Live News »

विश्व जल दिवस: देश में 23% बढ़ा 10 साल में पानी का दोहन, डरावने बनते जा रहे आंकड़े

विश्व जल दिवस: देश में 23% बढ़ा 10 साल में पानी का दोहन, डरावने बनते जा रहे आंकड़े

जयपुर। आज पूरी दुनिया विश्व जल दिवस मना रही हैं, क्योंकि जल संकट पूरे विश्व की समस्या है। जल दिवस मनाने का मुख्य उद्देश्य लोगों के बीच में जल संरक्षण का महत्व साफ पीने योग्य जल का महत्व आदि बताना है। जब तक पानी रहेगा, तब तक जीवन रहेगा। पूरा देश पेयजल की समस्या से त्रस्त हैं, लेकिन अपने राज्य राजस्थान की बात करें, तो आज भी यहां पेयजल की समस्या विकट हैं। हालात यह है कि आज भी पानी के लिए संघर्ष हो रहे हैं। ऐसे में पानी बचाने की जिम्मेदारी हम सबके लिए कितनी अहम हो जाती है, देखिए इस खास रिपोर्ट में,,,,

ब्राजील में रियो डी जेनेरियो में वर्ष 1992 में आयोजित पर्यावरण तथा विकास का संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन कार्यक्रम में विश्व जल दिवस मनाने की पहल की गई थी। 1993 में 22 मार्च को पहली बार “विश्व जल दिवस” का आयोजन किया गया। इसका उद्देश्य विश्व के सभी विकसित देशों में स्वच्छ एवं सुरक्षित जल की उपलब्धता सुनिश्चित करवाना है। यह जल संरक्षण के महत्व पर भी ध्यान केंद्रित करता है। पूरे विश्व आबादी में 400 करोड़ ऐसे लोग हैं जिन्हें आज भी पीने भर पर्याप्त पानी नहीं मिलती है और आपको जानकर हैरानी होगी कि इस आबादी का एक चौथाई लोग भारत के हैं।  

वाटर एड की रिपोर्ट के मुताबिक दुनिया के कुल ग्राउंडवाटर का 24% हम इस्तेमाल करते हैं। पिछले दशक में इसमें 23% बढ़ोतरी हुई। आज विश्व में जल का संकट कोने-कोने में व्याप्त है। लगभग हर क्षेत्र में विकास हो रहा है। दुनिया औद्योगीकरण की राह पर चल रही है, किंतु स्वच्छ और रोग रहित जल मिलना आज के समय में काफी मुश्किल है। देश में 1170 मिमी औसत बारिश होती है, लेकिन हम इसका सिर्फ 6 फीसदी पानी ही सुरक्षित रख पाते हैं। एक रिपोर्ट में भारत को चेतावनी दी गई है कि यदि भूजल का दोहन नहीं रूका तो देश को बड़े जल संकट का सामना करना पड़ सकता है। 75 फीसदी घरों में पीने के साफ पानी की पहुंच ही नहीं है। स्थिति काफी भयावह है। पानी हमारे बीच से लगातार गायब होता जा रहा है। 1951 में प्रति व्यक्ति पानी की उपलब्धता 5177 घन मीटर थी, जो वर्ष 2025 तक घटकर 1341 घन मीटर रह जाएगी। कुओं में पहले 15 से 20 फीट पर पानी उपलब्ध था, अब वह 200 फीट से नीचे चला गया है। राजस्थान में तो पानी 500 फीट तक नीचे चला गया है। आंकड़े बताते हैं कि देश की 275 नदियों में पानी तेजी से खत्म हो रहा है।

देश में 23% बढ़ा 10 साल में पानी का दोहन
70%  ज्यादा पानी ले रहे हैं तय मात्रा से
1170 मिमी औसत बारिश होती है देश में, पर इसका सिर्फ 6% ही हम सहेज पाते हैं
91 प्रमुख जलाशयों में जलस्तर क्षमता के 25% पर है
21 शहर 2030 तक ‘डे जीरो’ पर होंगे। यानी इनके पास पानी के स्रोत नहीं बचेंगे
75% घरों में पीने के साफ पानी की पहुंच ही नहीं है
भारत में महिलाएं पानी के लिए औसतन प्रतिदिन लगभग 6 किलोमीटर का सफर करती हैं

पूरी दुनिया पानी का संकट झेल रही है और इसके बचाने के प्रयास भी किए जा रहे हैं। राजस्थान की अगर हम बात करे, तो देश की कुल जनसंख्या का 10 प्रतिशत हिस्सा राजस्थान में रहता है। लेकिन पानी की उपलब्धता के आंकड़े इसके उलट हैं। देश के मुकाबले राजस्थान में महज एक दशमलव एक फीसदी सतही जल है। भूजल का कुल प्रतिशत भी पांच दशमलव पांच ही है। राजस्थान में एक लाख 20 हजार के करीब गांव ढाणियां हैं, लेकिन इनमें से भी आधी से अधिक ऐसी है, जहां पर आसानी से पीने का पानी नसीब नहीं हो रहा। आधा से अधिक पानी फ्लोराइड युक्त है, तो करीब 57 फीसदी पानी में नाइट्रेट हैं। आर ओ प्लांट व डी फ्लोराइड यूनिट के माध्यम से शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के सरकारी प्रयास हो रहे हैं, लेकिन ये नाकाफी है। आंकड़े खुद इसे बयान कर रहे हैं,,,,,,,,,

