जानिए क्या काम करेगा इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक और क्या है प्रणाली

FirstIndia Correspondent Published Date 2018/09/01 05:33

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम से भारतीय डाक विभाग के इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक का उद्घाटन कर दिया है। इसके साथ ही अब इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक की देशभर में 650 शाखाओं और 3 हजार 250 सेवा केंद्रों में बैंकिंग सुविधाएं मिलनी शुरू हो जाएंगी। खास बात यह है कि इसमें सिर्फ आधार कार्ड से ही खाता खुलवाया जा सकेगा। वहीं पोस्ट ऑफिस में डिजिटल बैंकिंग सर्विस शुरू होने से खातेदार अपने एकाउंट से किसी भी बैंक खाते में धन ट्रांसफर कर सकेंगे।

इस साल के आखिर तक देश के सभी 1 लाख 55 हजार डाकघरों को सेवा केंद्रों के रूप में इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक यानि आईपीपीबी से जोड़ दिया जाएगा। ऐसे में यह जानना भी आवश्यक हो जाता है कि आखिर यह इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक क्या काम करेगा और किस तरह से होेगी इसकी पूरी कार्य प्रणाली। आइए जानते हैं इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक के बारे में और समझते हैं कि इसकी सेवाएं दूसरी बैंकिंग सेवाओं से किस प्रकार भिन्न होगी...

— इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक उन गांवों तक बैंकिंग सेवाएं पहुंचाएगा, जहां अभी तक सामान्य बैंकों की पहुंच नहीं हो पाई है।
— आईपीपीबी का मूलमंत्र 'आपका बैंक, आपके द्वार' है, जिसमें ग्राहक को बैंक शाखा जाने की जरूरत नहीं होगी। बैंक डाकियों के मार्फत खुद ग्राहक तक पहुंचेगा।
— आइपीपीबी के लिए 1435 करोड़ रुपये की लागत से अलग तकनीकी ढांचा उपलब्ध कराया जा रहा है।
— इसके तहत बचत खाता चालू खाता, मनी ट्रांसफर तथा प्रत्यक्ष लाभांतरण के अलावा बिल, यूटिलिटी एवं व्यापारिक भुगतान जैसी अनेक सेवाएं प्राप्त होंगी।
— यह देश का सबसे आसान, किफायती तथा भरोसेमंद बैंक होगा। अनपढ़ से अनपढ़ व्यक्ति भी इस प्रणाली का उपयोग कर सकता है।
— इसमें खाताधारक को अपना खाता अथवा पिन नंबर आदि याद रखने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
— इसमें अधिकतम एक लाख रुपए जमा कराये जा सकते हैं। इससे अधिक राशि स्वत: डाकघर बचत बैंक खाते में जमा हो जाएगी।
— इसके लिए इसे 17 करोड़ डाकघर बचत खातों से जोड़ा गया है। आईपीपीबी बचत खाते में 4 फीसदी ब्याज मिलेगा।
— ग्राहक को एक क्यूआर कार्ड मिलेगा, जबकि डाकिये के पास पीओएस मशीन होगी। पैसा जमा करने या भेजने के लिए क्यूआर कार्ड को पीओएस मशीन में डालने के बाद अंगुली रखनी होगी।
— डाक विभाग के तत्वावधान में स्थापित आइपीपीबी में सरकार की सौ फीसद पूंजी लगी है।
— यह काउंटर सेवाओं के अलावा माइक्रो एटीएम, मोबाइल बैंकिंग ऐप, मेसेज तथा इंटरैक्टिव वॉइस रिस्पांस सिस्टम (आइवीआरएस) जैसे विविध उत्पाद पेश करेगा।
— आइपीपीबी को सीधे ऋण देने अथवा बीमा पॉलिसी बेचने की अनुमति नहीं है, लेकिन थर्ड पार्टी अनुुबंधों के जरिए वह ऐसा कर सकेगा।
— ऋण एवं प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना के लिए आइपीपीबी ने पंजाब नेशनल बैंक से, जबकि जीवन बीमा के लिए बजाज आलियांज के साथ करार किया है।
— 31 दिसंबर तक देश के सभी 1.55 लाख डाकघर आइपीपीबी के एक्सेस प्वाइंट के रूप में काम करने लगेंगे।
— इनमें से 1.30 लाख एक्सेस प्वाइंट गांवों में तथा बाकी 25 हजार शहरों में होंगे।
— देश के सभी 40 हजार डाकियों और 2.40 लाख ग्रामीण डाक सेवकों को इस काम में लगाया जाएगा।
— इसके लिए इन्हें प्रशिक्षण दिया जा रहा है। अब तक 18 हजार कर्मी प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके हैं।
— डाक सेवकों को आइपीपीबी के लाभ का 25 फीसद, जबकि डाक विभाग को 5 प्रतिशत कमीशन मिलेगा।
— आईपीपीबी जल्‍द मर्चेंट रजिस्‍ट्रेशन शुरू करेगा, जो कि उसके कमस्‍टर्स का पेमेंट ऐप के जरिए कर सकेंगे।
— इसके साथ ही आईपीपीबी जल्‍द ही अपना ऐप बेस्‍ड पेमेंट सिस्‍टम लाएगा। इसके जरिए ग्रॉसरी, टिकट आदि का पेमेंट हो सकेगा।

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