जयपुर VIDEO: गहलोत सरकार के मौजूदा कार्यकाल में परिवहन विभाग का काम रहा काबिले तारीफ, 3 साल में स्थापित किए कई माइलस्टोन

VIDEO: गहलोत सरकार के मौजूदा कार्यकाल में परिवहन विभाग का काम रहा काबिले तारीफ, 3 साल में स्थापित किए कई माइलस्टोन

जयपुर: गहलोत सरकार के मौजूदा कार्यकाल के 3 साल की विकास यात्रा में ,परिवहन विभाग का काम भी काफी प्रभावी और काबिले तारीफ रहा है, इन 3 सालों में विभाग ने नवा चारों के दम पर जहां आम जन को घर बैठे सभी सुविधाएं देने का काम किया है तो वहीं इस प्रयास से विभाग की नई छवि भी जनता के सामने पेश हुई है.

प्रदेश के परिवहन विभाग के लिए मौजूदा सरकार के 3 साल काफी महत्वपूर्ण रहे है तमाम उठापटक के बीच परिवहन विभाग में बीते 3 साल में कई ऐसे माइलस्टोन स्थापित किए हैं जो आने वाले काफी समय तक नजीर बने रहेंगे, परिवहन विभाग को लेकर आम लोगों में अभी तक यही छवि बनी हुई थी कि यहां बिना पैसे खर्च किए और दलालों के दखल के बिना कोई काम नहीं होता है, लेकिन बीते 1 साल में ही विभाग ने करीब दो दर्जन महत्वपूर्ण सुविधाओं को ऑनलाइन कर इस मिथक को तोड़ने का काम किया है, परिवहन विभाग में अब लर्निंग लाइसेंस से लेकर परमिट लेने तक का काम ऑनलाइन होने लगा है. जिससे लोगों को बार-बार परिवहन कार्यालयों के चक्कर नहीं काटने पड़ रहे हैं, परिवहन विभाग के पास यूं तो राजस्व अर्जुन की भी बड़ी जिम्मेदारी है लेकिन राजस्व अर्जुन के साथ ही लोगों को किस तरीके से अधिक से अधिक सुविधाएं दी जा सके इसके लिए विभाग ने बीते दिनों में कई महत्वपूर्ण काम किए हैं, बीते दिनों  सीएमआर में हुए एक कार्यक्रम में सीएम अशोक गहलोत ने परिवहन आयुक्त और विभाग के काम की जमकर तारीफ की थी, परिवहन आयुक्त महेंद्र सोनी का कहना है कि सुविधाएं ऑनलाइन होने से लोगों को काफी लाभ हुआ है और बहुत आसानी से उनके सभी काम होने लगे हैं, सोनी ने बताया कि जल्द ही ईमित्र केंद्रों से भी परिवहन विभाग से जुड़े सभी काम लोग आसानी से कर सकेंगे इसके लिए भी विभाग ने तैयारी पूरी कर ली है, ड्राइविंग लाइसेंस के समय ऑर्गन डोनेट के लिए लोगों से सहमति लेने को भी परिवहन आयुक्त महेंद्र सोनी बड़ी उपलब्धि मानते हैं, सोनी ने बताया कि अभी तक प्रदेश में करीब 3 लाख लोग अंगदान के लिए अपनी सहमति दे चुके हैं जो कि एक रिकॉर्ड है, कोरोना की दूसरी लहर में जिस तरीके से परिवहन विभाग ने दिन रात मेहनत करके ऑक्सीजन परिवहन का काम किया था उससे प्रदेश में कहीं भी ऑक्सीजन की कोई कमी नहीं आ पाई थी, सीएम की बजट घोषणाओं को पूरा करने में भी परिवहन विभाग सबसे अब्बल रहा है मौजूदा बजट की 80 फीसदी बजट घोषणाओं को भी परिवहन विभाग अभी तक पूरा कर चुका है

परिवहन विभाग की बीते 3 साल की कुछ प्रमुख उपलब्धियां

1- राज्य में पहली बार एम्बुलेंस परिवहन की दरों को निर्धारित किया गया

2- प्रदेश में संचालित सभी एम्बुलेंसों में GPS सिस्टम लगवाया गया

3- राजस्थान सड़क सुरक्षा रोड मैप तैयार किया गया,

4- सड़क दुर्घटनाओं के वैज्ञानिक विश्लेषण के लिए इंट्रीग्रेटेड रोड एक्सीडेंट डाटाबेस तैयार किया गया

5-  एसएमएस अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में सड़क सुरक्षा कोष से 1428.66 लाख की लागत से आईसीयू स्किल लैब और बेसिक लाइफ सपोर्ट ट्रेनिंग सेंटर बनाया गया

6- राज्य के 100 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को प्राइमरी ट्रॉमा सेंटर के रूप में क्रमोन्नत किया, इसके लिए सड़क सुरक्षा फंड से चिकित्सा विभाग को करीब  25 करोड़ रुपये दिए गए.