राजस्थान में सतही जल महज 1.1 फीसदी
भूजल महज 5.5 फीसदी हैं राजस्थान में
राजस्थान के दो तिहाई जिले मरुस्थली
50 फीसदी फ्लोराइड युक्त पानी हैं राजस्थान में
57 फीसदी पानी नाइट्रेट युक्त हैं
1 लाख 20 हजार करीब गांव ढाणियां हैं राजस्थान में
करीब 39 हजार गांव-ढाणियों में पानी की कमी है
17 हजार गांव ढाणियों में स्थिति बहुत गंभीर है
14 हजार गांव ढाणियों में पेयजल परिवहन की व्यवस्था नहीं
हैडंपप से प्यास बुझाते हैं 50 फीसदी गांव-ढाणियां

आंकड़े बताते हैं कि राजस्थान में पेयजल की स्थिति क्या हैं। ऐसे में आधी से अधिक जनता को अपने स्तर पर ही पानी की व्यवस्था करनी पड़ती है। करीब 39 हजार गांव ढाणी ऐसी हैं, जहां की जनता एक या दो हैडंपप पर निर्भर है। राजस्थान की राजधानी जयपुर की भी हालत ऐसी है कि यहां पर हजारों कॉलोनियों में सरकारी नल से पानी की व्यवस्था नहीं है। नतीजन सड़क से विधानसभा तक पानी के लिए संघर्ष होता है। पानी के लिए मटके फोड़ना, रास्ते रोकना व अधिकारियों का घेराव करना राजस्थान में आम बात है और गर्मियां बढ़ने के साथ आंदोलन भी उग्र होते जाएंगे। राजधानी जयपुर की हालत ही सबसे खराब है। 100 किमी दूर बीसलपुर से जयपुर को पानी मिलता है, लेकिन अब बीसलपुर ही सूखने लगा है और साथ ही जयपुर के कंठ भी।  पानी सप्लाई में 30 से 40 फीसदी कटौती पहले ही कर दी गई है। अब ट्यूबवेल के भरोसे पानी सप्लाई है। कब तक यह चलेगा, यह तो भविष्य के गर्भ में हैं, लेकिन स्थितियां नियंत्रण में तो नहीं है।

सरकार अपने स्तर पर पेयजल के लिए कई प्रयास कर रही है। योजनां भी बनाई जा रही है, लेकिन आंकड़े व हालात बताते हैं कि राजस्थान में पेयजल के लिहाज से स्थिति काफी विकट है। जिम्मेदारी सिर्फ सरकार की नहीं, हम सभी की है। ऐसे में समय रहते हम नहीं जगे, तो पानी की बूंद बूंद के लिए मोहताज हो जाएंगे।  जल है, तो कल है। इसी को ध्यान में रखते हुए हमें पानी को बर्बादी से रोकना होगा और बूंद बूंद पानी बचाना होगा। मरती नदियां, खाली होते कुएं व सूखते तालाब को वर्षा ही जीवन दे सकती है। अब सबसे बड़ी चुनौती पानी को जुटाने की है। जिसे पानी चाहिए, उसे अब बचाने के लिए भी जुटना होगा।

और पढ़ें

Most Related Stories

VIDEO: मई-जून के लिए ट्रेनों में 60 फीसदी तक बुक हुई सीटें, रेलवे को एक साथ भीड़ होने से संक्रमण फैलने का डर

जयपुर: लॉक डाउन के बाद 15 अप्रैल से ट्रेनों का संचालन शुरू होगा या नहीं. इस पर अभी रेलवे बोर्ड कोई निर्णय नहीं ले सका है. ट्रेनों की बहाली की खबर पर अभी उत्तर-पश्चिम रेलवे असमंजस में है. हालांकि 15 अप्रैल से पूर्व इंजनों और कोचों का परीक्षण करने के निर्देश मिल चुके हैं, लेकिन अंतिम निर्णय 12 या 13 अप्रैल को होने की उम्मीद है. 

