित करने वाली अनेक अवधारणाएं सुझाते हैं. अध्ययनकर्ताओं ने 4,900 भारतीय और पाकिस्तानी महिलाओं के 2000 से 2016 के बीच के कैंसर के लक्षणों, उपचार और बीमारी से उबरने के आंकड़ों की भी समीक्षा की. पूर्व के अध्ययनों में भारतीय और पाकिस्तानी महिलाओं की कम भागीदारी रही थी और यह भी पता चला कि विभिन्न कारणों से उनके स्वास्थ्य सेवाएं हासिल करने में भी देरी हुई.
सोर्स भाषा

विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस: कोरोना के भय ने बढ़ाए मनोरोगी, कोरोना को हरा चुके 25 फीसदी मरीजों में अब ये दिक्कतें

जयपुर: देश-दुनिया में मौत का दूसरा नाम बनकर सामने आई महामारी कोरोना के कई पोस्ट"साइड इफेक्ट" भी सामने आ रहे है.लाखों की तादाद में लोग भले ही कोरोना को मात दे चुके है,लेकिन इस बीमारी ने काफी संख्या में मनोरोगी बढ़ा दिए है.जी हां ये कोई हमारा दावा नहीं, बल्कि राजस्थान समेत देशभर में कोरोना के मामलों को लेकर जारी अध्ययन की बानगी है.एक्सपर्ट की माने तो कोरोना का हर दूसरा गंभीर मरीज बीमारी से ठीक होने के बाद भी अवसाद की दिक्कतें झेल रहा है.आखिर कोरोना में क्यों बढ़े मानसिक रोग और चिकित्सकों मुताबिक कैसे तनाव किया जाए कम.विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के मौके पर देखिए फर्स्ट इंडिया की एक्सक्लुसिव रिपोर्ट. कोविड 19 महामारी ने लोगों के मानसिक स्वास्थ्य से व्यापक रूप से असर दिखाया है.लोगों में डर, चिंता, अनिश्चितता, असुरक्षा की भावना, हताशा और यहां तक कि कई मामलों में तो अवसाद जैसे गंभीर बीमारी के लक्षण भी दिखाई दे रहे हैं.ऐसे पेशंट्स जो कोरोना संक्रमण को हराकर ठीक हो गए हैं, वे अब भी इस वायरस द्वारा दी गई दिक्कतों को झेलने पर मजबूर हैं.इसमें सबसे अधिक है मानसिक रोग.ऐसा नहीं है कि कोरोना से संक्रमित होने के बाद सभी पेशंट्स को मानसिक परेशानियां हो रही हैं लेकिन जिन लोगों को यह संक्रमण होकर ठीक हो चुका है, उनमें आधे से अधिक मरीजों में मानसिक बीमारियां देखने को मिल रही हैं.

कोरोना से हुए ठीक, लेकिन अब ये दिक्कतें:
- कोरोना फाइटर्स ने कोरोना को तो हरा दिया, लेकिन वे अभी भी तनावग्रस्त है. 
- इन मानसिक बीमारियों में ऐंग्जाइटी (Anxiety),इंसोमनिया (Insomnia),
- डिप्रेशन (Depression) पोस्ट ट्रोमेटिक स्ट्रेस डिस्ऑर्डर (PTSD) जैसी समस्याएं देखने को मिल रही हैं.
-इनमें भी ज्यादातर रोगियों में नींद ना आने की समस्या सबसे अधिक देखी जा रही है.
-इस स्थिति में ये लोग हर समय बेचैनी का अनुभव करते हैं.

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 भारत में 19 करोड़ लोग किसी न किसी मानसिक विकास से ग्रसित:
-ताजा आंकड़ों के मुताबिक भारत में मानसिक रोगियों की संख्या काफी अधिक है
-तकरीबन 19 करोड़ 73 लाख लोग किसी ना किसी प्रकार की मानसिक बीमारी से ग्रसित हैं.
-यह आंकड़ा देश की कुल जनसंख्या का लगभग 14.3 प्रतिशत हैं.
-आंकड़े ये भी बताते हैं कि प्रत्येक बीस में से एक व्यक्ति अपने जीवन काल के दौरान जरूर अवसाद का शिकार होता है.
-यही हालात पूरी दुनिया का है, जिसका परिणाम आत्महत्या के रूप में सामने आता है
-दुनिया भर में में हर चालीस सेकंड में एक आत्महत्या की घटना होती है.