7- प्रदेश में ऑटोमेटिक ड्राइविंग ट्रिक्स के लिए 43 करोड रुपए का खर्च कर 30 जगह ऑटोमेटिक ड्राइविंग ट्रेक बनवाए जा रहे हैं

8- मौजूदा सरकार में पहली बार प्रदेश में ऑटोमेटिक ड्राइविंग ट्रक से ड्राइविंग लाइसेंस बनने का काम शुरू हुआ है जयपुर से इसकी शुरुआत हुई थी और अभी 11 परिवहन कार्यालयों में ऑटोमेटिक ड्राइविंग ट्रेक से ही लाइसेंस बनाए जा रहे हैं

9- सीएम ने आरटीओ कार्यालय जोधपुर, डीटीओ बालोतरा, डीटीओ शाहपुरा जयपुर और डीटीओ कार्यालय भिवाड़ी के नए भवनों की सौगात दी.

10- परिवहन विभाग ने जनता से जुड़ी 17 तरह की सुविधाओं को ऑनलाईन किया.

11- वाहन स्वामियों और आमजन को बकाया टैक्स की जानकारी देने के लिए वाहन 4.0 पोर्टल पर आवश्यक प्रावधान किया गया है.

12- मोटर वाहन उपनिरीक्षक के 197 पदों की भर्ती का प्रस्ताव राजस्थान अधीनस्थ एवं मंत्रालयिक सेवा चयन बोर्ड को भेजी.

परिवहन विभाग ने बीते दिनों रीट और पटवारी जैसी बड़ी प्रतियोगी परीक्षाओं में भी बेहतर योगदान दिया है, निजी बसों में भी परीक्षार्थियों की निशुल्क यात्रा के ऐलान के बाद विभाग ने प्रदेश भर में ही बसों की कोई परेशानी नहीं हुई, परिवहन आयुक्त महेंद्र सोनी ने बताया आने वाले समय में भी विभाग का कामकाज अधिक सुविधा के साथ लोगों तक पहुंच सके इसके लिए नवाचारों का सिलसिला जारी रहेगा, नए परिवहन मंत्री बृजेंद्र ओला भी विभाग में हुए नवाचारों को लेकर काफी सकारात्मक है और उन्होंने भी परिवहन आयुक्त को बाकी बची सेवाओं को भी जल्द से जल्द ऑनलाइन करने के निर्देश दिए हैं, प्रदूषण के खतरे को देखते हुए देशभर में इन दिनों इलेक्ट्रिकल व्हीकलों का काफी क्रेज देखा जा रहा है, प्रदेश में इलेक्ट्रिकल वाहनों की खरीद को प्रोत्साहन देने के लिए परिवहन विभाग ने बीते कुछ दिनों में काबिले तारीफ काम किया है, प्रदेश में बहुत जल्द इलेक्ट्रिकल व्हीकल पॉलिसी भी अब जारी होने वाली है, परिवहन विभाग में प्रवर्तन शाखा के उड़न दोस्तों को लेकर हमेशा से विवाद और शिकायतों की स्थिति रही है, पहली बार परिवहन विभाग ने नियमों के विपरीत चलने वाले वाहनों का चालान करने के लिए सभी परिवहन निरीक्षकों को पोस मशीनें उपलब्ध कराई है,

विभाग की कुछ और उपलब्धियां

1- रीड और पटवारी परीक्षा में क्रमशः 26 और 16 लाख अभ्यर्थियों को रोडवेज और निजी बसों में निशुल्क यात्रा का बेहतर प्रबंधन किया.

2- फिटनेस सेंटरों पर अनियमितताओं को रोकने के लिए जियो फेसिंग तकनीक शुरू की है.

कोरोना के दौरान भी परिवहन विभाग का कामकाज काफी प्रभावी रहा है, सरकार के निर्देशों के बाद कोरोना वायरस लोगों को राहत देने के लिए विभाग ने ऑक्सीजन परिवहन समेत कई ऐसे काम किए जिनकी तारीफ खुद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत कर चुके हैं.

1- कोरोना महामारी को देखते हुए यात्री वाहनों को राहत देते हुए मई और जून 2021 में मोटर वाहन कर में शत प्रतिशत छूट दी.

2- लॉकडाउन अवधि में परिवहन विभाग ने रेलवे से समन्वय कर 2 लाख 35 हजार लोगों को गंतव्य तक पहुंचाया.

3- कोरोना की दूसरी लहर के समय प्रदेश में लिक्विड ऑक्सीजन टैंकरों की संख्या सिर्फ 6 थी, विभाग ने विशेष प्रयास कर इस सँख्या को 54 तक पहुंचाया.

4- लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन टैंकर के परिवहन के लिए 50 अतिरिक्त ड्राइवरों की व्यवस्था की.

3 साल का परिवहन विभाग का रिपोर्ट कार्ड बेहतर कहा जा सकता है, कोरोना जैसी महामारी मैं भी परिवहन विभाग में अपने बेहतर काम की छाप छोड़ी है, विभाग में बीते कुछ महीनों में हुए नवाचार भी विभाग की नई इबारत लिख रहे हैं, आने वाले दिनों में नए मंत्री बृजेन्द्र ओला के निर्देशन में विभाग में कुछ और नए काम और प्रयोग भी देखने को मिलेंगे.

...फर्स्ट इंडिया के लिए शिवेंद्र सिंह परमार की रिपोर्ट

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