Rajasthan Corona Update:  प्रदेश में पॉजिटिव मरीजों का आंकड़ा पहुंचा 348, देश में मरने वालों का आंकड़ा पहुंचा 149 

आखिरी निर्णय आने तक लोगों से धैर्य रखने की अपील:
ट्रेनों का संचालन शुरू करने को लेकर पिछले सप्ताह रेलवे बोर्ड ने सभी 16 जोन और मंडलों के अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की थी, जिसमें रेलवे अधिकारियों को अपने स्तर पर ट्रेनों के कोच और इंजन तैयार रखने के निर्देश दिए गए थे. हालांकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि ट्रेनों का संचालन किस तारीख से शुरू हो जाएगा. रेलवे बोर्ड ने फिलहाल आधिकारिक रूप से आखिरी निर्णय आने तक लोगों से धैर्य रखने की अपील की है. अभी तक ऐसा माना जा रहा है कि यदि लॉक डाउन की अवधि नहीं बढ़ाई गई तो 14 अप्रैल की मध्यरात्रि के बाद ट्रेनों का संचालन सुचारु हो जाएगा. ऐसे में अब जोनल रेलवेज को बोर्ड के उस निर्देश का इंतजार है, जिसमें वह किन-किन ट्रेनों को चलाने और नहीं चलाने का निर्देश जारी करेगा. 

जयपुर से जुड़ी 125 ट्रेनों में 60 फीसदी बुकिंग:
- जयपुर से ऑरिजिनेट होने वाली करीब 35 और बाईपास होकर गुजरने वाली करीब 90 ट्रेनों में 60 फीसदी बुकिंग हुई
- मई और जून माह के लिए हुई है ज्यादा बुकिंग
- हालांकि पिछले सालों के ट्रेंड को देखें तो अवकाश के दिनों के लिहाज से ये बुकिंग है कम
- क्योंकि मई-जून माह के बीच ट्रेनों में वेटिंग टिकट भी उपलब्ध नहीं होता
- वहीं अभी तक भी करीब 40 फीसदी सीट खाली पडी हुई हैं
- कोरोना के डर से इस बार लोग एसी कोच की बजाय स्लीपर में करा रहे ज्यादा बुकिंग
- कोच खुला होने और तापमान ज्यादा होने से स्लीपर में कम रहता है खतरा
- बुक हुई कुल सीट में करीब 40 फीसदी सीटें स्लीपर क्लास में बुक हुई 
- एसी कोच में कम तापमान और कोच बंद होने की वजह से रहता है ज्यादा खतरा

राजस्थान युवा कांग्रेस चुनाव में गहराया विवाद, अब अमरदीन फकीर ने खड़े किये सवाल 

रेलवे अधिकारियों का कहना है कि यदि 15 अप्रैल से ट्रेनें चलाई जाती हैं तो सबसे बड़ी चुनौती भयंकर भीड़ की होगी. यह भीड़ अनियंत्रित हो सकती है. क्योंकि लोग लगातार लॉक डाउन से जहां के तहां फंसे हुए हैं. ऐसे में ट्रेन शुरू होते ही सबसे पहले अपने-अपने घरों का रुख करेंगे. ऐसे में लोगों में संक्रमण कम से कम हो इसके लिए रेलवे 6 बर्थ के केबिन में 4 बर्थ ही अलॉट किए जाने पर विचार कर रहा है. इसके अलावा जनरल कोच में भी यात्रियों की संख्या निर्धारित करने पर विचार किया जा रहा है. इसे देखते हुए रेलवे हर स्टेशन पर जनरल टिकट बांटने का कोटा निर्धारित कर सकता है. स्टेशन पर ट्रेन के प्रत्येक कोच पर आरपीएफ को तैनात किया जाएगा. जो यात्रियों को एक निश्चित संख्या और दूरी पर बैठाएंगे. ऐसे में इन सभी दिशा निर्देशों पर रेलवे बोर्ड 12 से 13 अप्रैल के बीच अंतिम निर्णय लेगा. 

...काशीराम चौधरी, फर्स्ट इंडिया न्यूज, जयपुर

राजस्थान युवा कांग्रेस चुनाव में गहराया विवाद, अब अमरदीन फकीर ने खड़े किये सवाल

राजस्थान युवा कांग्रेस चुनाव में गहराया विवाद, अब अमरदीन फकीर ने खड़े किये सवाल

जयपुर: राजस्थान युवा कांग्रेस चुनाव में विवाद गहरा गया है. मुकेश भाकर के निर्वाचन के विरोध में उपाध्यक्ष बने अमरदीन फकीर भी उतर गये है, परिणामों पर सवाल उठाते हुये फकीर ने तो यहां तक कह दिया कि इस पूरे मामले में कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी को दखल देना चाहिए. 