कोरोना से पीडित मरीजों में मानसिक विकार आने के पीछे चिकित्सकों के अलग अलग मत है.चिकित्सकों का कहना है कि कोरोना में आइसोलेशन के दौरान मरीज अकेले में रहता है, जिसके चलते उसमें बीमारी के नेगेटिव आउटकम इफेक्ट ज्यादा रहते है.मरीज मल्टीपल मेडिकल कंसल्टेंसी लेता है, जिसके चलते कई बार भ्रम की स्थिति बन जाती है.इसके अलावा एक संभावित वजह ये भी बताई जा रही है कि कोविड-19 के कारण हमारे फेफड़ों में सूजन आती है.धीरे-धीरे यह शरीर के अन्य अंगों की तरफ भी बढ़ने लगती है.जिन रोगियों में यह सूजन दिमाग तक पहुंच जाती है, उनके ब्रेन की कार्यप्रणाली में बाधा उत्पन्न होती है और उन्हें अलग-अलग तरह की मानसिक समस्याओं का सामना करना पड़ता है.

कुछ बातों का ध्यान रख हम मानसिक रोग की परेशानियों से बच सकते हैं:
डॉ अखिलेश जैन,विभागाध्यक्ष, मनोरोग ईएसआई मॉडल हॉस्पिटल भारत सरकार ने बताया कि कुछ बातों का ध्यान रख हम मानसिक रोग की परेशानियों से बच सकते हैं.

1. चिंता या भय महसूस होने पर विचलित नहीं हों. कोरोना जैसी परिस्थितियों में शुरुआत में इस तरह की भावनाएं आना स्वाभाविक हैं. खुद को ये समझाकर शांत रखने की कोशिश करें कि इस बीमारी में रिकवरी की रेट काफी अच्छी है. ये सिर्फ कुछ समय की बात है.
2. कभी भी ऐसा सोचकर तिरस्कृत महसूस न करें कि आपको अलग-थलग रहना है. आइसोलेशन कोई सजा नहीं है बल्कि ये एक अवसर है कि आप खुद को फिर से स्वस्थ करें और दूसरों को भी संक्रमित होने से बचाएं.
3. अनावश्यक एक साथ कई परामर्शों से बचें. विषय विशेषज्ञ डॉक्टर की ही सलाह सुनिए और उन पर विश्वास रखिए. अन्य किसी से सलाह तब ही लें जबकि तमाम कोशिशों को बावजूद स्थिति सुधर नहीं रही हो या और ज्यादा बिगड़ रही हो, वो भी इलाज कर रहे अपने डॉक्टर के संज्ञान में लाने के बाद.
4. सोशल मीडिया पर कई तरह के घरेलू नुस्खे आपस में शेयर किए जा रहे हैं. इन्हें अमल में लाने से पहले अपने विवेक का इस्तेमाल करें.
5. याद कीजिए अब से पहले कब आपके पास इतना खाली समय था ? अब तो आपके पास बहुतायत में वक्त ही वक्त है, तो अगर आपकी शारीरिक स्थिति अनुकूल है और डॉक्टर की अनुमति है तो अपनी दिनचर्या सुधारिए और दिन की शुरुआत हल्के व्यायाम, ध्यान और श्वास संबंधी व्यायाम से करें.
6. पर्याप्त पोषण और तरल पदार्थ का सेवन सुनिश्चित करें, चाहे आपको खाने की इच्छा नहीं हो तब भी. भरपूर पोषण इस संक्रमण से जंग में सबसे अधिक भरोसेमंद संसाधन है जो आपकी प्रतिरक्षा क्षमता बढ़ाकर संक्रमण घटाने में सबसे बड़ा हथियार है.
7. इस समय सोशल मीडिया का उपयोग एक वरदान या अभिशाप हो सकता है, ये इस बात पर निर्भर करता है कि आप इसका उपयोग कैसे करते हैं. दोस्तों, परिवार और प्रियजनों के साथ जुड़ें, अपने नवाचारों को शेयर करें. लेकिन ध्यान रहे भ्रामक सूचनाओं से प्रभावित ना हों.
8. थोड़े- थोड़े अंतराल में पर्याप्त आराम करें क्योंकि यह आपको शारीरिक रूप से तरोताजा कर देगा और इससे आपका दिमाग भी सकारात्मक सोचने के लिए तैयार होगा.
9. धूम्रपान, मदिरा या किसी भी अन्य मादक पदार्थों के सेवन से पूरी तरह बचें। नशा आपकी स्थिति को और खराब करता है.
10.  अपने परिवार के निरंतर संपर्क में रहें और अपनी स्थिति के बारे में उन्हें अवगत कराते रहें। कभी भी अपनी भावनाएं न छुपाएं, खुले मन से सबकुछ शेयर करें.

