...तो क्या अब अन्नपूर्णा भंडार की 5 हजार दुकानें होंगी बंद?

Dr. Rituraj Sharma Published Date 2019/01/23 07:51

जयपुर। खाद्य मंत्री रमेश मीणा ने पूर्व भाजपा सरकार की अन्नपूर्णा भंडार की 5000 दुकानें बंद करने का संकेत दिए हैं। इस बारे में विधायक नारायण देवल के मूल सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि दुकानों का पुराना टेंडर समाप्त हो गया है और नई दुकानों के लिए कोई नहीं आ रहा है, वहीं उन्होंने राशन की दुकानें खोलने में कुछ रियायत देने और खाद्य सुरक्षा योजना के दायरे में सौ फीसदी शहरी-ग्रामीण आबादी शामिल करने की मंशा भी जताई।

विधानसभा में आज प्रश्नकाल के दौरान खाद्य विभाग के 3 अहम सवालों के जरिये प्रतिपक्ष ने खाद्य मंत्री रमेश मीणा को घेरने की कोशिश की। विधायक नारायण देवल के मूल सवाल और उप नेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़ ने रूरल मॉल अन्नपूर्णा भंडारों के आवंटन संबंधी सवाल पर मीणा ने कहा कि इन दुकानो में सिर्फ भ्रष्टाचार ही हुआ है। मीणा ने सदन को जानकारी दी कि 20 अगस्त तक दुकानों की अवधि समाप्त हो गई है और नए टेंडर में किसी निविदाकर्ता ने भाग नहीं लिया।

उन्होंने बताया कि इन दुकानों का 3 वर्ष के लिए कांट्रेक्ट हुआ था, लेकिन इनमें बाजार से ज्यादा राशि में माल मिल रहा था। इसलिए जब इन दुकानों में कोई सामान लेने नहीं जाता तो उसे कैसे चालू करेंगे। रमेश मीणा ने इसे पूर्व सीएम का ड्रीम प्रोजेक्ट बताते हुए कहा कि उनकी सरकार में ऐसी फर्म को काम दिया, जिससे उपभोक्ता सामान लेना ही बंद कर दे। फिर निविदा आमंत्रित करने के राजेन्द्र राठौड़ के सवाल पर उन्होंने कहा कि पूरे मामले को दिखाकर फिर इस पर निर्णय किया जाएगा।

राशन की दुकानों का आवंटन :
विधायक नरेन्द्र नागर ने नियमों को ताक पर रखकर राशन की दुकानें आवंटित करने का आरोप लगाया। रमेश मीणा ने जवाब देते हुए कहा कि 500 राशन कार्ड या दो हजार यूनिट पर राशन की दुकान खोलने का मापदंड है। इस पर नरेंद्र नागर ने पूछा क्या नियमों को ताक में रखकर दुकान आवंटित हुई है, तो उस दुकान का लाइसेंस निरस्त करने की मंशा रखते हैं। मीणा ने कहा कि गलत आवंटन हुआ तो जांच कराकर दुकान के लाइसेंस निरस्त होंगे, वहीं एक अन्य मांग पर रमेश मीणा ने कहा कि अभयारण्य क्षेत्र में 12-13 किलोमीटर की दूरी है तो पास की दुकान में उसे शिफ्ट करने पर विचार किया जाएगा। मीणा ने यह भी आश्वासन दिया कि जहां गड़बड़ियां हुई हैं, उसकी जांच करेंगे और सुधार करके लागू करेंगे।

खाद्य सुरक्षा योजना :
खाद्य सुरक्षा योजना क्रियान्वयन से जुड़े एक सवाल के तहत राजेन्द्र राठौड़ ने पूछा कि क्या खाद्य सुरक्षा योजना में पात्रताधारियों के लिए सीमा बढ़ाकर 100 प्रतिशत की जा रही है। अभी ग्रामीण क्षेत्र में 69 फीसदी और शहरी क्षेत्र में 53 फीसदी आबादी को इस योजना के तहत कवर किया जा रहा है। इस पर रमेश मीणा ने कहा कि यह राज्य सरकार की शक्ति के दायरे में है और ऐसा करने की मंशा है। उन्होंने कहा कि इस योजना के दायरे में कुल आबादी 446 लाख निर्धारित की गई है।

मीणा ने 1 रुपए प्रति किलो गेहूं उपलब्ध कराने को नीतिगत बताया और सदन को जानकारी दी कि अब 32 श्रेणियों में पात्रों को खाद्य सुरक्षा का लाभ दिया जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि भामाशाह योजना के तहत दस लाख 39 हजार साइलेंट पात्रताधारी हैं और हम पात्रों और अपात्रों की समीक्षा कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि 64 हजार 975 ऐसे लोग जिन्होंने एक बार ही राशन लिया है। गुलाबचंद कटारिया के सवाल पर मीणा ने जानकारी दी कि यदि सौ फीसदी आबादी को दायरे में लिया गया तो कुल 290 करोड का अतिरिक्त वित्तीय भार आएगा। 

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