Rajasthan Corona Update:  प्रदेश में पॉजिटिव मरीजों का आंकड़ा पहुंचा 348, देश में मरने वालों का आंकड़ा पहुंचा 149 

यूथ कांग्रेस चुनाव पर प्रदेश यूथ कांग्रेस के युवाओं का भरोसा उठ गया: 
अमरदीन फ़कीर ने यूथ कांग्रेस राष्ट्रीय नेतृत्व पर सवाल खड़े करते हुए अध्यक्ष की घोषणा वापिस लेने की मांग की है. अमरदीन फ़कीर ने कहा है कि यूथ कांग्रेस चुनाव पर प्रदेश यूथ कांग्रेस के युवाओं का भरोसा उठ गया है. किसी भी प्रकार की पारदर्शिता नहीं है. पहले कुछ और परिणाम आए बाद में कुछ और घोषणा हुई इससे सीधा सवाल यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय पदाधिकारीयों पर उठ रहा है. राष्ट्रीय पदाधिकारी पार्टी के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं. फ़कीर ने मुकेश भाकर के अध्यक्ष बनने पर असहमति ज़ाहिर की है.

हनुमान जयंती आज : कोरोना संकट हरेंगे संकटमोचन हनुमान, ऐसे करें घरों में पूजा -आराधना

चुनावों में कोई पारदर्शिता नहीं रही:
उन्होंने कहा कि पहले जब नतीजे आए तब लगा था कि सही चुनाव हुआ होगा, लेकिन अब नतीज़ों से लग रहा है कि यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय पदाधिकारीयों ने सही काम नहीं किया, चुनावों में कोई पारदर्शिता नहीं रही है. अमरदीन फ़कीर ने कोरोना के बीच हुई अध्यक्ष पद की घोषणाओं को वापिस लेने के मांग की कैबिनेट मंत्री शाले मोहम्मद के छोटे भाई है अमरदीन. सुमित भगासरा पहले ही विरोध जता चुके है. 

...फर्स्ट इंडिया के लिए योगेश शर्मा की रिपोर्ट

Coronavirus Updates: प्रदेश में कोरोना का कहर, पॉजिटिव मरीजों की संख्या बढ़कर हुई 344, अब तक 6 लोगों की मौत

Coronavirus Updates: प्रदेश में कोरोना का कहर, पॉजिटिव मरीजों की संख्या बढ़कर हुई 344, अब तक 6 लोगों की मौत

जयपुर: प्रदेश में कोरोना वायरस के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं. यहां पर कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या बढकर 344 हो गई है. मंगलवार को 42 नए पॉजिटिव मरीज सामने आये. इनमें से 9 जोधपुर के हैं, जिसमें 6 संक्रमित लोग व्यक्ति के परिवार के हैं. इनके अलावा, 13 मामले जैसलमेर में कोरोना पॉजिटिव मिले हैं. वहीं, बांसवाड़ा में 7, जयपुर में 6, भरतपुर और बीकानेर में तीन-तीन, और चूरू में एक मामला कोरोना का आया है. राजस्थान में पॉजिटिव मरीजों की संख्या 344 हो गई है. राजस्थान में अब तक कोरोना की चपेट में आने से 6 लोग जान गंवा चुके है. 

हनुमान जयंती आज : कोरोना संकट हरेंगे संकटमोचन हनुमान, ऐसे करें घरों में पूजा -आराधना

जयपुर शहर में कोरोना के सबसे ज्यादा मरीज:
अगर बात करे प्रदेश की राजधानी जयपुर की, तो यहां पर कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या 106 (2 इटली के नागरिक) हो गई है. ये राजस्थान में सबसे ज्यादा आंकडा जयपुर का ही है. यहां पर प्रशासन सतर्क हो गया है. जयपुर के रामगंज क्षेत्र में कोरोना के मामले मिले है. इसके बाद पूरे परकोटे में लॉकडाउन और कर्फ्यू तो पहले ही था. अब सरकार के आदेश के बाद परकोटे की सीमाएं सील कर ​दी गई. अब यहां पर ना कोई अंदर आएगा, ना ही कोई बाहर जा सकेगा. हर जगह पुलिस जाब्ता तैनात है. 

जोधपुर में 66 मरीज:
अब बात करते है जोधपुर जिले की, यहां पर कोरोना पॉजिटिव मरीजों का आंकडा 66 पहुं गया है. इसमें 36 ईरान से आये हुए लोग है. वहीं भीलवाड़ा स्थिति काबू में है. यहां पर पहले सबसे ज्यादा मरीज कोरोना के मिले थे. लेकिन प्रशासन की सख्ती के बाद यहां पर मामले स्थिर हो गए है. यहां पर कोरोना के 27 मामले सामने आये है.

झुंझुनूं में 23, टोंक में 20:
झुंझुनूं जिले में कोरोना के 23 मामले सामने आये है. वहीं टोंक में 20 मामले कोरोना संक्रमण के सामने आये है. चूरू में 11 मरीज तो प्रतापगढ़ में 2 कोरोना पॉजिटिव मिले है. डूंगरपुर और अजमेर में 5-5, अलवर में 5 कोरोना पॉजिटिव मिले है. 