कोरोना वायरस का मानसिक स्थिति पर इस तरह हावी होना और मानसिक रोगों को बढ़ाने वाली स्थिति देखकर हेल्थ एक्सपर्टस लोगों से हर वो संभव प्रयास करने की अपील कर रहे, जिससे कोरोना उन्हें संक्रमित ना कर सके. यानी हाइजीन का ध्यान रखें, खान-पान संबंधी सतर्कता बनाए रखें. पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें. मास्क और हैंडसैनिटाइजर का उपयोग करें.उम्मीद है कि लोग भी इस सुझाव पर ध्यान देंगे, जिससे न सिर्फ कोरोना पर जीत हासिल की जा सकेगी,बल्कि मानसिक रोग की दिक्कतें भी दूर होगी.

अगर घंटों कंप्यूटर के सामने बैठकर करते हो काम, तो कीजिए इन आहार का सेवन, नहीं होगी कोई परेशानी!

 अगर घंटों कंप्यूटर के सामने बैठकर करते हो काम, तो कीजिए इन आहार का सेवन, नहीं होगी कोई परेशानी!

जयपुर: आज की जीवनशैली बिल्कुल बदल गई है, जिसकी वजह से हमारे शरीर में कई तरह की बीमारियां घर कर लेती है. इन बीमारियों का पता तब चलता है, जब हमारे शरीर के किसी भी अंग में परेशानी होने लगती है.फिर हम डॉक्टरों के चक्कर लगाते लगाते परेशान हो जाते है. इसलिए बदलती जीवनशैली के साथ-साथ हमें शरीर का भी ध्यान रखना जरूरी है. आपको बता दें कि आज के इस डिजिटल युग में ज़्यादातर काम कंप्यूटर पर ही हो रहा है. लंबे समय तक कंप्यूटर पर काम करने की वजह से आँखों में जलन, खुजली, आंखों से पानी गिरना जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है. इसके अलावा कुछ समय बाद धुँधला दिखाई देने लगता है. साथ ही कई घंटों तक लगातार कंप्यूटर पर बैठ कर काम करने से बहुत थकावट हो जाती है. इससे पीठ दर्द की परेशानी भी होने लगती है. इसके लिए अपने खान-पान का खास ख्याल रखना बहुत जरूरी होता है. आप भी घंटों कंप्यूटर पर काम करते हैं तो अपने आहार में ये चीजें जरूर शामिल कीजिए...

-कंप्यूटर पर काम करने से आंखों पर भी असर पड़ता है. इसके लिए अपने खाने में हरा धनिया शामिल कीजिए. धनिए में कैरोटेनॉइड होता है जो आंखों के लिए बहुत लाभदायक है.

-आंखों की रोशनी बढ़ाने के लिए विटामिन ए बहुत मददगार है. अंड़े में ये विटामिन भरपूर मात्रा में पाया जाता है. इस लिए खाने में इसे जरूर शामिल कीजिए.

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-ग्रीन टी हमारी सेहत के लिए बेहद फायदेमंद होती है. ग्रीन टी पीने से मेटाबॉलिज्म तेज होता है जो मोटापा कम करने में मददगार है.

-दूध में प्रोटीन होता है जो शरीर के लिए बहुत जरूरी है. 

-डार्क चॉकलेट इम्युनिटी बढ़ाने में सहायक है. कंप्यूटर पर लगातार बैठे रहने से कमर में दर्द की शिकायत भी हो जाती है.  डार्क चॉकलेट के सेवन से दर्द को राहत मिलती है लेकिन इसका जरूरत से अधिक सेवन करने से नुकसान भी हो सकता है. 

