पति की नसबंदी के बावजूद गर्भवती हो गई महिला, फिर हुआ ये खुलासा

FirstIndia Correspondent Published Date 2018/08/27 09:50

अजमेर। यदि आप 'एक ही अच्छा' या 'दो बच्चे सुखी परिवार' मानकर अपना सुंदर परिवार सजाने की कल्पना कर रहे हैं, तो शायद आपको सावधान होने की जरूरत है। क्योंकि सरकारी या निजी अस्पतालों में करवाई गई परिवार नियोजन की कवायद सौ प्रतिशत कामयाब हो, इसकी कोई गारंटी नहीं। सरकारी अस्पतालों के आंकड़े तो यही बता रहे हैं। यहां करवाये परिवार नियोजन के आपरेशन न सिर्फ फेल हो रहे हैं, बल्कि हर साल इनकी संख्या बढ़ रही है, जिसमें पुरूष नसबंदी भी शामिल है।

दरअसल, पुरूष नसबंदी के बाद एक विवाहिता के चरित्र पर उंगली उठना शुरू हो गया। वैशाली नगर आंतेड निवासी महिला के पति राजेश शर्मा ने दिसंबर 2016 में तीन बच्चे होने के बाद अपनी नसबंदी करवा ली थी। महिला ने बताया कि इसके बावजूद वह एक बार फिर से गर्भवती हो गई है।

चिकित्सकों से संपर्क करने पर उसे सलाह दी जा रही है कि बच्चे को गिरा दो और सरकार की ओर से मिलने वाली 30 हजार रुपए की राशि ले लो। उसने कहा कि पति की नसबंदी के बाद गर्भ धारण होना उसके चरित्र पर संदेह व्यक्त कर रहा है, अब वह कैसे जबाव दे।

आज सबका सपना होता है कि वह अपने बच्चों को पढ़ा—लिखा कर बड़ा होनहार इंसान बनाएं। इसके लिए अधिकांश लोग एक या दो बच्चों के बाद परिवार नियोजन का    ऑपरेशन करवा लेते हैं। अधिकांश लोग इन ऑपरेशन के बाद निश्चिन्त हो जाते हैं। लेकिन आंकड़े बता रहे हैं कि आपको इसके बाद भी सावधान रहने की जरूरत है।

जी हां, जिला अस्पताल में आए दिन नसबंदी व नलबंदी के ऑपरेशन फेल हो रहे हैं। सरकारी आंकडे बताते हैं कि दशमलव 25 प्रतिशत ऑपरेशन फेल हो जाते हैं। यदि एक या दो माह का गर्भ है तो उसे गिराने की सलाह दी जाती है।

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