जेलों को लेकर हाईकोर्ट का आदेश, कैदियों की भीड़ कम करने के लिए जरूरी कदम उठाये राज्य सरकार

बीकानेर में 14 मामले:
बात करते है बीकानेर जिले की, यहां पर 14 कोरोना पॉजिटिव मिले है. उदयपुर में 4 मामले सामने आये है. वहीं भरतपुर में अब तक 8 मामले सामने आये है. दौसा में 6, बांसवाड़ा में 9, पाली में 2, कोटा में 10, जैसलमेर में 14 , करौली, नागौर, धौलपुर और सीकर में 1-1 कोरोना पॉजिटिव मिला है. 

Coronavirus Updates: राजस्थान में कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या हुई 328, तो जयपुर के परकोटे में कर्फ्यू के साथ सख्ती

Coronavirus Updates: राजस्थान में कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या हुई 328, तो जयपुर के परकोटे में कर्फ्यू के साथ सख्ती

जयपुर: प्रदेश में कोरोना पॉजिटिव मरीजों का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है. प्रदेश में कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या 328 हो गई है. बांसवाड़ा जिले में मंगलवार को 3 नए पॉजिटिव केस सामने आये है. पिछले 24 घंटे में 27 पॉजिटिव केस सामने आये है. बांसवाड़ा जिले से सात पॉजिटिव मिले है. चूरू जिले से एक, जयपुर से तीन पॉजिटिव केस सामने आये है. जैसलमेर से सात पॉजिटिव, जोधपुर जिले से 9 पॉजिटिव केस मिले है. 

जयपुर के परकोटे में सख्ती:
जयपुर के रामगंज इलाके में कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या 100 पहुंचने पर परकोटे में सख्ती बरती जा रही है. अब परकोटे में कर्फ्यू के साथ सख्ती है. अतिआवश्यक कार्य के लिए बाहर निकलने पर भी पाबंदी लगाई गई है. पुलिस अधिकारियों का बयान, आवश्यक कार्य से बढ़कर मानव जीवन की रक्षा, ऐसे में लोग करें पुलिस का सहयोग. मंगलवार सुबह से परकोटे में पुलिस का अतिरिक्त जाब्ता तैनात है. नाकाबंदी पॉइंट्स पर हर व्यक्ति और वाहन को रोका जा रहा है. परकोटे के अंदर आने और बाहर जाने पर पूर्ण रूप से पाबंदी है. 

Coronavirus Updates: कोरोना वायरस का कहर, हरियाणा में पॉजिटिव मरीजों का आंकड़ा पहुंचा 98

लॉकडॉउन का उल्लंघन करने वाले बने सिरदर्द:
प्रदेश के भीलवाड़ा जिले में लॉकडॉउन का उल्लंघन करने वाले सिरदर्द बने हुए है. लोग चोरी छुपे बाहर से आ रहे है, जो पुलिस की परेड करवा रहे है. भीलवाड़ा में एक दर्जन लोग देर रात ऑटो में पहुंचे थे. अहमदाबाद के कबाडी व्यवसायी के साथ भीलवाडा पहुंचे थे. लॉकडाउन में भी 18 जिलों की सीमाओं को पार करके कपड़ा नगरी में पहुंचे.  कबाड़ी व्यापारी जगदीश माली की पुलिस तलाश कर रही है. यह मामला भीमगंज थाना खेत्र का है.

सीएम गहलोत का बड़ा बयान, राजस्थान में लॉकडाउन नहीं खोलने के दिए संकेत, कहा-जिंदगी बचाना जरूरी

जोधपुर में 7 थाना क्षेत्र में कर्फ्यू जारी:
प्रदेश के जोधपुर जिले में कोरोना पॉजिटिव मरीज मिलने पर पुलिस कमिश्नरेट के 7 थाना क्षेत्र में कर्फ्यू जारी है. पूर्व थाना क्षेत्र में थाना उदयमंदिर, सदर कोतवाली, सदर बाजार थाने में कर्फ्यू लगाया गया है. नागौर गेट थाने में पहले से ही कर्फ्यू लगा हुआ है. पश्चिम थाना क्षेत्र के तीन थानों में अभी भी कर्फ्यू जारी है. पश्चिम थाना क्षेत्र थाना कुड़ी थाना देव नगर और थाना प्रताप नगर में कर्फ्यू जारी है. कोरोना वायरस के चलते पुलिस ने अलग-अलग इलाकों में कर्फ्यू लगाया है. कुछ इलाके हाई रिस्क जॉन वाले घोषित है. 

Coronavirus Updates: ट्रंप का बयान- भारत दवा की सप्लाई नहीं करता तो फिर दिया जाता उसका करारा जवाब

Coronavirus Updates: ट्रंप का बयान- भारत दवा की सप्लाई नहीं करता तो फिर दिया जाता उसका करारा जवाब

नई दिल्ली: कोरोना वायरस के कहर का शिकार हो रहे अमेरिका ने एक बार फिर भारत से हाइड्रोक्सीक्सीक्लोरोक्वीन दवा की आपूर्ति पर मदद की उम्मीद जताई है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बीते दिनों फोन पर बात कर कोरोना वायरस पर चर्चा की. इस दौरान उन्होंने दवा की सप्लाई करने की मांग की थी. इसके साथ ही ट्रंप ने कहा कि अगर भारत मदद नहीं करता तो फिर उसका करारा जवाब दिया जाता.

