बीजेपी में प्रदेश अध्यक्ष पद को लेकर दौड़ शुरु, पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व से ली जा रही है राय

FirstIndia Correspondent Published Date 2019/06/06 09:07

जयपुर: बीजेपी के लिये यह साल संगठन वर्ष है. कारण साफ है होने है संगठन के अंदर चुनाव. चाहे वो राष्ट्रीय अध्यक्ष का हो या फिर प्रादेशिक अध्यक्षों का. अमित शाह के उत्तराधिकारी का चुनाव होने के बाद मदन लाल सैनी के उत्तराधिकारी की भी खोज शुरु हो जाएगी. भावी प्रदेश अध्यक्ष को अगले चुनावों तक की जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है. नये अध्यक्ष के लिये दो विधानसभा के उपचुनाव, निकाय और पंचायतों के चुनाव चुनौती के समान होंगे.  

राजस्थान में बीजेपी का समृद्धशाली इतिहास
राजस्थान में बीजेपी का समृद्धशाली इतिहास रहा है. गौरवशाली इतिहास के झरोखे में कई ऐसे नाम है जिन्होंने राजस्थान की बीजेपी से निकल कर प्रदेश और देश में सियासत की बुलंदियों को छुआ. इनमें सबसे प्रखर नाम रहा भैरों सिंह शेखावत का. जिनके बगैर राजस्थान की बीजेपी की बात करना बेमानी होगा. 

पहले गैर कांग्रेसी मुख्यमंत्री शेखावत
शेखावत ने देश के उपराष्ट्रपति पद को सुशोभित किया और प्रदेश के पहले गैर कांग्रेसी मुख्यमंत्री कहलाये. सुंदर सिंह भंडारी, भानु प्रकाश शास्त्री, हरिशंकर भाभड़ा, भंवर लाल शर्मा, रघुवीर सिंह कौशल, ललित किशोर चतुर्वेदी,रामदास अग्रवाल, वसुंधरा राजे, ओम प्रकाश माथुर सरीखे ऐसे नेता है जिनका नाम राष्ट्रीय स्तर पर बीजेपी की अग्रिम पंक्ति में रहा है. 

गौरवशाली परम्परा में वसुंधरा राजे
भंडारी तो जनसंघ और बीजेपी को खड़ा करने वाले नेताओं में रहे. बीजेपी के अध्यक्ष पद की गौरवशाली परम्परा में वसुंधरा राजे, ओम माथुर,गुलाब चंद कटारिया, महेश चंद्र शर्मा ने अध्यक्ष पद संभाला. सर्वाधिक बार भंवर लाल शर्मा अध्यक्ष रहे. लंबे समय तक अध्यक्ष रहने का रिकार्ड रहा रामदास अग्रवाल के नाम रहा. अभी अध्यक्ष पद संभाल रहे है मदन लाल सैनी. सैनी भी पुरानी पीढ़ी के नेता है और आज उनके खाते में लोकसभा चुनावों की कामयाबी है. 

सैनी को लेकर अटकलें 
सैनी पद पर बने रहेंगे या नहीं इसे लेकर अटकलों का दौर है लेकिन यह तय है संगठन चुनावों की प्रक्रिया को पूरा किया जाएगा. चाहे अध्यक्ष कोई भी बने. 1980में स्थापना के बाद से ही राज्य बीजेपी में एक बार ऐसा भी अवसर आया जब गजेन्द्र सिंह शेखावत के कारण 72दिनों तक अध्यक्ष पद की कुर्सी खाली रही. अशोक परनामी का उत्तराधिकारी तलाशने में बीजेपी को काफी वक्त लगा फिर मदन लाल सैनी के नाम पर मुहर लगी. 

सैनी की अगुवाई में बीजेपी संगठन फिर भी हार का सामना
सैनी की अगुवाई में बीजेपी संगठन विधानसभा के चुनावी समर में उतरा... लेकिन पराजय हाथ लगी. मोदी लहर के कारण लोकसभा चुनाव में अप्रत्याशित जीत मिली.हालांकि सैनी को पद पर बने हुये अधिक वक्त नहीं बीता है लेकिन संगठन चुनाव प्रक्रिया को पूरा किया जाना लिहाजा प्रदेश अध्यक्ष पद नये नामों को लेकर चर्चाओं का दौर तेज है.