-ओट्स में प्रोटीन और फाइबर भरपूर मात्रा में पाया जाता है. इससे वजन भी कंट्रोल रहता है और शरीर को एनर्जी भी मिलती है. 

-दही में प्रोबायोटिक्स बैक्टीरिया पाए जाते हैं जो पाचन प्रक्रिया को ठीक करने में मददगार है. इसे अपने आहार में जरूर शामिल करे. इससे पेट की गैस की समस्या नहीं होती.

-केले हमारी सेहत के लिए गुणकारी होता है. क्यों​कि इसमें पोटेशियम होता है जो बॉडी को एनर्जी प्रदान करता है. अगर आप इसका सेवन करेंगे तो इससे थकावट नहीं होगी.

इम्यूनिटी पावर बढ़ाने के लिए आयुर्वेदिक काढ़े का वितरण, 29 जड़ी बूटियों से तैयार हैं काढ़ा

इम्यूनिटी पावर बढ़ाने के लिए आयुर्वेदिक काढ़े का वितरण, 29 जड़ी बूटियों से तैयार हैं काढ़ा

बूंदी: बूंदी जिला आयुर्वेद अस्पताल द्वारा लगातार 150 दिनों से इम्यूनिटी पावर बढ़ाने के लिए आयुष मंत्रालय के निर्देशानुसार तैयार आयुर्वेदिक काढ़े का वितरण किया जा रहा है. लगभग 29 जड़ी बूटी से तैयार इस काढ़े को अब कोविड-19 संक्रमित रोगियों पर भी इस्तेमाल किया जा रहा है. जिला कलक्टर से अनुमति के बाद जिला आयुर्वेद अस्पताल की ओर से इस कार्य के लिए टीम गठित की गई है.

रोग प्रतिरोधक क्षमता बढाने में काफी मददगार:
शनिवार से कोविड-19 केयर सेंटर में भर्ती रोगियों को आयुर्वेदिक काढा पिलाया गया. आयुर्वेदिक चिकित्सकों की माने तो यह काढा रोग प्रतिरोधक क्षमता बढाने में काफी मददगार है. अब संक्रमित मरीजों पर काढे के सार्थक परिणाम का इंतजार आयुर्वेद विभाग को भी होगा. जिला कलक्टर आशीष गुप्ता ने बताया कि किसान भवन स्थित कोविड केयर सेंटर में भर्ती मरीजों के लिए आयुर्वेद विभाग द्वारा काढ़ा तैयार कर पिलाया जा रहा है.

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29 जड़ी बूटियों से तैयार किया गया काढ़ा: 
जिससे की उनकी इम्युनिटी पावर मजबूत हो सके. वहीं कोरोना संक्रमण और अन्य बीमारियों से मरीजों का जीवन बचाया जा सके. जिला आयुर्वेदिक अस्पताल के प्रभारी डाॅ. सुनील कुशवाहा ने बताया कि वर्तमान में सेंटर में 28 मरीज भर्ती है, जिन्हें आज से काढ़ा पिलाना शुरू किया गया है. वहीं होम आइसोलेट एसिंप्टोमेटिक कोरोना संक्रमित को भी चिन्हित कर काढ़ा पिलाया जा रहा है. घर-घर जाकर टीम द्वारा इम्यूनिटी पावर बूस्टर के रूप में काम करने वाले 29 जड़ी बूटियों से तैयार इस काढ़े का वितरण किया जाएगा. पिछले 150 दिनों से आयुर्वेदिक काढा वितरण किया जा रहा है. अब तक 60 हजार से अधिक को यह काढा पिलाया जा चुका है.

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इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए डाइट में शामिल करें ये चीजें

इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए डाइट में शामिल करें ये चीजें

जयपुर: कोरोना वायरस महामारी से बचाव के लिए आप जितना हेल्दी खाना खाएंगे उतनी आपकी इम्यूनिटी स्ट्रॉन्ग होगी. इम्यूनिटी हमारे खानपान पर ही निर्भर करती है. काढ़े के अलावा ऐसे कई खाद्य पदार्थ हैं जिनके नियमित सेवन से आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है. ऐसे में हम आज आपको ऐसे फूड्स के बारे में बता रहे हैं जिनको डाइट में शामिल कर इम्यूनिटी को बढ़ाया जा सकता है... 

