सरकार की कवायद पर पानी फेर रहे जलदाय विभाग के अफसर

Naresh Sharma Published Date 2018/08/01 10:00

जयपुर। आमजन की समस्याओं के निपटारे के लिए मुख्यमंत्री ने राजस्थान संपर्क हेल्पलाइन सेवा 181 की शुरुआत की थी, लेकिन जलदाय विभाग के कुछ अफसरों ने मानो इस योजना को फेल करने की ठान ली है। जनता 181 हेल्पलाइन पर शिकायत करती है, लेकिन पानी के महकमे के कुछ अफसर इन शिकायतों का निस्तारण ही नहीं करते। विभाग ने भी अब कड़ा रुख अपनाते हुए ऐसे लापरवाह अफसरों पर कार्रवाई का मन बना लिया है। सीकर, दौसा व झुंझुनूं के अधीक्षण अभियंताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं।

मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे एक तरफ जनता की समस्याओं के निस्तारण के लिए लगातार प्रयास कर रही हैं, लेकिन दूसरी तरफ कुछ अफसरों को देख लगता है कि बिलकुल बेपरवाह हैं। सीएम ने राजस्थान संपर्क हेल्पलाइन सेवा 181 शुरू की थी। खुद सीएम इस सेवा की मॉनिटरिंग करती हैं, लेकिन जलदाय विभाग में कुछ अलग ही चल रहा है। जनता शिकायत करती है, शिकायत संबंधित अधिकारियों तक पहुंचा भी दी जाती है, लेकिन कुछ अभियंता ऐसे भी हैं, जिन्होंने यह मन ही बना लिया कि शिकायतों का निस्तारण नहीं करना।

ऐसे ही तीन अफसर हैं, सीकर के शिवदयाल मीणा, दौसा के रामनिवास मीणा और झुंझुनूं के अधीक्षण अभियंता सीएल जाटव। आला अफसरों ने इनको फोन किए, पत्र लिखे और फिर नोटिस भी दिए, लेकिन हालात नहीं सुधरे। अब इन तीनों अधीक्षण अभियंताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है और दो अगस्त तक का समय दिया गया है। दो अगस्त तक इनको शिकायतों का निस्तारण कर रिपोर्ट देनी होगी, वरना इनके खिलाफ सीसीए नियम 17 के तहत कार्रवाई की जाएगी। अतिरिक्त मुख्य अभियंता दिनेश शर्मा ने तीनों अभियंताओं को अलग—अलग नोटिस जारी कर दिया है। फर्स्ट इंडिया के पास इन नोटिस की प्रतियां मौजूद हैं।

ऐसा नहीं है कि राजधानी से दूर दराज क्षेत्रों में ही सुनवाई नहीं होती। राजधानी जयपुर का भी ऐसा ही हाल है। जयपुर नगर खंड -2 में तैनात अधिशाषी अभियंता सुनील राजवंशी को तो संपर्क पोर्टल की साइट खोलने की भी फुरसत नहीं हैं। यह हम नहीं कह रहे, बल्कि खुद जलदाय विभाग के ही आला अफसर कर रहे हैं। राजवंशी की लापरवाही को देखते हुए अधीक्षण अभियंता रमेश चंद मीणा ने कड़ा पत्र लिखा है।

राजवंशी को लिखे इस पत्र में साफ कहा गया है कि आपके द्वारा पोर्टल को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। आप द्वारा प्रतिदिन संपर्क पोर्टल की साइट खोलकर भी नहीं देखा जा रहा और यह खेद का विषय है। 17 जुलाई तक राजवंशी के कार्यक्षेत्र वाले इलाके की 79 शिकायतें पेंडिंग थी, जो 26 जुलाई तक इनकी संख्या 93 हो गई। कई शिकायतें तो एक महीने से अधिक समय से पेंडिंग पड़ी है। अधीक्षण अभियंता ने राजवंशी को निर्देशित किया है कि अविलंब इनका निस्तारण किया जाए।

विभाग में लापरवाही सिर्फ संपर्क पोर्टल तक सीमित नहीं है, बल्कि ट्यूबवेल नहीं लगाने को लेकर भी कई शिकायतें आई हैं। स्वीकृत होने के बावजूद न ट्यूबवेल खुदवाए जा रहे हैं औ न ही शुरू कराए जा रहे हैं। इस पर भी विभाग के बड़े अफसरों ने नाराजगी जताई है और सीकर, दौसा व झुंझुनूं सर्कल के अधीक्षण अभियंताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। उम्मीद की जा रही है कि अब अफसर कुंभकर्णी नींद से जागेंगे और जनता के हित में काम करेंगे।

शिकायतों का आंकड़ा (30 जुलाई तक) :
— सीकर सर्कल में 433 शिकायतें पेंडिंग
— इनमें से 179 शिकायते एक महीने से अधिक पुरानी
— 3 शिकायतों का निस्तारण छह महीने से नहीं
— दौसा सर्कल में 691 शिकायतें पेंडिंग पड़ी है
— 233 शिकायतें 1 से 6 महीने पुरानी
— 4 शिकायतों को 6 महीने से अधिक का समय हुआ
— झुंझुनूं सर्कल में 179 शिकायतों का निस्तारण नहीं

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