Rajasthan Corona Update: मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पीएम मोदी को लिखा पत्र, लैटर में लिखी यह प्रमुख बात 

हमसे भी इसी तरह की प्रतिक्रिया की उम्मीद रखें:
मीडिया को संबोधित करते हुए ट्रंप ने कहा कि मैंने पीएम मोदी से रविवार सुबह इस मुद्दे पर बात की थी. अगर वे दवा की आपूर्ति की अनुमति देंगे तो हम उनके इस कदम की सराहना करेंगे. अगर वे सहयोग नहीं भी करते तो कोई बात नहीं , लेकिन वे हमसे भी इसी तरह की प्रतिक्रिया की उम्मीद रखें.

हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन दवाई कोरोना वायरस से लड़ने में मददगार:
पीएम मोदी की तरफ से भी डोनाल्ड ट्रंप को इस दवा की सप्लाई का आश्वासन दिया गया था, जिसके बाद सप्लाई शुरू भी हो गई है. इस बातचीत के बाद भारत सरकार ने 12 एक्टिव फार्माटिकल इनग्रीडियंट्स के निर्यात पर लगी रोक को हटा दिया है, जिसके बारे में जानकारी साझा की गई. बता दें कि एक रिसर्च में सामने आया है कि हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन दवाई कोरोना वायरस से लड़ने में मददगार है. इसके साथ ही यह दवाई दुनिया में सबसे ज्यादा भारत में ही बनाई जाती है.

कोरोना के कारण सादगी से मना भाजपा का स्थापना दिवस, राजस्थान में सशक्त रहा इतिहास 

संक्रमण से अमेरिका बुरी तरह से प्रभावित:
बता दें कि कोरोना वायरस के संक्रमण से अमेरिका बुरी तरह से प्रभावित हो रहा है. यहां अब तीन लाख से ज्यादा संक्रमित मामलों की पुष्टि हो तो वहीं 10,000 से अधिक लोगों की मौत भी हो गई है. इस वायरस का अब तक कोई इलाज नहीं मिल पाया है. 
 

Rajasthan Corona Update: मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पीएम मोदी को लिखा पत्र, लैटर में लिखी यह प्रमुख बात

Rajasthan Corona Update: मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पीएम मोदी को लिखा पत्र, लैटर में लिखी यह प्रमुख बात

जयपुर: लॉकडाउन के चलते प्रदेश की आर्थिक हालत को लेकर सीएम गहलोत चिंतित है. इसी के चलते मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर आग्रह किया है कि राज्यों को मजबूत करने के लिए केंद्र अत्यावश्यक कदम उठाए, राजस्व में भारी गिरावट की वजह से राज्यों की वित्तीय स्थिति तेजी से बिगड़ रही है. सीएम गहलोत ने कहा कि राज्यों के भुगतान का पुनर्निधारण करते हुए ब्याज मुक्त आधार पर कम से कम 3 माह का मोरेटोरियम उपलब्ध कराए. साथ ही भारत सरकार के स्तर पर ऋण लेकर राज्यों के विकास के लिए उपलब्ध करवाया जाए. 

अगले कुछ सप्ताह के लिए हमार व्यवहार ही तय करेगा कोरोना वायरस की अगली दशा—मुख्य न्यायाधीश 

मनरेगा के मजदूरों को अग्रिम भुगतान का किया आग्रह:
पत्र में सीएम गहलोत ने मनरेगा के तहत पंजीकृत और सक्रिय मजदूरों को 21 दिन के अग्रिम वेतन भुगतान पर विचार करने का भी आग्रह किया और सुझाव दिया कि अग्रिम भुगतान को मनरेगा साइट पर काम शुरू होने के बाद मजदूरों द्वारा किये जाने वाले काम समयोजित किया जा सकता है. इसके अलावा ठेले एवं रेहड़ी चलाने वाले, पंजीकृत निर्माण श्रमिक और कारखानों में काम करने वाले श्रमिक राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के दायरे में नहीं आते हैं. ऐसे में उन्हे भी एनएफएसए लाभार्थियों के समान अनाज उपलब्ध करवाने की व्यवस्था पर विचार किया जाना चाहिए.

पारदर्शी अंतर्राज्यीय आपूर्ति श्रंखला प्रोटोकोल लागू हो:
वहीं सीएम गहलोत ने मांग करते पत्र में लिखा कि केन्द्र सरकार को आवश्यक वस्तुओं की आवाजाही के लिए स्पष्ट एवं पारदर्शी अंतर्राज्यीय आपूर्ति श्रंखला प्रोटोकोल लागू करना चाहिए. विभिन्न राज्यों में दूसरे राज्यों से आए मजदूर फंसे हुए हैं.