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आंवला: आंवाला में भरपू मात्रा में विटामिन सी पाया जाता है. यह न सिर्फ इम्यूनिटी को बढ़ावा दे सकता है बल्कि कई स्वास्थ्य समस्याओं से निजात दिलाने में भी काफी लाभकारी माना जाता है.

दही: दही एक ऐसा खाद्य आहार है, जो लगभग सभी लोगों के लिए फायदेमंद है. दही के सेवन से भी इम्यून पावर बढ़ती है. इसके साथ ही यह पाचन तंत्र को भी बेहतर रखने में मददगार होती है. 

अलसी: शाकाहार करने वालों के लिए ओमेगा3 और फैटी एसिड सबसे अच्छा स्त्रोत है.

अंजीर: यह शरीर के पीएच के स्तर को भी नियंत्रित करने में मदद करता है. इसमें मौजूद फाइबर ब्लड में शुगर के स्तर को नियंत्रित करने में मदद करता है. 

कीवी: कीवी में विटामिन ई और एंटी ऑक्सीडेंट्स की मात्रा ज्यादा होती है इससे रोग प्रतिरोधी क्षमता बढ़ाई जा सकती है.

ओट्स: ओट्स में पर्याप्त मात्रा में फाइबर्स पाए जाते हैं. साथ ही इसमें एंटी-माइक्राबियल गुण भी होता है. हर रोज ओट्स का सेवन करने से इम्यून सिस्टम मजबूत होता है. 

कच्चा लहसुन: कच्चा लहसुन खाना भी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बूस्ट करने में सहायक होता है. इसमें पर्याप्त मात्रा में एलिसिन, जिंक, सल्फर, सेलेनियम और विटामिन ए व ई पाए जाते हैं. 
 

इन बीमारियों का जड़ से सफाया करती है लौंग, जानिए बेजोड़ गुण

इन बीमारियों का जड़ से सफाया करती है लौंग, जानिए बेजोड़ गुण

जयपुर: भारतीय खाने में लोग की एक खास जगह है. सदियों से मसाले के रूप में इस्‍तेमाल होने वाला लौंग औषधीय गुणों का खजाना है. इसका उपयोग  तेल व एंटीसेप्टिक रुप में किया जाता है. लौंग में आपके स्वास्थ्य को दुरुस्त रखने के कई गुण होते हैं. ऐसे में आज हम आपको इससे होने वाले कुछ फायदों के बारे में बता रहे हैं.

- सुबह खाली पेट 1 ग्लास पानी में कुछ बूंदें लौंग के तेल की डालकर पीने से पाचन, गैस, कांस्टीपेशन की समस्या से पीड़ित लोगों काफी आराम मिलता है. 

- मुंह से बदबू आने पर लौंगे बहुत ही फायदेमंद होती है. कुछ दिनों तक रोज सुबह मुंह में साबुत लौंग का सेवन करने से इस समस्या से छुटकारा पाया जा सकता है.  

- दांतों में होने वाले दर्द में लौंग के इस्तेमाल से निजात मिलती है. इसी के चलते टूथपेस्ट में होने वाले पदार्थो की लिस्ट में लौंग खासतौर पर शामिल होती है. 

- लौंग के उपयोग से उलटी आने की समस्या, जी घबराना और मॉर्निंग सिकनेस में आराम मिलता है.

- सामान्य तौर पर होने वाली सर्दी को लौंग से दुरुस्त किया जा सकता है. 

- लौंग के तेल को किसी जहरीले कीड़े के काटने पर, कट लग जाने पर, घाव पर और फंगल इंफेशन पर भी इस्तेमाल किया जाता है. 

- चहरे के दाग-धब्बों या फिर सांवली त्वचा को निखारने के लिए भी लौंग फायदेमंद है. 