--------------बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष रेस-----------------

---राज्यवर्धन सिंह राठौड़ 
-जयपुर ग्रामीण से सांसद 
-इस बार नहीं बन पाये मोदी सरकार में मंत्री 
-चर्चा है कि उनका नाम प्रदेशाध्यक्ष पद की दौड़ में
-युवा चेहरा और राजपूत वर्ग से ताल्लुक 
-सेलिब्रिटी इमेज और आई टी - सोशल मीडिया एक्सपर्ट
-राठौड़ सेना से आये है सियासत में 

----चंद्रप्रकाश जोशी 
-चितौड़ से लगातार दूसरी बार सांसद 
-मेवाड़ का युवा चेहरा
-ब्राह्मण वर्ग से ताल्लुक 
-सर्वेक्षण में रह चुके पिछले लोकसभा सत्र में सर्वश्रेष्ठ सांसद
-युवा मोर्चा के रह चुके प्रदेश अध्यक्ष 
-संगठन निष्ठ चेहरा

--मदन लाल सैनी
-राजस्थान से राज्यसभा सांसद
-सैनी के तौर पर फिर ओबीसी कार्ड खेला जा सकता है
-खांटी संघपृष्ठ भूमि और कार्यकर्ता आधारित छवि
-बीजेपी में अनुशासित नेता के तौर पर पहचान
-शेखावाटी से आते है मदन लाल सैनी 

---सतीश पूनिया 
-आमेर से बीजेपी के विधायक 
-संगठन की भरपूर नॉलेज
-आर एस एस की पसंद
-जाट कार्ड के तौर बीजेपी चल सकती दांव
-एवीबीपी पृष्ठभूमि और राविवि छात्रसंघ के रह चुके महासचिव 

--राजेन्द्र राठौड़ 
-विधानसभा में उपनेता प्रतिपक्ष 
-सियासत के धुरंधर 
-बीजेपी में राजपूतों के बड़े फेस
-जोड़ तोड़ के समीकरण में माहिर
-भैरों सिंह शेखावत व राजे मंत्रीपरिषद में रह चुके मंत्री 
 -राविवि छात्रसंघ संघ के अध्यक्ष रह चुके

--सुनील बंसल
-यूपी बीजेपी के संगठन महामंत्री 
-मूल रुप से राजस्थान के निवासी 
-राजस्थान में एवीबीपी का खड़ा करने में बड़ा योगदान 
-अमित शाह के विश्वस्तों में शुमार
-हालांकि उन्हें लखनऊ से जयपुर भेजने को लेकर संशय

बड़े दिग्गजों में इनका नाम
राजस्थान की मौजूदा सियासी हालातों के मद्देनजर बीजेपी का आलाकमान कोई फैसला लेगा. ऐसे में जो नाम चल रहे है उनसे अलग भी कोई नाम आलाकमान घोषित कर सकता है. जनसंघ-बीजेपी के पुराने ट्रैक रिकार्ड के मुताबिक अभी तक ब्राह्मण,वैश्य ,कायस्थ,जैन और राजपूत वर्ग के नेताओं ने ही अध्यक्ष पद की कमान संभाली है.

बड़े दिग्गजों में ओमप्रकाश माथुर,भूपेन्द्र यादव और सुनील बंसल के नाम भी चलाये जा रहे है लेकिन दिल्ली से राजस्थान  किसे भेजना है यह तय करना भी राष्ट्रीय नेतृत्व के हाथ में है. कुल मिलाकर बीजेपी आलाकमान का निर्णय भावी सियासी और संगठनात्मक सोच के अनुरुप होगा.

फर्स्ट इंडिया के लिये ऐश्वर्य प्रधान के साथ योगेश शर्मा की रिपोर्ट

First India News से जुड़े अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करे!
हर पल अपडेट रहने के लिए अभी डाउनलोड करें First India News Mobile Application
लेटेस्ट वीडियो के लिए हमारे YOUTUBE चैनल को विजिट करें

और पढ़ें

Most Related Stories

Stories You May be Interested in