वेंटिलेटर का उचित प्रमाणिकरण कर उसका मूल्य निर्धारण किया जाए:
इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने COVID19 के प्रसार की सटीक जानकारी प्राप्त करने हेतु केन्द्र से परीक्षण सुविधा में तेजी से वृद्धि करने, डॉक्टरों, चिकित्सा कर्मचारियों हेतु व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण, टेस्टिंग किट का युद्ध स्तर पर आयात कर कोरोना संक्रमित रोगियों की संख्या के आधार पर इसका वितरण करने का आग्रह किया. सीएम ने मांग करते हुए पत्र में लिखा कि केन्द्र सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा वेंटिलेटर का उचित प्रमाणिकरण कर उसका मूल्य निर्धारण किया जाए ताकि बाजार में आए कम लागत वाले प्रभावी वेंटिलेटर्स की खरीद में आसानी हो.

संघवाद के मूल्यों को मजबूत करने के लिए पीएम को धन्यवाद दिया:
इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने राज्य सरकारों को भरोसे में लेकर संघवाद के मूल्यों को मजबूत करने के लिए प्रधानमंत्री को धन्यवाद भी ज्ञापित किया. सीएम गहलोत ने पत्र में लिखा कि COVID19 महामारी से समन्वित एवं ऊर्जावान तरीके से निपटने के लिए संघवाद की भावना की आवश्यकता है.

मोदी कैबिनेट का अहम फैसला, सभी सांसदों के वेतन में एक वर्ष तक होगी 30 प्रतिशत कटौती

राजस्थान में पॉजिटिव मरीजों की संख्या 300 के करीब:
प्रदेश में कोरोना वायरस का आंकड़ा बढ़ता ही जा रहा है. राजस्थान में पॉजिटिव मरीजों की संख्या 300 के करीब पहुंचने वाली है. वहीं प्रदेश की राजधानी जयपुर की बात करें तो यहां पर मरीजों की संख्या 100 पहुंच गई है. जयपुर में सबसे ज्यादा कोरोना पॉजिटिव मरीज सामने आये है. सोमवार को जयपुर में सबसे ज्यादा 8 नए कोरोना के मामले सामने आए है. 
 

कोरोना के कारण सादगी से मना भाजपा का स्थापना दिवस, राजस्थान में सशक्त रहा इतिहास

कोरोना के कारण सादगी से मना भाजपा का स्थापना दिवस, राजस्थान में सशक्त रहा इतिहास

जयपुर: देश भर की बीजेपी ने आज अपना स्थापना दिवस मनाया. राजस्थान में बीजेपी के बीते 40 सालों में कई कीर्तिमान रहे. राजस्थान की माटी से निकले बीजेपी नेता देश की सियासत में सितारों की तरह चमके. भैंरो सिंह शेखावत उपराष्ट्रपति के ओहदे तक पहुंचे. इस दौरान उतार-चढ़ाव देखे लेकिन सबसे ज्यादा सदस्य बनाने के सफर को पूरा किया. वसुंधरा राजे पहली बीजेपी नेता रही जिन्होंने पहली बार मरुभूमि में पूर्ण बहुमत से कमल खिलाया.

अगले कुछ सप्ताह के लिए हमार व्यवहार ही तय करेगा कोरोना वायरस की अगली दशा—मुख्य न्यायाधीश 

बीजेपी ने धीरे धीरे विकास की नवीन इबारत लिखी:
अपने जन्म के साथ ही राजस्थान में बीजेपी ने धीरे धीरे विकास की नवीन इबारत लिखी है. स्वर्गीय भैंरो सिंह शेखावत,सुंदर सिंह भंडारी समेत दिग्गजों ने राजस्थान की बीजेपी को स्थापित किया. राज्य में पहली बीजेपी सरकार के निर्माण का श्रेय भैंरो सिंह शेखावत को ही जाता है. शेखावत के बाद केवल वसुंधरा राजे ही रही जिनके नेतृत्व में बीजेपी की दो सरकारों का निर्माण हुआ. भैरोंसिंह शेखावत ने उप राष्ट्रपति के पद पर पहुंचकर राजस्थान का गौरव बढ़ाया. वसुंधरा राजे 2 बार मुख्यमंत्री बनी वह भी पूर्ण बहुमत के साथ. देश को अंत्योदय से परिचित कराने वाली पहली सरकार राजस्थान की ही थी,जो कि भैंरो सिंह शेखावत का विजन था. वहीं वसुंधरा राजे की देन रही भामाशाह योजना. यह बात सही है कि आज बीजेपी राजस्थान में जिस जगह खड़ी है वहां तक कमल का पहुंचना आसान नहीं था.