 

अगर इन फलों का करेंगे सेवन, तो कभी कम नहीं होगी शरीर में इम्यूनिटी

अगर इन फलों का करेंगे सेवन, तो कभी कम नहीं होगी शरीर में इम्यूनिटी

जयपुर: फल हमारी सेहत के लिए बेहद फायदेमंद होते है. अगर आप ऐसे फलों का सेवन करेंगे, जिनमें विटामिन सी पाया जाता है. तो आपके शरीर में कभी इम्यूनिटी पावर कम नहीं होगा. आप भी इम्यूनिटी बढ़ाना चाहते है. तो आप ऐसे फलों का सेवन कर सकते है. विटामिन सी ऐसा पोषक तत्व है जो आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है. कोरोना महामारी से बचने के लिए भी आपको अपनी इम्यूनिटी को मजबूत बनाना होगा. चलिए जानते है ऐसे फलों के बारे में जिनमें विटामिन सी पाया जाता है. 

कीजिए अमरूद का सेवन:
अमरूद स्वाद के साथ साथ आपकी सेहत के लिए भी फायदेमंद होता है. क्योंकि इसमें विटामिन सी पाया जाता है जो आपकी इम्यूनिटी बढ़ाने में मदद करता है. इसमें कैलोरी  काफी कम मात्रा में होती है जिससे ये वजन कम करने में भी मददगार है.

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पपीता शरीर के लिए अच्छा:
पपीता हर सीजन में मिलने वाला फल है, पपीता का सेवन करके आप अपनी सेहत को ठीक रख सकते है. क्योंकि यह आपके पाचन तंत्र को ठीक रखता है. अगर पाचन तंत्र ठीक रहेगा तो आपके शरीर के आसपास कोई रोग नहीं भटकेगा. पपीते में विटामिन सी भी काफी मात्रा में पाया जाता है जिससे हमारी रोगप्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ती है.

अनानास बढ़ाएगा इम्यूनिटी:
आप अनानास का सेवन करके इम्यूनिटी बढ़ा सकते है. अनानास आपकी हड्डियों को भी मजबूत बनाता है. इसमें कई जरूरी खनिज और विटामिन पाए जाते हैं. अनानास में मैंगनीज भी पाया जाता है जो फलों में काफी कम होता है. 

आम बेहद गुणकारी:
अगर आप गर्मियों में आम का सेवन करेंगे तो इससे आपके शरीर को विटामिन सी मिलेगा. जिसका सेवन करके आप इम्यूनिटी बढ़ा सकते है. साथ ही आप सेहत के लिए गुणकारी साबित होता है. इसमें कई तरह के पौषक तत्व पाये जाते है. 

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इम्यूनिटी मजबूत करने के साथ अनेक बीमारियां दूर करने में सहायक हैं ये जड़ी-बूटियां

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जयपुर: कोरोना महामारी से बचने के लिए रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने की सलाह दी जाती है. ऐसे में हमे कुछ ऐसी जड़ी-बूटियों का इस्तेमाल करने की आवश्यकता है जिससे कि हमारी इम्युनिटी स्ट्रॉन्ग होने के साथ हम छोटी-मोटी सीजनल बीमारियों से भी जल्दी रिकवर हो सकें. ऐसे में हम आपको स्वास्थ्य के लिए लाभदायक कुछ ऐसी जड़ी-बूटियों के बारे में बता रहे हैं जिसमे से अधिकतर हो हमारी रसोई में ही मिल जाती हैं. 

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अदरक: यह पाचन क्रिया में भी सहायक है. जी मिचलाने, उल्टी, मोशन सिकनेस आदि समस्याओं के समाधान में यह सहायक होती है. 
आंवला: ये शरीर की प्रतिरोधी क्षमता बनाए रखते हैं.

तुलसी: इसका उपयोग करने से सर्दी-जुकाम, बुखार, सूखा रोग, निमोनिया, कब्ज, अतिसार जैसी समस्याओं में फायदा मिलता है. 

लौंग: शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के साथ यह एक अच्छी एंटीऑक्सीडेंट और बैक्टीरिया को खत्म करने वाली है.

लहसुन: इसके सेवन से विटामिन ए, बी, सी के साथ आयोडीन, आयरन, पोटैशियम, कैल्शियम और मैग्नीशियम जैसे पोषक तत्व पा सकते हैं.

दालचीनी: जिन खाद्य पदार्थों में दालचीनी का प्रयोग होता है, उनमें 99.9 प्रतिशत तक कीटाणु होने की आशंका खत्म हो जाती है. 

अश्वगंधा: अश्वगंधा का इस्तेमाल त्वचा के साथ-साथ कई तरह की बीमारियों में भी लाभकारी है. 

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