दो दशक से हो रहा ईवीएम का इस्तेमाल, नहीं लौटेंगे बैलेट पेपर के जमाने में : चुनाव आयोग

FirstIndia Correspondent Published Date 2019/01/24 05:03

नई दिल्ली। हाल ही में ईवीएम में हैकिंग किए जाने के दावों के बाद एक बार फिर से ईवीएम का मुद्दा सुर्खियों में आया है और कई विपक्षी दलों ने बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग चुनाव आयोग से की है। इस पर आज चुनाव आयोग ने कहा है कि पिछले दो दशकों से चुनावों में ईवीएम का इस्तेमाल हो रहा है। इसके साथ ही चुनाव आयोग ने यह भी साफ किया है कि आने वाले चुनावों में बैलेट पेपर का इस्तेमाल नहीं किय जाएगा।

चुनाव आयोग के मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा ने आज प्रेसवार्ता कर ईवीएम और वीवीपैट मशीन को लेकर जानकारी दी। साथ ही कहा कि बैलेट पेपर से चुनाव नहीं होंगे, क्योंकि पिछले दो दशक से चुनावों में ईवीएम काम में ली जा रही है। मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि मैं ये बात बिल्कुल पूरी तरह से साफ कर देना चाहता हूं कि हम बैलेट पेपर के युग में नहीं लौटने वाले हैं।

सुनील अरोड़ा ने कहा कि हम लोग बैलेट पेपर के जमाने में वापस नहीं जा रहे हैं, हम ईवीएम और वीवीपैट को ही जारी रखेंगे। उन्होंने कहा कि हम किसी भी तरह की आलोचना और प्रतिक्रिया के लिए तैयार हैं, फिर चाहे वह किसी राजनीतिक दल के द्वारा ही की जा रही हो। उन्होंने कहा कि इसी के साथ ही में लगातार हो रही आलोचना के बावजूद ईवीएम और वीवीपैट को नहीं छोड़ेंगे और बैलेट पेपर के जमाने में नहीं जाएंगे।

गौरतलब है कि हाल ही में लंदन में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस हैकर सैयद शूजा ने दावा किया था कि साल 2014 के लोकसभा चुनावों में ईवीएम से छेड़छाड़ की गई थी और इससे परिणामों पर फर्क पड़ा था। शूजा ने इस दौरान भाजपा के कुछ नेताओं का भी नाम लिया और कहा कि ईवीएम से छेड़छाड़ करने में पार्टी सबसे आगे हैं।

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