Coronavirus Updates: जयपुर में कोरोना पॉजिटिव मरीजों का शतक, राजस्थान में 288 पहुंची मरीजों की संख्या

बीज से वटवृक्ष बनने का सफर मुश्किलों भरा रहा:
राजस्थान में संघ के सफर से कमल खिला चाहे राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ हो या फिर जनसंघ. पं दीनदयाल उपाध्याय और लालकृष्ण आडवाणी सरीखे दिग्गजों ने राजस्थान में ना केवल समय बिताया बल्कि यहां पर कमल खिलाने का मार्ग प्रशस्त किया. बीज से वटवृक्ष बनने का सफर मुश्किलों का भरा रहा. सुंदर सिंह भंडारी, भैरों सिंह शेखावत , भंवर लाल शर्मा,जेपी माथुर,हरिशंकर भाभडा,ललित किशोर चतुर्वेदी ,गुलाब चंद कटारिया,रघुवीर सिंह कौशल,रामदास अग्रवाल,ओम प्रकाश माथुर,महेश चंद्र शर्मा,प्रकाश चंद ,कैलाश मेघवाल, राजेन्द्र राठौड़ सरीखे कई दिग्गज चेहरे रहे जिन्होंने राजस्थान में बीजेपी को खड़ा करने में अहम भूमिका निभाई लेकिन बीजेपी को पार्टी विद द डिफरेंस बनाने में योगदान दिया समर्पित कार्यकर्ताओं ने. आज कमान कार्यकर्ता से प्रदेश अध्यक्ष बने सतीश पूनिया के हाथों में है और संगठन चलाने में उन्हें मार्गदर्शन मिल रहा है चंद्रशेखर का. यूं कह सकते है राजस्थान की बीजेपी में नव कमल उग रहा है.

....फर्स्ट इंडिया के लिए ऐश्वर्य प्रधान के साथ योगेश शर्मा की रिपोर्ट

अगले कुछ सप्ताह के लिए हमार व्यवहार ही तय करेगा कोरोना वायरस की अगली दशा—मुख्य न्यायाधीश

अगले कुछ सप्ताह के लिए हमार व्यवहार ही तय करेगा कोरोना वायरस की अगली दशा—मुख्य न्यायाधीश

जयपुर: कोरोना वायरस के संक्रमण के बढते आकड़ों के बीच राजस्थान हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश इन्द्रजीत महांति ने हौसला बढ़ाने वाला संदेश दिया है.फर्स्ट इंडिया न्यूज ने देश और प्रदेश में बढ़ते मामलों के बीच मुख्य न्यायाधीश से संदेश के लिए भी आह्वान किया गया था जिसके बाद सोमवार को एक अधिकारिक बयान जारी कर मुख्य न्यायाधीश इन्द्रजीत महांति ने केन्द्र और राज्य सरकार के साथ चिकित्साकर्मियों, पुलिस प्रशासन की सराहना की है.

मोदी कैबिनेट का अहम फैसला, सभी सांसदों के वेतन में एक वर्ष तक होगी 30 प्रतिशत कटौती

वायरस की दशा हमारा व्यवहार तय करेगा:
मुख्य न्यायाधीशा इन्द्रजीत महांति ने कहा कि अगले कुछ हफ्ते के लिए हमारा व्यवहार ही तय करेगा कि इस वायरस की अगली दशा क्या होगी. इस वायरस का फैलना या खत्म होने की दिशा हमारे व्यवहार पर ही निर्भर रहेगी. मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि न्याय हर हाल में मिलता रहे यही हमारा प्रयास है एक्सट्रीम अर्जेंट प्रकरणों की सुनवाई के लिए वीडियो और ऑडियो कॉल के जरिए सुनवाई कि जा रही है. मुख्य न्यायाधीश ने आम जनता से भी कोरोना से बचाव के लिए सरकारी निर्देशों की पालना करने का आह्वान किया है. 

Coronavirus Updates: जयपुर में कोरोना पॉजिटिव मरीजों का शतक, राजस्थान में 288 पहुंची मरीजों की संख्या

हम सभी निकट संपर्कों से बचें:
मुख्य न्यायाधीश ने आम जनता को संबोधित करते हुए कहा कि हम सभी निकट संपर्कों से बचें और लगातार हाथ धोते रहें. ट्रैवल एडवाइजरी का इस्तेमाल करें. साफ सफाई का ध्यान रखें. मुख्य न्यायाधीश ने केन्द्र और राज्य सरकार की ओर से जारी किेये गये निर्देशो की पालना करने की अपील की है. मुख्य न्यायाधीश ने पुलिस प्रशासन की तारीफ करते हुए और डॉक्टर को फ्रंटलाइन बैरियर बताते हुए उनकी सराहना की है. मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि लॉक डाउन काकुछ आर्थिक प्रभाव तो पड़ेगा लेकिन यह बड़े स्तर पर लोगों के जीवन की सुरक्षा के लिए आवश्यक है.

Open Covid-19